Saturday, 12 Sep 2026 | 01:14 PM

Trending :

इटली की नेता और पूर्व विदेश मंत्री बोनिनो का निधन:महिलाओं के हक पर पोप से टकरा गई थीं एमा; 48 साल पुराना एबॉर्शन कानून बदलवाया इटली की नेता और पूर्व विदेश मंत्री बोनिनो का निधन:महिलाओं के हक पर पोप से टकरा गई थीं एमा; 48 साल पुराना एबॉर्शन कानून बदलवाया ‘क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है’:परेश रावल ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स गुजरात में होने का सपोर्ट किया, राज ठाकरे ने जताई थी आपत्ति SSC CPO Recruitment 2026 | Delhi Police & CAPF Vacancy Apply Online इजराइली PM के मेकअप पर ₹4 करोड़ खर्च:2023 जंग के दौरान 3 महीने में बालों पर ₹22 लाख लगे; हेयर स्टाइलिस्ट का नाम छिपाया इजराइली PM के मेकअप पर ₹4 करोड़ खर्च:2023 जंग के दौरान 3 महीने में बालों पर ₹22 लाख लगे; हेयर स्टाइलिस्ट का नाम छिपाया
EXCLUSIVE
Nepal Flood Vs China; Rainfall Glacial Collapse Early Warning - Data Sharing Row

