Saturday, 02 May 2026 | 03:46 PM

Trending :

पापा के करीब रहने बॉलीवुड में आना चाहती थीं त्रिशाला:संजय दत्त की सलाह के बाद एक्टिंग छोड़ी, अब मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ बन चुकी हैं राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ने किया यूएई का कायाकल्प:शाही पहचान छिपाई, वेटर की नौकरी की; जानें कैसे बने नाहयान गल्फ के गेमचेंजर सिक्योरिटी के सीटी बजाने से नाराज हुए थे शाहरुख खान:वानखेड़े विवाद पर पूर्व एसीपी बोले- मुझे बताया गया कि शाहरुख राड़ा कर रहा है बेटे के गम में मां की मौत, सदमा कैसे ले लेता है जान, इमोशनल शॉक पीड़ि‍त को कैसे संभालें? सामंथा ने लॉन्च किया टॉक्सिन फ्री परफ्यूम:रणबीर से रश्मिका तक; परफ्यूम बिजनेस में उतरे सेलेब्स, फैंस से बन रहा नया कनेक्शन नूर जहां, लक्ष्मणभोग से लेकर इमाम पसंद का नाम सुना है? ये हैं देश के रेयर आम,स्वाद, आकार, रंग में जबरदस्त
EXCLUSIVE

जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगा इंदौर:जात्रा–2026 में आदिवासी धुन 'अमू काका बाबा' और 'क्यों मारी रे' पर जमकर थिरके इंदौरी

जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगा इंदौर:जात्रा–2026 में आदिवासी धुन 'अमू काका बाबा' और 'क्यों मारी रे' पर जमकर थिरके इंदौरी

गांधी हॉल परिसर में चल रहे तीन दिवसीय आदिवासी महोत्सव ‘जात्रा–2026’ ने दूसरे दिन ऐसा रंग जमाया कि पूरा इंदौर जनजातीय सुरों और तालों पर थिरकता नजर आया। शाम 7 से 10 बजे तक आयोजित लाइव म्यूजिकल नाइट में कलाकार आनंदीलाल भावेल और उनकी टीम की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। झाबुआ और अलीराजपुर की लोक संस्कृति इंदौर में सजीव हो उठी। ‘अमू काका बाबा’, ‘चिलम तमाखू का डब्बा’, ‘क्यों मारी रे, क्यों पीटी रे’ और ‘छोटी-सी उमर में म्हारी शादी कराई दी’ जैसे लोकप्रिय लोकगीतों पर युवाओं से लेकर परिवारों तक ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। पारंपरिक वेशभूषा, मांदल की थाप और लोक धुनों की गूंज ने शहर और जनजातीय अंचलों के बीच की दूरी को मानो मिटा दिया। संस्कृति के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति का संगम 20 से 22 फरवरी तक आयोजित ‘जात्रा-2026’ केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय जीवनदृष्टि का परिचायक बनकर उभरा है, जहां स्वास्थ्य और प्रकृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। जनजातीय सामाजिक सेवा समिति के तत्वावधान में धार, झाबुआ और अलीराजपुर की पारंपरिक औषधियां, वनोपज और हस्तशिल्प आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। राजनीतिक व प्रशासनिक सहभागिता से बढ़ी गरिमा आयोजन में विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। झाबुआ की कलेक्टर नेहा मीना ने भी आयोजन स्थल पर पहुंचकर कलाकारों और स्टॉल संचालकों से संवाद किया और व्यवस्थाओं की सराहना की। विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि होली से पहले शहर में ऐसा सांस्कृतिक उत्सव देखना सुखद है। पूरा झाबुआ-अलीराजपुर मानो इंदौर में बस गया हो। यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। महामंडलेश्वर दे मां पवित्रानंद गिरी राजेंद्र आचार्य ने कहा कि जात्रा सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। हम सब एक हैं, यह भाव इस आयोजन में स्पष्ट दिखाई देता है। आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति प्रस्तावित है। वनोपज और हस्तशिल्प बने खास पहचान ‘जात्रा–2026’ में बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्र-छात्राएं आयोजन स्थल पर पहुंच रहे हैं। पारंपरिक सजावट और जनजातीय कला से सजे सेल्फी पॉइंट पर दिनभर युवाओं की भीड़ नजर आई। परिसर में गौसेवा का विशेष प्रबंध भी किया गया है, जिसने आयोजन को आध्यात्मिक स्पर्श दिया। शुगर फ्री हनी, पारंपरिक औषधियां और झाबुआ का प्रसिद्ध ‘गुड़ियाघर’ स्टॉल दर्शकों को खूब आकर्षित कर रहा है। हाथ से बने गुड्डे-गुड़िया और पारंपरिक तीर-कमान बच्चों के बीच खास लोकप्रिय रहे।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में नशेड़ी का तांडव:वार्डों में लोटता रहा युवक, प्रबंधन संभालने में हुआ परेशान

April 14, 2026/
11:25 am

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक नशे की हालत में युवक ने अस्पताल...

