Tuesday, 22 Sep 2026 | 05:32 AM

Trending :

EXCLUSIVE

बागल में रिपोलिंग के दौरान साइंटिस्ट स्टाफ, भड़के शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र का भविष्य क्या है…

बागल में रिपोलिंग के दौरान साइंटिस्ट स्टाफ, भड़के शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र का भविष्य क्या है...

पश्चिम बंगाल विधानसभा क्षेत्र में नामांकन के नेता और भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को पिघला और दासपुर क्षेत्र में विधानसभा के दिन सामुहिक कार्यकर्ताओं को दृढ़ संकल्पित करने के लिए चिंता का विषय बना दिया। उन्होंने नामांकन में नामांकन का आरोप लगाया और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।

साहित्यिक संस्था के लिए संवैधानिक संस्था पर उठे सवाल

एक पोस्ट में अधिकारी ने लिखा, “क्या लोकतंत्र के भविष्य के अनुरूप कर्मचारियों के हाथों में शामिल किया जा रहा है? यह एक गंभीर चिंता का विषय है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता पर सीधा हमला है। 227-पिंघला एसी और 230-दासपुर एसी के लिए जारी शब्दावली सिद्धांतों को देखने के लिए मैं स्तब्ध हूं, जहां लोकतंत्र के लिए बड़ी संख्या में ठोस और कमजोर कर्मचारियों को जारी किया गया है।” उन्होंने जिबिका के सेवकों, सहायकों और सांकेतिक मतदान अधिकारियों की गिनती के लिए बाजीगरी के प्रश्न पूछे हैं।

भाजपा नेताओं ने कहा कि मठ, वीवीपीएटी और डाक मतपत्रों को अचयनित किया जाता है जैसे कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी, जिबिका सेवकों और सहायकों को कैसे चिह्नित किया जा सकता है? ये पद स्वाभाविक रूप से राजनीतिक दबाव के प्रति संवेदनशील होते हैं। विवरण से पता चलता है कि महत्वपूर्ण अभिलेखों के लिए सूचीबद्ध कर्मचारियों पर भरोसा किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टीएमसी का पहला विरोध, ममता बनर्जी के सबसे बड़े नेता बोले-साला स्टालिन के लिए…

‘मतगणना में सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा’
उन्होंने आगे कहा कि पिंघला ऐस (227), बिपालेंदु बेरा (जेएसी), शंकर हिल (जेएसी) और नबा कुमार एपिक (बीएलएस) जैसे बेसिक स्टाफ़निक टीम शामिल हैं। यहां तक ​​कि ‘रिज़र्व टैगिंग’ में भी बबला जैसे स्टाफ लगे हुए हैं। अन्य होटलों और यहां तक ​​कि यहां की नोट्स/वीवीएटी की सीलिंग में भी सहायकों, वीईएलई और सहायकों पर नियुक्त डीईओ की भरमार है। सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से ये सुनिश्चित करने को कहा है कि 4 मई को होने वाली माध्यमिक में नियमित सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाए.

मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग
उन्होंने लिखा, “मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव अधिकारी पश्चिम बंगाल में हस्तक्षेप करना चाहते हैं, ताकि इन दस्तावेजों में संशोधन किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रारंभिक प्रक्रिया में केवल वैध, नियमित कर्मचारी सरकारी अधिकारी शामिल हों, ताकि सहायक बने रहें।” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र के संविधान पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए. हम जनता के साथ मिलकर उन लोगों को नौकरी पर नहीं रखना चाहते, जो कि समुदाय विशेष के दल के आधार पर हैं।

ये भी पढ़ें

बंगाल चुनाव की मतगणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बीजेपी का पहला बयान, कहा- टीएमसी जब भी कोर्ट गई, उसे…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टली:19 मार्च की जगह अब 4 जून को आएगी मूवी, 8 मार्च का ट्रेलर लॉन्च इवेंट भी कैंसल

March 4, 2026/
4:44 pm

यश की फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन अप्स का ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च इवेंट, जो पहले 8 मार्च को बेंगलुरु...

प्रोटेस्ट पर सवाल पूछे जाने पर भड़के राघव जुयाल:कहा- ये पूछने की हिम्मत वहां करो जहां वाकई पूछना चाहिए, बॉयकॉट की मांग पर दिया रिएक्शन

July 25, 2026/
10:27 am

इन दिनों अपकमिंग फिल्म भाई तेरा स्टार है के प्रमोशन में व्यस्त चल रहे एक्टर और डांसर की मीडिया से...

एक्टर ने जबरदस्ती एक्ट्रेस को बीफ खिलाने की कोशिश की:भड़के फैंस, सफाई में मुस्लिम एक्टर शियास ने एक्ट्रेस की बीफ सर्व करते वीडियो जारी की

April 15, 2026/
9:37 am

मलयाली एक्टर और मॉडल शियास करीम पर जबरदस्ती एक्ट्रेस को बीफ खिलाने के आरोप लगे हैं। इस घटना का एक...

