Saturday, 12 Sep 2026 | 01:14 PM

Trending :

इटली की नेता और पूर्व विदेश मंत्री बोनिनो का निधन:महिलाओं के हक पर पोप से टकरा गई थीं एमा; 48 साल पुराना एबॉर्शन कानून बदलवाया इटली की नेता और पूर्व विदेश मंत्री बोनिनो का निधन:महिलाओं के हक पर पोप से टकरा गई थीं एमा; 48 साल पुराना एबॉर्शन कानून बदलवाया ‘क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है’:परेश रावल ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स गुजरात में होने का सपोर्ट किया, राज ठाकरे ने जताई थी आपत्ति SSC CPO Recruitment 2026 | Delhi Police & CAPF Vacancy Apply Online इजराइली PM के मेकअप पर ₹4 करोड़ खर्च:2023 जंग के दौरान 3 महीने में बालों पर ₹22 लाख लगे; हेयर स्टाइलिस्ट का नाम छिपाया इजराइली PM के मेकअप पर ₹4 करोड़ खर्च:2023 जंग के दौरान 3 महीने में बालों पर ₹22 लाख लगे; हेयर स्टाइलिस्ट का नाम छिपाया
EXCLUSIVE
PM Modi & Vladimir Putin Car Diplomacy in Delhi

PM Modi & Vladimir Putin Car Diplomacy in Delhi

3 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद एक तस्वीर ने फिर ध्यान खींचा। दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक के बाद कार में सवार होकर इनोप्रोम प्रदर्शनी तक साथ गए। ये कार पुतिन की बख्तरबंद ओरस सीनेट है। इससे पहले दोनों नेता ने 12 दिन पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में साथ यात्रा की थी। मोदी के पीएम बनने के बाद यह भी पहली बार नहीं है, जब वह किसी विदेशी नेता के साथ कार में बैठे हों। 2014 के बाद वह ओबामा, मैक्रों समेत कई विश्व नेताओं के साथ 11 बार कार राइड कर चुके हैं। पहले आज की कार राइड की फोटो देखें द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत मंडपम में आयोजित ‘इनोप्रोम’ (INNOPROM) प्रदर्शनी के लिए एक साथ कार में गए। करीब 5 मिनट यात्रा की। पुतिन-मोदी पहले भी 3 बार साथ कार में बैठ चुके मोदी 11 बार वर्ल्ड लीडर्स के साथ एक काम में बैठे 30 सितंबर 2014 बराक ओबामा के साथ पीएम के तौर पर मोदी की पहली विदेश यात्रा। वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिकी मोटरकेड के जरिए मार्टिन लूथर किंग जूनियर मेमोरियल तक एक साथ यात्रा की। 4 जुलाई 2017 बेंजामिन नेतन्याहू के साथ तेल अवीव में इजराइली पीएम नेतन्याहू ने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया और वे एक साथ कार में बैठे। सितंबर 2025 पुतिन के साथ तियानजिन, चीन: एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक के लिए पुतिन और मोदी ने एक ही कार में यात्रा की। अक्टूबर 2025 कीर स्टार्मर के साथ लंदन: राजनयिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर एक कार में बैठे। दिसंबर 2025 पुतिन के साथ नई दिल्ली, भारत: मोदी ने पालम हवाई अड्डे पर पुतिन का स्वागत किया और वे एक साथ प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास तक गए। 16 दिसंबर 2025 इथियोपियाई पीएम के साथ अदीस अबाबा, इथियोपिया: इथियोपियाई पीएम ने हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया और खुद कार चलाकर उन्हें विज्ञान संग्रहालय ले गए। 12 जनवरी 2026 जर्मन चांसलर के साथ गुजरात, भारत: जर्मन चांसलर की यात्रा के दौरान मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनके साथ एक ही कार में यात्रा की। 31 अगस्त 2026 पुतिन के साथ बिश्केक, किर्गिस्तान: छठे विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में एक ही कार से पहुंचे। 11 सितंबर 2026 पुतिन के साथ क्या होती है कार डिप्लोमेसी कार डिप्लोमेसी का सीधा सा मतलब है जब दो देशों के शीर्ष नेता कूटनीतिक औपचारिकताओं (प्रोटोकॉल) को किनारे रखकर एक साथ एक ही कार में सफर करते हैं। यह कोई आम सफर नहीं होता, बल्कि दुनिया को यह दिखाने का तरीका होता है कि दोनों नेताओं और उनके देशों के बीच बहुत गहरी व्यक्तिगत दोस्ती, सहजता और अटूट भरोसा है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… BRICS में मेहमानों को गिफ्ट में गुडी बैग दिया:इसमें बिहार का सत्तू, ओडिशा की कॉफी और गुजराती दुपट्टा; मकसद भारतीय संस्कृति से परिचित कराना BRICS समिट में शामिल होने आए प्रतिनिधियों और मेहमानों को खास गुडी बैग गिफ्ट किया जा रहा है। इसमें बिहार का सत्तू व मखाना पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Read More »
Sukhoi Su-57 Fighter Jet; India Russia Defence Deal Reason Vs US | Pakistan China

Sukhoi Su-57 Fighter Jet; India Russia Defence Deal Reason Vs US | Pakistan China

