Wednesday, 10 Jun 2026 | 02:03 PM

Trending :

‘ममता धृतराष्ट्र बन गई हैं’: बागी सांसद शताब्दी रॉय का टीएमसी प्रमुख पर विस्फोटक हमला | भारत समाचार जापानी सुशी खाने के लिए 14 घंटे की कतारें:700 के आर्डर पर डिजिटल लॉटरी गेम, खिलौने देकर सुशिरो चेन ने बढ़ाई बिक्री ‘दो नावों में नहीं रहना चाहती’: टीएमसी राज्यसभा सांसद का पद छोड़ने के बाद सुष्मिता देव की पहली प्रतिक्रिया | भारत समाचार 12 जून से इंग्लैंड में महिला टी20 वर्ल्ड कप:पहली बार मैदान में होंगी 5 गेमचेंजर खिलाड़ी; 12 टीमों में से मिलेगी भविष्य की सुपरस्टार 12 जून से इंग्लैंड में महिला टी20 वर्ल्ड कप:पहली बार मैदान में होंगी 5 गेमचेंजर खिलाड़ी; 12 टीमों में से मिलेगी भविष्य की सुपरस्टार Gold Silver Price Dip | Today Rs 4,090 Down; 10 Grams Rs 1.48 Lakh
EXCLUSIVE

DMA president Dr Neelam Lekhi: कौन हैं डॉ.नीलम लेखी? 63 साल बाद कोई महिला दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की संभालेंगी कमान

authorimg

First DMA president Dr. Neelam Lekhi: दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की जिम्मेदारी पहली बार एक महिला के कंधों पर होगी. दिल्ली की रहने वाली डॉक्टर नीलम लेखी 63 साल बाद इस संस्था की पहली महिला अध्यक्ष बनी हैं. सबसे खास बात है कि 112 साल से भी ज्यादा पुराने इतिहास वाली यह डीएमए सबसे पुराने मेडिकल एसोसिएशनों में से एक है लेकिन 63 सालों में कोई भी महिला इसके अध्यक्ष पद तक नहीं पहुंच पाई थीं. जबकि अन्य पदों पर खुद नीलम लेखी भी काम कर चुकी हैं.

पेशे से रेडियोलॉजिस्ट डॉ. नीलम ने 31 मार्च 2026 को दरियागंज स्थित DMA हाउस में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की वार्षिक आम बैठक के दौरान यह पदभार संभाला है. इससे पहले एसोसिएशन में राज्य स्तर पर उपाध्यक्ष के रूप में और IMA की पूर्वी दिल्ली शाखा की पहली महिला अध्यक्ष के रूप में भी सेवा दे चुकी हैं.

इनकी टीम में डॉ. विपेंद्र सभरवाल, डॉ. रामिंदर पोपली वित्त सचिव, डॉ. एसके पोद्दार प्रेसिडेंट-इलेक्ट, और डॉ. जेआर चुघ व डॉ. पूनम गोयल उपाध्यक्ष के रूप में काम करेंगी.

इस उपलब्धि पर News18hindi से बातचीत करते हुए डॉ. नीलम ने कहा कि डीएमए की अध्यक्ष बनना खुशी की बात है लेकिन उससे भी ज्यादा जिम्मेदारी का अहसास हो रहा है. इस पद पर रहते हुए वे दिल्ली के डॉक्टरों के अलावा आम लोगों के लिए सस्ते और तत्काल उपलब्ध इलाज को और बेहतर करने के लिए दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी.

उन्होंने बताया,’ कुछ प्रमुख मुद्दे जो लंबे समय से बिना सुलझे पड़े हैं, उनका निपटारा जल्द से जल्द करने के लिए काम किया जाएगा. इनमें प्रमुख रूप से डॉक्टरों पर होने वाले पेशेंट या उनके परिजनों के जानलेवा हमले से सुरक्षा के लिए पहले से मौजूद कानून को सख्ती से लागू करना, छोटे-छोटे इलाकों में खुले हुए छोटे क्लिनिकों और नर्सिंग होमों का नियमानुसार पंजीकरण कराना, फायर NOC, पीसी-PNDT अधिनियम से संबंधित समस्याएं, रेजिडेंट और सर्विस डॉक्टरों की समस्याएं शामिल होंगी.’

सबसे पहले क्या करेंगी?
दिल्ली में आबादी बहुत ज्यादा है. उन्हें सस्ता इलाज मिलना चाहिए. इसके लिए गली-मोहल्लों में खुले क्लिनिकों का पंजीकरण कराया जाएगा, क्योंकि अगर कोई समस्या होती है तो सबसे पहले व्यक्ति मेडिकल हेल्प के लिए इन्हीं नजदीकी केंद्रों में जाता है, कॉरपोरेट अस्पतालों के एवज में ये काफी सस्ते भी होते हैं लेकिन कई बार पंजीकरण न होने की वजह से फेल हो जाते हैं. इसके साथ ही झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी.

डॉक्टरों की कौन सी समस्या का करेंगी निपटारा?
दिल्ली में डॉक्टरों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है. आए दिन डॉक्टरों पर होते जानलेवा हमलों को रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन करवाने पर जोर होगा, क्योंकि दिल्ली में कानून है लेकिन वह पूरी तरह फंक्शनल नहीं है.

क्या बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों को लेकर भी काम होगा?
हां’एनीमिया मुक्त भारत’, स्तन और सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता और रोकथाम, स्वास्थ्य पेशेवरों और आम लोगों के लिए CPR प्रशिक्षण, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों (जैसे मोटापा, मधुमेह, गठिया आदि) के प्रति जागरूकता फैलाना भी अहम कामों में शामिल है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
आंध्र प्रदेश में नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका की हत्या की:पत्नी के मायके जाने के बाद घर बुलाया; झगड़े के बाद कई टुकड़े किए, सिर फेंका

March 30, 2026/
1:14 pm

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक नेवी कर्मचारी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए। आरोपी...

