Thursday, 28 May 2026 | 10:30 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ट्रम्प ने बुधवार को ओमान पर हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह ईरान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करने की कोशिश करता है तो अमेरिका उसे उड़ा देगा। ओमान 15वां ऐसा देश है जिस पर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी है। इतना ही नहीं, ट्रम्प के कार्यकाल में अमेरिका ने 7 देशों पर हमले भी किए हैं। इसमें वेनेजुएला भी शामिल है जहां घुसकर अमेरिका ने राष्ट्रपति का किडनैप कर लिया था। इसके अलावा ट्रम्प 4 देशों पर कब्जा करने की चेतावनी भी दे चुके हैं। इसमें कनाडा, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और क्यूबा शामिल हैं। इसके अलावा ट्रम्प पनामा नहर पर भी कब्जा करने की धमकी दे चुके हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले शांति की बात करते थे ट्रम्प साल 2024 में जब ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे थे। तब वे खुद को अमन पसंद नेता के तौर पर पेश कर रहे थे। चुनावी रैलियों में वे अपने विरोधियों को युद्ध भड़काने वाला नेता कहते थे। उनका कहना था कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद दुनिया में शांति आ जाएगी। उन्होंने कई बार कहा कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता। ट्रम्प खुद को ऐसा नेता बताते थे जो दुश्मन देशों से बातचीत कर सकता है और बिना बड़े युद्ध के समझौते करा सकता है। ट्रम्प कहते थे कि अगर उनके विरोधी सत्ता में आए तो अमेरिका फिर से इराक और अफगानिस्तान जैसे लंबे युद्धों में फंस जाएगा। लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद स्थिति बदल गई। 7 देश जिन पर अमेरिका ने हमला किया ट्रम्प, निक्सन की मैडमैन थ्योरी के फॉलोअर ट्रम्प कई बार ऐसे बयान देते हैं जिनसे दोस्त और दुश्मन दोनों असमंजस में रहते हैं कि अमेरिका अगला कदम क्या उठाएगा। विश्लेषकों का कहना है कि अपने विरोधियों के अलावा सहयोगी देशों को धमकाना अब ट्रम्प की शैली का हिस्सा बन चुका है। राजनीतिक विज्ञान में इसे मैडमैन थ्योरी कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि कोई नेता अपने विरोधियों को यह महसूस कराता है कि वह कुछ भी कर सकता है, ताकि सामने वाला डरकर समझौता कर ले। इस थ्योरी को सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने 1960 और 1970 के दशक में वियतनाम युद्ध के दौरान अपनाया था। निक्सन चाहते थे कि सोवियत संघ और उत्तरी वियतनाम को लगे कि वह इतने पागल हैं कि परमाणु हमला तक कर सकते हैं। उनका मानना था कि डर पैदा करके दुश्मन को बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है। विरोधियों पर बेअसर रही ट्रम्प की मैडमैन थ्योरी बीबीसी के मुताबिक ट्रम्प की यह रणनीति सहयोगी देशों पर तो असर डालती दिख रही है लेकिन विरोधियों पर यह बेअसर है। ट्रम्प की धमकी के बाद नाटो देश अपना रक्षा बजट बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन, अमेरिका को अपने खनिज संसाधन देने को तैयार हो गया। लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखा। ईरान का मामला और भी मुश्किल है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका उल्टा असर हो सकता है। पूर्व ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग का कहना है कि इससे ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश और तेज कर सकता है। विशेषज्ञ माइकल डेश भी मानते हैं कि अब ईरान शायद चुपचाप परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाएगा और अंत में परमाणु परीक्षण भी कर सकता है। ईरान यह देख रहा है कि जिन नेताओं के पास परमाणु हथियार नहीं थे, जैसे सद्दाम हुसैन और मुअम्मर गद्दाफी, उनकी सत्ता खत्म हो गई। जबकि उत्तर कोरिया के किम जोंग उन जैसे नेता परमाणु हथियार होने की वजह से सुरक्षित बने हुए हैं। इसलिए ईरान परमाणु हथियार को अपनी अंतिम सुरक्षा के रूप में देख सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल सोच रहे थे कि अगर ईरान के शीर्ष नेताओं पर दबाव बनाया जाए तो वहां की व्यवस्था कमजोर हो जाएगी। लेकिन इतिहास इससे उल्टा संकेत देता है। 1980 में जब सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला किया था, तब भी मकसद इस्लामिक गणराज्य को कमजोर करना था। लेकिन हुआ उल्टा। ईरानी व्यवस्था और मजबूत हो गई।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता:यूजर से शमा मोहम्मद बोलीं- फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया; पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो

May 8, 2026/
3:51 pm

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर फिल्म धुरंधर की तारीफ करते हुए एक पोस्ट की।...

NTR Jr Birthday Interesting Facts; Looks Trolling

May 20, 2026/
4:30 am

3 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक जूनियर एनटीआर के लुक्स और वजन को लेकर मजाक उड़ाया गया, आज ग्लोबल...

सुकेश के खिलाफ जैकलीन सरकारी गवाह बनेंगी:₹200 करोड़ की ठगी केस में सहयोग को तैयार; इन्हीं पैसों से लग्जरी गिफ्ट लिए थे

April 17, 2026/
3:06 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है।...

ट्रम्प ने जंग रोकने के लिए ईरान का प्रस्ताव ठुकराया:बोले- मुझे पसंद नहीं आया; अमेरिका ने एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने की शर्त रखी

May 11, 2026/
6:48 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर...