Nepal Flood Vs China; Rainfall Glacial Collapse Early Warning – Data Sharing Row

26 अगस्त की सुबह नेपाल के रसुवा में आसमान साफ था। अचानक भोटेकोशी नदी में मलबा, पत्थर और पानी का ऐसा सैलाब आया कि सब बहता चला गया। 1300 से ज्यादा मौतें हुईं और 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। ये तबाही चीन की तरफ बनी झील फटने से हुई थी। सवाल उठा कि क्य . चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने दावा किया कि चीन ने नेपाल को समय-समय पर मौसम का डेटा और चेतावनियां दी थीं। ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट में भी दावा किया गया कि आपदा से करीब 12 दिन पहले चीन ने नेपाल को ईमेल भेजकर भारी बारिश की जानकारी दी थी। इससे लगता है कि नेपाल के पास खबर थी कि तबाही हो सकती है, लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है। पढ़िए रिपोर्ट… चीन-नेपाल के एक्सपर्ट चार महीने में तीन बार मिले अप्रैल से जुलाई के बीच चीन और नेपाल के पर्यावरण, मौसम और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और वैज्ञानिक कम से कम तीन अलग-अलग मंचों पर मिले। इस दौरान ग्लेशियर, ग्लेशियल झील, जलवायु से जुड़े जोखिम और अर्ली वार्निंग पर बात हुई। पहली बैठक: 22 अप्रैल–5 मई, बीजिंग चीन की नेशनल अकैडमी ऑफ फॉरेस्टी एंड ग्रासलैंड एडमिनिस्ट्रेशन ने पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन पर सेमिनार किया। नेपाल के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया। दूसरी बैठक: 27 मई, काठमांडू नेपाल के 10 और चीन-तिब्बत के 12 अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें ग्लेशियल झीलों की मैपिंग और ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी अचानक जलस्तर बढ़ने या ग्लेशियर झील फटने के खतरे को कम करने पर चर्चा हुई। तीसरी बैठक: जुलाई, तिब्बत तिब्बत के निंगची में 5th ट्रांस हिमालय इंटरनेशनल कोऑपरेशन फोरम हुआ। इसमें 29 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। नेपाल भी इनमें शामिल था। इसी दौरान चीन ने अपना मल्टी हेजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम भी पेश किया। 12 दिन पहले चीन ने क्या चेतावनी दी थी रायटर्स के मुताबिक, 14 अगस्त के आसपास चीन के विश्व मौसम विज्ञान केंद्र ने नेपाल को ईमेल भेजा था। इसमें 14 से 19 अगस्त के बीच भारी बारिश और मानसूनी दबाव की आशंका जताई गई थी। हालांकि, यह भी 26 अगस्त के लिए नहीं था। यहां एक अहम फर्क है। भारी बारिश का पूर्वानुमान और किसी खास ग्लेशियर के टूटने की चेतावनी एक बात नहीं है। बाढ़ आने के दो हफ्ते बाद भी घरों में घुसा मलबा साफ नहीं हो पाया है। लोग कैंपों में रह रहे हैं और दिन में घर की सफाई के लिए आ जाते हैं। नेपाल के सबसे बड़े आपदा अधिकारी बोले- स्पेसिफिक वार्निंग नहीं मिली नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के कार्यकारी प्रमुख डॉ. धरम उप्रेती ने चीन के दावे पर सीधे आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया। उनके मुताबिक पानी इतनी तेजी से नीचे आया कि सीमा क्षेत्र में लगा रिवर मॉनिटरिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ। नीचे की तरफ अलर्ट जारी करने का समय मिला, लेकिन ऊपरी इलाके में लोगों के पास बचने के लिए पर्याप्त समय नहीं था। डॉ. उप्रेती बताते हैं कि नेपाल में नदियों पर रिवर गेज स्टेशन लगे हैं। पानी के तय सीमा से ऊपर जाते ही प्रभावित इलाकों में SMS अलर्ट भेजे जाते हैं। यह व्यवस्था 2015 से चल रहे फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का हिस्सा है। नदी और जगह के हिसाब से सामान्य स्थिति में करीब 6 मिनट से 6 घंटे तक का लीड टाइम मिल सकता है। 26 अगस्त को खतरे की जानकारी मिलते ही 1-2 मिनट में निचले इलाकों के लिए SMS अलर्ट जारी किए गए। पहला अलर्ट करीब 9:15 बजे और दूसरा 11:50 बजे भेजा गया। इसके बाद भी स्थिति के हिसाब से अलर्ट जारी होते रहे। सोशल मीडिया, टीवी और रेडियो से भी चेतावनी दी गई। डॉ. उप्रेती के मुताबिक करीब 4 हजार लोगों के फोन पर अलर्ट भेजा गया था। कितने लोगों ने उसे देखा, इसका डेटा नहीं है। डॉ. उप्रेती के मुताबिक, पानी करीब 180 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की रफ्तार से नीचे आया। इससे अलर्ट जारी करने और उसके लोगों तक पहुंचने के बीच का समय बहुत कम रह गया। ‘सिर्फ ईमेल भेजना चेतावनी नहीं, सही एजेंसी को, सही वक्त पर मिलना जरूरी’ चीन की तरफ से भेजे गए ईमेल पर डॉ. उप्रेती कहते हैं, ‘मुझे नहीं पता कि 26 अगस्त से पहले किस अधिकारी को, कब और किस स्तर की चेतावनी भेजी गई थी। सिर्फ ईमेल भेज देना पर्याप्त नहीं है। सूचना सही एजेंसी तक सही समय पर पहुंचे और उस पर कार्रवाई हो, तभी वह वास्तविक चेतावनी बनती है।’ यहीं चीन के दावे पर सवाल खड़ा होता है। अगर 12 दिन पहले इतनी अहम जानकारी थी, तो वह नेपाल की किस एजेंसी तक पहुंची, किस अधिकारी ने उसे देखा और उसके आधार पर क्या कदम उठाए गए। बैठकों में ग्लेशियर पर चर्चा हुई, लेकिन खास चेतावनी नहीं डॉ. उप्रेती के मुताबिक, चीन और नेपाल के वैज्ञानिक हिमालय में बढ़ते तापमान, ग्लेशियरों के पिघलने और एवलॉन्च जैसे खतरों पर लगातार चर्चा करते रहे हैं। 27 मई की बैठक में भी इसके जोखिमों पर बात हुई थी। किसी खास ग्लेशियर के टूटने की स्पेसिफिक वार्निंग नहीं मिली थी। दो अलग-अलग बातें हैं। पहली- हिमालय में ग्लेशियर और जलवायु परिवर्तन से खतरा बढ़ रहा है। दूसरी- किसी खास ग्लेशियर के टूटने और उससे अचानक बाढ़ आने की पहले से चेतावनी। दूसरी तरह की चेतावनी का कोई स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया। मौजूदा सिस्टम क्यों वॉर्निंग नहीं दे पाया सामान्य GLOF यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड में ग्लेशियर के पास बनी झील का पानी अचानक बाहर निकलता है। 26 अगस्त की घटना में ग्लेशियल झील के फटने की प्रक्रिया सामने नहीं आई। शुरुआती वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, यहां मुख्य ट्रिगर रॉक-आइस एवलॉन्च और ग्लेशियर का हिस्सा टूटना था। यही सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती है। नदी का पानी बढ़ने पर गेज स्टेशन पकड़ सकता है। ग्लेशियल झील में पानी बढ़े, तो उसकी निगरानी की जा सकती है। पहाड़ पर ग्लेशियर का एक हिस्सा किस दिन, किस समय टूटेगा, इसे पहले से पकड़ना मुश्किल है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के सीनियर रिसोर्स एसोसिएट श्रवण स्विफ्ट बताते हैं, ‘यह नहीं कहा जा सकता कि चीन ने कोई जानकारी दी

