फूड डिलीवरी करने वाली कंपनी इटरनल यानी जोमैटो ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 17,634 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 184% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 6,201 करोड़ रुपए की कमाई की थी। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 174 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 346% ज्यादा रहा है। पिछले साल कंपनी को 39 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। रेवेन्यू 196% बढ़कर ₹17,292 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व यानी रेवेन्यू 17,292 करोड़ रुपए रहा। सालाना आधार पर यह 196% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 5,833 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाली राशि को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है। जोमैटो का शेयर एक साल में 14% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद जोमैटो का शेयर आज 1.09 % चढ़कर 258.28 रुपए पर बंद हुआ। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 22% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 9% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 14% चढ़ा है। जोमैटो का मार्केट कैप 2.30 लाख करोड़ रुपए है। कंसॉलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। यहां, जोमैटो की ब्लिंकिट समेत 21 सब्सिडियरी और 1 ट्रस्ट है। इन सभी के फाइनेंशियल रिपोर्ट को मिलाकर कॉन्सोलिडेटेड कहा जाएगा। वहीं, ब्लिंकिट के अलग रिजल्ट को स्टैंडअलोन कहा जाएगा। दीपिंदर ने 2008 में बनाई थी फूडीबे, फिर नाम बदल कर जोमैटो किया















































