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Japanese Secret to Weight Loss: अक्सर आपने सुना होगा कि रोज 10 हजार कदम चलेंगे तो यह वेट लॉस का सबसे अच्छा साधन साबित होगा. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जापान के लोग खुद को फिट रखने के लिए 10 हजार कदम को उतना अहमियत नहीं देते. इसके बजाय वे अपना खास सीक्रेट अपनाते हैं जो उनके देश में सदियों पुरानी संस्कृति का हिस्सा है. यही कारण है कि जापान के लोगों में मोटापा न के बराबर होता है. शायद ही किसी जापानी इंसान को आप मोटे देखे होंगे. तो आइए जानते हैं कि जापानी लोग किस तरह का सीक्रेट अपनाते हैं.
सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से लोकप्रिय हो रही ‘जापानी वॉकिंग मेथड’ वॉकिंग करने वालों को खूब आकर्षित कर रही है. इसे ‘इंटरवल वॉकिंग ट्रेनिंग’ (Interval Walking Training – IWT) भी कहा जाता है. इसके बारे में विस्तार से इस लेख में जान सकते हैं.

जापान के शिन्शु विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों द्वारा विकसित यह तरीका कम समय में अधिक लाभ देने के कारण दुनिया भर में ट्रेंड बन रहा है. सामान्य वॉकिंग में हम एक ही गति से चलते हैं, लेकिन इस जापानी पद्धति में चलने की स्पीड को बदलते रहना होता है. इसका बेसिक फॉर्मूला 3:3 होता है. यानि पहले 3 मिनट तक आपको जितना तेज चल सकते हैं, उतनी तेज चाल से चलना चाहिए. इस दौरान आपको अपनी धड़कन तेज होती हुई महसूस होनी चाहिए. इसका मतलब यह नहीं कि आप पहले ही दिन से बहुत तेज दौड़ 3 मिनट तक लगा लें. पहले दिन 30 सेकेंड तक तेज दौड़ लगाएं फिर इस समय को धीरे-धीरे बढ़ाएं.

तीन मिनट तक तेज दौड़ या वॉकिंग के बाद आप 3 मिनट तक आराम करें. गहरी सांस लें. इसके बाद दोबारा से 3 मिनट उसी तरह वॉक या रनिंग करें. यह क्रम आधे घंटे तक दोहराते रहें. यानी आराम के साथ रनिंग. इसमें आपको ज्यादा परेशानी नहीं होती है और आप आराम से इसे कर पाते हैं. लागातार वॉक करने की स्टेमिना सबमें नहीं होती है. आप 3 मिनट की जगह एक या दो मिनट के अंतराल पर भी ऐसा कर सकते हैं. यानी 1 मिनट तेज वॉक या रनिंग और अगले 1 मिनट तक आराम.
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आमतौर पर हम 10,000 कदम चलने को बेहतर मानते हैं, लेकिन शोध बताते हैं कि यह 30 मिनट की इंटरवल वॉकिंग उससे ज्यादा फायदे देती है. जापान में ऐसा काम लोग सदियों से करते रहे हैं. इस पर रिसर्च भले ही कुछ साल से हो रही हो लेकिन यह क्रम जापान की संस्कृति में रची बसी है. वहां के लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं.

आजकल फिटनेस के शौकीनों के बीच इसे एक महत्वपूर्ण ‘लाइफ हैक’ के रूप में देखा जा रहा है. जापानी वॉकिंग तरीके में चलते समय हार्ट रेट को बढ़ाने और घटाने से हार्ट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ब्लड प्रेशर भी कम होता है.

अब सवाल यह है कि इससे वजन कैसे कम होता है. इसका सिंपल फंडा है. यदि आप सिर्फ वॉक करेंगे तो इससे कैलोरी उतनी नहीं बर्न होगी. इसके बजाय यदि आप तेज वॉक या रनिंग करते हैं तो सामान्य वॉकिंग की तुलना में इसमें 20% से 30% तक अधिक कैलोरी बर्न होती है. इससे वजन तेजी से कम होता है.

इसकी एक खास बात यह भी है कि बुजुर्ग और जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोग भी इसे आसानी से कर सकते हैं. क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा मेहनत और स्टेमिना की जरूरत नहीं होती है. साथ ही ऐसा करने से शरीर के लचीलापन और स्टेमिना को भी आसानी से बढ़ाया जा सकता है.

फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग इसे रोजाना नहीं कर सकते हैं उसे भी ज्यादा फायदा है. अगर इसे हफ्ते में 4 या 5 दिन भी किया जाए, तो शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगते हैं. इससे हार्ट और लंग्स की क्षमता बढ़ती है और लंग्स फंक्शन बेहतर होता है. आपके फेफड़े में ऑक्सीजन को ज्यादा ग्रहण करने की क्षमता बढ़ेगी.

जो युवा अपनी दिनचर्या में रोज 10 हजार कदम वॉकिंग को शामिल करते हैं, उनके लिए यह विकल्प बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. युवा ही नहीं जो लोग ऑफिस जाने वाले हैं उनके लिए भी यह कम समय में काम निकलने वाली एक्सरसाइज है. इससे मन की एकाग्रता भी बढ़ सकती है.













