Read More »
India-Russia BRICS Summit | PM Modi Putin Su-57 Brahmos Defense Deal

India-Russia BRICS Summit | PM Modi Putin Su-57 Brahmos Defense Deal

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 31 अगस्त को बिश्केक में SCO समिट के दौरान मुलाकात की थी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत पहुंच गए हैं। पुतिन का प्लेन रात करीब 3 बजे नई दिल्ली पहुंचा। ब्रिक्स समिट से पहले प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की बैठक होगी। इसमें Su-57 फाइटर जेट और अपडेटेड ब्रह्मोस समेत कई डिफेंस डील पर चर्चा हो सकती है। रूस भारत को विमान की बिक्री के साथ भारत में इसका उत्पादन और जरूरी तकनीक साझा करने की पेशकश पहले ही कर चुका है। भारत चाहता है कि इस डील से उसे ऐसी तकनीक मिले, जिसका इस्तेमाल आगे स्वदेशी लड़ाकू विमान बनाने में भी किया जा सके। इससे पहले, रूस की दूसरी Il-96 स्पेशल फ्लाइट राजनयिकों के साथ दिल्ली पहुंच गई है। पहले डिप्टी PM डेनिस मंतुरोव भी भारत पहुंच चुके हैं। पुतिन के भारत दौरे से पहले गुरुवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रूस के 3 सैन्य विमान उतरे। इनमें रूस का भारी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान IL-76 भी शामिल है। S-400 की बाकी खेप और रखरखाव पर भी बात भारत, S-400 की बाकी खेप की आपूर्ति और उसके रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर रूस से बात कर सकता है। इसके अलावा SU-30MKI लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने पर भी बात हो सकती है। ‘सुपर सुखोई’ योजना के तहत इनमें बेहतर रडार और नए हथियार लगाए जाएंगे। ब्रह्मोस को लेकर दोनों देश इसके नए और हल्के संस्करण पर मिलकर काम बढ़ाने की तैयारी में हैं। इसमें ब्रह्मोस-NG अहम है। यह मौजूदा ब्रह्मोस से हल्की होगी और इसे तेजस जैसे लड़ाकू विमानों से भी दागा जा सकेगा। रक्षा के बाद परमाणु बिजली पर फोकस रक्षा के अलावा परमाणु बिजली के क्षेत्र में भी भारत और रूस के बीच बातचीत हो सकती है। रूस की सरकारी कंपनी रोसाटॉम भारत में कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र पर काम कर रही है। अब भारत में रूसी तकनीक से नए परमाणु बिजली संयंत्र लगाने पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों देश छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर बनाने में भी साथ काम करने की संभावनाएं तलाश सकते हैं। ये रिएक्टर बड़े परमाणु बिजली संयंत्रों के मुकाबले छोटे होते हैं। रुपए-रूबल में कारोबार बढ़ाने की कोशिश भारत और रूस डॉलर की जगह रुपये और रूबल में कारोबार बढ़ाना चाहते हैं। इससे दोनों देशों के बीच भुगतान अपनी-अपनी करेंसी में हो सकेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि रूस डॉलर हटाने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि भुगतान के आसान तरीकों के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि BRICS देशों के साथ रूस का करीब 90% कारोबार स्थानीय करेंसी में हो रहा है। दोनों देशों के पास एक-दूसरे की करेंसी भी जमा हो गई है। अब इन पैसों को कारोबार और निवेश में इस्तेमाल करने और रुपये-रूबल में भुगतान आसान बनाने पर बातचीत हो सकती है। रूस तक पहुंचने के रास्ते होंगे आसान दोनों देश व्यापार बढ़ाने के लिए इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग को आगे बढ़ाने पर भी बात कर सकते हैं। INSTC भारत को ईरान के रास्ते रूस से जोड़ता है। वहीं चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग से भारत और रूस के पूर्वी हिस्से के बीच सामान पहुंचाने का समय करीब 40 दिन से घटकर 20-22 दिन हो सकता है। ————————— यह खबर भी पढ़ें… BRICS समिट में भारत नहीं आएंगे बांग्लादेशी PM रहमान:बांग्लादेश बोला- प्रधानमंत्री के तौर पर न्योता नहीं मिला था; दूसरी बार भारत यात्रा टली बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान BRICS समिट में शामिल होने भारत नहीं आएंगे। विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने इसकी पुष्टि की है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Read More »
कांगो के 2 स्कूलों में आग, 24 स्टूडेंट्स की मौत:29 का इलाज जारी; जान बचाने खिड़कियों से कूदे बच्चे

