15 साल बाद आज से प्रदेश में जनगणना कार्यक्रम के अंतर्गत मकानों की गणना का काम शुरू होने वाला है। तीस मई तक प्रदेश में कच्चे, पक्के सभी तरह के मकानों की गणना करने के साथ जनगणना प्रगणकों द्वारा उन मकानों में रहने वाले परिवारों की जानकारी ली जाएगी। मकान गणना में शॉपिंग मॉल्स, ऑफिसेस जैसे गैर आवासीय भवनों को भी गिनती में रखा जाएगा। लेकिन उन मकानों में मौजूद अन्य सुविधाओं की बारीकी से जानकारी नहीं ली जाएगी। इसके विपरीत आवासीय उपयोग में आने वाले हर घर में उपयोग संसाधनों, परिवार द्वारा खाए जाने वाले अनाज की भी जानकारी ली जाएगी। मध्यप्रदेश के प्रभारी जनगणना निदेशक कार्तिकेया गोयल और अपर सचिव गृह मनीषा सेंतिया ने आज से शुरू होने वाली मकान गणना को लेकर कहा कि कोई भी व्यक्ति जानकारी देने से मना नहीं कर सकता है। अगर किसी व्यक्ति ने गलत जानकारी दी और प्रगणक को लगा कि वह गलत जानकारी दे रहा है तो ऐसे मामले में प्रगणक तुरंत डिजिटल रिपोर्टिंग करने के बजाय गलत जानकारी देने वाले को समझाईश देने का काम भी कर सकता है। गोयल ने साफ किया है कि जो भी जानकारी दी जाएगी वह सिर्फ देश की प्रगति और विकास के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं में उपयोग होगी। इसका डेटा किसी को शेयर नहीं हो सकता है। इसलिए सबको खुलकर जानकारी देना चाहिए। गरीबी का स्तर जानने पूछेंगे, कौन सा अनाज खाते हैं परिवार के लोग छग कैडर के आईएएस अधिकारी और एमपी के प्रभारी जनगणना निदेशक कार्तिकेया गोयल ने कहा कि प्रगणक द्वारा जो सवाल पूछे जाने हैं वह फिक्स हैं। इसके अलावा कोई सवाल वह नहीं पूछेंगे। इसमें एक सवाल यह है कि परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य अनाज क्या है? यह जानकारी इसलिए ली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि देश में कितने लोग आने वाले दिनों में पीडीएस का अनाज लेने के दायरे में आ रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर किसी ने अच्छा अनाज खाने या घर में मौजूद किसी आधुनिक सुविधा संसाधन की जानकारी दी तो इस गणना कार्यवाही के बाद उसको पहले से सरकार की ओर से मिलने वाली कोई सेवा बंद नहीं होगी? इसलिए सबको सही जानकारी ही देना है। ऐसे रहेगी जनगणना में तैनात कर्मचारी अधिकारी की स्थिति इतने जिले, नगर निकाय और ग्रामों में होगी गणना सेल्फ एनुमरेशन (स्वगणना) पोर्टल बंद मकानों की घर घर जाकर गणना शुरू करने के पहले गुरुवार शुक्रवार की आधी रात 12 बजे से सेल्फ एनुमरेशन (स्वगणना) के जरिये जानकारी देने संबंधी पोर्टल बंद हो गया है। इसको लेकर जनगणना निदेशालय के अफसरों ने कहा कि जो लोग स्वगणना में जानकारी दे चुके हैं उनके घर भी प्रगणक पहुंचे हैं और जिन्होंने जानकारी नहीं भरी है उनके यहां भी प्रगणक आकर जानकारी लेंगे। यह जानकारी सिर्फ 33 सवालों की होगी जो पहले से सार्वजनिक की जा चुकी है। एक माह तक नहीं मिलेगा अवकाश राज्य शासन ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के आदेश पर राष्ट्रीय महत्व के इस काम के चलते फील्ड में तैनात कर्मचारियों, अधिकारियों के अवकाश पर एक माह के लिए रोक लगा दी है। खासतौर पर उन मैदानी अफसरों कर्मचारियों को अवकाश के साथ तबादले से मुक्त रखा जाएगा जिनकी ड्यूटी मकान गणना के काम में लगाई गई है। ऑफिस, मॉल्स, शापिंग काम्प्लेक्स में सिर्फ उपयोग की रिपोर्ट जनगणना निदेशालय के अफसरों ने बताया कि प्रगणक सभी 33 सवाल सिर्फ आवासीय मकान में रहने वाले लोगों से पूछेंगे और उसे डिजिटली मोबाइल के माध्यम से भरेंगे लेकिन ऐसा नहीं होगा कि कोई शॉपिंग काम्प्लेक्स, मॉल, ऑफिस का भवन है तो उसे गणना में नहीं लिया जाएगा। ऐसे भवनों की गिनती भी होगी लेकिन उसमें शुरुआती सुविधाओं की जानकारी ही भरी जाएगी। जो मकान बाद में बनेंगे, उनकी गणना भी फरवरी 2027 में होगी प्रभारी जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि तीस मई तक जो मकान बने हैं और लोग रहते हैं उनकी गणना का काम किया जाएगा लेकिन अगर कोई मकान बन रहा है और वह फरवरी 2027 के पहले कम्प्लीट हो जाता है तो उसे भी गणना में शामिल किया जाएगा। यह गणना फरवरी 2027 की जनगणना के दौरान की जाएगी। टोल फ्री नम्बर पर भी मिलेगी जानकारी जनगणना संबंधित जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर 1855 जारी किया गया है। यह टोल फ्री नम्बर सुबह 9 बजे से शाम छह बजे तक चलता रहेगा। इसमें सातों दिन जानकारी दी जाएगी और लोगों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का समाधान किया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग से कलेक्टरों को बताईं बारीकियां इसके पहले गुरुवार को प्रभारी जनगणना निदेशक ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और प्रमुख जनगणना अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और जनगणना के अंतर्गत मकान गणना की बारीकियों के बारे में जानकारी देकर सख्त मॉनिटरिंग के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि शहरी क्षेत्रों में बंद गेट वाली कॉलोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में गणना कार्य को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है। आवासीय समितियों और प्रबंधन समूहों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि उनके समन्वय व सहयोग से प्रगणकों को प्रवेश में किसी प्रकार की बाधा न हो और कोई भी परिवार गणना से वंचित न रहे। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी आदि के माध्यम से जनगणना के महत्व एवं जागरूकता उत्पन्न करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

















































