Tuesday, 14 Jul 2026 | 08:20 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ट्रम्प ने बुधवार को ओमान पर हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह ईरान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करने की कोशिश करता है तो अमेरिका उसे उड़ा देगा। ओमान 15वां ऐसा देश है जिस पर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी है। इतना ही नहीं, ट्रम्प के कार्यकाल में अमेरिका ने 7 देशों पर हमले भी किए हैं। इसमें वेनेजुएला भी शामिल है जहां घुसकर अमेरिका ने राष्ट्रपति का किडनैप कर लिया था। इसके अलावा ट्रम्प 4 देशों पर कब्जा करने की चेतावनी भी दे चुके हैं। इसमें कनाडा, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और क्यूबा शामिल हैं। इसके अलावा ट्रम्प पनामा नहर पर भी कब्जा करने की धमकी दे चुके हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले शांति की बात करते थे ट्रम्प साल 2024 में जब ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे थे। तब वे खुद को अमन पसंद नेता के तौर पर पेश कर रहे थे। चुनावी रैलियों में वे अपने विरोधियों को युद्ध भड़काने वाला नेता कहते थे। उनका कहना था कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद दुनिया में शांति आ जाएगी। उन्होंने कई बार कहा कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता। ट्रम्प खुद को ऐसा नेता बताते थे जो दुश्मन देशों से बातचीत कर सकता है और बिना बड़े युद्ध के समझौते करा सकता है। ट्रम्प कहते थे कि अगर उनके विरोधी सत्ता में आए तो अमेरिका फिर से इराक और अफगानिस्तान जैसे लंबे युद्धों में फंस जाएगा। लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद स्थिति बदल गई। 7 देश जिन पर अमेरिका ने हमला किया ट्रम्प, निक्सन की मैडमैन थ्योरी के फॉलोअर ट्रम्प कई बार ऐसे बयान देते हैं जिनसे दोस्त और दुश्मन दोनों असमंजस में रहते हैं कि अमेरिका अगला कदम क्या उठाएगा। विश्लेषकों का कहना है कि अपने विरोधियों के अलावा सहयोगी देशों को धमकाना अब ट्रम्प की शैली का हिस्सा बन चुका है। राजनीतिक विज्ञान में इसे मैडमैन थ्योरी कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि कोई नेता अपने विरोधियों को यह महसूस कराता है कि वह कुछ भी कर सकता है, ताकि सामने वाला डरकर समझौता कर ले। इस थ्योरी को सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने 1960 और 1970 के दशक में वियतनाम युद्ध के दौरान अपनाया था। निक्सन चाहते थे कि सोवियत संघ और उत्तरी वियतनाम को लगे कि वह इतने पागल हैं कि परमाणु हमला तक कर सकते हैं। उनका मानना था कि डर पैदा करके दुश्मन को बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है। विरोधियों पर बेअसर रही ट्रम्प की मैडमैन थ्योरी बीबीसी के मुताबिक ट्रम्प की यह रणनीति सहयोगी देशों पर तो असर डालती दिख रही है लेकिन विरोधियों पर यह बेअसर है। ट्रम्प की धमकी के बाद नाटो देश अपना रक्षा बजट बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन, अमेरिका को अपने खनिज संसाधन देने को तैयार हो गया। लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखा। ईरान का मामला और भी मुश्किल है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका उल्टा असर हो सकता है। पूर्व ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग का कहना है कि इससे ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश और तेज कर सकता है। विशेषज्ञ माइकल डेश भी मानते हैं कि अब ईरान शायद चुपचाप परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाएगा और अंत में परमाणु परीक्षण भी कर सकता है। ईरान यह देख रहा है कि जिन नेताओं के पास परमाणु हथियार नहीं थे, जैसे सद्दाम हुसैन और मुअम्मर गद्दाफी, उनकी सत्ता खत्म हो गई। जबकि उत्तर कोरिया के किम जोंग उन जैसे नेता परमाणु हथियार होने की वजह से सुरक्षित बने हुए हैं। इसलिए ईरान परमाणु हथियार को अपनी अंतिम सुरक्षा के रूप में देख सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल सोच रहे थे कि अगर ईरान के शीर्ष नेताओं पर दबाव बनाया जाए तो वहां की व्यवस्था कमजोर हो जाएगी। लेकिन इतिहास इससे उल्टा संकेत देता है। 1980 में जब सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला किया था, तब भी मकसद इस्लामिक गणराज्य को कमजोर करना था। लेकिन हुआ उल्टा। ईरानी व्यवस्था और मजबूत हो गई।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
IPL- हैदराबाद और दिल्ली के बीच मुकाबला आज:जीत की हैट्रिक लगाने उतरेगी सनराइजर्स; DC चौथी जीत की तलाश में

April 21, 2026/
4:30 am

IPL 2026 में मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) आमने-सामने होंगे। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम...

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप- जीत की हैट्रिक लगाने उतरेगी ऑस्ट्रेलिया:नीदरलैंड से मुकाबला; पाकिस्तान लगातार 2 मैच हार चुकी, बांग्लादेश से आज भिड़ंत

June 20, 2026/
4:30 am

वीमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में आज तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के बीच होगा। ऑस्ट्रेलिया अपने...

“बड़े घर की माताएं भी पी रही हैं”:नागपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बवाल, कांग्रेस बोली- माफी मांगे

April 29, 2026/
6:31 pm

छतरपुर: नागपुर में देश के चर्चित कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं।...

authorimg

April 3, 2026/
8:50 am

Last Updated:April 03, 2026, 08:50 IST Female Body Transformation After 60 : ऑस्‍ट्रेलिया की 65 साल की लेस्ली की फिटनेस...

