Friday, 05 Jun 2026 | 01:59 PM

Trending :

‘कोई भी स्वतंत्र है…’: तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख का कहना है कि अन्नामलाई के जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा | भारत समाचार Shubman has scored 455 runs more than the entire Afghan team; Siraj has taken more than 10 times as many wickets alone. ‘हम एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं’: बीजेपी से बाहर होने के बाद अन्नामलाई का बड़ा ऐलान | भारत समाचार वर्ल्ड बैंक में भारत के एग्जीक्यूटिव-डायरेक्टर बने इकोनॉमिस्ट नीलकंठ मिश्रा:उनका कार्यकाल 3 साल का होगा, परमेश्वरन अय्यर की जगह लेंगे ट्रम्प बोले- भारत ने दशकों तक अमेरिका का फायदा उठाया:अब हम टैरिफ से खूब कमा रहे, फिर भी डील करेंगे क्योंकि मुझे मोदी पसंद ट्रम्प बोले- भारत ने दशकों तक अमेरिका का फायदा उठाया:अब हम टैरिफ से खूब कमा रहे, फिर भी डील करेंगे क्योंकि मुझे मोदी पसंद
EXCLUSIVE

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा आज शाम 5:30 बजे शराब नीति मामले में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य आरोपियों की रीक्यूजल याचिका पर फैसला सुनाएंगी। फैसला सुनाने का समय दो बार बढ़ाया गया है। पहले दोपहर 2:30 बजे समय तय था। इसके बाद 4:30 बजे और फिर शाम 5:30 बजे का समय तय हुआ है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जज पर पक्षपात और हितों के टकराव के आरोप लगाकर उनसे खुद को मामले से अलग करने की मांग की है। फैसले से पहले सुनवाई के दौरान केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। केजरीवाल ने कहा कि उनकी ‘रिजॉइंडर’ (जवाबी दलील) को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया है, जो न्याय का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून में लिखित दलीलों पर ‘रिजॉइंडर’ का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे लिखित सबमिशन के तौर पर स्वीकार किया गया। वहीं, CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आदेश सुरक्षित होने के बाद नई दलील स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। केजरीवाल बोले- जज के बच्चे SG मेहता के साथ काम करते हैं केजरीवाल ने 15 अप्रैल को कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था। इसमें केजरीवाल ने दावा किया था कि जज का परिवार केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है। हलफनामे के अनुसार, जस्टिस कांता के दोनों बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। मेहता उनके बच्चों को केस सौंपते हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि जस्टिस शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें केस से हटाया जाए। केजरीवाल ने कहा- 9 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पहली नजर में गलत बता दिया। ट्रायल कोर्ट ने पूरे दिन सुनवाई कर फैसला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 5 मिनट की सुनवाई में उसे गलत बता दिया। तब मुझे लगा कि मामला पक्षपात की तरफ जा रहा है। मैंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, लेकिन वह खारिज हो गया। इसके बाद मैंने यह आवेदन दिया। जज को हटाने की अर्जी क्यों, 5 पॉइंट्स में समझिए ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश को CBI ने चुनौती दी, जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस शर्मा कर रही हैं। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और उस आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं और ट्रायल कोर्ट को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, विजय नायर समेत अन्य आरोपियों ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की। जस्टिस कांता ने पूर्व AAP विधायक की याचिका से खुद को अलग किया केजरीवाल की याचिका पर फैसले से पहले जस्टिस स्वर्ण कांता ने पूर्व AAP विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस ने मामले से खुद को अलग करते समय कोई कारण नहीं बताया। यह मामला MCOCA से जुड़ा है। नरेश बाल्यान ने इस केस में जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत, जब कोई जज किसी मामले की सुनवाई से खुद को अलग करता है, तो केस को दूसरी बेंच को ट्रांसफर कर दिया जाता है, जो आगे सुनवाई करती है। 27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को बरी किया था ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस:CBI अफसर के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक, मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई नहीं करने का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 मार्च को दिल्ली शराब नीति केस में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की CBI अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अब RAS मेंस एग्जाम-2023 की आंसर-बुक देख सकेंगे कैंडिडेट्स:30 जून तक डाउनलोड का मौका, जानिए ऑनलाइन आवेदन कब से कब तक कर सकेंगे

February 12, 2026/
9:11 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा 2023 के उम्मीदवारों को एक...

Former Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal and former Deputy CM Manish Sisodia (Image credit: PTI)

February 27, 2026/
12:41 pm

आखरी अपडेट:27 फरवरी, 2026, 12:41 IST बहुजन समाज पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए चार उम्मीदवारों की...

