Friday, 01 May 2026 | 08:55 AM

Trending :

चार्जिंग स्टेशन न बनने से ई-बसों की योजना अटकी:दो साल बाद भी सड़क पर नहीं उतरीं इलेक्ट्रिक बसें; आयुक्त बोले-जून तक संचालन शुरू एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे हिमाचल में ग्लेशियर टूटा, लोगों ने भागकर बचाई जान:सड़क बहाली में जुटे थे PWD कर्मचारी, 5 महीने से बंद है पांगी-चंबा मार्ग 347 एनएचएम कर्मचारियों का 6 करोड़ ईपीएफ फंसा:जांच के लिए सतना पहुंची वित्त विभाग की टीम, 4 साल से सैलरी से कट रही थी राशि रेलवे कर्मचारी को प्रेम जाल में फंसाया, 21 लाख वसूले:सोशल मीडिया से दोस्ती की,नशीला पदार्थ देकर बनाए वीडियो, झूठे रेप केस में फंसाने दी SMS Hospital: 4.61 करोड़ की लैब शुरू, फ्री में जांच की सुविधा, 32 लाख की मशीन से पथरी का होगा इलाज
EXCLUSIVE

kanpur lamborghini accident: shivam mishra Vs salman khan high profile hit and run case | court verdict | कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में आया नया मोड़, क्या शिवम मिश्रा हो जाएगा बरी? सलमान खान सहित इन 3 घटनाओं से समझें

authorimg

Kanpur Lamborghini Accident Case: कानपुर की सड़कों पर छह लोगों को अपनी तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी से रौंदने वाले शिवम मिश्रा का मामला क्या अदालती दांव-पेंच की भेंट चढ़ जाएगा? सोमवार को कानपुर के एक बड़े तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार ने जो दलीलें पेश कीं, उसने पूरे शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है. एक तरफ पीड़ित इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वकील का दावा है कि शिवम को मिर्गी के दौरे आते हैं और कार वह नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर मोहन चला रहा था. शिवम के वकील का कहना है कि एक्सीडेंट के वक्त शिवम की तबीयत खराब थी. लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने इस दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं. वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक्सीडेंट के तुरंत बाद बाउंसर ड्राइविंग सीट से शिवम मिश्रा को बाहर निकाल रहा है.

भारत में यह पहली बार नहीं है जब किसी हाई-प्रोफाइल मामले में ड्राइवर या बीमारी को ढाल बनाया गया हो. देश के कुछ बड़े एक्सीडेंट केस इस बात के सबूत हैं कि रसूख कैसे कानून को अपनी उंगलियों पर नचाता है. पहले उन मामलों को समझें, जिसमें रसूखदार लोग बड़ी आसानी से निकल गए. जबकि, सबूत चीख-चीख कर कह रहा था कि वह दोषी था.

कानपुर हिट एंड रन केस में बड़ा एक्शन.

देश में इस तरह के कितने हाई-प्रोफाइल मामले?

सलमान खान हिट एंड रन केस 2002: इस केस में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अंत में यही तर्क दिया गया कि कार सलमान नहीं, उनका ड्राइवर अशोक सिंह चला रहा था. सबूतों के अभाव में सलमान बरी हो गए.

संजीव नंदा (बीएमडब्ल्यू केस, 1999): रईस खानदान के संजीव नंदा ने दिल्ली में 6 लोगों को कुचल दिया था. इस मामले में भी गवाहों को तोड़ने और सबूत मिटाने की हर संभव कोशिश हुई, हालांकि अंत में सजा हुई लेकिन बहुत कम.

पुणे पोर्श कांड (2024): एक नाबालिग रईसजादे ने दो इंजीनियरों को कुचल दिया. पुलिस और डॉक्टरों ने मिलकर ब्लड सैंपल बदले और ड्राइवर को जबरन जुर्म कबूल करने के लिए धमकाया. बाद में हाईकोर्ट की दखल से मामला खुला.

कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे पर क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी

न्यूज़ 18 इंडिया ने उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी अरविंद जैन से बात की. उन्होंने कहा कि शिवम मिश्रा का तुरंत मेडिकल होना चाहिए था और पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है. कानपुर में एक लैम्बोर्गिनी कार हादसे में तीन लोगों को रौंदा गया, जिसमें पुलिस ने लापरवाही की. अगर अधिकारी मौके पर जाते तो सही जानकारी मिलती. पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर को हटा दिया है. शिवम मिश्रा खुद कार चला रहा था और बाउंसर ने उसे बचाया. मौके पर जाकर सही जानकारी लेकर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी.