बायो टेररिज्म- NIA की 3 आरोपियों के खिलाफ दाखिल:IS से जुड़ा डॉक्टर हजारों लोगों को जहर देने वाला था, जैविक हमले की साजिश थी

May 7, 2026/
7:00 am

देश में ‘जैव आतंकी हमले’ यानी बायो टेररिज्म का खतरा बढ़ता जा रहा है। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने आईएसआईएस...

1971 के नायक रहे राजस्थान के सपूत को बांग्लादेशी सम्मान:22 साल की उम्र में अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर करते रहे थे बमबारी

April 3, 2026/
10:58 am

1971 के भारत-पाक युद्ध में मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले पिलानी (झुंझुनूं) के शहीद धर्मपाल डूडी के अदम्य...

जरूरत की खबर- बच्चों में एकेडमिक स्ट्रेस:इससे बढ़ती जवानी में डिप्रेशन और बीमारियों का रिस्क, डॉक्टर से जानें कैसे करें बचाव

February 21, 2026/
4:30 am

बोर्ड एग्जाम्स शुरू हो गए हैं। ये सीजन आते ही लाखों घरों में सिलेबस, टेस्ट सीरीज, रिवीजन प्लान और रिजल्ट...

राजनीति

DMA president Dr Neelam Lekhi: कौन हैं डॉ.नीलम लेखी? 63 साल बाद कोई महिला दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की संभालेंगी कमान

authorimg

First DMA president Dr. Neelam Lekhi: दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की जिम्मेदारी पहली बार एक महिला के कंधों पर होगी. दिल्ली की रहने वाली डॉक्टर नीलम लेखी 63 साल बाद इस संस्था की पहली महिला अध्यक्ष बनी हैं. सबसे खास बात है कि 112 साल से भी ज्यादा पुराने इतिहास वाली यह डीएमए सबसे पुराने मेडिकल एसोसिएशनों में से एक है लेकिन 63 सालों में कोई भी महिला इसके अध्यक्ष पद तक नहीं पहुंच पाई थीं. जबकि अन्य पदों पर खुद नीलम लेखी भी काम कर चुकी हैं.

पेशे से रेडियोलॉजिस्ट डॉ. नीलम ने 31 मार्च 2026 को दरियागंज स्थित DMA हाउस में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की वार्षिक आम बैठक के दौरान यह पदभार संभाला है. इससे पहले एसोसिएशन में राज्य स्तर पर उपाध्यक्ष के रूप में और IMA की पूर्वी दिल्ली शाखा की पहली महिला अध्यक्ष के रूप में भी सेवा दे चुकी हैं.

इनकी टीम में डॉ. विपेंद्र सभरवाल, डॉ. रामिंदर पोपली वित्त सचिव, डॉ. एसके पोद्दार प्रेसिडेंट-इलेक्ट, और डॉ. जेआर चुघ व डॉ. पूनम गोयल उपाध्यक्ष के रूप में काम करेंगी.

इस उपलब्धि पर News18hindi से बातचीत करते हुए डॉ. नीलम ने कहा कि डीएमए की अध्यक्ष बनना खुशी की बात है लेकिन उससे भी ज्यादा जिम्मेदारी का अहसास हो रहा है. इस पद पर रहते हुए वे दिल्ली के डॉक्टरों के अलावा आम लोगों के लिए सस्ते और तत्काल उपलब्ध इलाज को और बेहतर करने के लिए दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी.

उन्होंने बताया,’ कुछ प्रमुख मुद्दे जो लंबे समय से बिना सुलझे पड़े हैं, उनका निपटारा जल्द से जल्द करने के लिए काम किया जाएगा. इनमें प्रमुख रूप से डॉक्टरों पर होने वाले पेशेंट या उनके परिजनों के जानलेवा हमले से सुरक्षा के लिए पहले से मौजूद कानून को सख्ती से लागू करना, छोटे-छोटे इलाकों में खुले हुए छोटे क्लिनिकों और नर्सिंग होमों का नियमानुसार पंजीकरण कराना, फायर NOC, पीसी-PNDT अधिनियम से संबंधित समस्याएं, रेजिडेंट और सर्विस डॉक्टरों की समस्याएं शामिल होंगी.’

सबसे पहले क्या करेंगी?
दिल्ली में आबादी बहुत ज्यादा है. उन्हें सस्ता इलाज मिलना चाहिए. इसके लिए गली-मोहल्लों में खुले क्लिनिकों का पंजीकरण कराया जाएगा, क्योंकि अगर कोई समस्या होती है तो सबसे पहले व्यक्ति मेडिकल हेल्प के लिए इन्हीं नजदीकी केंद्रों में जाता है, कॉरपोरेट अस्पतालों के एवज में ये काफी सस्ते भी होते हैं लेकिन कई बार पंजीकरण न होने की वजह से फेल हो जाते हैं. इसके साथ ही झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी.

डॉक्टरों की कौन सी समस्या का करेंगी निपटारा?
दिल्ली में डॉक्टरों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है. आए दिन डॉक्टरों पर होते जानलेवा हमलों को रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन करवाने पर जोर होगा, क्योंकि दिल्ली में कानून है लेकिन वह पूरी तरह फंक्शनल नहीं है.

क्या बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों को लेकर भी काम होगा?
हां’एनीमिया मुक्त भारत’, स्तन और सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता और रोकथाम, स्वास्थ्य पेशेवरों और आम लोगों के लिए CPR प्रशिक्षण, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों (जैसे मोटापा, मधुमेह, गठिया आदि) के प्रति जागरूकता फैलाना भी अहम कामों में शामिल है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.