जुलाई 2026, भारत के रक्षा सचिव ने साफ कहा था कि सुखोई-57 खरीदने की कोई योजना नहीं है। बमुश्किल दो महीने बाद, रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे पर सुखोई-57 पर डील की चर्चा जोरों पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान को दिसंबर 2026 तक पांचवीं पीढ़ी का . भारत घूम-फिरकर पांचवीं पीढ़ी के इसी Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने पर वापस क्यों आ गया, पूरी कहानी आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: कभी हां-कभी न… सुखोई-57 को लेकर भारत का रुख कैसे बदलता रहा है? जवाबः भारत ने 1990 के दशक से रूस के करीब 400 सुखोई-30 और सुखोई-30MKI विमान खरीदे हैं। इनमें से करीब आधे विमान रूस के साथ मिलकर भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, HAL के प्लांट में बने हैं… 2007 में दोनों देशों के बीच ‘फिफ्थ जनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट’, यानी FGFA समझौता हुआ। इसके तहत रूसी कंपनी सुखोई और HAL को मिलकर 5th जनरेशन का फाइटर जेट बनाना था। 2010 में भारत शुरुआती डिजाइन के लिए करीब 1,897 करोड़ रुपए देने को राजी हुआ। फिर भारत ने जेट में अपनी जरूरतों के मुताबिक, स्टील्थ टेक्नोलॉजी, यानी दुश्मन के रडार की नजर से बचने की क्षमता और रडार वगैरह से जुड़े 40 से ज्यादा बदलावों की मांग की। लंबी बातचीत के बावजूद प्रोजेक्ट अटका रहा। फरवरी 2018 में भारत ने प्रोजेक्ट छोड़ने का फैसला किया। भारतीय एयरफोर्स को इसकी स्टील्थ टेक्नोलॉजी पर भरोसा नहीं था। भारत जिस तरह का टू-सीटर, एडवांस्ड रडार और सेंसर वाला सुखोई-57 चाहता था, वो रूस के मूल फिफ्थ जनरेशन एयरक्राफ्ट PAK-FA से कहीं अलग और महंगा था। लागत में हिस्सेदारी और टेक्नोलॉजी शेयरिंग वगैरह को लेकर भी मतभेद थे। हालांकि रूस ने सुखोई-57 का प्रोडक्शन जारी रखा और 2020 में इसे अपनी सेना में भी शामिल किया। फरवरी 2025 में बेंगलुरु में एयर शो के दौरान रूस ने सुखोई-57E की उड़ान दिखाई और भारत को एक ‘गोल्डन ऑफर’ दिया कि भारत को तैयार विमानों की सप्लाई मिलेगी, भारत में भी सुखोई बनेंगे और रूस भारत के ‘एडवांस्ड मीडिया कॉम्बैट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम’, यानी AMCA के तहत स्वदेशी 5th जनरेशन एयरक्राफ्ट बनाने में भी मदद करेगा। सितंबर 2025 में चर्चा हुई कि दो स्क्वाड्रन, यानी करीब 40 सुखोई-57 रूस से ‘फ्लाई-एवे’ कंडीशन में आएंगे और 3 से 5 स्क्वाड्रन HAL और सुखोई मिलकर नासिक प्लांट में बनाएंगे। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपॉव के मुताबिक, ‘मई 2025 में रूस ने ये भी ऑफर दे दिया कि रूस 100% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करेगा और सुखोई का दो सीटों वाले वर्जन- ‘सुखोई-57E’ का भारत में ही प्रोडक्शन होगा। इसका रूसी वर्जन ‘सुखोई-57D’ मई 2026 में अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट कर चुका है। 4-5 दिसंबर 2025 को पुतिन के भारत आने से पहले उनके प्रेस सेक्रेटरी दमित्री पेस्कोव ने कहा कि सुखोई-57 और S-400/500 एयर डिफेंस सिस्टम का सौदा पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात का मुख्य एजेंडा है। हालांकि सुखोई-57 पर बिना किसी फैसले के ही पुतिन वापस चले गए। मार्च 2026 में भारत के डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने कहा था कि फाइटर जेट्स को लेकर रूस, अमेरिका और फ्रांस के ऑफर्स पर विचार किया जा रहा है। हालांकि जुलाई 2026 में राजेश ने कहा, ‘भारत की सुखोई-57 खरीदने की कोई योजना नहीं है। हमारा फोकस सुखोई-MKI को अपग्रेड करने पर है।’ अब दोबारा पुतिन की यात्रा के दौरान चर्चा है कि भारत 75 सुखोई-57E जेट्स खरीद सकता है। 11 सितंबर को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मिले। पुतिन BRICS समिट के लिए भारत आए हैं। सवाल-2: भारत की तलाश वापस सुखोई-57 पर क्यों टिक गई है? जवाबः 4 वजहों से भारत को सुखोई-57E जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की जरूरत है… 1. फाइटर स्क्वाड्रन की जरूरत के मुकाबले आधे रह गए भारतीय वायु सेना के पास लड़ाकू जेट्स के 42 स्क्वाड्रन होने चाहिए। एक स्क्वाड्रन में करीब 20 लड़ाकू विमान होते हैं। सरकार स्क्वाड्रन क्षमता को 50 से 60 तक बढ़ाना चाहती है, जबकि अभी एयरफोर्स के पास सिर्फ 29 स्क्वाड्रन हैं। इनमें से 6 स्क्वाड्रन में पुराने ‘SEPECAT जगुआर’ फाइटर जेट्स हैं, जो रिटायर होने वाले हैं। मिग-21 और मिग-27 जैसे जेट्स रिटायर हो चुके हैं। वहीं 260 Su-30MKI जेट्स को नए रडार, सेंसर लगाकर अपग्रेड किया जाना है। हालांकि इस बेड़े में कोई नया विमान शामिल नहीं होगा। ऐसे में भारत को एडवांस्ड फाइटर जेट्स की जरूरत है। 2. पाकिस्तान-चीन के पास 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट चीन के पास 2017 से ही 5th जनरेशन का J-20 स्टील्थ फाइटर जेट है। सितंबर 2025 में चीन ने अपना दूसरा स्टील्थ फाइटर जेट J-35 भी सेना में शामिल किया है। इसके पहले सिर्फ अमेरिका के पास दो तरह के 5th जनरेशन जेट- F-22 और F-35 हैं। चीन, पाकिस्तान को भी J-35 जेट्स देने जा रहा है। जबकि भारतीय एयरफोर्स के पास अभी तक सबसे एडवांस्ड जेट्स फ्रांस से मिले 4.5 जनरेशन के राफेल हैं। 3. भारत का स्वदेशी 5th जनरेशन प्रोग्राम AMCA लेट-लतीफ AMCA प्रोजेक्ट को रक्षा मंत्रालय ने 2025 में औपचारिक मंजूरी दी थी। इसके तहत बनाए जा रहे 5th जनरेशन जेट्स की पहली टेस्ट फ्लाइट 2028 में हो सकती है। इसके 5 प्रोटोटाइप 2031 तक तैयार हो पाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7 स्क्वाड्रन, यानी करीब 140-150 विमान बनने में 2035 तक का समय लग जाएगा। तेजस MK1A जैसे विमानों की डिलीवरी में भी देर हो रही है, क्योंकि इनमें लगने वाले अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स, GE के F404 इंजन की सप्लाई में दिक्कत है। 4. भारत के पास दूसरा बेहतर ऑप्शन नहीं अमेरिका F-35 को भारत में बनाने के बजाय तैयार जेट्स देने को ही राजी है। वो इसकी टेक्नोलॉजी भी ट्रांसफर नहीं करना चाहता। बिना टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सोर्स कोड के इनमें अपने हथियार नहीं लगाए जा सकते। ये कोड एक तरह से विमान का डिजिटल ब्लूप्रिंट या दिमाग होता है। F-35 के एक्सपोर्ट वर्जन पर भरोसा भी नहीं किया जा सकता। जबकि F-35, सुखोई से करीब ढाई गुने महंगे हैं। फ्रांस से कुछ और राफेल खरीदने की बात चल रही है, लेकिन उसने भी भारत को राफेल के सोर्स कोड देने से इनकार कर दिया है। वहीं चीन पहले ही J-10 जैसे विमान पाकिस्तान को दे चुका है और J-35 देने की तैयारी है। इसलिए चीन के J-35