क्या कहते हैं कानूनी जानकार?

कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि शिवम को मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बना? मेडिकल नियमों के अनुसार, मिर्गी के मरीजों को ड्राइविंग की अनुमति नहीं है. यदि वह सचमुच बीमार है तो उसने गाड़ी चलाकर जानबूझकर दूसरों की जान जोखिम में डाली, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है.

कानपुर पुलिस के सामने अब क्या चुनौती?

अब गेंद कानपुर पुलिस के पाले में है. क्या पुलिस सीसीटीवी और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इस दावे को झूठा साबित कर पाएगी? या फिर 100 करोड़ के साम्राज्य का वारिस शिवम मिश्रा भी इंसाफ की देरी का फायदा उठाकर बाहर घूमता रहेगा?

बचाव पक्ष क्या तर्क अदालत में दे सकती है?

लैंबॉर्गिनी केस पर बचाव पक्ष के वकील मृत्युंजय ने कहा, शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था. उसका ड्राइवर मोहन चला रहा था. यह एक एक्सीडेंट का मामला है. जब वह गाड़ी नहीं चला रहा था, तो उसके खिलाफ कोई केस नहीं बन सकता. इस बीच, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बाउंसर शिवम को ड्राइविंग सीट से उठाकर ले जा रहे हैं. एक्सीडेंट के 24 घंटे बाद सामने आए फुटेज में एक बाउंसर शिवम मिश्रा को लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो की ड्राइवर सीट से खींचता हुआ दिख रहा है. बैकग्राउंड में स्थानीय लोगों को लोगों से वीडियो रिकॉर्ड करने की अपील करते हुए सुना जा सकता है.

इस मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है. अधिकारियों के मुताबिक प्रकरण में लापरवाही बतरने के आरोप में ग्वालटोली थाना के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है. वहीं बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा भी जांच के दायरे में है. अधिकारियों ने बताया कि रविवार को ग्वालटोली इलाके में वीआईपी मार्ग पर दोपहर करीब सवा तीन बजे करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी. कार ने कई लोगों को कुचल दिया था. इस घटना में कम से कम छह लोग जख्मी हो गए थे.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बंगाल चुनाव 2026: नंदीग्राम में बंटा पैसा! टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी पर बीजेपी की याचिका

April 21, 2026/
1:06 pm

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच नंदीग्राम एक बार फिर से इंस्पेक्टर तनाव का केंद्र...

ईरान बोला- होर्मुज पर हमारा कंट्रोल, सीजफायर उल्लंघन मंजूर नहीं:गलती की तो जवाब देंगे, सेना तैयार, अमेरिका को भरोसा जीतना होगा

April 19, 2026/
6:40 am

ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका पूरा कंट्रोल है। संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि होर्मुज...

वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया:यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे, राजस्थान की दूसरी फास्टेस्ट टीम फिफ्टी; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

April 8, 2026/
4:30 am

राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 13वें मैच में मुंबई इंडियंस को 27 रन से हरा दिया। मंगलवार देर रात...

दूसरा वनडे- पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 128 रन से हराया:सदाकत की फिफ्टी, 3 विकेट भी झटके; सलमान के रनआउट पर विवाद

March 13, 2026/
6:24 pm

पाकिस्तान ने वनडे सीरीज के दूसरे मैच में बांग्लादेश को 128 रन से हराया दिया है। इस जीत से टीम...

राजनीति

kanpur lamborghini accident: shivam mishra Vs salman khan high profile hit and run case | court verdict | कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में आया नया मोड़, क्या शिवम मिश्रा हो जाएगा बरी? सलमान खान सहित इन 3 घटनाओं से समझें

authorimg

Kanpur Lamborghini Accident Case: कानपुर की सड़कों पर छह लोगों को अपनी तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी से रौंदने वाले शिवम मिश्रा का मामला क्या अदालती दांव-पेंच की भेंट चढ़ जाएगा? सोमवार को कानपुर के एक बड़े तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार ने जो दलीलें पेश कीं, उसने पूरे शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है. एक तरफ पीड़ित इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वकील का दावा है कि शिवम को मिर्गी के दौरे आते हैं और कार वह नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर मोहन चला रहा था. शिवम के वकील का कहना है कि एक्सीडेंट के वक्त शिवम की तबीयत खराब थी. लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने इस दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं. वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक्सीडेंट के तुरंत बाद बाउंसर ड्राइविंग सीट से शिवम मिश्रा को बाहर निकाल रहा है.

