Thursday, 10 Sep 2026 | 04:15 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Sabarimala Women Entry SC Hearing Live

Sabarimala Women Entry SC Hearing Live

नई दिल्ली4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

सबरीमाला मंदिर में 15 अप्रैल को मलयालम नव वर्ष ‘विशु’ के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भड़ी उमड़ी।

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज 5वें दिन सुनवाई होगी। आज भी मंदिर प्रबंधन और याचिकाकर्ताओं के बीच आस्था बनाम संवैधानिक अधिकारों को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है।

9 जजों की बेंच ने कल कहा था कि करोड़ों लोगों की आस्था को गलत ठहराना सबसे मुश्किल कामों में से एक है। साथ ही यह भी कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता।

वहीं मंदिर प्रशासन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) ने कहा कि सबरीमाला कोई खिलौने की दुकान या रेस्टोरेंट का मामला नहीं है। यहां के देवता ब्रह्मचारी हैं। भारत में अयप्पा के लगभग 1,000 मंदिर हैं। अगर महिलाओं को दर्शन करना है, तो वहां जाएं। उन्हें इसी खास मंदिर में क्यों आना है।

केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में मासिक धर्म वाली महिलाओं (10-50 साल) की एंट्री पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में बैन हटा दिया। फैसले के खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं लगाई गईं, जिसपर अब सुनवाई हो रही है। मंदिर प्रशासन महिलाओं की एंट्री का विरोध कर रहा है।

सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई

सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

पिछले 4 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए…

7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत

8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा

9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा

15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता

7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही

9 जजों की बेंच कर रही सबरीमाला केस की सुनवाई

सबरीमाला सहित 5 मामले, जिन पर SC फैसला करेगा

  1. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं।
  2. दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है?
  3. मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है।
  4. पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है।
  5. मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है?

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
March 2026 Bank Holidays India

February 25, 2026/
2:11 pm

नई दिल्ली37 मिनट पहले कॉपी लिंक ये फोटो AI से बनाई गई है। अगले महीने यानी मार्च में देश के...

बाथरूम में युवती की लाश, बदन पर चाकू के जख्म:मां के साथ सो रही थी दूसरी बेटी, कौन था हमलावर…खून किसने साफ किया?

March 3, 2026/
7:01 am

मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स में आज एक ऐसे मर्डर केस की कहानी, जिसने दो राज्यों में सुर्खियां बटोरीं। मामला नरसिंहपुर जिले...

Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

May 29, 2026/
5:17 pm

स्पोर्ट्स डेस्क29 मिनट पहले कॉपी लिंक हार्दिक की कप्तानी में इस साल मुंबई सिर्फ 4 मैच जीत सकी। मुंबई इंडियंस...

अवॉर्ड शो में राजपाल का अपमान; सपोर्ट में आए सलमान:कहा- दिल से काम करो, डॉलर ऊपर हो या नीचे, क्या फर्क पड़ता है

April 7, 2026/
2:18 pm

मुंबई में हुए एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान एक्टर राजपाल यादव पर कसे गए तंज के बाद अब सुपरस्टार सलमान...

DK Shivakumar is set to be next Chief Minister

May 28, 2026/
7:31 pm

आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 19:31 IST मुख्यमंत्री पद से हटने से पहले इस अत्यधिक संवेदनशील दस्तावेज़ को औपचारिक रूप से...

सुशांत केस से ट्रॉमा से रिकवर नहीं हुईं रिया चक्रवर्ती:कहा- ये ट्रॉमा ऐसी चीज है, जिससे उबर नहीं सकते; 27 दिन जेल में रही थीं एक्ट्रेस

June 26, 2026/
2:14 pm

रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद हुए ट्रॉमा पर बात की है। उन्होंने...

भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में

August 7, 2026/
11:22 pm

अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास...

बुखार के बाद कमजोरी: बुखार के बाद क्यों बनी रहती है सुस्ती? इन 5 खाद्य पदार्थों से तत्काल क्रियाकलाप

April 18, 2026/
12:52 pm

बुखार के बाद कमजोरी: बुखार उतरने का मतलब यह नहीं है कि शरीर पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। अक्सर...

राजनीति

Sabarimala Women Entry SC Hearing Live

Sabarimala Women Entry SC Hearing Live

नई दिल्ली4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

सबरीमाला मंदिर में 15 अप्रैल को मलयालम नव वर्ष ‘विशु’ के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भड़ी उमड़ी।

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज 5वें दिन सुनवाई होगी। आज भी मंदिर प्रबंधन और याचिकाकर्ताओं के बीच आस्था बनाम संवैधानिक अधिकारों को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है।

9 जजों की बेंच ने कल कहा था कि करोड़ों लोगों की आस्था को गलत ठहराना सबसे मुश्किल कामों में से एक है। साथ ही यह भी कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता।

वहीं मंदिर प्रशासन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) ने कहा कि सबरीमाला कोई खिलौने की दुकान या रेस्टोरेंट का मामला नहीं है। यहां के देवता ब्रह्मचारी हैं। भारत में अयप्पा के लगभग 1,000 मंदिर हैं। अगर महिलाओं को दर्शन करना है, तो वहां जाएं। उन्हें इसी खास मंदिर में क्यों आना है।

केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में मासिक धर्म वाली महिलाओं (10-50 साल) की एंट्री पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में बैन हटा दिया। फैसले के खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं लगाई गईं, जिसपर अब सुनवाई हो रही है। मंदिर प्रशासन महिलाओं की एंट्री का विरोध कर रहा है।

सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई

सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

पिछले 4 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए…

7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत

8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा

9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा

15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता

7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही

9 जजों की बेंच कर रही सबरीमाला केस की सुनवाई

सबरीमाला सहित 5 मामले, जिन पर SC फैसला करेगा

  1. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं।
  2. दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है?
  3. मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है।
  4. पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है।
  5. मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है?

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.