कांगो के 2 स्कूलों में आग, 24 स्टूडेंट्स की मौत:29 का इलाज जारी; जान बचाने खिड़कियों से कूदे बच्चे

कांगो के पूर्वी शहर बुकावु में गुरुवार को आग लगने की घटना में 24 छात्रों की मौत हो गई। शहर को नियंत्रित करने वाले M23 विद्रोही प्रशासन ने बताया कि मृतकों में 19 लड़कियां और 5 लड़के हैं। 29 लोगों का इलाज चल रहा है। स्थानीय अधिकारी मोज लुबाला के मुताबिक, आग पहले एक घर में लगी। इसके बाद यह फुराहा सेकेंडरी स्कूल और उजामा प्राइमरी स्कूल तक फैल गई। M23 विद्रोही समूह के प्रवक्ता लॉरेंस कनयुका ने मृतकों की संख्या की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 29 लोगों का इलाज स्थानीय चिकित्सा केंद्रों में जारी है। मोज लुबाला ने बताया कि कई छात्र फुराहा सेकेंडरी स्कूल के अंदर फंस गए थे। इनमें से कुछ का दम घुट गया। फुराहा और उजामा स्कूलों के अलग-अलग उम्र के छात्र न्यमुलागिरा BDOM हेल्थ सेंटर लाए गए। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल थे। नर्स सिजा जीन-बैप्टिस्ट ने बताया कि छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में हेल्थ सेंटर पहुंचे थे। घायलों की संख्या बहुत ज्यादा होने से मेडिकल स्टाफ के लिए सही संख्या दर्ज करना मुश्किल हो रहा था। निकलने की जगह संकरी थी लुबाला के मुताबिक, स्कूल से बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था। कुछ छात्रों ने खिड़कियों से छलांग लगानी शुरू कर दी। कुछ छात्र दरवाजे की ओर भागे। सभी के एक साथ बाहर निकलने की कोशिश में कई छात्र गिर गए और उनके ऊपर से लोग गुजर गए। आग लगने की वजह अभी पता नहीं चली है। लुबाला के मुताबिक, जिस इलाके से आग शुरू हुई, वह घनी आबादी वाला है। उन्होंने बताया कि इलाके के ज्यादातर घर लकड़ी से बने हैं।

Read More »
हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा शहर पर कब्जा किया:यह बाब अल-मंदेब से सिर्फ 75km दूर, इससे आगे बढ़े तो तेल सप्लाई पर संकट

हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा शहर पर कब्जा किया:यह बाब अल-मंदेब से सिर्फ 75km दूर, इससे आगे बढ़े तो तेल सप्लाई पर संकट

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया है। यह बाब-अल मंदेब स्ट्रेट से सिर्फ 75 किमी दूर है। बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में इसकी गिनती होती है। यहां से एशिया, यूरोप और खाड़ी क्षेत्र के बीच बड़ी मात्रा में सामान और ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही होती है। यमन फोर्स और हूती विद्रोहियों के बीच 9 दिन से लड़ाई चल रही है। मोखा शहर पर कब्जे के बाद पिछले 4 साल में हूतियों की यह सबसे बड़ी क्षेत्रीय कामयाबी मानी जा रही है। मोखा पर कब्जे से हूतियों की पकड़ मजबूत मोखा लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण में था। पिछले करीब 10 दिनों से हूती लड़ाके ताइज की पश्चिमी दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने रास्ते में पड़ने वाले अल-शकीरा इलाके पर भी कब्जा कर लिया। यह इलाका ताइज शहर को पश्चिमी तट से जोड़ने वाले अहम रास्ते पर है। इस पर कब्जे से हूतियों की इस इलाके में पकड़ और मजबूत हो गई। हूती पहले से ही यमन की राजधानी सना और लाल सागर के बड़े बंदरगाह होदेइदा पर नियंत्रण रखते हैं। मोखा पर कब्जे से उनके कब्जे वाले उत्तरी और पश्चिमी इलाकों के बीच संपर्क और मजबूत हुआ है। यही वजह है कि मोखा की लड़ाई को सिर्फ एक बंदरगाह शहर पर कब्जे के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इससे यमन के पश्चिमी तट पर हूतियों की सैन्य और रणनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है। बाब अल-मंदेब के करीब पहुंचे हूती, जहाजों पर बढ़ा खतरा मोखा पर कब्जे के बाद हूती बाब अल-मंदेब के और करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने लाल सागर में मौजूद हनीश द्वीपों की ओर भी बढ़त बनाई है। धुबाब और उसके सामने मौजूद ये द्वीप बाब अल-मंदेब के बहुत करीब हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हूती इस इलाके में अपनी पकड़ और मजबूत करते हैं, तो लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखना और उन पर दबाव बनाना उनके लिए आसान हो सकता है। बाब अल-मंदेब समुद्र का एक संकरा रास्ता है। यहां से गुजरने वाले जहाजों को खतरा पैदा करने के लिए किसी बहुत बड़े इलाके पर कब्जा करना जरूरी नहीं है। यानी आसपास के कुछ रणनीतिक इलाकों पर पकड़ बनाकर भी हूती जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। खबर अपडेट हो रही है…