शिवपुरी में गर्लफ्रेंड को भगाने पहुंचे प्रेमी की पीट-पीटकर हत्या:परिजनों ने घर में बंधक बनाकर रात भर मारा, आज होनी थी लड़की की सगाई

March 30, 2026/
6:20 pm

शिवपुरी के कोलारस कस्बे में अपनी गर्लफ्रेंड को घर से भगाकर ले जाने पहुंचे एक युवक की परिजनों ने पीट-पीटकर...

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

June 1, 2026/
4:09 pm

‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘मदर इंडिया’ जैसी कल्ट फिल्मो की अभिनेत्री नरगिस दत्त सिर्फ एक स्टार नहीं, हिंदी सिनेमा की...

Womens T20 World Cup 2026 Semifinal | England vs South Africa

July 2, 2026/
4:31 am

स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल आज इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के...

राजनीति

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ट्रम्प ने बुधवार को ओमान पर हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह ईरान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करने की कोशिश करता है तो अमेरिका उसे उड़ा देगा। ओमान 15वां ऐसा देश है जिस पर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी है। इतना ही नहीं, ट्रम्प के कार्यकाल में अमेरिका ने 7 देशों पर हमले भी किए हैं। इसमें वेनेजुएला भी शामिल है जहां घुसकर अमेरिका ने राष्ट्रपति का किडनैप कर लिया था। इसके अलावा ट्रम्प 4 देशों पर कब्जा करने की चेतावनी भी दे चुके हैं। इसमें कनाडा, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और क्यूबा शामिल हैं। इसके अलावा ट्रम्प पनामा नहर पर भी कब्जा करने की धमकी दे चुके हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले शांति की बात करते थे ट्रम्प साल 2024 में जब ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे थे। तब वे खुद को अमन पसंद नेता के तौर पर पेश कर रहे थे। चुनावी रैलियों में वे अपने विरोधियों को युद्ध भड़काने वाला नेता कहते थे। उनका कहना था कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद दुनिया में शांति आ जाएगी। उन्होंने कई बार कहा कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता। ट्रम्प खुद को ऐसा नेता बताते थे जो दुश्मन देशों से बातचीत कर सकता है और बिना बड़े युद्ध के समझौते करा सकता है। ट्रम्प कहते थे कि अगर उनके विरोधी सत्ता में आए तो अमेरिका फिर से इराक और अफगानिस्तान जैसे लंबे युद्धों में फंस जाएगा। लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद स्थिति बदल गई। 7 देश जिन पर अमेरिका ने हमला किया ट्रम्प, निक्सन की मैडमैन थ्योरी के फॉलोअर ट्रम्प कई बार ऐसे बयान देते हैं जिनसे दोस्त और दुश्मन दोनों असमंजस में रहते हैं कि अमेरिका अगला कदम क्या उठाएगा। विश्लेषकों का कहना है कि अपने विरोधियों के अलावा सहयोगी देशों को धमकाना अब ट्रम्प की शैली का हिस्सा बन चुका है। राजनीतिक विज्ञान में इसे मैडमैन थ्योरी कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि कोई नेता अपने विरोधियों को यह महसूस कराता है कि वह कुछ भी कर सकता है, ताकि सामने वाला डरकर समझौता कर ले। इस थ्योरी को सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने 1960 और 1970 के दशक में वियतनाम युद्ध के दौरान अपनाया था। निक्सन चाहते थे कि सोवियत संघ और उत्तरी वियतनाम को लगे कि वह इतने पागल हैं कि परमाणु हमला तक कर सकते हैं। उनका मानना था कि डर पैदा करके दुश्मन को बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है। विरोधियों पर बेअसर रही ट्रम्प की मैडमैन थ्योरी बीबीसी के मुताबिक ट्रम्प की यह रणनीति सहयोगी देशों पर तो असर डालती दिख रही है लेकिन विरोधियों पर यह बेअसर है। ट्रम्प की धमकी के बाद नाटो देश अपना रक्षा बजट बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन, अमेरिका को अपने खनिज संसाधन देने को तैयार हो गया। लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखा। ईरान का मामला और भी मुश्किल है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका उल्टा असर हो सकता है। पूर्व ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग का कहना है कि इससे ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश और तेज कर सकता है। विशेषज्ञ माइकल डेश भी मानते हैं कि अब ईरान शायद चुपचाप परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाएगा और अंत में परमाणु परीक्षण भी कर सकता है। ईरान यह देख रहा है कि जिन नेताओं के पास परमाणु हथियार नहीं थे, जैसे सद्दाम हुसैन और मुअम्मर गद्दाफी, उनकी सत्ता खत्म हो गई। जबकि उत्तर कोरिया के किम जोंग उन जैसे नेता परमाणु हथियार होने की वजह से सुरक्षित बने हुए हैं। इसलिए ईरान परमाणु हथियार को अपनी अंतिम सुरक्षा के रूप में देख सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल सोच रहे थे कि अगर ईरान के शीर्ष नेताओं पर दबाव बनाया जाए तो वहां की व्यवस्था कमजोर हो जाएगी। लेकिन इतिहास इससे उल्टा संकेत देता है। 1980 में जब सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला किया था, तब भी मकसद इस्लामिक गणराज्य को कमजोर करना था। लेकिन हुआ उल्टा। ईरानी व्यवस्था और मजबूत हो गई।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.