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Aam Panna Benefits : शाहजहांपुर में पारा 45 डिग्री को पार कर चुका है. सड़कों पर सन्नाटा है और अस्पतालों में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. खुद को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे में ये तरीका वरदान बन सकता है. कच्चे आम को भूनकर या उबालकर बनाया गया यह पेय शरीर के भीतर की गर्मी को सोख लेता है. घर से निकलने से पहले और वापस आने पर एक गिलास जरूर पिएं. लोकल 18 से शाहजहांपुर की डॉ. विद्या गुप्ता बताती हैं कि यह पसीने के जरिए निकलने वाले जरूरी खनिजों की भरपाई तुरंत कर देता है. सिर्फ प्यास ही नहीं बुझाता, बल्कि यह पोषक तत्वों का खजाना भी है.
शाहजहांपुर. अप्रैल महीने में सूरज की तपिश अब जानलेवा होने लगी है. पारा 45 डिग्री के पार जा चुका है और गर्म हवाओं के थपेड़े यानी ‘लू’ ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. सड़कों पर सन्नाटा है और अस्पतालों में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में खुद को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है. लू और गर्मी से बचने का एक ऐसा देसी रामबाण इलाज है, जो सदियों से भारतीयों की पहली पसंद रहा है. हम बात कर रहे हैं ‘आम के पना’ की. यह न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है बल्कि लू के सीधे वार से भी बचाता है.
क्या-क्या इसमें
शाहजहांपुर की गृह विज्ञान एक्सपर्ट डॉ. विद्या गुप्ता बताती हैं कि भीषण गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है. लू लगने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो जाती है. आम का पना विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. कच्चे आम को भूनकर या उबालकर बनाया गया यह पेय शरीर के भीतर की गर्मी को सोख लेता है. इसमें मौजूद काला नमक और जीरा पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखते हैं. ऐसे में घर से निकलने से पहले और वापस आने पर एक गिलास आम पना जरूर पिएं. यह बाजार के ठंडे ड्रिंक्स से कहीं ज्यादा सुरक्षित और असरदार प्राकृतिक विकल्प है.
पेट जलन छूमंतर
डॉ. विद्या कहती हैं कि आम का पना भीषण गर्मी और लू से बचने का सबसे प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है. जब बाहर का तापमान बहुत अधिक होता है, तो शरीर अपनी प्राकृतिक ठंडक खोने लगता है. कच्चे आम में ऐसे गुण होते हैं जो शरीर के आंतरिक तापमान को स्थिर रखने में मदद करते हैं. यह पसीने के जरिए निकलने वाले जरूरी खनिजों की भरपाई तुरंत कर देता है. रोजाना इसका सेवन करने से लू लगने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है. गर्मियों में अक्सर हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है और पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं. आम पना में पेक्टिन पाया जाता है, जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों को दूर करने में मदद करता है. इसमें मिलाया जाने वाला पुदीना और भुना जीरा पेट की जलन को शांत करता है. यह एसिडिटी, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. भारी भोजन के बाद इसका सेवन भोजन को जल्दी पचाने में मदद करता है.
इन मरीजों के लिए दवा समान
डॉ. विद्या के मुताबिक, आम पना सिर्फ प्यास ही नहीं बुझाता, बल्कि यह पोषक तत्वों का खजाना भी है. इसमें विटामिन-C प्रचुर मात्रा में होता है, जो स्कर्वी जैसे रोगों से बचाता है और त्वचा में चमक लाता है. यह विटामिन-A और आयरन का भी अच्छा स्रोत है. यह शरीर में सोडियम और पोटेशियम के स्तर को संतुलित रखता है. एनीमिया के मरीजों के लिए भी यह एक बेहतरीन स्वास्थ्यवर्धक ड्रिंक साबित होता है. बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स में शुगर और प्रिजर्वेटिव्स अधिक होते हैं, जबकि आम पना पूरी तरह प्राकृतिक है. यह शरीर को तत्काल ऊर्जा देता है और थकान को दूर भगाता है. इसमें मौजूद मैग्नीशियम और कैल्शियम नसों को आराम देते हैं जिससे मानसिक तनाव कम होता है. चिलचिलाती धूप में एक गिलास ठंडा आम पना पीने से जो ताजगी मिलती है, वह किसी भी अन्य ड्रिंक से बेहतर है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें
















