PM मोदी बोले- भारत-स्वीडन जैसे लोकतंत्रों का साथ जरूरी:आतंकवाद मानवता के लिए खतरा, उसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे

May 18, 2026/
12:35 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वीडन दौरे पर हैं। उन्होंने गोथेनबर्ग में ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को संबोधित करते हुए...

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय फ्लोर टेस्ट लाइव, टीवीके आज बहुमत चाहता है

May 13, 2026/
5:24 pm

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 17:24 IST विजय की राजनीतिक छवि से जुड़ी भारी उम्मीदों को पूरा करते हुए सत्ता पर...

ask search icon

March 22, 2026/
8:45 am

Last Updated:March 22, 2026, 08:45 IST आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि कद्दू कई प्रकार के होते...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ओमान 15वां देश जिसपर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी:अब तक 7 देशों पर अटैक किया, 4 देशों को अमेरिका में मिलाने की चेतावनी दी

ट्रम्प ने बुधवार को ओमान पर हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह ईरान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करने की कोशिश करता है तो अमेरिका उसे उड़ा देगा। ओमान 15वां ऐसा देश है जिस पर ट्रम्प ने हमले की धमकी दी है। इतना ही नहीं, ट्रम्प के कार्यकाल में अमेरिका ने 7 देशों पर हमले भी किए हैं। इसमें वेनेजुएला भी शामिल है जहां घुसकर अमेरिका ने राष्ट्रपति का किडनैप कर लिया था। इसके अलावा ट्रम्प 4 देशों पर कब्जा करने की चेतावनी भी दे चुके हैं। इसमें कनाडा, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और क्यूबा शामिल हैं। इसके अलावा ट्रम्प पनामा नहर पर भी कब्जा करने की धमकी दे चुके हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले शांति की बात करते थे ट्रम्प साल 2024 में जब ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे थे। तब वे खुद को अमन पसंद नेता के तौर पर पेश कर रहे थे। चुनावी रैलियों में वे अपने विरोधियों को युद्ध भड़काने वाला नेता कहते थे। उनका कहना था कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद दुनिया में शांति आ जाएगी। उन्होंने कई बार कहा कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता। ट्रम्प खुद को ऐसा नेता बताते थे जो दुश्मन देशों से बातचीत कर सकता है और बिना बड़े युद्ध के समझौते करा सकता है। ट्रम्प कहते थे कि अगर उनके विरोधी सत्ता में आए तो अमेरिका फिर से इराक और अफगानिस्तान जैसे लंबे युद्धों में फंस जाएगा। लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद स्थिति बदल गई। 7 देश जिन पर अमेरिका ने हमला किया ट्रम्प, निक्सन की मैडमैन थ्योरी के फॉलोअर ट्रम्प कई बार ऐसे बयान देते हैं जिनसे दोस्त और दुश्मन दोनों असमंजस में रहते हैं कि अमेरिका अगला कदम क्या उठाएगा। विश्लेषकों का कहना है कि अपने विरोधियों के अलावा सहयोगी देशों को धमकाना अब ट्रम्प की शैली का हिस्सा बन चुका है। राजनीतिक विज्ञान में इसे मैडमैन थ्योरी कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि कोई नेता अपने विरोधियों को यह महसूस कराता है कि वह कुछ भी कर सकता है, ताकि सामने वाला डरकर समझौता कर ले। इस थ्योरी को सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने 1960 और 1970 के दशक में वियतनाम युद्ध के दौरान अपनाया था। निक्सन चाहते थे कि सोवियत संघ और उत्तरी वियतनाम को लगे कि वह इतने पागल हैं कि परमाणु हमला तक कर सकते हैं। उनका मानना था कि डर पैदा करके दुश्मन को बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है। विरोधियों पर बेअसर रही ट्रम्प की मैडमैन थ्योरी बीबीसी के मुताबिक ट्रम्प की यह रणनीति सहयोगी देशों पर तो असर डालती दिख रही है लेकिन विरोधियों पर यह बेअसर है। ट्रम्प की धमकी के बाद नाटो देश अपना रक्षा बजट बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन, अमेरिका को अपने खनिज संसाधन देने को तैयार हो गया। लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखा। ईरान का मामला और भी मुश्किल है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका उल्टा असर हो सकता है। पूर्व ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग का कहना है कि इससे ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश और तेज कर सकता है। विशेषज्ञ माइकल डेश भी मानते हैं कि अब ईरान शायद चुपचाप परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाएगा और अंत में परमाणु परीक्षण भी कर सकता है। ईरान यह देख रहा है कि जिन नेताओं के पास परमाणु हथियार नहीं थे, जैसे सद्दाम हुसैन और मुअम्मर गद्दाफी, उनकी सत्ता खत्म हो गई। जबकि उत्तर कोरिया के किम जोंग उन जैसे नेता परमाणु हथियार होने की वजह से सुरक्षित बने हुए हैं। इसलिए ईरान परमाणु हथियार को अपनी अंतिम सुरक्षा के रूप में देख सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल सोच रहे थे कि अगर ईरान के शीर्ष नेताओं पर दबाव बनाया जाए तो वहां की व्यवस्था कमजोर हो जाएगी। लेकिन इतिहास इससे उल्टा संकेत देता है। 1980 में जब सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला किया था, तब भी मकसद इस्लामिक गणराज्य को कमजोर करना था। लेकिन हुआ उल्टा। ईरानी व्यवस्था और मजबूत हो गई।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.