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लौकी का जूस, जो अपने आप में औषधीय गुणों से भरपूर हैं, लेकिन आज हम आपको बलिया के खास लौकी जूस के बारे में बताने जा रहे हैं, जो किसी संजीवनी से कम नहीं है. जी हां लौकी, आंवला, कच्ची हल्दी, थोड़ी मात्रा में हरा धनिया और हरा पुदीना का मेल अनेक रोगों में रामबाण सिद्ध हो सकता हैं. आगे विस्तार से जानिए…
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, लौकी का जूस त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन त्वचा को निखारकर उसे चमकदार बनाते हैं. साथ ही, यह बालों की जड़ों को मजबूत कर उनके झड़ने को कम करने में मदद करता है, जिससे प्राकृतिक स्वास्थ्य बेहतर होता है.

जनपद बलिया के द्वाबा क्षेत्र में लौकी की बहुल मात्रा में खेती की जाती है, जहां से यह देश-विदेश तक भेजी जाती है. यही वजह है कि यहां की लौकी के सेवन का अलग ही महत्व है. बलिया शहर में एक ऐसी दुकान भी है, जहां इससे बने खास जूस मिलते हैं. ग्रेजुएट दुकानदार राज प्रकाश के अनुसार, उनकी यह दुकान श्री राम जानकी मंदिर, आर्य समाज रोड के ठीक सामने ‘प्रकाश जी जूस कॉर्नर’ नाम से स्थित है.

लौकी के जूस का सेवन करते समय सावधानी रखना बहुत जरूरी है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लौकी कड़वी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कड़वी लौकी का जूस हानिकारक हो सकता है. इसलिए सेवन से पहले इसका स्वाद जरूर जांच लें. इसे सुबह खाली पेट पीना अधिक लाभकारी माना जाता है और एक बार में सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए. मरीजों को बिना चिकित्सक की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए.
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लौकी का जूस पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी असरदार माना जाता है. इसके नियमित सेवन से गैस, कब्ज, एसिडिटी और जलन जैसी पेट की समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह आंतों को साफ रखने में सहायक होता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर को पूरा पोषण मिल पाता है.

यह खास लौकी का जूस शरीर को अंदर से साफ करने में असरदार माना जाता है. यह डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करता है, जिससे शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है. इससे लीवर की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है और सूजन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसके चलते शरीर हल्का और अधिक ऊर्जावान महसूस करता है.

लौकी का जूस हृदय स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है. लौकी अपने आप में औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसमें पाया जाने वाला पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है. इसके नियमित सेवन से दिल से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है.

लौकी के जूस को बनाना आसान है. इसके लिए एक कप कटी हुई लौकी, एक आंवला, एक इंच कच्ची हल्दी, थोड़ी मात्रा में हरा धनिया और पुदीना लिया जाता है. इन्हें पानी के साथ ब्लेंड कर छान लेना चाहिए. स्वाद के लिए इसमें नींबू का रस या काला नमक मिलाया जा सकता है, जिससे इसका स्वाद और भी ताजगी भरा हो जाता है.

दुकानदार राज प्रकाश के अनुसार, जब इसमें आंवला, कच्ची हल्दी, पुदीना और हरा धनिया मिलाया जाता है, तो यह एक शक्तिशाली डिटॉक्स ड्रिंक बन जाता है. आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. कच्ची हल्दी में कई गुण होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं. यह मिश्रण शरीर को अंदर से मजबूत बनाने की क्षमता रखता है.

लौकी का जूस वजन घटाने की चाह रखने वालों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और अनावश्यक भूख नहीं लगती. इसके नियमित सेवन से वजन नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.











































