जनगणना-2027 के लिए जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने रायसेन में प्रशासन और नगर पालिका ने संयुक्त अभियान शुरू किया है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि जमुना सेन ने मंगलवार को स्वयं स्व-गणना फॉर्म भरकर नागरिकों को प्रेरित किया।
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नगर पालिका द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों को जनगणना के महत्व और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि वर्ष 2011 के बाद अब देश में जनगणना का कार्य आधुनिक और पारदर्शी तरीके से केंद्र सरकार द्वारा संपन्न कराया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
घर बैठे ही जानकारी दर्ज कर सकते हैं कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने स्वयं मोबाइल पर स्व-गणना फॉर्म भरकर प्रक्रिया की सरलता और सुविधा का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की डिजिटल सुविधा से नागरिक घर बैठे ही अपनी और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और डेटा भी अधिक सटीक रूप से संकलित किया जा सकेगा।
नगर पालिका सीएमओ सुरेखा जाटव ने जानकारी दी कि कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे नागरिकों को सही मार्गदर्शन दे सकें। इसके बाद टीमों को वार्डवार तैनात किया गया है, जो घर-घर जाकर जनगणना फॉर्म भरवाने और प्रक्रिया समझाने का कार्य कर रही हैं।
1 मई से मकान सूचीकरण होगा सीएमओ ने नागरिकों से आग्रह किया कि जनगणना टीम के पहुंचने पर वे सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। ये आंकड़े भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का आधार बनेंगे।
जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। इसके पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं, दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना की जाएगी।
इस अभियान के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य है कि रायसेन का हर नागरिक जनगणना में शामिल हो और सशक्त, पारदर्शी तथा डेटा-आधारित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
















































