मुंबई13 मिनट पहले
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नोएल टाटा ने मंगलवार यानी 23 जून को कंपनी की 74वीं सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए कहा, “जैसा कि आप जानते होंगे, चेयरमैन के रूप में यह मेरी आखिरी वार्षिक आम बैठक होगी।
वेस्टसाइड और जूडियो जैसे बड़े फैशन ब्रांड्स को ऑपरेट करने वाली टाटा समूह की कंपनी ‘ट्रेंट’ के चेयरमैन पद से नोएल टाटा का हटना एक बड़ा फैसना है। उनके नेतृत्व में कंपनी बेंगलुरु के एक सिंगल स्टोर से बढ़कर आज भारत की लीडिंग फैशन और लाइफस्टाइल दिग्गज बन चुकी है।
नवंबर में 70 साल के हो जाएंगे नोएल टाटा
नोएल टाटा (69) इस साल नवंबर में 70 साल के होने जा रहे हैं। वे टाटा संस के सबसे बड़े शेयरहोल्डर ‘टाटा ट्रस्ट्स’ के भी चेयरमैन हैं। कंपनी एक्ट 2013 के नियमों के मुताबिक, किसी भी मैनेजिंग डायरेक्टर या होल-टाइम डायरेक्टर को 70 साल या उससे अधिक उम्र होने पर पद पर बने रहने या दोबारा नियुक्त होने की अनुमति नहीं है।
हालांकि, शेयरहोल्डर्स की मंजूरी से स्पेशल रिजॉल्यूशन पास करके या केंद्र सरकार की अनुमति से ही इस नियम में अपवाद के तौर पर कोई छूट मिल सकती है।

शेयरहोल्डर्स और कर्मचारियों का जताया आभार
टाटा ने सालों से मिल रहे सहयोग के लिए शेयरहोल्डर्स, कर्मचारियों और पार्टनर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि मैं इतने सालों में मिले भरोसे, विश्वास और सहयोग के लिए अपने सभी शेयरहोल्डर्स, साथियों और पार्टनर्स को दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं।
वित्त वर्ष 2026 में ₹20,074 करोड़ का रेवेन्यू रहा
नोएल टाटा की चेयरमैनशिप में ट्रेंट ने भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में 79 नए शहरों में कदम रखा और 289 नए स्टोर्स जोड़े। इसके साथ ही कंपनी के कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 321 शहरों में 1,286 हो गई, जो 12 करोड़ से ज्यादा कस्टमर्स को सेवाएं दे रहे हैं। कंसोलिडेटेड बेसिस पर, कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹20,074 करोड़ रहा और टैक्स से पहले का मुनाफा ₹2,259 करोड़ दर्ज किया गया।
ट्रेंट का सफर: 1998 से 2026
- 1998: बेंगलुरु में पहला वेस्टसाइड स्टोर।
- 2010: नोएल टाटा डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए।
- 2014: नोएल टाटा ने चेयरमैन का पद संभाला।
- 2026: 321 शहरों में 1286 स्टोर्स, ₹20,074 करोड़ का रेवेन्यू
मां सिमोन टाटा ने की थी ट्रेंट की शुरुआत
नोएल टाटा 19 अगस्त 2010 को ट्रेंट के बोर्ड में बतौर डायरेक्टर शामिल हुए थे। इस कंपनी की शुरुआत उनकी दिवंगत मां सिमोन टाटा ने कॉस्मेटिक ब्रांड ‘लक्मे’ के बिजनेस को एफएमसीजी दिग्गज हिंदुस्तान यूनिलीवर को बेचने के बाद की थी।
इसके बाद, 31 मार्च 2014 को एफके कावरना के रिटायरमेंट के बाद नोएल टाटा ने ट्रेंट के चेयरमैन का पद संभाला था। ट्रेंट के अलावा वे वोल्टास, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड जैसी कई अन्य टाटा कंपनियों के बोर्ड के भी चेयरमैन हैं।
बेंगलुरु के एक स्टोर से शुरू हुआ था सफर
कंपनी के सफर को याद करते हुए टाटा ने कहा कि ट्रेंट ने 1998 में बेंगलुरु के कमर्शियल स्ट्रीट पर एक सिंगल ‘वेस्टसाइड’ स्टोर से शुरुआत की थी। आज ट्रेंट के पास वेस्टसाइड, जूडियो, सामोह, उत्सवऔर बर्न्ट टोस्ट जैसे मजबूत ब्रांड्स का नेटवर्क है। इसके अलावा कंपनी स्पेन के इंडिटेक्स ग्रुप के साथ मिलकर ग्लोबल फैशन ब्रांड जारा और मासिमो दुत्ती के स्टोर्स भी चलाती है।
कंपनी को 10 गुना बड़ा बनाने का टारगेट जल्द होगा पूरा
नोएल टाटा ने भविष्य को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत में ऑर्गेनाइज्ड रिटेल के लिए अभी भी बड़े अवसर हैं, जिसका कारण लोगों की बढ़ती आमदनी और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स के प्रति पसंद है। उन्होंने 2023 में शेयरहोल्डर्स के सामने ट्रेंट के रेवेन्यू को 10 गुना बढ़ाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने बताया कि तब से लेकर अब तक कंपनी का रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी रन रेट 2.5 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। इससे उन्हें भरोसा है कि यह लक्ष्य जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा। वे भारतीय ब्रांड्स को ग्लोबल लेवल पर भी ले जाने की बड़ी क्षमता देखते हैं।













































