सतना में कायाकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय जिला चिकित्सालय का अंतिम मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त नजर आईं।मूल्यांकन टीम में एनएचएम भोपाल के क्वॉलिटी एनालिस्ट डॉ. पंकज बुधौलिया, शिवपुरी जिला अस्पताल के डॉ. रामकुमार चौधरी और अकीला अंसारी शामिल थे। टीम ने निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार अस्पताल के सभी विभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बिस्तरों पर साफ-सुथरी चादरें बिछी मिलीं। वार्डों में बेहतर साफ-सफाई दिखी और नर्सिंग ऑफिसर सहित पूरा स्टाफ प्रोटोकॉल का पालन करता पाया गया। सफाईकर्मी लगातार अपना कार्य कर रहे थे। हालांकि, टीम ने अस्पताल के मेन गेट के आसपास अतिक्रमण और गंदगी पर नाराजगी व्यक्त की। करीब 70 वर्ष पुराने अस्पताल भवन की दीवारों पर जमी धूल और जर्जर स्थिति को लेकर भी सुधार की आवश्यकता बताई गई। टीम के सदस्यों ने वार्डों के निरीक्षण के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी से सीधे बातचीत नहीं की, बल्कि केवल व्यवस्थाओं का अवलोकन कर मूल्यांकन किया। वार्डों में पदस्थ पैरामेडिकल स्टाफ से विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन का प्रदर्शन (डेमो) कराया गया। कुछ स्थानों पर स्टाफ अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। निरीक्षण के अंतिम चरण में 8 प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहले के मूल्यांकन में चिन्हित किए गए गैप इस बार पूरे कर लिए गए थे। इस मूल्यांकन का अंतिम स्कोर लगभग 15 दिन बाद जारी किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह, डीपीएम राकेश कर्ष, आरएमओ डॉ. शरद दुबे, क्वालिटी नोडल अधिकारी डॉ. विजेता राजपूत, सहायक प्रबंधक डॉ. धीरेन्द्र वर्मा, स्टूवर्ड जीएस तिवारी, मेट्रन किरण सिंह, लक्ष्मी गुप्ता, शांति प्रजापति और विनोद दहायत मौजूद रहे।
















