Read More »
BRICS Summit Delhi Goodie Bag

BRICS Summit Delhi Goodie Bag

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वीं BRICS समिट होगी। इसमें शामिल पत्रकारों और प्रतिनिधियों को खास गुडी बैग दिया जाएगा। इस बैग में देश के अलग-अलग हिस्सों के उत्पाद शामिल हैं। इसका मकसद विदेशी और भारतीय मेहमानों को भारत की संस्कृति और स्थानीय उत्पादों से परिचित कराना है। इस बैग में बिहार का सत्तू और मखाना शामिल है। इसके साथ ही बैग में केले के चिप्स, ओडिशा की कॉफी और गुजरात का स्टोल भी मौजूद है। गुडी बैग के अंदर के सामान की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Read More »
दावा- बाब अल-मंदेब पर कब्जे के करीब हूती विद्रोही:दुनिया के अहम समुद्री रास्ते पर खतरा बढ़ा; यमनी फोर्स पेरिम द्वीप छोड़कर भागी

दावा- बाब अल-मंदेब पर कब्जे के करीब हूती विद्रोही:दुनिया के अहम समुद्री रास्ते पर खतरा बढ़ा; यमनी फोर्स पेरिम द्वीप छोड़कर भागी

यमन के हूती विद्रोही बाब अल-मंदेब पर कब्जे के करीब पहुंच गए हैं। यह यह द्वीप बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में स्थित है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि यमनी गवर्नमेंट फोर्स ने पेरिम द्वीप पर कंट्रोल छोड़ दिया है और वे पीछे हट गए हैं। पेरिम द्वीप पर कंट्रोल बाब अल-मंदेब पर पकड़ बनाने के लिए बेहद अहम है। इसके ठीक सामने धुबाब शहर है, जहां हूती लड़ाके भी दाखिल हो गए हैं। बाब अल-मंदेब समुद्र का एक संकरा रास्ता है। यहां कब्जे के बाद आस-पास गुजरने वाले जहाजों पर हमला करना आसान हो जाएगा। हूती विद्रोही 10 दिनों से यमन के लाल सागर तट पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। वे मोखा समेत कई रणनीतिक इलाकों पर कब्जा कर चुके हैं। अब वे शहर ताइज की ओर बढ़ रहे हैं। मोखा पर कब्जे से लाल सागर में बढ़ा खतरा हूतियों ने यमन के लाल सागर तट पर स्थित रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया है। यह शहर बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से करीब 75 किलोमीटर दूर है। रॉयटर्स के मुताबिक, मोखा पर कब्जे के अभियान में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हूतियों को सैन्य सलाह और मदद दी थी। हालांकि, ईरान सार्वजनिक तौर पर हूतियों को सैन्य निर्देश देने से इनकार करता है। बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच अहम समुद्री रास्ता है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इससे ईंधन की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। यह खतरा ऐसे समय बढ़ा है, जब ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में पहले से समुद्री यातायात प्रभावित है। अगर बाब अल-मंदेब में भी संकट बढ़ा, तो दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर दबाव और बढ़ सकता है। ईरानी कमांडरों की मौजूदगी का दावा तेहरान की गतिविधियों से परिचित एक क्षेत्रीय राजनयिक के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई वरिष्ठ कमांडर पहले ही यमन पहुंच चुके थे। उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ हूतियों के हमलों की निगरानी की और उनकी कमान संभाली। राजनयिक के मुताबिक, हमलों की रणनीति को लेकर कई हफ्तों तक चर्चा हुई थी। एक अन्य ईरानी अधिकारी ने बताया कि ईरान ने हूतियों समेत अपने सहयोगी समूहों के साथ कई बैठकें की थीं। हालांकि, उनके मुताबिक मोखा पर हमला करने का फैसला हूतियों ने खुद लिया था। यमन की सऊदी समर्थित सरकार से जुड़े पांच सैन्य अधिकारियों ने भी कहा कि लाल सागर के किनारे हूतियों के नए अभियान में ईरान ने उनकी मदद की थी। यमनी सैन्य सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए हूती लड़ाकों से मिली जानकारी और संचार इंटरसेप्ट के आधार पर दावा किया गया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स के वरिष्ठ कमांडर अब्दोलरेजा शहलाई इस अभियान को दिशा दे रहे थे। ईरान ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। ईरानी सूत्रों के मुताबिक, शहलाई कुद्स फोर्स में हैं और पहले भी यमन में रह चुके हैं। नाकेबंदी के बावजूद हथियार पहुंचाने का दावा ईरानी सूत्रों के मुताबिक, यमन में हूतियों के इलाकों पर हवाई और समुद्री नाकाबंदी के बावजूद रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अभी भी हथियार और सैन्यकर्मी यमन के अंदर और बाहर पहुंचाने में सक्षम हैं। हालांकि, सूत्रों ने यह नहीं बताया कि ऐसा किस तरीके से किया जा रहा है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के यमन मामलों के जानकार अहमद नागी के मुताबिक, लाल सागर के किनारे हूतियों का अभियान अचानक शुरू नहीं हुआ। इसकी तैयारी काफी पहले से चल रही थी। नागी के मुताबिक, हूतियों की सैन्य क्षमता बढ़ने की एक बड़ी वजह उन्हें मिले नए हथियार हैं। इनमें ईरान से मिले हथियारों के साथ-साथ अलग-अलग तस्करी नेटवर्क से हासिल किए गए हथियार भी शामिल हैं। उन्होंने मौजूदा अभियान में हूतियों के ड्रोन के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। सऊदी ने मोखा पर बड़ा हवाई हमला नहीं किया जब हूती मोखा की तरफ बढ़ने लगे, तो यमनी सरकार ने सऊदी अरब से ज्यादा हवाई मदद और दूसरी सैन्य सहायता मांगी थी। यमन के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, यमनी सरकार चाहती थी कि सऊदी अरब हूतियों के मुख्य इलाकों में उनके ठिकानों पर हवाई हमले करे। इनमें राजधानी सना और तेल डिपो जैसे रणनीतिक ठिकाने शामिल थे। हालांकि, सऊदी अरब ने मोखा के मोर्चे पर बड़ा हवाई अभियान नहीं चलाया। उसने यमन को हथियार, लॉजिस्टिक मदद और खुफिया जानकारी दी। सऊदी ने कुछ हवाई हमले जरूर किए, लेकिन उनका मुख्य फोकस उत्तरी मोर्चे के जौफ और मारिब प्रांतों पर रहा। यमनी अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी अरब हूतियों के साथ बड़ा सैन्य टकराव नहीं चाहता। उसे डर है कि इससे सऊदी क्षेत्र में हूतियों के ड्रोन हमले और बढ़ सकते हैं। ट्रम्प ने सऊदी की एयरस्ट्राइक की मांग ठुकराई हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब को अमेरिकी मदद की उम्मीद थी। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रम्प से सीधे अमेरिकी हवाई हमले करने की अपील की थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने इनकार कर दिया। इसके बावजूद अमेरिका सऊदी की मदद कर रहा है। CNN के मुताबिक, 100 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य सलाहकार सऊदी अरब में मौजूद हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने इनकी संख्या करीब 200 बताई है। ये अमेरिकी सैन्यकर्मी सऊदी सेना को हूतियों से जुड़ी खुफिया जानकारी और संभावित लक्ष्यों की पहचान में मदद कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी सैनिक हूतियों के खिलाफ होने वाले हवाई हमलों में सीधे हिस्सा नहीं ले रहे हैं। फिलहाल अमेरिका सीधे सैन्य कार्रवाई से बच रहा है। ऐसे में मोखा पर कब्जे के बाद हूतियों को रोकने के लिए सऊदी अरब और यमन सरकार की अगली रणनीति अहम होगी।

Read More »
चीन में आय में असमानता बढ़ी, माओ की किताबें लोकप्रिय:नौकरी और बढ़ती स्पर्धा से परेशान जेन-जी इसे संघर्षों से निपटने का तरीका मान रहे

चीन में आय में असमानता बढ़ी, माओ की किताबें लोकप्रिय:नौकरी और बढ़ती स्पर्धा से परेशान जेन-जी इसे संघर्षों से निपटने का तरीका मान रहे

