24 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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गर्मियों में घर से बाहर निकलना चैलेंजिंग होता है। लेकिन रोजमर्रा के काम से बाहर निकलना मजबूरी है। तेज धूप में बाहर निकलते समय आंखों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे जलन, धुंधलापन और लॉन्ग टर्म में आंखों से जुड़ी बीमारियों का रिस्क होता है।
ऐसे में सनग्लासेस आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। सही सनग्लासेस धूप, धूल और हानिकारक UV किरणों से बचाते हैं।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि गर्मियों में सनग्लासेस पहनना क्यों जरूरी है और इसे खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
एक्सपर्ट: डॉ. श्रेया गुप्ता, कंसल्टेंट, ऑप्थेल्मोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली
सवाल- क्या गर्मियों में सनग्लासेस पहनना जरूरी है?
जवाब- हां, यह आंखों को हानिकारक UV किरणों, तेज रोशनी और धूल से बचाता है। इससे जलन, ड्राईनेस और अन्य समस्याओं का रिस्क कम होता है।
सवाल- अल्ट्रावायलेट किरणों का आंखों पर क्या असर पड़ता है?
जवाब- सूर्य की रोशनी से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों के बाहरी और अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। नीचे दिए ग्राफिक में इसका असर देखिए-

सवाल- क्या सनग्लासेस अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाते हैं?
जवाब- हां, सही क्वालिटी के सनग्लासेस UV किरणों से बचाते हैं। खासतौर पर ‘UV400’ प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस आंखों को हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से सुरक्षित रखते हैं।
सवाल- क्या सिर्फ तेज धूप में ही सनग्लासेस लगाना जरूरी है या हल्की धूप में भी लगाना चाहिए?
जवाब- सनग्लासेस हल्की धूप में भी पहनना चाहिए। UV किरणें बादलों या हल्की धूप में भी मौजूद रहती हैं। इसलिए बाहर निकलते समय सनग्लासेस लगाना बेहतर है।
सवाल- तेज धूप में बिना सनग्लासेस बाहर निकलने से क्या नुकसान हो सकता है?
जवाब- सनग्लासेस न पहनने से आंखें सीधे UV किरणों और तेज रोशनी के संपर्क में आती हैं। इससे आंखों को कई नुकसान हो सकते हैं। जैसेकि-
- तेज जलन और रेडनेस।
- पानी आना और ड्राईनेस।
- सिरदर्द और आंखों में थकान।
- नजर में धुंधलापन।
- लंबे समय में कॉर्निया को नुकसान।
- मोतियाबिंद का खतरा।
- धीरे-धीरे नजर में कमजोरी।
- लंबे समय में रेटिना डैमेज का रिस्क।

सवाल- क्या सस्ते या लोकल सनग्लासेस नुकसानदायक हो सकते हैं?
जवाब- हां, इनमें UV प्रोटेक्शन नहीं होता है। ये सिर्फ रोशनी कम करते हैं, जिससे आई बॉल(पुतली) फैल जाती है और हानिकारक UV किरणें आंखों में प्रवेश कर सकती हैं। इससे आंखों को डैमेज का रिस्क बढ़ जाता है।
सवाल- किस तरह के सनग्लासेस गर्मियों के लिए सबसे बेहतर होते हैं?
जवाब- ‘UV400’ या ‘100% UV प्रोटेक्शन’ वाले सनग्लासेस सबसे अच्छे होते हैं। ये आंखों को हानिकारक किरणों से बचाते हैं।
- धूप की चकाचौंध कम करने के लिए पोलराइज्ड लेंस बेहतर हैं।
- बेहतर विजन के लिए ग्रे, ब्राउन या हरे रंग के लेंस चुन सकते हैं।
- आंखों के पूरे कवरेज के लिए बड़े फ्रेम या रैपअराउंड स्टाइल बेहतर है।
सवाल- सनग्लासेस आंखों को किन समस्याओं से बचाते हैं?
जवाब- सनग्लासेस UV किरणों, तेज रोशनी और धूल से बचाकर कई समस्याओं से सुरक्षा देते हैं। UV सनग्लासेस के सभी फायदे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- किन लोगों को गर्मियों में सनग्लासेस जरूर पहनने चाहिए?
जवाब- कुछ लोगों को सनग्लासेस जरूर पहनने चाहिए, क्योंकि उन्हें UV किरणें ज्यादा प्रभावित करती हैं। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए, किन्हें सनग्लासेस जरूर पहनने चाहिए-

सवाल- सनग्लासेस खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
जवाब- सनग्लासेस खरीदते समय सिर्फ स्टाइल नहीं, बल्कि क्वालिटी और प्रोटेक्शन को प्राथमिकता देना चाहिए। इससे आंखों को सही सेफ्टी मिलती है। इसलिए सनग्लासेस खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या लंबे समय तक सनग्लासेस पहनने से आंखों पर कोई बुरा असर पड़ता है?
जवाब- नहीं, सही क्वालिटी के सनग्लासेस से आंखों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। ये आंखों को UV किरणों, धूल और तेज रोशनी से बचाकर सुरक्षा देते हैं। हालांकि खराब क्वालिटी या बिना UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सनग्लासेस से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब
सवाल- बादल होने पर भी UV किरणों का खतरा रहता है?
जवाब- हां, बादलों के बावजूद UV किरणें जमीन तक पहुंचती हैं, इसलिए हमेशा आंखों की सुरक्षा जरूरी है।
सवाल- क्या सुबह-शाम की धूप में भी UV किरणों का खतरा रहता है?
जवाब- हां, सुबह-शाम UV तीव्रता कम होती है, लेकिन जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता है।
सवाल- क्या हरेक सनग्लास UV किरणों से प्रोटेक्ट करता है?
जवाब- नहीं, केवल UV400 या 100% UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस ही सही सुरक्षा देते हैं।
सवाल- क्या सनग्लासेस आंखों को ड्राईनेस और इरिटेशन से बचाते हैं?
जवाब- हां, ये धूल, हवा और तेज रोशनी से बचाकर ड्राईनेस और जलन कम करते हैं।
सवाल- क्या सनग्लासेस पहनने से आंखों की थकान कम होती है?
जवाब- हां, ये तेज रोशनी की चुभन कम करते हैं, जिससे आंखों पर तनाव घटता है।
सवाल- क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को भी सनग्लासेस लगाने चाहिए?
जवाब- हां, कॉन्टैक्ट लेंस पूरी तरह अल्ट्रावायलेट किरणों से सुरक्षा नहीं देते, इसलिए उन्हें भी सनग्लासेस लगाने चाहिए।
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