Read More »
Putin India Visit: Russian Military Aircraft Land at Noida Airport

Putin India Visit: Russian Military Aircraft Land at Noida Airport

21 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस का भारी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान IL-76 नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रूस के 3 सैन्य विमान उतरे हैं। इनमें रूस का भारी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान IL-76 भी शामिल है। विमानों से रूसी सैन्य अधिकारी भारत पहुंचे हैं। इसी के साथ राष्ट्रपति पुतिन के काफिले की गाड़ियां भी भारत लाई गई हैं। तीनों विमान मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर उतरे थे। बुधवार को भी तीनों विमान एयरपोर्ट पर खड़े रहे। एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम के साथ रूसी टीम भी विमानों और सुरक्षा इंतजामों पर नजर रख रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली बार किसी विदेशी विमान ने लैंडिंग की है। इससे पहले विदेशी सैन्य और वीवीआईपी विमानों के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया जाता रहा है। रूस के तीन एयरक्राफ्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़े हैं। तैयारियों का जायजा लेने पहुंची टीम किसी बड़े विदेशी नेता के दौरे से पहले उसकी एडवांस टीम एयरपोर्ट, सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी मूवमेंट से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेती है। इसी वजह से रूसी टीम भारत आई है। पुतिन का विमान भी नोएडा एयरपोर्ट पर ही उतरेगा या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों में इसकी संभावना जताई गई है। IL-76 क्या है? IL-76 रूस का भारी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान है। इसका इस्तेमाल सैनिकों, सैन्य सामान और दूसरे भारी उपकरणों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए किया जाता है। इस तरह के विमान किसी बड़े सैन्य या वीवीआईपी दौरे से पहले जरूरी सामान और अधिकारियों को पहुंचाने में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। नोएडा एयरपोर्ट पर पहुंची रूसी टीम भी पुतिन के दौरे से पहले सुरक्षा और दूसरी व्यवस्थाओं की तैयारी कर रही है। पुतिन की मोदी से अहम बैठक पुतिन शुक्रवार को भारत पहुंचेंगे। BRICS समिट से पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेताओं की बातचीत में रक्षा, Su-57 फाइटर जेट, S-400, रूसी तेल, परमाणु ऊर्जा और रुपये-रूबल में कारोबार जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। रक्षा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नजर रूस के Su-57 5th जेनरेशन फाइटर के प्रस्ताव पर है। रूस भारत को यह विमान बेचने के साथ भारत में इसके उत्पादन और तकनीकी सहयोग का प्रस्ताव दे रहा है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… रूस से पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 ले सकता है भारत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आएंगे। इस दौरान भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग से जुड़े दो बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Read More »
चीन में लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज में आग:20 की मौत, 5 लापता, शिप की मरम्मत का काम चल रहा था

चीन में लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज में आग:20 की मौत, 5 लापता, शिप की मरम्मत का काम चल रहा था

चीन के किंगदाओ शहर में गुरुवार को मरम्मत के लिए खड़े एक विदेशी मालवाहक जहाज में अचानक आग लग गई। हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई। 5 लोग अब भी लापता हैं। आग के वक्त जहाज पर कुल 42 लोग मौजूद थे। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, आग सुबह करीब 11 बजे किंगदाओ के बेइहाई शिपयार्ड में लगी। उस समय जहाज पर मरम्मत का काम चल रहा था। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर 2:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। जहाज पर मौजूद 42 लोगों में से 12 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 5 लोग घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। आग लगने की वजह पता नहीं चल पाई है। सरकारी कंपनी CSSC के अधीन है शिपयार्ड जिस शिपयार्ड में यह हादसा हुआ, वह सरकारी कंपनी चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (CSSC) के अधीन है। CSSC चीन की सबसे बड़ी जहाज निर्माण कंपनियों में से एक है और दुनिया की सबसे बड़ी शिपबिल्डिंग कंपनियों में भी शामिल है। किंगदाओ का बेइहाई शिपबिल्डिंग शिपयार्ड नए जहाज बनाने के साथ-साथ पुराने जहाजों की मरम्मत भी करता है। यहां बड़े मालवाहक और दूसरे समुद्री जहाजों के निर्माण और मरम्मत का काम होता है। शी जिनपिंग ने दिए जांच के आदेश हादसे के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने को भी कहा है। शी ने अधिकारियों से ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच करने को कहा है। चीनी प्रधानमंत्री ली च्यांग ने भी फंसे लोगों को निकालने और घायलों को बेहतर इलाज देने पर जोर दिया। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

Read More »
Bangladesh PM Tariq Rahman BRICS Summit

Bangladesh PM Tariq Rahman BRICS Summit

14 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान BRICS समिट में शामिल होने भारत नहीं आएंगे। विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि भारत ने रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि BIMSTEC चेयरमैन के रूप में बुलाया था। बांग्लादेश समिट में अपना कोई प्रतिनिधि भेज सकता है। PM रहमान की भारत यात्रा दूसरी बार टली है। इससे पहले अगस्त में भी उनका भारत दौरा नहीं हो पाया था। तब बांग्लादेश ने भारत के सामने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की शर्त रख दी थी। BIMSTEC 7 देशों का क्षेत्रीय संगठन है। भारत-बांग्लादेश समेत इसमें 7 देश हैं। ये सभी देश बंगाल की खाड़ी के आसपास बसे हैं। ये सभी मिलकर व्यापार, सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साथ काम करते हैं। फिलहाल इसकी अध्यक्षता बांग्लादेश के पास है। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Read More »
Bangladesh PM Tariq Rahman BRICS Summit

