दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में मंगलवार शाम एक दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा गया। दलित समाज के दूल्हे की रछवाई के दौरान लोधी समाज के कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। दूल्हे पक्ष ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया है। घटना के बाद दलित समाज के लोग दूल्हे को लेकर हटा थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूल्हे की पहचान गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार के रूप में हुई है। मेडिकल जांच (MLC) कराने के बाद दूल्हा और बाराती बक्सवाहा के लिए रवाना हो गए। बारात छतरपुर जिले के बमोरी बक्सवाहा बूढ़ी सेमरा जानी थी। दूल्हे गोलू ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे जब उसकी रछवाई दिवाले के सामने से गुजर रही थी, तभी गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम और पलटू ने उसे घोड़े से नीचे उतारकर मारपीट की। इस दौरान उसकी बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। दूल्हे की मां बोली- ग्रामीणों ने रछवाई निकालने से मना किया दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे की रछवाई घोड़े पर निकल रही थी। तभी गांव के लोधी समाज के लोगों ने उनके बेटे को रछवाई निकालने से मना किया। जब परिवार के लोगों ने कहा कि आज उसकी बरात जानी है। तब आरोपियों ने लड़के को घोड़े से नीचे उतारा और उसके साथ मारपीट की। बहन को भी पीटा उनका बेटा दिव्यांग है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने बेटे को मारा। उनकी बेटी मनीषा ने बीच बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके सोने के कुछ जेवर भी मारपीट के दौरान गायब हो गए। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया की बिजोरी पाठक गांव में गोलू अहिरवार की बारात जाने के पहले रछवाई निकाली जा रही थी। इस मामले में पीड़ित गरीबा अहिरवार ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि भतीजे गोलू की बारात जाने के पहले गांव में रछवाई निकल रही थी। उनका भतीजा घोड़े पर बैठा था जैसे ही वह लोग दिवाले के पास पहुंचे। तभी वहां विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने लड़के को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। जब दूल्हे के परिजन ने ऐसा करने से मना किया तो दूल्हे के साथ मारपीट कर दी और नीचे पटक दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और गांव में पुलिस भेज दी गई है। ताकि विवाह की रस्म शांति से संपन्न हो सके। पहले भी हुआ विवाद बताया गया है कि इसके पहले भी गांव में इसी प्रकार का कुछ विवाद पहले भी हो चुका है। उस समय भीम आर्मी ने थाने में आवेदन देकर दलित समाज के दूल्हे की रक्षवाई के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। हालांकि उस समय कोई विवाद नहीं हुआ था।















