कान्हा में अमाही बाघिन के आखिरी शावक की मौत:9 दिनों में बाघिन और उसके 4 शावकों की जान गई; पूरा कुनबा खत्म

April 29, 2026/
10:28 pm

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में बुधवार को अमाही बाघिन (T-141) और उसके आखिरी बचे शावक की भी इलाज के...

नेपाली पीएम के 100 में से 88 वादे अधूरे:शपथ के 30 दिन में 2 मंत्रियों ने सरकार छोड़ी, जेन-जी बोले- क्या काबिल लोग नहीं

May 29, 2026/
10:40 am

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को सत्ता संभाले अभी सिर्फ दो महीने हुए हैं, लेकिन उनकी सरकार पर सवाल उठने...

पश्चिम बंगाल: बंगाल में 3 अपराधी और 13 दिन की तानाशाही.. शुभेंदु डुके में अब तक क्या-क्या हुआ?

May 11, 2026/
5:04 pm

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने...

IPL 2026, Rajasthan Royals vs Royal Challengers Bengaluru game at the Barsapara Cricket Stadium has been delayed due to rain. (AP)

April 10, 2026/
8:05 pm

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 20:05 IST तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ने बंगाल में ‘माच’ (मछली)...

ट्रम्प के पास जंग खत्म करने का कोई प्लान नहीं:ईरान की ताकत का गलत अंदाजा लगाया, तेल सप्लाई ठप होगी सोचा नहीं था

March 12, 2026/
4:22 am

18 फरवरी को जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह तय कर रहे थे कि ईरान पर हमला किया जाए या...

राजनीति

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा आज शाम 5:30 बजे शराब नीति मामले में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य आरोपियों की रीक्यूजल याचिका पर फैसला सुनाएंगी। फैसला सुनाने का समय दो बार बढ़ाया गया है। पहले दोपहर 2:30 बजे समय तय था। इसके बाद 4:30 बजे और फिर शाम 5:30 बजे का समय तय हुआ है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जज पर पक्षपात और हितों के टकराव के आरोप लगाकर उनसे खुद को मामले से अलग करने की मांग की है। फैसले से पहले सुनवाई के दौरान केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। केजरीवाल ने कहा कि उनकी ‘रिजॉइंडर’ (जवाबी दलील) को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया है, जो न्याय का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून में लिखित दलीलों पर ‘रिजॉइंडर’ का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे लिखित सबमिशन के तौर पर स्वीकार किया गया। वहीं, CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आदेश सुरक्षित होने के बाद नई दलील स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। केजरीवाल बोले- जज के बच्चे SG मेहता के साथ काम करते हैं केजरीवाल ने 15 अप्रैल को कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था। इसमें केजरीवाल ने दावा किया था कि जज का परिवार केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है। हलफनामे के अनुसार, जस्टिस कांता के दोनों बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। मेहता उनके बच्चों को केस सौंपते हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि जस्टिस शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें केस से हटाया जाए। केजरीवाल ने कहा- 9 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पहली नजर में गलत बता दिया। ट्रायल कोर्ट ने पूरे दिन सुनवाई कर फैसला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 5 मिनट की सुनवाई में उसे गलत बता दिया। तब मुझे लगा कि मामला पक्षपात की तरफ जा रहा है। मैंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, लेकिन वह खारिज हो गया। इसके बाद मैंने यह आवेदन दिया। जज को हटाने की अर्जी क्यों, 5 पॉइंट्स में समझिए ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इस आदेश को CBI ने चुनौती दी, जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस शर्मा कर रही हैं। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और उस आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं और ट्रायल कोर्ट को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, विजय नायर समेत अन्य आरोपियों ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की। जस्टिस कांता ने पूर्व AAP विधायक की याचिका से खुद को अलग किया केजरीवाल की याचिका पर फैसले से पहले जस्टिस स्वर्ण कांता ने पूर्व AAP विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस ने मामले से खुद को अलग करते समय कोई कारण नहीं बताया। यह मामला MCOCA से जुड़ा है। नरेश बाल्यान ने इस केस में जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत, जब कोई जज किसी मामले की सुनवाई से खुद को अलग करता है, तो केस को दूसरी बेंच को ट्रांसफर कर दिया जाता है, जो आगे सुनवाई करती है। 27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को बरी किया था ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस:CBI अफसर के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक, मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई नहीं करने का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 मार्च को दिल्ली शराब नीति केस में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की CBI अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.