Saturday, 07 Nov 2026 | 08:15 AM

Trending :

हर घंटे पानी पीना पड़ सकता है भारी! डॉक्टर ने बताया वजन के हिसाब से आपके लिए कितना पानी जरूरी

authorimg

पटना: गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ज्यादा पानी पीने की सलाह आम बात है, लेकिन हर समय पानी पीते रहना भी सेहत के लिए सही नहीं माना जाता. कई लोग बिना प्यास लगे भी बार-बार पानी पीते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को लगातार पानी पीने की तीव्र इच्छा होती है, तो यह केवल आदत नहीं बल्कि एक मानसिक समस्या भी हो सकती है.

जिसे साइकोजेनिक पॉलीडिप्सिया कहा जाता है. कई मामलों में यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीज की तबीयत बिगड़ने लगती है. इस विषय को आसान भाषा में समझने के लिए लोकल 18 ने पटना के जय प्रभा मेदांता अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नीरज भारती से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि शरीर को वास्तव में कितने पानी की जरूरत होती है और जरूरत से ज्यादा पानी पीने के क्या नुकसान हो सकते हैं.

जीवन में पानी बेहद जरूरी 
पटना के जय प्रभा मेदांता अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नीरज भारती बताते हैं कि पानी को जीवन कहा जाता है और यह बात पूरी तरह सही भी है. शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत होती है. भोजन पचाने, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में पानी अहम भूमिका निभाता है.

उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग हो सकती है. मौसम, शारीरिक गतिविधि और किसी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी की मात्रा तय की जाती है. सामान्य तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना अपने वजन के हिसाब से करीब 30 से 35 एमएल प्रति किलो पानी लेना चाहिए. औसतन यह मात्रा 7 से 8 गिलास या करीब 1.5 से 2 लीटर तक हो सकती है. इसमें सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि जूस, छाछ, दूध, चाय, लस्सी जैसे दूसरे पेय पदार्थ भी शामिल होते हैं.

इन मामलों में अधिक पानी पीना चाहिए 
डॉक्टर के मुताबिक कुछ परिस्थितियों में सामान्य से अधिक पानी पीना जरूरी भी हो जाता है. खासतौर पर किडनी स्टोन, डिहाइड्रेशन और कब्ज जैसी समस्याओं में मरीजों को ज्यादा पानी लेने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं या स्पोर्ट्स और दूसरी शारीरिक गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहते हैं, उनके शरीर से पसीने के जरिए पानी तेजी से निकलता है. ऐसे में शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा बढ़ानी चाहिए.

ज्यादा पाने भी सेहत के लिए नुकसानदायक 
डॉक्टरों के अनुसार कई लोग यह मान लेते हैं कि जितना ज्यादा पानी पिएंगे, शरीर को उतना ही फायदा होगा. इसी सोच में कुछ लोग जरूरत से कहीं अधिक पानी पीने लगते हैं. मेडिकल भाषा में इस स्थिति को
साइकोजेनिक पॉलीडिप्सिया कहा जाता है. कई बार लोग दिनभर में 8 से 10 लीटर तक पानी पी लेते हैं. यह शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

डॉ. भारती का कहना है कि एक सीमा के बाद किडनी अतिरिक्त पानी को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती. इससे शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ने लगता है और सोडियम का स्तर तेजी से कम हो सकता है. इस स्थिति में पैरों समेत शरीर के कई हिस्सों में सूजन आने लगती है. गंभीर मामलों में मरीज की हालत बेहद खराब हो सकती है और समय पर इलाज न मिले तो जान का खतरा भी पैदा हो सकता है.

अक्सर अस्पताल पहुंचते हैं ऐसे मरीज 
डॉ. नीरज भारती ने बताया कि मेदांता पटना में भी ऐसे कई मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनके शरीर में सोडियम का स्तर काफी कम हो जाता है. जांच और बातचीत के दौरान पता चलता है कि कई लोग दिनभर में 6 से 7 लीटर तक पानी पी रहे होते हैं. डॉक्टरों के अनुसार कई मामलों में सिर्फ पानी की मात्रा नियंत्रित करने से ही सोडियम का स्तर सामान्य होने लगता है. उन्होंने कहा कि शरीर के लिए पानी बेहद जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीना नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए सही मात्रा में पानी लेना ही सबसे बेहतर तरीका है.

इन मामलों में कम पानी लें
हर व्यक्ति के लिए ज्यादा पानी पीना सही नहीं होता. कुछ बीमारियों में डॉक्टर मरीजों को पानी की मात्रा सीमित करने की सलाह भी देते हैं. खासतौर पर हार्ट डिजीज, लीवर की बीमारी और एडवांस स्टेज की किडनी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को नियंत्रित मात्रा में ही पानी लेने को कहा जाता है. कई बार मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर रोजाना सिर्फ 800 एमएल से 1 लीटर तक ही तरल पदार्थ लेने की सलाह देते हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी है, तो उसे अपनी मर्जी से पानी की मात्रा तय नहीं करनी चाहिए. डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Prime Minister Narendra Modi during a roadshow ahead of the Kerala Assembly elections, in Thiruvananthapuram. (PTI/File)

April 7, 2026/
7:30 am

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 07:30 IST अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, एचएम...

SRH vs PBKS Live Score, IPL 2026: Follow match updates and scorecard from Hyderabad. (Picture Credit: X/@IPL)

May 6, 2026/
5:57 pm

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 17:57 IST जवाहर सरकार ने कहा है कि पार्टी पर “भ्रष्ट लोगों ने कब्ज़ा कर लिया...

authorimg

May 11, 2026/
5:04 pm

Tips To Make Oil-Free Vegetables: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में चल रही तनातनी का असर पूरी दुनिया...