भारत में यह पहली बार नहीं है जब किसी हाई-प्रोफाइल मामले में ड्राइवर या बीमारी को ढाल बनाया गया हो. देश के कुछ बड़े एक्सीडेंट केस इस बात के सबूत हैं कि रसूख कैसे कानून को अपनी उंगलियों पर नचाता है. पहले उन मामलों को समझें, जिसमें रसूखदार लोग बड़ी आसानी से निकल गए. जबकि, सबूत चीख-चीख कर कह रहा था कि वह दोषी था.

कानपुर हिट एंड रन केस में बड़ा एक्शन.

देश में इस तरह के कितने हाई-प्रोफाइल मामले?

सलमान खान हिट एंड रन केस 2002: इस केस में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अंत में यही तर्क दिया गया कि कार सलमान नहीं, उनका ड्राइवर अशोक सिंह चला रहा था. सबूतों के अभाव में सलमान बरी हो गए.

संजीव नंदा (बीएमडब्ल्यू केस, 1999): रईस खानदान के संजीव नंदा ने दिल्ली में 6 लोगों को कुचल दिया था. इस मामले में भी गवाहों को तोड़ने और सबूत मिटाने की हर संभव कोशिश हुई, हालांकि अंत में सजा हुई लेकिन बहुत कम.

पुणे पोर्श कांड (2024): एक नाबालिग रईसजादे ने दो इंजीनियरों को कुचल दिया. पुलिस और डॉक्टरों ने मिलकर ब्लड सैंपल बदले और ड्राइवर को जबरन जुर्म कबूल करने के लिए धमकाया. बाद में हाईकोर्ट की दखल से मामला खुला.

कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे पर क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी

न्यूज़ 18 इंडिया ने उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी अरविंद जैन से बात की. उन्होंने कहा कि शिवम मिश्रा का तुरंत मेडिकल होना चाहिए था और पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है. कानपुर में एक लैम्बोर्गिनी कार हादसे में तीन लोगों को रौंदा गया, जिसमें पुलिस ने लापरवाही की. अगर अधिकारी मौके पर जाते तो सही जानकारी मिलती. पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर को हटा दिया है. शिवम मिश्रा खुद कार चला रहा था और बाउंसर ने उसे बचाया. मौके पर जाकर सही जानकारी लेकर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी.

क्या कहते हैं कानूनी जानकार?

कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि शिवम को मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बना? मेडिकल नियमों के अनुसार, मिर्गी के मरीजों को ड्राइविंग की अनुमति नहीं है. यदि वह सचमुच बीमार है तो उसने गाड़ी चलाकर जानबूझकर दूसरों की जान जोखिम में डाली, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है.

कानपुर पुलिस के सामने अब क्या चुनौती?

अब गेंद कानपुर पुलिस के पाले में है. क्या पुलिस सीसीटीवी और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इस दावे को झूठा साबित कर पाएगी? या फिर 100 करोड़ के साम्राज्य का वारिस शिवम मिश्रा भी इंसाफ की देरी का फायदा उठाकर बाहर घूमता रहेगा?

बचाव पक्ष क्या तर्क अदालत में दे सकती है?

लैंबॉर्गिनी केस पर बचाव पक्ष के वकील मृत्युंजय ने कहा, शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था. उसका ड्राइवर मोहन चला रहा था. यह एक एक्सीडेंट का मामला है. जब वह गाड़ी नहीं चला रहा था, तो उसके खिलाफ कोई केस नहीं बन सकता. इस बीच, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बाउंसर शिवम को ड्राइविंग सीट से उठाकर ले जा रहे हैं. एक्सीडेंट के 24 घंटे बाद सामने आए फुटेज में एक बाउंसर शिवम मिश्रा को लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो की ड्राइवर सीट से खींचता हुआ दिख रहा है. बैकग्राउंड में स्थानीय लोगों को लोगों से वीडियो रिकॉर्ड करने की अपील करते हुए सुना जा सकता है.

इस मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है. अधिकारियों के मुताबिक प्रकरण में लापरवाही बतरने के आरोप में ग्वालटोली थाना के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है. वहीं बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा भी जांच के दायरे में है. अधिकारियों ने बताया कि रविवार को ग्वालटोली इलाके में वीआईपी मार्ग पर दोपहर करीब सवा तीन बजे करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी. कार ने कई लोगों को कुचल दिया था. इस घटना में कम से कम छह लोग जख्मी हो गए थे.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.