Bangladesh PM Tariq Rahman BRICS Summit

31 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान BRICS समिट में शामिल होने भारत नहीं आएंगे। विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने इसकी पुष्टि की है। गुरुवार को पत्रकारों ने रहमान के समिट में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा। कबीर ने कहा, हमारे प्रधानमंत्री को तो न्योता नहीं मिला। न्योता BIMSTEC के चेयरमैन को मिला है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की ओर से कोई सरकारी प्रतिनिधि समिट में जा सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत आने की संभावना नहीं है। BRICS समिट 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। इसमें कई देशों के नेता शामिल होंगे। BRICS का सदस्य नहीं, फिर भी BIMSTEC चेयर के तौर पर न्योता बांग्लादेश BRICS का सदस्य नहीं है। भारत ने BIMSTEC के मौजूदा चेयरमैन के तौर पर तारिक रहमान को BRICS समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता दिया था। BIMSTEC दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के 7 देशों का क्षेत्रीय संगठन है। इसका पूरा नाम बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन है। इसमें भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं। संगठन का मकसद सदस्य देशों के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। अगस्त में भी टला था रहमान का भारत दौरा यह दूसरी बार है जब तारिक रहमान की भारत यात्रा टली है। इससे पहले उन्हें 22 अगस्त को भारत आना था, लेकिन दौरे से पहले ही यह कार्यक्रम टल गया था। उस समय बांग्लादेश ने भारत के सामने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर पहले से तनाव चल रहा है। अब बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि सरकार तारिक रहमान की अलग द्विपक्षीय भारत यात्रा की तैयारी कर रही है। यह यात्रा दोनों देशों के लिए सही समय आने पर होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Read More »
India Nuclear Weapons Stockpile Report

India Nuclear Weapons Stockpile Report

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत ने 23 दिसंबर 2025 को बंगाल की खाड़ी में K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। यह परमाणु हथियार ले जा सकती है। भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियार हैं। इनमें से करीब 30 हथियार ऐसे नई मिसाइलों के लिए हैं, जिनका निर्माण अभी चल रहा है। अमेरिका के फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) की रिपोर्ट में यह अनुमान सामने आया है। संस्था ने यह आंकड़ा सार्वजनिक स्रोतों, सरकारी जानकारी और सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर तैयार किया है। ऑपरेशन लॉन्चर्स के लिए 160 से अधिक हथियार बुधवार को प्रकाशित ‘इंडियाज न्यूक्लियर वेपन्स-2026’ हैडिंग वाले एक लेख में, एफएएस न्यूक्लियर इंफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के निदेशक हंस क्रिस्टेंसन ने कहा कि भारत के पास ऑपरेशन लॉन्चर्स के लिए 160 से अधिक हथियार हैं। लेख में यह भी कहा गया है कि भारत ने हाल के वर्षों में अपने परमाणु भंडार का मॉडरनाईजेशन जारी रखा है। 140 से 225 परमाणु हथियारों के लिए पर्याप्त प्लूटोनियम लेख में कहा गया है, हमारा अनुमान है कि भारत ने 140 से 225 परमाणु हथियारों के लिए पर्याप्त प्लूटोनियम का उत्पादन किया होगा। 190 हथियार तक असेंबल कर लिए होंगे। नए विकसित किए जा रहे वेपन सिस्टम्स के लिए देश का वारहेड भंडार संभवतः और बढ़ेगा। लेख के अनुसार हाल के वर्षों में कई नए वेपन सिस्टम्स को तैनात किया गया है, जबकि मौजूदा न्यूक्लियर कैपेबल एयरक्राफ्ट, लैंड बेस्ड डिलीवरी सिस्टम और सी बेस्ड सिस्टम्स को रिप्लेस करने के लिए और वारहेड्स तैयार किए जा रहे हैं। INS अरिघात पनडुब्बी पानी के अंदर से परमाणु हथियार लॉन्च कर सकती है। 730 किलोग्राम हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम का उत्पादन 2026 की शुरुआत तक, इंटरनेशनल पैनल ऑन फिसाइल मैटेरियल्स ने अनुमान लगाया था कि भारत ने करीब 730 किलोग्राम, (प्लस/माइनस 170 किलोग्राम) हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम का उत्पादन किया है। लेख में कहा गया है, प्रति हथियार करीब चार किलोग्राम प्लूटोनियम मानकर, यह सैद्धांतिक रूप से 140 से 225 परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षणों के बाद पहले उपयोग न करने (नो-फर्स्ट-यूज) की पॉलिसी को अपनाया और इसका पालन करना जारी रखा है। दुनिया के 9 देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार SIPRI इयरबुक 2026 के अनुसार फ्रांस, चीन, भारत,पाकिस्तान,उत्तर कोरिया और इजराइल के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं। इसमें से 9,745 इस्तेमाल के लिए तैयार हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें: भारत ने पहली बार 12 परमाणु बम तैनात किए:2 साल में देश के एटमी हथियार 180 से बढ़कर 190 हुए; पाकिस्तान से 20 ज्यादा भारत की अग्नि सीरीज और K सीरीज की मिसाइलें परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार मोर्चे पर तैनात किए हैं। देश का परमाणु हथियारों का भंडार भी 180 से बढ़कर 190 हो गया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट में यह बताया गया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Read More »
BRICS के लिए भारत आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग:गलवान हिंसा के बाद भारत में पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे

BRICS के लिए भारत आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग:गलवान हिंसा के बाद भारत में पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। अगर यह बैठक होती है, तो जून 2020 में हुई गलवान हिंसा के बाद दोनों नेताओं की भारत में यह पहली आमने-सामने द्विपक्षीय बातचीत होगी। करीब 7 साल बाद जिनपिंग भारत आएंगे। हालांकि, दोनों देशों ने अभी तक बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शी की यात्रा से पहले दोनों देशों में बढ़ी बातचीत शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच बातचीत बढ़ी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल 24 अगस्त को चीन गए थे। वहां 25 अगस्त को उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत की थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

Read More »

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पेरू में टूरिस्ट प्लेन क्रैश, क्रू समेत 13 की मौत:2000 साल पुरानी नाज्का लाइन्स देखने गए थे; मरने वालों की पहचान नहीं हो सकी

August 2, 2026/
4:17 am

पेरू के नाज्का शहर के बाहर शनिवार को पर्यटकों को ले जा रहा एक छोटा प्लेन क्रैश हो गया। इस...

नेपाल चुनाव- भारत विरोधी केपी ओली 6000 वोटों से पीछे:काठमांडू मेयर रहे बालेन शाह आगे, उनकी पार्टी को 55 सीटों पर बढ़त

March 6, 2026/
6:44 am

नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 71 सीटों पर आए शुरुआती रुझानों में रैपर और काठमांडू के मेयर...

मूवी रिव्यू – ‘धुरंधर: द रिवेंज’:रणवीर सिंह की दमदार परफॉर्मेंस, नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म

March 19, 2026/
8:55 am

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी...

Hours after the press conference, Chadha, Pathak and Mittal went to the BJP headquarters in New Delhi and joined the ruling party.

April 25, 2026/
12:32 pm

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 12:32 IST एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रवेश वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री पर अपने...

मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

April 8, 2026/
8:26 pm

मंडला जिले की नैनपुर तहसील के ग्राम तिन्दुआ बम्हनी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से 8 एकड़ में खड़ी...

Iran's Supreme Leader Mojtaba Khamenei and US President Donald Trump. (File)

May 14, 2026/
12:50 pm

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 12:50 IST केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम सबसे आगे चल रहे थे:...

DGCA Grounds VSR Planes | Ajit Pawar Flight Accident Audit

February 24, 2026/
10:11 pm

नई दिल्ली/पुणे12 मिनट पहले कॉपी लिंक बारामती में 28 जनवरी को VSR वेंचर्स का प्लेन क्रैश हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र...

जॉब - शिक्षा

राजनीति