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how to strong your teeth, Dr. Kommalu Tejavath Reccomand | डॉ. कोमालु तेजावथ डेंटिस्ट दांतों को मजबूत कैसे करें

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Dentist Recommend 5 Tips for strong Teeth: दांतों की देखभाल कोई मुश्किल काम नहीं है, बस नियमितता और थोड़ी जागरूकता की जरूरत है. अगर आप रोजाना सही तरीके से ब्रश करते हैं और कुछ बातों का ख्याल रखते हैं तो कभी दांत या ओरल हेल्थ खराब नहीं होंगे. क्लोव क्लीनिक के डेंटिस्ट डॉ. डॉ. कोम्मलु तेजावथ ने इसके लिए 5 सिंपल नुस्खे सुझाएं हैं. आइए जानते हैं.

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ओरल हेल्थ सही करने का तरीका.

Dentist Recommend 5 Tips for strong Teeth: हम अक्सर दांतों को सिर्फ चबाने का साधन समझ लेते हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गहरी है. मुंह हमारे शरीर का सबसे पहला प्रवेश द्वार है और दांत उसकी सुरक्षा की पहली दीवार. मुंह में इतने तरह के हार्मोन और रसायन निकलते हैं कि यहीं से पाचन समेत शरीर के लिए कई तरह की प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती है. अगर दांत और मसूड़े स्वस्थ नहीं हैं तो इसका असर सिर्फ मुंह तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दिल, दिमाग और पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है. कई शोधों में यह सामने आया है कि मसूड़ों की बीमारी और दिल की बीमारियों के बीच संबंध हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि हम अपने दांतों को फौलाद जैसे मजबूत तो बनाए ही, साथ ही इतना साफ रखें कि कोई बीमारी न हो. इसके लिए हमने क्लोव डेंटल सीनियर कंसल्टेंट और प्रोस्थोडॉन्टिस्ट डॉ. कोम्मलु तेजावथ से बात की.