अपने ही विभाग को खोखला कर रहा था एकाउंटेंट:शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला,सैलरी के नाम पर निकाल लिए 1 करोड़ 11 लाख;14 पर एफआईआर दर्ज

March 21, 2026/
12:20 am

जबलपुर में शिक्षा विभाग के पनागर विकासखंड में पदस्थ एकाउंटेंट ने शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर ना सिर्फ...

पिथौरागढ़ में भारत के बनाए पुल पर नेपाल की आपत्ति:कहा- बोर्ड पर नाम बदलें, यह हमारा इलाका; पुल चालू होने से बचेगा 200km का सफर

September 9, 2026/
11:10 am

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में धारचूला के पास काली नदी पर बने भारत-नेपाल मोटर पुल के स्वागत बोर्ड को लेकर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

हर घंटे पानी पीना पड़ सकता है भारी! डॉक्टर ने बताया वजन के हिसाब से आपके लिए कितना पानी जरूरी

authorimg

पटना: गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ज्यादा पानी पीने की सलाह आम बात है, लेकिन हर समय पानी पीते रहना भी सेहत के लिए सही नहीं माना जाता. कई लोग बिना प्यास लगे भी बार-बार पानी पीते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को लगातार पानी पीने की तीव्र इच्छा होती है, तो यह केवल आदत नहीं बल्कि एक मानसिक समस्या भी हो सकती है.

जिसे साइकोजेनिक पॉलीडिप्सिया कहा जाता है. कई मामलों में यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीज की तबीयत बिगड़ने लगती है. इस विषय को आसान भाषा में समझने के लिए लोकल 18 ने पटना के जय प्रभा मेदांता अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नीरज भारती से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि शरीर को वास्तव में कितने पानी की जरूरत होती है और जरूरत से ज्यादा पानी पीने के क्या नुकसान हो सकते हैं.

जीवन में पानी बेहद जरूरी 
पटना के जय प्रभा मेदांता अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नीरज भारती बताते हैं कि पानी को जीवन कहा जाता है और यह बात पूरी तरह सही भी है. शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत होती है. भोजन पचाने, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में पानी अहम भूमिका निभाता है.

उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग हो सकती है. मौसम, शारीरिक गतिविधि और किसी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी की मात्रा तय की जाती है. सामान्य तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना अपने वजन के हिसाब से करीब 30 से 35 एमएल प्रति किलो पानी लेना चाहिए. औसतन यह मात्रा 7 से 8 गिलास या करीब 1.5 से 2 लीटर तक हो सकती है. इसमें सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि जूस, छाछ, दूध, चाय, लस्सी जैसे दूसरे पेय पदार्थ भी शामिल होते हैं.

इन मामलों में अधिक पानी पीना चाहिए 
डॉक्टर के मुताबिक कुछ परिस्थितियों में सामान्य से अधिक पानी पीना जरूरी भी हो जाता है. खासतौर पर किडनी स्टोन, डिहाइड्रेशन और कब्ज जैसी समस्याओं में मरीजों को ज्यादा पानी लेने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं या स्पोर्ट्स और दूसरी शारीरिक गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहते हैं, उनके शरीर से पसीने के जरिए पानी तेजी से निकलता है. ऐसे में शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा बढ़ानी चाहिए.

ज्यादा पाने भी सेहत के लिए नुकसानदायक 
डॉक्टरों के अनुसार कई लोग यह मान लेते हैं कि जितना ज्यादा पानी पिएंगे, शरीर को उतना ही फायदा होगा. इसी सोच में कुछ लोग जरूरत से कहीं अधिक पानी पीने लगते हैं. मेडिकल भाषा में इस स्थिति को
साइकोजेनिक पॉलीडिप्सिया कहा जाता है. कई बार लोग दिनभर में 8 से 10 लीटर तक पानी पी लेते हैं. यह शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

डॉ. भारती का कहना है कि एक सीमा के बाद किडनी अतिरिक्त पानी को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती. इससे शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ने लगता है और सोडियम का स्तर तेजी से कम हो सकता है. इस स्थिति में पैरों समेत शरीर के कई हिस्सों में सूजन आने लगती है. गंभीर मामलों में मरीज की हालत बेहद खराब हो सकती है और समय पर इलाज न मिले तो जान का खतरा भी पैदा हो सकता है.

अक्सर अस्पताल पहुंचते हैं ऐसे मरीज 
डॉ. नीरज भारती ने बताया कि मेदांता पटना में भी ऐसे कई मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनके शरीर में सोडियम का स्तर काफी कम हो जाता है. जांच और बातचीत के दौरान पता चलता है कि कई लोग दिनभर में 6 से 7 लीटर तक पानी पी रहे होते हैं. डॉक्टरों के अनुसार कई मामलों में सिर्फ पानी की मात्रा नियंत्रित करने से ही सोडियम का स्तर सामान्य होने लगता है. उन्होंने कहा कि शरीर के लिए पानी बेहद जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीना नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए सही मात्रा में पानी लेना ही सबसे बेहतर तरीका है.

इन मामलों में कम पानी लें
हर व्यक्ति के लिए ज्यादा पानी पीना सही नहीं होता. कुछ बीमारियों में डॉक्टर मरीजों को पानी की मात्रा सीमित करने की सलाह भी देते हैं. खासतौर पर हार्ट डिजीज, लीवर की बीमारी और एडवांस स्टेज की किडनी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को नियंत्रित मात्रा में ही पानी लेने को कहा जाता है. कई बार मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर रोजाना सिर्फ 800 एमएल से 1 लीटर तक ही तरल पदार्थ लेने की सलाह देते हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी है, तो उसे अपनी मर्जी से पानी की मात्रा तय नहीं करनी चाहिए. डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.