आधुनिक चीन के संस्थापक माओत्से तुंग (माओ जेदांग) की मृत्यु के 50 साल बाद उनकी किताबें और भाषण फिर चर्चा में हैं। खासकर जेन-जी और युवा प्रोफेशनल के बीच। वजहें साफ हैं। अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी है। नौकरियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। शिक्षा और रोजगार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। आय असमानता की चिंता बढ़ी है। ऐसे में कुछ युवा माओ की रचनाओं को सिर्फ राजनीतिक दस्तावेज नहीं मान रहे। वे इसे संघर्षों से निपटने का तरीका मान रहे हैं। चीनी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, माओ के विचार कई युवाओं के लिए ‘संकट से निपटने की ताकत का स्रोत’ बन रहे हैं। यह वापसी इसलिए भी खास है, क्योंकि जेन-जी माओ को निजी स्मृति की तरह नहीं जानती। वह उन्हें इतिहास के एक बड़े किरदार की तरह देखती है। उनके शब्दों को आज के दबाव के हिसाब से नए अर्थ में पढ़ती है। भविष्य को लेकर अनिश्चितता से जूझ रहे युवाओं का बड़ा वर्ग माओ के पुराने विचारों को आज की मुश्किलों को समझने, उनसे जूझने और समाधान खोजने के तौर पर देख रहा है। मार्क्स ऑफ माओत्से तुंग’ रही। यह किताब सबसे ज्यादा बिकी भी है। वहीं, ई-कॉमर्स साइट ताओबाओ पर माओ के चित्रों और विचारों वाले 20,000 से ज्यादा मग बिक चुके हैं। सोशल मीडिया पर माओ के भाषणों और लेखों को नौकरी, निजी संघर्ष और रिश्तों की समस्याओं से जोड़कर पेश किया जा रहा है। ऑनलाइन रीडिंग ग्रुप और एआई से बने ऑडियो-वीडियो भी युवा पीढ़ी तक पहुंच रहे हैं। युवाओं को माओ में ऐसा क्या मिल रहा एडिलेड यूनिवर्सिटी के चीनी अध्ययन के प्रोफेसर मोबो गाओ के अनुसार, कड़ी प्रतिस्पर्धा, संपत्ति की असमानता और रोजगार की सीमित संभावनाओं के बीच कुछ युवाओं को माओ के वर्ग और संघर्ष से जुड़े विचार अपने अनुभवों को समझने का तरीका दे सकते हैं। जेन-जी के लिए माओ एक ऐतिहासिक नेता से ज्यादा ऐसे व्यक्ति हैं, जिसके लेखन में मुश्किल हालात से लड़ने और असफलता के बाद आगे बढ़ने की बातें खोजी जा सकती हैं। गाओ कहते हैं कि जेन-जी माओ के कार्यों को जीवन की चुनौतियों से निपटने की गाइडबुक के रूप में पढ़ रहे हैं, न कि राजनीतिक दस्तावेज के तौर पर। अमेरिका से तनाव बढ़ा तो माओ के विचार फिर वायरल हुए – माओ ने 1946 में कहा था कि साम्राज्यवाद और परमाणु बम ‘पेपर टाइगर’ हैं- यानी वे ऊपर से खतरनाक लगते हैं, लेकिन असल में कमजोर हैं। हाल के ​वर्षों में जब अमेरिका से व्यापार तनाव बढ़ा तो माओ के साम्राज्यवाद संबंधी ‘पेपर टाइगर’ जैसा विचार चीन के सोशल मीडिया पर प्रमुखता से छाया रहा। -1938 में लिखी माओ की किताब ‘ऑन प्रोट्रैक्टेड वॉर’ के संदर्भ भी ऑनलाइन चर्चा में रहे। इससे माओ की छवि के दो पहलू सामने आते हैं- एक ओर निजी मुश्किलों में संघर्ष का प्रतीक और दूसरा- बाहरी दबाव के सामने चीन की ताकत और राष्ट्रीय स्वतंत्रता का प्रतीक। यह युवाओं को लुभा रहा है।

Read More »
इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किमी-लंबी सुरंग उड़ाई:विस्फोट के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंप आया; PM नेतन्याहू बोले- हैप्पी न्यू ईयर

इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किमी-लंबी सुरंग उड़ाई:विस्फोट के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंप आया; PM नेतन्याहू बोले- हैप्पी न्यू ईयर

इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सुरंग को ब्लास्ट कर तबाह कर दिया। यह विस्फोट इतना तेज था कि इलाके में 4.1 तीव्रता का भूकंप आ गया। लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, धमाक से आसपास के इलाकों में जमीन हिलने लगी। कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “मिशन पूरा हुआ। हैप्पी न्यू ईयर!” इजराइली सेना के मुताबिक, सुरंग नेटवर्क में ईरान में बने दर्जनों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन रखे थे। यहां मशीनगन, दर्जनों एंटी-टैंक मिसाइल और सैकड़ों बारूदी सुरंगें व विस्फोटक भी मिले। सेना ने बताया कि इस परिसर में हिजबुल्लाह की ‘बद्र’ यूनिट का कमांड सेंटर भी था। 2 दशक में तैयार किया गया था टनल नेटवर्क नेतन्याहू और इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस टनल नेटवर्क आतंकी ढांचा बताया। उनके मुताबिक, इसे ईरान की फंडिंग और योजना से करीब दो दशक में तैयार किया गया था। इजराइल का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद अली अल-ताहेर पहाड़ी पर जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह उसका ऑपरेशनल कंट्रोल हो गया है। इजराइल ने पिछले हफ्ते अली अल-ताहेर पहाड़ी पर कब्जा करने का दावा किया था। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, वहां हिजबुल्लाह के कुछ लड़ाके इलाके से निकल गए, जबकि कुछ को हवाई हमलों और तोपखाने की कार्रवाई में मार गिराया गया। लेबनान में इजराइली हमले फिर तेज हो रहे ईरान और अमेरिका के बीच जून में समझ बनने और उसके बाद लेबनान-इजराइल समझौते के बाद कुछ समय के लिए हिंसा कम हुई थी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले फिर तेज हुए हैं। AFP के मुताबिक, बातचीत के दौरान अमेरिका ने प्रस्ताव दिया था कि अली अल-ताहेर पहाड़ी का नियंत्रण लेबनानी सेना को दिया जाए, लेकिन हिजबुल्लाह ने इसे स्वीकार नहीं किया। लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, मार्च से अब तक इजराइली हमलों में 4,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान के एक हिस्से में बनाए गए तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में भी मौजूद है। खबर अपडेट हो रही है…

