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China Ex-Defense Ministers Wei Fenghe & Li Shangfu Death Sentence

China Ex-Defense Ministers Wei Fenghe & Li Shangfu Death Sentence

बीजिंग2 मिनट पहले

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चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में अपने पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक दोनों नेताओं को दो साल की राहत अवधि के साथ डेथ सेंटेंस दिया गया है।

दोनों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से “गंभीर अनुशासन उल्लंघन” के आरोपों में निष्कासित किया गया था। चीन में इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर भ्रष्टाचार के मामलों के लिए किया जाता है।

ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। दोनों नेताओं पर रिश्वत और पद के दुरुपयोग जैसे आरोप लगे थे।

चीनी कानून के तहत ‘मौत की सजा के साथ राहत अवधि’ का मतलब है कि दोषी को तुरंत फांसी नहीं दी जाती। अगर वह दो साल तक कोई नया अपराध नहीं करता तो सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना और रक्षा प्रतिष्ठान के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ लेते हुए।

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ लेते हुए।

सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) क्या है?

CMC चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था है, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और चीन सरकार की ओर से सेना पर नियंत्रण रखती है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग CMC के चेयरमैन हैं।

इसके अधीन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA), पीपुल्स आर्म्ड पुलिस (PAP) और मिलिशिया काम करते हैं।

ली शांगफू के खिलाफ पहली आधिकारिक पुष्टि

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू को पिछले साल अक्टूबर में अचानक पद से हटा दिया गया था। वे करीब दो महीने तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे, जिससे कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं।

अब पहली बार चीनी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच चल रही थी।

रिश्वत और अनुशासन उल्लंघन के आरोप

CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य अनुशासन जांच एजेंसी ने पाया कि ली ने गंभीर रूप से पार्टी अनुशासन और कानून का उल्लंघन’ किया। उन पर बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि ली की गतिविधियों से सेना के हथियार डेवलपमेंट और मिलिट्री इक्विपमेंट की इमेज को भारी नुकसान पहुंचा।

पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर भी कार्रवाई

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर रिश्वत लेने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी माना है। जांच में सामने आया कि वेई फेंगहे ने रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फैसलों में फायदा पहुंचाने के बदले कथित तौर पर रिश्वत ली थी।

वेई फेंगहे चीन के सीनियर सैन्य अधिकारियों में गिने जाते थे। वे चीन के पूर्व रक्षा मंत्री होने के साथ चीनी सेना में रॉकेट फोर्स के कमांडर भी रह चुके हैं। रॉकेट फोर्स चीन की मिसाइल और परमाणु हथियार सिस्टम को संभालती है।

वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे।

वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे।

रॉकेट फोर्स पर जांच का फोकस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में चल रही भ्रष्टाचार जांच का सबसे बड़ा सेंटर PLA रॉकेट फोर्स और सेना के हथियार खरीद विभाग को माना जा रहा है। PLA रॉकेट फोर्स चीन की सेना की वह खास यूनिट है, जो देश की परमाणु मिसाइलों और लॉन्ग रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों को संभालती है।

इसे चीन की सैन्य ताकत का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यही यूनिट जरूरत पड़ने पर परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है।

जांच एजेंसियों को शक है कि सेना के लिए हथियार खरीदने, रक्षा सौदों और सैन्य उपकरणों की सप्लाई में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ। आरोप हैं कि कई अधिकारियों ने ठेके देने और बड़े सैन्य सौदों में रिश्वत ली।

शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा

पिछले एक साल में चीन के सैन्य और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़े दर्जनों सीनियर अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार और अविश्वास के खिलाफ अभियान का हिस्सा है।

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बीजिंग2 मिनट पहले

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चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में अपने पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक दोनों नेताओं को दो साल की राहत अवधि के साथ डेथ सेंटेंस दिया गया है।

दोनों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से “गंभीर अनुशासन उल्लंघन” के आरोपों में निष्कासित किया गया था। चीन में इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर भ्रष्टाचार के मामलों के लिए किया जाता है।

ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। दोनों नेताओं पर रिश्वत और पद के दुरुपयोग जैसे आरोप लगे थे।

चीनी कानून के तहत ‘मौत की सजा के साथ राहत अवधि’ का मतलब है कि दोषी को तुरंत फांसी नहीं दी जाती। अगर वह दो साल तक कोई नया अपराध नहीं करता तो सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना और रक्षा प्रतिष्ठान के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ लेते हुए।

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ लेते हुए।

सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) क्या है?

CMC चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था है, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और चीन सरकार की ओर से सेना पर नियंत्रण रखती है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग CMC के चेयरमैन हैं।

इसके अधीन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA), पीपुल्स आर्म्ड पुलिस (PAP) और मिलिशिया काम करते हैं।

ली शांगफू के खिलाफ पहली आधिकारिक पुष्टि

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू को पिछले साल अक्टूबर में अचानक पद से हटा दिया गया था। वे करीब दो महीने तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे, जिससे कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं।

अब पहली बार चीनी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच चल रही थी।

रिश्वत और अनुशासन उल्लंघन के आरोप

CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य अनुशासन जांच एजेंसी ने पाया कि ली ने गंभीर रूप से पार्टी अनुशासन और कानून का उल्लंघन’ किया। उन पर बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि ली की गतिविधियों से सेना के हथियार डेवलपमेंट और मिलिट्री इक्विपमेंट की इमेज को भारी नुकसान पहुंचा।

पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर भी कार्रवाई

चीन के पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर रिश्वत लेने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी माना है। जांच में सामने आया कि वेई फेंगहे ने रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फैसलों में फायदा पहुंचाने के बदले कथित तौर पर रिश्वत ली थी।

वेई फेंगहे चीन के सीनियर सैन्य अधिकारियों में गिने जाते थे। वे चीन के पूर्व रक्षा मंत्री होने के साथ चीनी सेना में रॉकेट फोर्स के कमांडर भी रह चुके हैं। रॉकेट फोर्स चीन की मिसाइल और परमाणु हथियार सिस्टम को संभालती है।

वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे।

वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे।

रॉकेट फोर्स पर जांच का फोकस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में चल रही भ्रष्टाचार जांच का सबसे बड़ा सेंटर PLA रॉकेट फोर्स और सेना के हथियार खरीद विभाग को माना जा रहा है। PLA रॉकेट फोर्स चीन की सेना की वह खास यूनिट है, जो देश की परमाणु मिसाइलों और लॉन्ग रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों को संभालती है।

इसे चीन की सैन्य ताकत का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यही यूनिट जरूरत पड़ने पर परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है।

जांच एजेंसियों को शक है कि सेना के लिए हथियार खरीदने, रक्षा सौदों और सैन्य उपकरणों की सप्लाई में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ। आरोप हैं कि कई अधिकारियों ने ठेके देने और बड़े सैन्य सौदों में रिश्वत ली।

शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा

पिछले एक साल में चीन के सैन्य और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़े दर्जनों सीनियर अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार और अविश्वास के खिलाफ अभियान का हिस्सा है।

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तेल संकट का चीन पर असर क्यों नहीं पड़ा:20 साल पहले इमरजेंसी भंडार बनाए, नए तरीकों से बिजली; केमिकल के लिए भी निर्भर नहीं

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जहां कई देश ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं, वहीं चीन पर इसका असर बाकी दुनिया के मुकाबले कम दिखाई दे रहा है। इसकी वजह यह है कि चीन खुद को कई सालों से ऐसे हालात के लिए तैयार कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर…

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