Monday, 10 Aug 2026 | 01:26 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Govt Schools 3-Year Master Plan

Govt Schools 3-Year Master Plan

नई दिल्ली4 मिनट पहलेलेखक: उन्नति झाबक

  • कॉपी लिंक

केंद्र सरकार ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए मई 2026 से नई गाइडलाइन्स लागू करने का निर्णय लिया है। इस ऐतिहासिक बदलाव के तहत देश के लगभग 15 लाख स्कूलों का प्रबंधन अब सीधे तौर पर अभिभावकों के हाथों में होगा।

नए नियमों के मुताबिक, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) को 30 लाख रुपए तक के निर्माण कार्य बिना पीडब्ल्यूडी की मंजूरी के खुद कराने की वित्तीय शक्ति दी गई है।

शिक्षा मंत्रालय ने इन सुधारों को नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) 2009 के तहत अंतिम रूप दिया है, जिससे अब स्कूल केवल सरकारी संस्थान न रहकर ‘सामुदायिक संपत्ति’ के रूप में विकसित होंगे।

इस व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव ‘चेकबुक पावर’ में है। अब स्कूल का बैंक खाता हेडमास्टर और एसएमसी अध्यक्ष (अभिभावक) का संयुक्त खाता होगा, जिससे बिना माता-पिता की सहमति के फंड का इस्तेमाल संभव नहीं होगा। इसके साथ ही स्कूलों को अब सीएसआर के जरिए निजी कंपनियों से फंड लेने की कानूनी अनुमति भी मिल गई है।

सालाना ‘सोशल ऑडिट’ अनिवार्य

व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अब सरकारी ऑडिट के साथ-साथ सालाना ‘सोशल ऑडिट’ अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें स्कूल के पाई-पाई का हिसाब सार्वजनिक रूप से नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा।

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर सीधे कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया गया है।

नई गाइडलाइन्स के तहत अब कमेटियां अगले तीन साल की ‘स्कूल विकास योजना’ (एसडीपी) तैयार करेंगी, जिससे बुनियादी ढांचे और शिक्षण सुविधाओं की हर साल समीक्षा की जा सकेगी।

ऐसा होगा कमेटी का ढांचा

  • 75% अभिभावक: कमेटी में तीन-चौथाई सदस्य माता-पिता ही होंगे।
  • 50% महिला शक्ति: आधी सदस्य महिलाओं का होना जरूरी है।
  • 25% अन्य सदस्य: स्कूल के शिक्षक, स्थानीय पार्षद या पंच, पुराने छात्र और स्थानीय शिक्षाविद होंगे।
  • कार्यकाल: कमेटी 2 साल के लिए चुनी जाएगी। हर माह बैठक जरूरी।

………………………..

यह खबर भी पढ़ें…

पैरेंट्स को बच्चों का बदलता व्यवहार पहचानना सिखाएंगे स्कूल: CBSE ने लॉन्च किया पैरेंटिंग कैलेंडर; सोशल मीडिया-गेमिंग की लत से उबारने में देंगे मदद

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा की पारंपरिक परिभाषा को बदलते हुए क्रांतिकारी कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के लिए बोर्ड ने अपना नया ‘पैरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया है, जिसका मकसद अभिभावकों को पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) के महज औपचारिक दर्शक से बदलकर बच्चे के विकास में एक ‘सक्रिय भागीदार’ बनाना है। यह पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन का हिस्सा है, जहां पढ़ाई का मतलब सिर्फ रटना और बेहतर अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चे का मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास भी है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भारतीय सामानों पर 12.5% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है:अमेरिका ने 54 देशों पर जबरन मजदूरी का आरोप लगाया; दिल्ली में ट्रेड डील पर बातचीत

June 3, 2026/
11:55 am

अमेरिका ने भारत समेत दुनिया की 54 अर्थव्यवस्थाओं को ऐसी लिस्ट में रखा है, जो जबरन मजदूरी से बने सामानों...

CBSE 12th results 2026 soon on results.cbse.nic.in, DigiLocker. (File/Representative Image)

May 7, 2026/
2:06 pm

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 14:06 IST नई एनडीए कैबिनेट चुनाव के बाद भी जारी रहने वाले सोशल-इंजीनियरिंग फॉर्मूले का पर्याप्त...

बटलर से वैभव-यशस्वी के कैच छूटे:अशोक ने 154 की स्पीड से गेंद फेंकी, बिश्नोई 200 टी-20 विकेट वाले यंगेस्ट इंडियन; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

April 5, 2026/
4:30 am

IPL 2026 के 9वें मैच में राजस्थान रॉयल्स ने गुजरात टाइटंस को 6 रन से हरा दिया। अहमदाबाद में खेले...