संपूर्ण ओरल हेल्थ के लिए क्या करें

  1. सबसे पहले दांतों की सफाई-डॉ. कोम्मलु तेजावथ ने बताया कि दांतों को फौलान बनाने और संपूर्ण ओरल हेल्थ की सबसे पहली शर्त यह है कि दांतों को रोजाना ब्रश से साफ करें. ब्रश से साफ करने के तरीके को जानना जरूरी है. ब्रश आपका हमेशा सॉफ्ट होना चाहिए लेकिन बहुत ज्यादा सॉफ्ट नहीं. ब्रश में पेस्ट लगाकर जब दांतों को घिसे तो ब्रश को इस तरह से रखें कि 45 डिग्री को एंगल बनता रहे. हमेशा मसूड़ो में ब्रश को लगाएं और वहां से उपर की ओर दांतों को घिसे. सीधी लाइन में आगे-पीछे न करें. कोशिश ऐसी होनी चाहिए कि दो दांतों के बीच में जो गैप होता है उसमें कोई भोजन के कण न हो. इसके साथ ही आपका पेस्ट बढ़िया होना चाहिए. जिस पेस्ट में कई तरह के केमिकल हो, उसका इस्तेमाल न करें. ब्रश दो मिनट से ज्यादा न करें. यदि आपको लगता है कि दिन भर खाने-पीने के बाद दांतों में भोजन के कण जमे हुए हैं तो रात में जरूर ब्रश करें.
  2. जीभ पर ब्रश और मुंह की सफाई- यह बहुत जरूरी चीज है. जब भी ब्रश करें ब्रश को जीभ पर भी फेरे. इसे ज्यादा न फेरे लेकिन एक-दो बार जीभ पर पेस्ट लगे ब्रश को जरूर फेरे. इससे जीभ पर जो हानिकारक बैक्टीरिया होंगे, वे मर जाएंगे. क्योंकि जीभ पर बैक्टीरिया की परत जम जाती है, जिससे मुंह से बदबू आने लगती है. रोजाना ब्रश के बाद टंग क्लीनर से जीभ साफ करें. इसके अलावा अल्कोहल-फ्री माउथवॉश का उपयोग करने से मुंह के कीटाणु कम होते हैं और सांस ताजा रहती है. यह मसूड़ों को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है. हालांकि माउथवॉश ब्रश का विकल्प नहीं है, बल्कि यह अतिरिक्त सुरक्षा देता है. सप्ताह में दो तीन दिन माउथवॉश से मुंह को साफ करें.
  3. नमक-पानी का गराड़ा-डॉ. कोम्मलु तेजावथ कहते हैं कि मुंह में किसी तरह की बीमारी न पनपे, इसके लिए आप एक-दो दिनों पर नमक और पानी का गराड़ा जरूर करें. हल्का गुनगुना पानी में थोड़ा सा नमक मिला दें और इसे अगर रोज गराड़ा कर सकते हैं तो एक बार जरूर करें. इससे आपका मुंह हमेशा साफ रहेगा और दांतों की परत मटमैली नहीं होगी. इससे बैक्टीरिया या हानिकारक सूक्ष्मजीवों का बसेरा न हो पाएगा.
  4. हफ्ते में 1-2 बार करें नेचुरल क्लीनिंग- डॉ. कोम्मलु कहते हैं कि पुराने जमाने में शायद ही किसी के दांत में गंदगी होती हो या खराब होते हो. इसके कई कारण थे. पुराने जमाने में लोग नीम के डाल के दातुन बनाते थे. इसके साथ ही वे कई तरह के अन्य पेड़ से दातुन बनाते थे. यह तरीका आज भी दुरुस्त है. आप नीम के डाल से दातुन बना लें और इसके एक सिरे को घिसकर पहले इसे ब्रश की तरह सॉफ्ट कर लें फिर इससे ब्रश करें. नीम के दातुन से सप्ताह में दो बार ब्रश कर लेंगे तो मुंह से कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया का खात्मा हो जाएगा. नीम की दातुन भी एक पारंपरिक और प्रभावी तरीका है, जो मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है और बैक्टीरिया कम करता है. इससे मुंह का दुर्गंध भी कम होता है. यह कैविटी, पायरिया जैसी समस्याओं से बचाता है.
  5. साल में दो बार डेंटल चेकअप जरूर कराएं-यह एक बेहद जरूरी लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली सलाह है. चाहे आपको कोई समस्या महसूस न हो, फिर भी साल में कम से कम दो बार डेंटिस्ट से जांच जरूर कराएं. कई बार दांतों या मसूड़ों की समस्या शुरुआती चरण में दर्द नहीं देती, लेकिन अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है. समय पर जांच कराने से कैविटी, मसूड़ों की सूजन, पायरिया या अन्य संक्रमण का जल्दी पता चल जाता है और इलाज आसान हो जाता है. पेशेवर क्लीनिंग से जमी हुई टार्टर भी हट जाती है, जिसे सामान्य ब्रश से साफ नहीं किया जा सकता.

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Lakshmi Narayan

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें

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ओरल हेल्थ सही करने का तरीका.

Dentist Recommend 5 Tips for strong Teeth: हम अक्सर दांतों को सिर्फ चबाने का साधन समझ लेते हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गहरी है. मुंह हमारे शरीर का सबसे पहला प्रवेश द्वार है और दांत उसकी सुरक्षा की पहली दीवार. मुंह में इतने तरह के हार्मोन और रसायन निकलते हैं कि यहीं से पाचन समेत शरीर के लिए कई तरह की प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती है. अगर दांत और मसूड़े स्वस्थ नहीं हैं तो इसका असर सिर्फ मुंह तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दिल, दिमाग और पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है. कई शोधों में यह सामने आया है कि मसूड़ों की बीमारी और दिल की बीमारियों के बीच संबंध हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि हम अपने दांतों को फौलाद जैसे मजबूत तो बनाए ही, साथ ही इतना साफ रखें कि कोई बीमारी न हो. इसके लिए हमने क्लोव डेंटल सीनियर कंसल्टेंट और प्रोस्थोडॉन्टिस्ट डॉ. कोम्मलु तेजावथ से बात की.

