राकेश पचौरी | मथुरा15 मिनट पहले
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मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे में अब तक 15 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। 22 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। सोमवार को चौथे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। सेना, NDRF-SDRF समेत करीब 200 लोगों की टीम ऑपरेशन में लगी हुई है। टीम 20 किमी दायरे में लापता श्रद्धालुओं की तलाश कर रही है।
इस बीच, सुबह 8 बजे नदी में 2 शव मिले। हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट से एक महिला और देवरा बाबा आश्रम के पास से एक युवक की लाश बरामद हुई। प्रशासन के मुताबिक, शव फूलकर नदी के ऊपर आ गए थे। रस्सी बांधकर शवों को नाव में खींचा गया और बाहर निकाला। परिजनों ने दोनों की पहचान की।
युवक की पहचान पंजाब में लुधियाना के रहने वाले यश भल्ला (22) के रूप में हुई है। यश पहली बार वृंदावन आए थे। बांके बिहारी ग्रुप के साथ जुड़े थे। धार्मिक संकीर्तन में ढोलक बजाते थे। नाव डूबने से पहले का जो वीडियो सामने आया था, उसमें यश ढोलक बजाते दिखाई दे रहे थे। यश के बड़े भाई अकाउंटेंट है। मां सुनीता हाउस वाइफ हैं। पिता रेहड़ी-फड्डी लगाकर कपड़े बेचते है।
वहीं, महिला की पहचान दुगरी, लुधियाना की मोनिका टंडन के रूप में हुई है। वो अपनी सास सविता के साथ आई थी। 6 महीने पहले ही शादी हुई थी। पति विदेश में थे। जल्द ही विदेश जाने वाली थी। हादसे के दिन नाव में पड़ोसी महिला डिंकी के साथ बैठी थी। डिंकी लाश कल बरामद हुई थी। एक श्रद्धालु पंकज मल्होत्रा (40) अब भी लापता हैं। पंकज हिमाचल प्रदेश में स्टील कंपनी में मैनेजर थे।
बता दें कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई थी। हादसा श्री बांके बिहारी मंदिर से 2 किमी दूर केसी घाट पर हुआ था। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को जेल भेज दिया है। पप्पू ने अपनी नाव में श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था।
तस्वीरें देखिए-

सर्च टीम को सुबह 8 बजे यमुना नदी से एक महिला का शव मिला। उसकी पहचान मोनिका के रूप में हुई।

सर्च टीम को उस युवक का भी शव मिल गया, जो हादसे से पहले के वीडियो में ढोलक बजाता दिख रहा था।

सेना समेत करीब 200 लोगों की टीम सर्च ऑपरेशन में लगी हुई है। 20 किमी दायरे में एक लापता की तलाश कर रही है।

रविवार को हादसे से पहले के 4 वीडियो सामने आए। इनमें श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। भजन-कीर्तन करते दिखाई दिए।

कैसे हुआ हादसा? जान लीजिए-
हादसे में जिंदा बचे एक युवक ने बताया- नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। हवा करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। पर्यटकों ने कहा कि पुल आने वाला है, नाव रोक लीजिए, लेकिन उसने नहीं सुनी। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई।

घटना से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
23 मिनट पहले
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वृंदावन हादसे को लेकर प्रशासन ने जारी किया बयान; VIDEO
पुलिस अधीक्षक, मथुरा ग्रामीण ने बताया- 10 अप्रैल 2024 को वृंदावन केसी घाट के निकट यमुना नदी में एक दुखद नाव पलटने का हादसा हुआ था। 10 शव उसी दिन मिल गए थे। 18 लोगों को सुरक्षित रेक्क्यू कर लिया गया था। 4 लोग तैरकर बाहर आ गए थे। उसके बाद से छह लोग लापता थे। 2 शव कल यानी 12 अप्रैल को मिल गए थे। आज यानी 14 अप्रैल को 2 शव मिले हैं। NDRF, SDRF और प्राईवेट गोताखोरों को सात सेक्टरों में बांटकर सर्च आपरेशन चल रहा था। अभी जो शव बरामद किए गए हैं, इनको पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है। एक श्रद्धालु अब भी लापता है।
26 मिनट पहले
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यमुना से एक युवक की लाश मिली, मृतकों की संख्या 15 हुई
यमुना में लापता एक व्यक्ति और व्यक्ति का शव मिल गया है। 10 तारीख को यमुना के बहाव में डूबने बाले पंजाब निबासी यश भल्ला उर्फ युवराज का शव मिला है। केशीघाट के पास देवराह बाबा घाट किनारे पर यश भल्ला का शव मिला है। NDRF की टीम को सर्च ऑपरेशन के दौरान शव मिला।
03:01 AM13 अप्रैल 2026
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12 किलोमीटर दूर मिली महिला की लाश

ये तस्वीर मोनिका टंडन की है। उनकी लाश सोमवार सुबह मिली है।
सीओ संदीप सिंह ने बताया-वृंदावन हादसे में लापता चल रही महिला मोनिका टंडन की लाश आज सुबह मिली है। उनकी डेडबॉडी घटना स्थल से 12 किलोमीटर दूर पाई गई है।
परिजनों को बुलाकर शव की पहचान कराई गई है। पहचान होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
02:31 AM13 अप्रैल 2026
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गाद हटाने वाली मशीन को हटाया गया, VIDEO में देखिए
गाद हटाने की उस मशीन को हटा दिया गया है, जिसकी वजह से पुल खोला गया था।
02:30 AM13 अप्रैल 2026
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फोरेंसिक टीम ने की वीडियोग्राफी
रविवार को फॉरेंसिक टीम घटना स्थल पर जांच के लिए पहुंची। टीम ने नाव की वीडियोग्राफी कर पानी की गहराई के बारे में भी पता किया।
02:27 AM13 अप्रैल 2026
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नाविक बोले- इतना दर्दनाक हादसा कभी नहीं हुआ
हादसे के बाद नावों का संचालन बंद है। पीढ़ियों से नाव चलाने वाले बाबूलाल ने बताया उनकी याद में इतना दर्दनाक हादसा नहीं हुआ। खुद ही हम सभी नाविकों ने वोट न चलाने का निर्णय लिया है।
बाबूलाल कहते हैं कि अगर दो दिन नाव नहीं चलाएंगे तो कुछ नहीं होगा। बाबूलाल ने बताया कि प्रशासन ने मना नहीं किया है, लेकिन निर्देश दिए हैं कि वह 10 लोग बैठाएंगे और बिना लाइफ जैकेट के किसी को नहीं बिठाएंगे।
उन्होंने बताया कि मशीन से गाद हटाई जा रही थी, इसलिए पुल को खोल दिया गया था। इस वजह से पुल से नाव टकराई। हादसा हो गया।















