16 मार्च को 37 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव: पूर्ण कार्यक्रम देखें, सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों के नाम और अधिक | राजनीति समाचार

February 18, 2026/
4:58 pm

आखरी अपडेट:फ़रवरी 18, 2026, 16:58 IST चुनाव 10 राज्यों में होंगे: महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा,...

Rishabh Pant; LSG vs DC IPL 2026 LIVE Score Update

April 1, 2026/
5:10 am

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें...

ईशान किशन टी-20 ICC बैटर रैंकिंग के टॉप 10 में:17 पायदान की छलांग लगाई, पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की आतिशी पारी का फायदा

February 18, 2026/
3:37 pm

ICC ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ताजा टी-20 रैंकिंग जारी कर दी है। इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान...

चैत्र नवरात्रि: हिमाचल के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़:पंजाब की साक्षी बोली-अच्छे से दर्शन हो रहे, चिंतपूर्णी मंदिर 50 लाख के फूलो से सजाया

March 19, 2026/
5:05 am

चैत्र नवरात्रि आज से शुरू हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में पांच प्रमुख शक्तिपीठों सहित माता के दूसरे मंदिरों में...

authorimg

April 21, 2026/
2:12 pm

Last Updated:April 21, 2026, 14:12 IST Exotic Fruit Benefit: एम्स और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका से शिक्षा प्राप्त डॉ. सौरभ सेट्ठी...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगा इंदौर:जात्रा–2026 में आदिवासी धुन 'अमू काका बाबा' और 'क्यों मारी रे' पर जमकर थिरके इंदौरी

जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगा इंदौर:जात्रा–2026 में आदिवासी धुन 'अमू काका बाबा' और 'क्यों मारी रे' पर जमकर थिरके इंदौरी

गांधी हॉल परिसर में चल रहे तीन दिवसीय आदिवासी महोत्सव ‘जात्रा–2026’ ने दूसरे दिन ऐसा रंग जमाया कि पूरा इंदौर जनजातीय सुरों और तालों पर थिरकता नजर आया। शाम 7 से 10 बजे तक आयोजित लाइव म्यूजिकल नाइट में कलाकार आनंदीलाल भावेल और उनकी टीम की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। झाबुआ और अलीराजपुर की लोक संस्कृति इंदौर में सजीव हो उठी। ‘अमू काका बाबा’, ‘चिलम तमाखू का डब्बा’, ‘क्यों मारी रे, क्यों पीटी रे’ और ‘छोटी-सी उमर में म्हारी शादी कराई दी’ जैसे लोकप्रिय लोकगीतों पर युवाओं से लेकर परिवारों तक ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। पारंपरिक वेशभूषा, मांदल की थाप और लोक धुनों की गूंज ने शहर और जनजातीय अंचलों के बीच की दूरी को मानो मिटा दिया। संस्कृति के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति का संगम 20 से 22 फरवरी तक आयोजित ‘जात्रा-2026’ केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय जीवनदृष्टि का परिचायक बनकर उभरा है, जहां स्वास्थ्य और प्रकृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। जनजातीय सामाजिक सेवा समिति के तत्वावधान में धार, झाबुआ और अलीराजपुर की पारंपरिक औषधियां, वनोपज और हस्तशिल्प आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। राजनीतिक व प्रशासनिक सहभागिता से बढ़ी गरिमा आयोजन में विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। झाबुआ की कलेक्टर नेहा मीना ने भी आयोजन स्थल पर पहुंचकर कलाकारों और स्टॉल संचालकों से संवाद किया और व्यवस्थाओं की सराहना की। विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि होली से पहले शहर में ऐसा सांस्कृतिक उत्सव देखना सुखद है। पूरा झाबुआ-अलीराजपुर मानो इंदौर में बस गया हो। यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। महामंडलेश्वर दे मां पवित्रानंद गिरी राजेंद्र आचार्य ने कहा कि जात्रा सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। हम सब एक हैं, यह भाव इस आयोजन में स्पष्ट दिखाई देता है। आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति प्रस्तावित है। वनोपज और हस्तशिल्प बने खास पहचान ‘जात्रा–2026’ में बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्र-छात्राएं आयोजन स्थल पर पहुंच रहे हैं। पारंपरिक सजावट और जनजातीय कला से सजे सेल्फी पॉइंट पर दिनभर युवाओं की भीड़ नजर आई। परिसर में गौसेवा का विशेष प्रबंध भी किया गया है, जिसने आयोजन को आध्यात्मिक स्पर्श दिया। शुगर फ्री हनी, पारंपरिक औषधियां और झाबुआ का प्रसिद्ध ‘गुड़ियाघर’ स्टॉल दर्शकों को खूब आकर्षित कर रहा है। हाथ से बने गुड्डे-गुड़िया और पारंपरिक तीर-कमान बच्चों के बीच खास लोकप्रिय रहे।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.