मेक्सिको के तट पर 7.4 तीव्रता का भूकंप:सुनामी का खतरा बढ़ा, ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस हुए झटके

July 17, 2026/
9:00 pm

मेक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास के तट पर शुक्रवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इस भूकंप के बाद...

Rajasthan Royals' Ravi Bishnoi, second left, celebrates with teammates the wicket of Gujarat Titans' Sai Sudharsan during the Indian Premier League cricket match between Gujarat Titans and Rajasthan Royals in Ahmedabad, India, Saturday, April 4, 2026. (AP Photo/Ajit Solanki)

April 4, 2026/
10:13 pm

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 22:13 IST फ्रांसीसी औपनिवेशिक प्रशासन से भारतीय संघ में विलय के बाद से पुडुचेरी एक केंद्र...

Strong performance from leading AI companies

May 25, 2026/
3:01 pm

मुंबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में एआई-फ्रेंडली कंज्यूमर बेस बहुत बड़ा है। लेकिन भारतीय मिडिल क्लास...

Pak Punjabi Woman Sarabjit Kaur: India Return

March 8, 2026/
8:26 am

पंजाब से पाकिस्तान गई सरबजीत कौर।-फाइल भारत से पाकिस्तान जाकर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत कौर...

केरल के लिए बीजेपी ने जारी की 39 जनवरी की दूसरी सूची, सीएम पिनराई विजयन को कौन सी चुनौती चुनौती?

March 19, 2026/
12:22 pm

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नोबेल की दूसरी सूची भी जारी कर दी है।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

बागल में रिपोलिंग के दौरान साइंटिस्ट स्टाफ, भड़के शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र का भविष्य क्या है…

बागल में रिपोलिंग के दौरान साइंटिस्ट स्टाफ, भड़के शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र का भविष्य क्या है...

पश्चिम बंगाल विधानसभा क्षेत्र में नामांकन के नेता और भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को पिघला और दासपुर क्षेत्र में विधानसभा के दिन सामुहिक कार्यकर्ताओं को दृढ़ संकल्पित करने के लिए चिंता का विषय बना दिया। उन्होंने नामांकन में नामांकन का आरोप लगाया और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।

साहित्यिक संस्था के लिए संवैधानिक संस्था पर उठे सवाल

एक पोस्ट में अधिकारी ने लिखा, “क्या लोकतंत्र के भविष्य के अनुरूप कर्मचारियों के हाथों में शामिल किया जा रहा है? यह एक गंभीर चिंता का विषय है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता पर सीधा हमला है। 227-पिंघला एसी और 230-दासपुर एसी के लिए जारी शब्दावली सिद्धांतों को देखने के लिए मैं स्तब्ध हूं, जहां लोकतंत्र के लिए बड़ी संख्या में ठोस और कमजोर कर्मचारियों को जारी किया गया है।” उन्होंने जिबिका के सेवकों, सहायकों और सांकेतिक मतदान अधिकारियों की गिनती के लिए बाजीगरी के प्रश्न पूछे हैं।

भाजपा नेताओं ने कहा कि मठ, वीवीपीएटी और डाक मतपत्रों को अचयनित किया जाता है जैसे कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी, जिबिका सेवकों और सहायकों को कैसे चिह्नित किया जा सकता है? ये पद स्वाभाविक रूप से राजनीतिक दबाव के प्रति संवेदनशील होते हैं। विवरण से पता चलता है कि महत्वपूर्ण अभिलेखों के लिए सूचीबद्ध कर्मचारियों पर भरोसा किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टीएमसी का पहला विरोध, ममता बनर्जी के सबसे बड़े नेता बोले-साला स्टालिन के लिए…

‘मतगणना में सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा’
उन्होंने आगे कहा कि पिंघला ऐस (227), बिपालेंदु बेरा (जेएसी), शंकर हिल (जेएसी) और नबा कुमार एपिक (बीएलएस) जैसे बेसिक स्टाफ़निक टीम शामिल हैं। यहां तक ​​कि ‘रिज़र्व टैगिंग’ में भी बबला जैसे स्टाफ लगे हुए हैं। अन्य होटलों और यहां तक ​​कि यहां की नोट्स/वीवीएटी की सीलिंग में भी सहायकों, वीईएलई और सहायकों पर नियुक्त डीईओ की भरमार है। सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से ये सुनिश्चित करने को कहा है कि 4 मई को होने वाली माध्यमिक में नियमित सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाए.

मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग
उन्होंने लिखा, “मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव अधिकारी पश्चिम बंगाल में हस्तक्षेप करना चाहते हैं, ताकि इन दस्तावेजों में संशोधन किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रारंभिक प्रक्रिया में केवल वैध, नियमित कर्मचारी सरकारी अधिकारी शामिल हों, ताकि सहायक बने रहें।” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र के संविधान पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए. हम जनता के साथ मिलकर उन लोगों को नौकरी पर नहीं रखना चाहते, जो कि समुदाय विशेष के दल के आधार पर हैं।

ये भी पढ़ें

बंगाल चुनाव की मतगणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बीजेपी का पहला बयान, कहा- टीएमसी जब भी कोर्ट गई, उसे…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.