Read More »
फैसलाबाद एयरपोर्ट पर रोके गए 104 सिख श्रद्धालु:अमृतसर-दिल्ली जाने को PAK से भारत आ रहे थे; वीजा वैलिड, महंगी टिकटें खरीदी थीं

फैसलाबाद एयरपोर्ट पर रोके गए 104 सिख श्रद्धालु:अमृतसर-दिल्ली जाने को PAK से भारत आ रहे थे; वीजा वैलिड, महंगी टिकटें खरीदी थीं

पाकिस्तान से भारत स्थित सिख गुरुधामों के दर्शन के लिए आ रहे 104 श्रद्धालुओं को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर करीब 12 घंटे से रोककर रखा गया है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि भारत के इस्लामाबाद स्थित दूतावास की ओर से उन्हें वीजा जारी किए गए थे। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(FIA) ने उन्हें एयरपोर्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इमीग्रेशन अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से पाकिस्तान सरकार, गृह विभाग और विदेश विभाग की एनओसी पेश करने को कहा। श्रद्धालुओं के मुताबिक, पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर से भारत जाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद उन्होंने हवाई यात्रा का फैसला किया। इसके लिए महंगी टिकटें खरीदीं और समय पर फैसलाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद उन्हें रोक दिया गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर एनओसी जरूरी थी, तो उन्हें पहले ही इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई और टिकटें क्यों बेची गईं। वाघा बॉर्डर से रास्ता नहीं मिला, इसलिए हवाई सफर चुना श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पहले वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत आने वाले थे, लेकिन उन्हें जमीनी रूट से जाने की अनुमति नहीं मिली। इस फैसले के बाद उन्होंने हवाई मार्ग से भारत पहुंचने की तैयारी की और महंगी टिकटें खरीदीं। इससे पहले भी पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को वाघा-अटारी के रास्ते भारत आने की अनुमति नहीं दिए जाने का मामला सामने आया था। इस फैसले पर पूर्व राज्यसभा सांसद और पद्म भूषण से सम्मानित तरलोचन सिंह ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को पत्र लिखकर भूमि मार्ग खोलने की अपील की थी। रातभर एयरपोर्ट पर इंतजार श्रद्धालुओं के मुताबिक, उन्हें रात करीब 10 बजे से सुबह 7 बजे तक एयरपोर्ट पर परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के बाद जत्थे के सदस्य एयरपोर्ट पर ही बैठकर पाठ और गुरु साहिब का जाप करते रहे। श्रद्धालुओं ने कहा कि टिकट खरीदने और यात्रा की तैयारी करने के बाद एयरपोर्ट पर रोक दिया जाना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला है। उनका दावा है कि टिकट रद्द होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। सिख युवक ने वीजा दिखाकर उठाए सवाल एयरपोर्ट पर मौजूद एक सिख युवक ने अपना वीजा दिखाते हुए इमीग्रेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उसका कहना था कि उनके पास भारत का वीजा मौजूद है और उन्हें अतिरिक्त NOC की जरूरत के बारे में पहले कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उसने कहा कि अगर कोई सरकारी अनुमति जरूरी थी तो यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। युवक ने राजनीतिक विवाद से धार्मिक यात्रा को अलग रखने की अपील भी की। हेमकुंड साहिब और गोल्डन टेंपल जाना था 104 श्रद्धालु भारत में श्री हेमकुंड साहिब, अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल), दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पंजाब के अन्य प्रमुख गुरुधामों के दर्शन करने वाले थे। उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक दर्शन था। श्रद्धालुओं का कहना है कि इसी उद्देश्य से उन्होंने भारत का वीजा लिया और यात्रा की पूरी तैयारी की। जत्थे के नेताओं ने भारत के सिख नेताओं से हस्तक्षेप मांगा उन्होंने भारत में सिख नेताओं से पाकिस्तान सरकार के सामने मामला उठाने और श्रद्धालुओं को भारत आने की अनुमति दिलाने की अपील की। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका से हस्तक्षेप की मांग की। NOC पर पाकिस्तान के आधिकारिक जवाब का इंतजार मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत का वीजा होने के बावजूद पाकिस्तानी इमीग्रेशन ने इन श्रद्धालुओं से किस नियम के तहत NOC मांगी। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी अतिरिक्त अनुमति की जानकारी पहले नहीं दी गई। पाकिस्तान की ओर से इस विशेष मामले में NOC मांगने की विस्तृत वजह स्पष्ट नहीं की गई है। धामी बोले- सिख श्रद्धालुओं को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं को रोके जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत सरकार से वीजा प्राप्त कर चुके इन सिख श्रद्धालुओं को वाघा सीमा के रास्ते भारत आने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। यदि किसी कारण से ऐसा नहीं हुआ, तो उन्हें हवाई मार्ग से भारत आने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। श्रद्धालुओं को रोकना उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

Read More »
नेपाल में पुनर्निर्माण के लिए ₹4.52 लाख करोड़ लगेंगे:यह देश की GDP से भी ज्यादा; बाढ़ से 16 लाख लोग प्रभावित, 1377 की मौत

नेपाल में पुनर्निर्माण के लिए ₹4.52 लाख करोड़ लगेंगे:यह देश की GDP से भी ज्यादा; बाढ़ से 16 लाख लोग प्रभावित, 1377 की मौत

नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ ने इतनी बड़ी तबाही मचाई है कि अब टूटे घर, सड़कें, पुल और दूसरी सुविधाएं फिर से बनाने में 4.52 लाख करोड़ भारतीय रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह रकम नेपाल की GDP 4.32 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। बाढ़ से करीब 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 1377 लोगों की मौत हो चुकी है और 5130 लोग लापता हैं। कुल अनुमानित खर्च का करीब 75% यानी ₹2.96 लाख करोड़ सड़क, पुल, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाएं फिर से बनाने में लगेगा। बाढ़ में 7,570 घर, 48 सरकारी इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Read More »
Amritsar Woman UK Marriage Grooming Controversy

Amritsar Woman UK Marriage Grooming Controversy

ससुराल वालों ने कोमलप्रीत के ड्रिंक करते हुए कि ये फोटो जारी की है। अमृतसर से इंग्लैंड जाकर मुस्लिम व्यक्ति के साथ शादी करने वाली कोमलप्रीत को लेकर ससुराल ने कई खुलासे किए। सास ने बताया कि कोमलप्रीत के साथ बेटे नवप्रीत सिंह की शादी 2023 में की थी। कोमलप्रीत के परिवार ने कहा था कि बेटी अमृतधारी है और कीर्तन करती है। अ . उन्होंने कहा कि बेटे को शादी के बाद उसने अंडा तक खाने से हटा दिया। बेटे ने शादी से पहले केश नहीं रखे थे। इसने उसके केश भी रखवा दिए लेकिन बाद में धोखा कर दिया। सास ने बताया कि बेटा उसके पास इंग्लैंड गया तो उसे उसका व्यवहार ठीक नहीं लगा। बेटे ने कोमलप्रीत का फोन देखना चाहा तो उसने उसकी कॉलर पकड़ ली। इसके बाद बेटे को अपने साथ नहीं रखा। इसने बेटे को अगवा करने की भी कोशिश की। उसने नंगा कर घर भेजा। उन्होंने बताया कि उन्हें भी कोमलप्रीत ने फोन पर अम्मीजान कहना शुरू कर दिया था। 2 बार तो कोमलप्रीत को वीजा रिफ्यूज होने के बाद 40 लाख रुपए लगाकर इंग्लैंड भेजा था। कोमलप्रीत ने ग्रूमिंग की भी स्क्रिप्ट घड़ी है। बहू का परिवार चाहता है कि जत्थेबंदियां बेटी को मुस्लिम के पास से ले आएंगी, लेकिन कोमलप्रीत ने सोच समझकर शादी की है। ससुराल वालों ने कोमलप्रीत के ड्रिंक करते के फोटो शेयर किए हैं। ससुराल वालों ने दावा किया कोमलप्रीत ड्रिंक करती है।- फाइल फोटो सास-ससुर ने सुनाई बहू की पूरी कहानी… डेढ़ साल तक साथ रही, भनक नहीं लगने दी: सास बीर कौर और ससुर बलविंदर सिंह ने निजी चैनल से बातचीत करते हुए बताया कि बहू के इंग्लैंड जाने के बाद उसने करीब डेढ़ साल तक बेटे को अपने पास नहीं बुलाया। कई बार कहने पर उसने पति को फरवरी 2026 में इंग्लैंड बुलाया, लेकिन वहां पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ने लगा। मोबाइल फोन को लेकर भी दोनों में कहासुनी हुई। बहू ने बेटे के साथ हाथापाई की। इसके बाद बेटे ने उसके मायके वालों से संपर्क किया, लेकिन वहां से भी उसे ही गलत ठहराया गया। अमृतधारी थी और कीर्तन करती थी: उन्होंने कहा कि बहू ने इंग्लैंड जाने के बाद अपने ककार उतार दिए। शादी के समय बहू अमृतधारी थी और कीर्तन करती थी। उन्होंने कभी इस बात पर आपत्ति नहीं की कि बहू किसके साथ रहना चाहती है। उनकी मुख्य शिकायत यह है कि विदेश भेजने में खर्च किए गए 35-40 लाख रुपए और बेटे के साथ हुए धोखे का समाधान होना चाहिए। बहू को बेटी की तरह रखा: सास ने बताया कि शादी के समय उन्होंने बहू को बेटी की तरह रखा। यहां तक कि उसके विदेश जाने के लिए घर में मांस और अंडा तक बंद कर दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि शादी के बाद बेटा-बहू विदेश में साथ रहेंगे और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक होगी। बहू के मायके वालों ने बाद में उनसे संपर्क रखना लगभग बंद कर दिया। विवाद के बाद कई बार पंचायत और पुलिस स्तर पर समझौते की कोशिश हुई, लेकिन परिवार के अनुसार बहू तलाक लेने पर अड़ी रही। बेटे को नंगा कर घर भेजा: उन्होंने बताया कि बेटे नवप्रीत को जब कोमलप्रीत के बारे में सब पता चला तो उसने उसके 1 लाख रुपए भी ले लिए। इसके बाद उसे कार में बैठाकर कहीं बाहर ले गई। वहां पर उसके कपड़े उतरवा लिए। बेटे को नंगा कर कार से उतार लिया। इसके बाद बेटे ने रिश्तेदारों को फोन कर कपड़े मंगवाए और घर गया। बेटे ने कोमलप्रीत के वीडियो इसलिए बनाए ताकि उसके साथ हुई घटना का सच सामने आ सके। सास बीर कौर और ससुर बलविंदर सिंह ने बताया कि कोमलप्रीत को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था। कार में घुमाया, फिर गलत व्यवहार करने लगी वहीं, नवदीप के भाई ने बताया कि इंग्लैंड जाने के बाद छोटे भाई ने उसे फोन पर बताया कि कोमलप्रीत का व्यवहार ठीक नहीं लग रहा है। उसने एक दिन उसे कार में घुमाया और उसके बाद अजीब व्यवहार कर रही है। उसके चाय के कप रखने, बाथरूम में नहाने तक पर गलतियां निकाल रही है। कोमलप्रीत की हरकतों के बारे में जब नवदीप ने अपने ससुर घुग्गी को बताया तो उसने उसे गालियां निकालीं, जिससे कोमलप्रीत पर शक बढ़ता गया। परिवार की प्रशासन से पैसा वापस दिलाने की मांग परिवार ने प्रशासन से विदेश भेजने में खर्च हुए 40 लाख रुपए वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने बेटे की शादी और विदेश भेजने के लिए अपनी इनकम से ज्यादा खर्च किया। उन्हें न तो युवती की ओर से कोई आर्थिक मदद मिली और न ही अब तक उनका खर्च वापस हुआ। परिवार ने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने की मांग की है। कोमलप्रीत की नवदीप के साथ 2023 में शादी हुई थी। कोमलप्रीत कैसे बनी आइरा, 4 पॉइंट… मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आई: कोमलप्रीत कौर लंदन में करीब 6 महीने पहले ड्राइविंग सीखने के दौरान वह पाकिस्तानी मूल के मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आई, जिसने उसका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन करवा दिया। आरोपी पहले कर चुका दो शादियां: परिवार का आरोप है कि आरोपी पहले से दो शादियां कर चुका है। उसने कोमलप्रीत का नाम बदलकर आइरा रख दिया और उसे परिवार से दूर कर दिया। पिछले एक महीने से वह माता-पिता के फोन भी नहीं उठा रही थी। पहले धार्मिक थी कोमलप्रीत: पिता के मुताबिक, उनकी बेटी पहले नियमित रूप से पाठ और सेवा करती थी। परिवार को आशंका है कि उसके साथ गलत हो सकता है और वह किसी खतरे में हो सकती है। बेटी को सुरक्षित वापस लाने की मांग: परिवार ने केंद्र सरकार, ब्रिटेन की सिख संस्थाओं और गुरुद्वारा कमेटियों से मदद की अपील की है। उनकी मांग है कि कोमलप्रीत को सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाया जाए। ———– ये खबर भी पढ़ें… सिख से मुस्लिम बनी पंजाबी युवती पहले से शादीशुदा निकली:पति ने इंग्लैंड में 7 दिन झाड़ियों में छिपकर रखी नजर, युवक संग