193 शराब दुकानों के लिए 30% कम के ऑफर:आबकारी विभाग का फैसला, 13वें चरण की नीलामी होगी; ऑफसेट प्राइस की अधिकतम सीमा 30%

April 4, 2026/
12:05 am

मध्यप्रदेश में 193 दुकानों के लिए आबकारी विभाग को 30 प्रतिशत से कम के ऑफर मिले हैं। सरकार को 1216.34...

तस्वीर का विवरण

May 12, 2026/
8:20 pm

अगर आप भी गर्मियों में कुछ चटपटा और मसाला खाना चाहते हैं, तो घर पर एक मिनट में बनने वाली...

Iran Football Team Base Mexico

June 14, 2026/
1:05 pm

Hindi News Sports Iran Football Team Base Mexico | Body Found Near Training Ground तिजुआना (मेक्सिको)25 मिनट पहले कॉपी लिंक...

ट्रम्प ने जंग रोकने का ईरानी ऑफर फिर ठुकराया:परमाणु मुद्दे का जिक्र न होने से नाखुश; जर्मनी से 5000 सैनिक हटाने का ऐलान

May 2, 2026/
6:54 am

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं दे सकता। यही वजह है...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Govt Schools 3-Year Master Plan

Govt Schools 3-Year Master Plan

नई दिल्ली4 मिनट पहलेलेखक: उन्नति झाबक

  • कॉपी लिंक

केंद्र सरकार ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए मई 2026 से नई गाइडलाइन्स लागू करने का निर्णय लिया है। इस ऐतिहासिक बदलाव के तहत देश के लगभग 15 लाख स्कूलों का प्रबंधन अब सीधे तौर पर अभिभावकों के हाथों में होगा।

नए नियमों के मुताबिक, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) को 30 लाख रुपए तक के निर्माण कार्य बिना पीडब्ल्यूडी की मंजूरी के खुद कराने की वित्तीय शक्ति दी गई है।

शिक्षा मंत्रालय ने इन सुधारों को नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) 2009 के तहत अंतिम रूप दिया है, जिससे अब स्कूल केवल सरकारी संस्थान न रहकर ‘सामुदायिक संपत्ति’ के रूप में विकसित होंगे।

इस व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव ‘चेकबुक पावर’ में है। अब स्कूल का बैंक खाता हेडमास्टर और एसएमसी अध्यक्ष (अभिभावक) का संयुक्त खाता होगा, जिससे बिना माता-पिता की सहमति के फंड का इस्तेमाल संभव नहीं होगा। इसके साथ ही स्कूलों को अब सीएसआर के जरिए निजी कंपनियों से फंड लेने की कानूनी अनुमति भी मिल गई है।

सालाना ‘सोशल ऑडिट’ अनिवार्य

व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अब सरकारी ऑडिट के साथ-साथ सालाना ‘सोशल ऑडिट’ अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें स्कूल के पाई-पाई का हिसाब सार्वजनिक रूप से नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा।

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर सीधे कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया गया है।

नई गाइडलाइन्स के तहत अब कमेटियां अगले तीन साल की ‘स्कूल विकास योजना’ (एसडीपी) तैयार करेंगी, जिससे बुनियादी ढांचे और शिक्षण सुविधाओं की हर साल समीक्षा की जा सकेगी।

ऐसा होगा कमेटी का ढांचा

  • 75% अभिभावक: कमेटी में तीन-चौथाई सदस्य माता-पिता ही होंगे।
  • 50% महिला शक्ति: आधी सदस्य महिलाओं का होना जरूरी है।
  • 25% अन्य सदस्य: स्कूल के शिक्षक, स्थानीय पार्षद या पंच, पुराने छात्र और स्थानीय शिक्षाविद होंगे।
  • कार्यकाल: कमेटी 2 साल के लिए चुनी जाएगी। हर माह बैठक जरूरी।

………………………..

यह खबर भी पढ़ें…

पैरेंट्स को बच्चों का बदलता व्यवहार पहचानना सिखाएंगे स्कूल: CBSE ने लॉन्च किया पैरेंटिंग कैलेंडर; सोशल मीडिया-गेमिंग की लत से उबारने में देंगे मदद

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा की पारंपरिक परिभाषा को बदलते हुए क्रांतिकारी कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के लिए बोर्ड ने अपना नया ‘पैरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया है, जिसका मकसद अभिभावकों को पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) के महज औपचारिक दर्शक से बदलकर बच्चे के विकास में एक ‘सक्रिय भागीदार’ बनाना है। यह पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन का हिस्सा है, जहां पढ़ाई का मतलब सिर्फ रटना और बेहतर अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चे का मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास भी है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.