संपूर्ण ओरल हेल्थ के लिए क्या करें

  1. सबसे पहले दांतों की सफाई-डॉ. कोम्मलु तेजावथ ने बताया कि दांतों को फौलान बनाने और संपूर्ण ओरल हेल्थ की सबसे पहली शर्त यह है कि दांतों को रोजाना ब्रश से साफ करें. ब्रश से साफ करने के तरीके को जानना जरूरी है. ब्रश आपका हमेशा सॉफ्ट होना चाहिए लेकिन बहुत ज्यादा सॉफ्ट नहीं. ब्रश में पेस्ट लगाकर जब दांतों को घिसे तो ब्रश को इस तरह से रखें कि 45 डिग्री को एंगल बनता रहे. हमेशा मसूड़ो में ब्रश को लगाएं और वहां से उपर की ओर दांतों को घिसे. सीधी लाइन में आगे-पीछे न करें. कोशिश ऐसी होनी चाहिए कि दो दांतों के बीच में जो गैप होता है उसमें कोई भोजन के कण न हो. इसके साथ ही आपका पेस्ट बढ़िया होना चाहिए. जिस पेस्ट में कई तरह के केमिकल हो, उसका इस्तेमाल न करें. ब्रश दो मिनट से ज्यादा न करें. यदि आपको लगता है कि दिन भर खाने-पीने के बाद दांतों में भोजन के कण जमे हुए हैं तो रात में जरूर ब्रश करें.
  2. जीभ पर ब्रश और मुंह की सफाई- यह बहुत जरूरी चीज है. जब भी ब्रश करें ब्रश को जीभ पर भी फेरे. इसे ज्यादा न फेरे लेकिन एक-दो बार जीभ पर पेस्ट लगे ब्रश को जरूर फेरे. इससे जीभ पर जो हानिकारक बैक्टीरिया होंगे, वे मर जाएंगे. क्योंकि जीभ पर बैक्टीरिया की परत जम जाती है, जिससे मुंह से बदबू आने लगती है. रोजाना ब्रश के बाद टंग क्लीनर से जीभ साफ करें. इसके अलावा अल्कोहल-फ्री माउथवॉश का उपयोग करने से मुंह के कीटाणु कम होते हैं और सांस ताजा रहती है. यह मसूड़ों को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है. हालांकि माउथवॉश ब्रश का विकल्प नहीं है, बल्कि यह अतिरिक्त सुरक्षा देता है. सप्ताह में दो तीन दिन माउथवॉश से मुंह को साफ करें.
  3. नमक-पानी का गराड़ा-डॉ. कोम्मलु तेजावथ कहते हैं कि मुंह में किसी तरह की बीमारी न पनपे, इसके लिए आप एक-दो दिनों पर नमक और पानी का गराड़ा जरूर करें. हल्का गुनगुना पानी में थोड़ा सा नमक मिला दें और इसे अगर रोज गराड़ा कर सकते हैं तो एक बार जरूर करें. इससे आपका मुंह हमेशा साफ रहेगा और दांतों की परत मटमैली नहीं होगी. इससे बैक्टीरिया या हानिकारक सूक्ष्मजीवों का बसेरा न हो पाएगा.
  4. हफ्ते में 1-2 बार करें नेचुरल क्लीनिंग- डॉ. कोम्मलु कहते हैं कि पुराने जमाने में शायद ही किसी के दांत में गंदगी होती हो या खराब होते हो. इसके कई कारण थे. पुराने जमाने में लोग नीम के डाल के दातुन बनाते थे. इसके साथ ही वे कई तरह के अन्य पेड़ से दातुन बनाते थे. यह तरीका आज भी दुरुस्त है. आप नीम के डाल से दातुन बना लें और इसके एक सिरे को घिसकर पहले इसे ब्रश की तरह सॉफ्ट कर लें फिर इससे ब्रश करें. नीम के दातुन से सप्ताह में दो बार ब्रश कर लेंगे तो मुंह से कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया का खात्मा हो जाएगा. नीम की दातुन भी एक पारंपरिक और प्रभावी तरीका है, जो मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है और बैक्टीरिया कम करता है. इससे मुंह का दुर्गंध भी कम होता है. यह कैविटी, पायरिया जैसी समस्याओं से बचाता है.
  5. साल में दो बार डेंटल चेकअप जरूर कराएं-यह एक बेहद जरूरी लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली सलाह है. चाहे आपको कोई समस्या महसूस न हो, फिर भी साल में कम से कम दो बार डेंटिस्ट से जांच जरूर कराएं. कई बार दांतों या मसूड़ों की समस्या शुरुआती चरण में दर्द नहीं देती, लेकिन अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है. समय पर जांच कराने से कैविटी, मसूड़ों की सूजन, पायरिया या अन्य संक्रमण का जल्दी पता चल जाता है और इलाज आसान हो जाता है. पेशेवर क्लीनिंग से जमी हुई टार्टर भी हट जाती है, जिसे सामान्य ब्रश से साफ नहीं किया जा सकता.

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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें

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