Read More »
BRICS Summit Security Arrangements 2026; Vladimir Putin Xi Jinping Hotels - NSG Commando

BRICS Summit Security Arrangements 2026; Vladimir Putin Xi Jinping Hotels – NSG Commando

12-13 सितंबर को BRICS समिट के लिए दिल्ली में 20 से ज्यादा देशों के नेता होंगे। इनमें जिनपिंग, पुतिन, पजशकियान जैसे बड़े खतरे वाले नेता शामिल हैं। इनके लिए दिल्ली की किलेबंदी की गई है। . आसमान से सड़क तक, होटल से भारत मंडपम तक; दुनिया के ताकतवर नेताओं के सुरक्षा इंतजामों की पूरी कहानी… ******** रिपोर्टर्स इनपुटः सुनील मौर्य, उदय भटनागर ग्राफिक्सः गौतम रजक, दृगचंद्र भुर्जी ———— ये खबर भी पढ़िए… BRICS में जिनपिंग-पुतिन दोनों आएंगे: चीनी राष्ट्रपति का गलवान झड़प के बाद पहला भारत दौरा, PM मोदी से बैठक संभव BRICS समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जिनपिंग के भारत दौरे की पुष्टि की। इससे दो दिन पहले रूस ने भी पुतिन के भारत आने की पुष्टि की थी। पूरी खबर पढ़िए…

Read More »

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मनिकम टैगोर, चक्रवर्ती की 'द्रमुक विरोधी' टिप्पणियों को लेकर तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने खड़गे से की मुलाकात | चुनाव समाचार

February 16, 2026/
7:30 pm

सेल्वापेरुन्थागई ने कहा कि बैठक खड़गे के अनुरोध पर आयोजित की गई थी और दोनों नेताओं से जुड़े मुद्दों पर...

तस्वीर का विवरण

April 21, 2026/
10:05 pm

वैध हवा में कमी: एसी के काफी देर बाद भी कमरा ठंडा नहीं हो रहा है, या फिर हवा का...

न्यूजीलैंड की इंग्लैंड पर 352 रन की बढ़त:ओवल टेस्ट में हेनरी निकोल्स का कमबैक शतक, रचिन के साथ 161 रन की पार्टनरशिप

June 20, 2026/
9:56 am

लंदन के द ओवल मैदान पर न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में कीवी टीम ने...

हिमाचल में प्रवासी बच्ची पीटने वाले फौजी ने मांगी माफी:बोला-आइंदा ऐसी गलती नहीं होगी, दिमाग ने काम नहीं किया, CWC और पुलिस करेगी पूछताछ

April 6, 2026/
11:58 am

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के बहडाला में 6 साल की प्रवासी बच्ची को बांधकर पीटने देने के मामले में...

Follow Argentina vs Austria LIVE. (AP)

June 22, 2026/
9:52 pm

आखरी अपडेट:22 जून, 2026, 21:52 IST यह टिप्पणी विद्रोही खेमे द्वारा विधायक अरूप रॉय को औपचारिक रूप से पार्टी का...

जॉब - शिक्षा

राजनीति