Wednesday, 08 Apr 2026 | 03:16 AM

Trending :

पुलिस ने पहली बार पकड़ा पानी में उगने वाला गांजा:ओजी ग्रेड का हाइड्रोपोनिक गांजा मिला, सिर्फ पानी में उगाया जाता है, देश की पांचवीं कार्रवाई दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन भास्कर अपडेट्स: कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:पीडब्ल्यूडी के दो अधिकारी 90 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार; भुगतान के बदले मांगे थे कमीशन HC Allows MP Board, CBSE Students Form Fill 10 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार:रायसेन-विदिशा से सस्ती शराब लाकर भोपाल में होम डिलीवरी कर रहे थे
EXCLUSIVE

HC Allows MP Board, CBSE Students Form Fill

HC Allows MP Board, CBSE Students Form Fill

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हजारों छात्र-छात्राओं के हित में विद्यालयों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एमपी संस्कृत बोर्ड की नई नीति पर रोक लगा दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि MP बोर्ड और CBSE के छात्रों को 10वीं और 12वीं के फॉर्म भरने की अनुमति

.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वे छात्र, जिन्होंने 9वीं और 11वीं कक्षा क्रमशः MP बोर्ड या CBSE से उत्तीर्ण की है, उन्हें 10वीं और 12वीं कक्षा के फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। उच्च न्यायालय ने 27.06.2024 की नई नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी, जिसमें अन्य बोर्डों से उत्तीर्ण छात्रों को संस्कृत बोर्ड के विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान सभी 11 याचिकाकर्ता उपस्थित रहे। उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट नरिंदरपाल सिंह रूपराह, एडवोकेट नवतेज सिंह रूपराह और मुस्कान आनंद ने पक्ष रखा।

नीति में बदलाव से प्रभावित हुए हजारों छात्र, कोर्ट से मिली राहत

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट नवतेज सिंह ने अदालत को बताया कि पूर्व में एमपीएसएस (संस्कृत बोर्ड) अपने संबद्ध विद्यालयों को यह अनुमति देता था कि वे ऐसे छात्रों को प्रवेश दें, जिन्होंने अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड (माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल) या सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से उत्तीर्ण की हो। लेकिन अचानक बिना किसी औचित्य के नीति में बदलाव कर दिया गया। इस निर्णय से हजारों छात्र प्रभावित हुए और 11 विद्यालयों को राहत के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

उच्च न्यायालय का यह अंतरिम आदेश उन हजारों छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड या सीबीएसई से उत्तीर्ण करने के बाद संस्कृत बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में 10वीं और 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं।

विवादित आदेश पर रोक, छात्रों को 4 दिन में फॉर्म भरने की राहत

याचिकाकर्ता के तर्कों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने माना कि विवादित आदेश दिनांक 27.06.2024 पर स्थगन आवश्यक है। साथ ही निर्देश दिया कि विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को अगले चार दिनों के भीतर फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन प्रतिवादी संस्था द्वारा अगले चार दिनों में किया जाएगा। इसके बाद छात्र निर्धारित अवधि में परीक्षा शुल्क जमा करेंगे। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने पर उन्हें नियमानुसार प्रवेश पत्र जारी कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
NSE पर 13 अप्रैल से ब्रेंट-क्रूड-ऑयल की ट्रेडिंग होगी:सेबी से मंजूरी मिली, इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से हेजिंग कर सकेंगे; कैश में सेटलमेंट होगा

March 29, 2026/
8:05 pm

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट का विस्तार करने जा रहा है। NSE 13 अप्रैल 2026 से ‘डेटेड...

धुरंधर 2 में आर माधवन के सीन पर विवाद:शिवसेना नेता ने गुरबाणी के अपमान पर उठाया सवाल, फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की

March 23, 2026/
2:37 pm

फिल्म धुरंधर 2 को लेकर नया विवाद सामने आया है। फिल्म के एक सीन में गुरबाणी के कथित अपमान को...

