अशोकनगर शहर में टीईटी (TET) परीक्षा निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग को लेकर सोमवार रात शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर मशाल जुलूस निकाला। अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर महिला-पुरुष शिक्षकों ने गांधी पार्क से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। वर्तमान में शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि वे 18 अप्रैल को भोपाल में प्रस्तावित ‘भरो आंदोलन’ के तहत मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। गांधी पार्क से शुरू होकर वापस वहीं हुआ समाप्त अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार रात महिला और पुरुष शिक्षकों ने शहर में विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस गांधी पार्क से शुरू होकर स्टेशन रोड और तुलसी पार्क होते हुए वापस गांधी पार्क पर ही समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान शिक्षकों ने हाथों में जलती मशालें लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रमुखता से टीईटी परीक्षा निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष बोले- टीईटी शिक्षकों के खिलाफ ‘काला कानून’ है राज्य अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल शिवहरे ने इस प्रदर्शन को शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि, “टीईटी शिक्षकों के हितों के खिलाफ ‘काला कानून’ है और इसे हर हाल में समाप्त कराया जाएगा।” वहीं, कार्यकारी जिलाध्यक्ष दिलीप रघुवंशी ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने और निर्णय आने तक टीईटी परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की है। 29 मार्च को बना था मोर्चा, 70 हजार शिक्षक प्रभावित आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भीमसिंह यादव ने बताया कि यह आंदोलन प्रदेशव्यापी है। टीईटी से प्रदेश के लगभग 70 हजार और देशभर के करीब 25 लाख शिक्षक प्रभावित हैं, जिससे व्यापक असंतोष फैल रहा है। 18 अप्रैल को लाखों शिक्षक भोपाल पहुंचकर ‘भरो आंदोलन’ के तहत मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। गौरतलब है कि यह आंदोलन 29 मार्च को भोपाल में 12 शिक्षक संगठनों द्वारा संयुक्त मोर्चा बनाकर शुरू किया गया था। सोमवार के कार्यक्रम में जिले के कई पदाधिकारी सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।












