असम में ममता बनर्जी की 17 जनवरी की पहली लिस्ट, जानें टीएमसी ने किसे दिया मौका?

March 21, 2026/
7:30 am

असम विधानसभा चुनाव के लिए नामांकित ममता बनर्जी ने अपने गोल्फ खिलाड़ी शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में टीएमसी...

4 वर्षीय नातिन की हत्या के प्रयास में नाना गिरफ्तार:पिटाई कर खेत में फेंका, फिर खुद दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट

April 7, 2026/
7:58 am

सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के इचौल गांव में 4 साल की नातिन की बेरहमी से पिटाई कर उसे...

पल्स से कोलगेट तक देसी विज्ञापनों में छाए कोरियन स्टार्स:5 साल में 350% बढ़ा पॉप का क्रेज, भारतीय बाजार में सबसे बड़े 'ब्रांड एंबेसडर' कोरियन

February 21, 2026/
2:25 pm

पिछले कुछ साल से भारत में कोरियन कल्चर तेजी से उभर रहा है। संगीत में बीटीएस बैंड हो या वेब...

अमरूद रेसिपी: अमरूद से बनाएं ये 4 टेस्टी रेसिपी जो बदलेगी बाजार का स्वाद, जानिए खाने का नया तरीका

March 13, 2026/
8:05 pm

अमरूद रेसिपी: लोग अक्सर अमरूद को नमक या चाट मसाला लगाकर खाना पसंद करते हैं? यह फल सिर्फ ऐसे ही...

HC Allows MP Board, CBSE Students Form Fill

HC Allows MP Board, CBSE Students Form Fill

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हजारों छात्र-छात्राओं के हित में विद्यालयों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एमपी संस्कृत बोर्ड की नई नीति पर रोक लगा दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि MP बोर्ड और CBSE के छात्रों को 10वीं और 12वीं के फॉर्म भरने की अनुमति

.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वे छात्र, जिन्होंने 9वीं और 11वीं कक्षा क्रमशः MP बोर्ड या CBSE से उत्तीर्ण की है, उन्हें 10वीं और 12वीं कक्षा के फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। उच्च न्यायालय ने 27.06.2024 की नई नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी, जिसमें अन्य बोर्डों से उत्तीर्ण छात्रों को संस्कृत बोर्ड के विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान सभी 11 याचिकाकर्ता उपस्थित रहे। उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट नरिंदरपाल सिंह रूपराह, एडवोकेट नवतेज सिंह रूपराह और मुस्कान आनंद ने पक्ष रखा।

नीति में बदलाव से प्रभावित हुए हजारों छात्र, कोर्ट से मिली राहत

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट नवतेज सिंह ने अदालत को बताया कि पूर्व में एमपीएसएस (संस्कृत बोर्ड) अपने संबद्ध विद्यालयों को यह अनुमति देता था कि वे ऐसे छात्रों को प्रवेश दें, जिन्होंने अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड (माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल) या सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से उत्तीर्ण की हो। लेकिन अचानक बिना किसी औचित्य के नीति में बदलाव कर दिया गया। इस निर्णय से हजारों छात्र प्रभावित हुए और 11 विद्यालयों को राहत के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

उच्च न्यायालय का यह अंतरिम आदेश उन हजारों छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड या सीबीएसई से उत्तीर्ण करने के बाद संस्कृत बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में 10वीं और 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं।

विवादित आदेश पर रोक, छात्रों को 4 दिन में फॉर्म भरने की राहत

याचिकाकर्ता के तर्कों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने माना कि विवादित आदेश दिनांक 27.06.2024 पर स्थगन आवश्यक है। साथ ही निर्देश दिया कि विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को अगले चार दिनों के भीतर फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन प्रतिवादी संस्था द्वारा अगले चार दिनों में किया जाएगा। इसके बाद छात्र निर्धारित अवधि में परीक्षा शुल्क जमा करेंगे। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने पर उन्हें नियमानुसार प्रवेश पत्र जारी कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.