थलपति विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री: तमिल में आज 10 मई 2026 का दिन बेहद खास है। आज से प्रदेश में नई सरकार के कार्यकाल का लक्ष्य पूरा हो गया है। थलपति विजय का शपथ ग्रहण सुबह 10 बजे हुआ, जिसके बाद वे अब तमिल के नए सीएम बन गए हैं।
तमिल में थलपति विजय को जनता का भरपूर सहयोग मिला और उन्होंने भारी बहुमत हासिल किया। लेकिन सरकार बनाने के लिए रिज्यूमे की संख्या कम पड़ रही थी, जिस कारण थलपति के राजतिलक में एक के बाद एक बाधा आ रही थी। लेकिन वीसीएम और आईयूएमएल के समर्थन के बाद अब थलपति विजय की पार्टी टीवीके की सरकार बन गई है।
शर्तेँ लेकिन फिर भी नया पार
विजय के मुख्यमंत्री बनने में कई बाधाएं आ रही थीं। भारी बहुमत के बाद भी विजय सरकार नहीं बन पाई थी। इसके बाद 9 मई 2026 को विजय ने लोकभवन में तमिल के गर्वनर से मुलाकात की और उन्हें टीवीके (टीवीके) के पाठकों के तौर पर अपनी पसंद की जानकारी साझा करते हुए पत्र दिया, जिसके बाद तमिलनाडु के राज्यपाल ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त किया और सरकार बनाने का न्योता दिया।
10 मई सुबह 10 बजे विजय का राजतिलक हुआ
साउथ सुपरस्टार से नेता बने थलपति विजय (थलपति विजय) ने रविवार 10 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इस तरह से उन्होंने राज्य की राजनीति में नया इतिहास रचा। चेन्नई के महासचिव नेहरू स्टेडियम (जेएनएस)) में सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया जिसमें विजय ने मुख्यमंत्री पद और राजनेता की शपथ ली।
खबरों की बात तो, विजय का शपथ ग्रहण समारोह पहले दोपहर 3 बजे 45 मिनट पर आयोजित होने की चर्चा थी। लेकिन बाद में समय बर्बाद सुबह 10 बजे कर दिया गया। बताया जा रहा है, ज्योतिषी के शपथ ग्रहण समारोह के समय में बदलाव किया गया। क्योंकि दोपहर 04:30 बजे से राहु काल प्रारंभ होने वाला था। वहीं सुबह 10 बजे का समय विजय की कुंडली के हिसाब से बेहद शुभ माना गया।
10 मई 2026, रविवार को सुबह 10 बजे का समय शुभ माना जा रहा है, क्योंकि इस समय ज्योतिषीय रूप से कई अनुकूल वस्तुएं बन रही हैं। पंचांग (10 मई पंचांग) के अनुसार 10 मई 2026 को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है. 10 मई 2026 को सुबह 9:05 बजे से रात 10:44 बजे तक ‘लाभ’ का समय है, जो शुभ और कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। इसके तुरंत बाद 10:44 बजे से ‘अमृत’ अमृत चौघड़िया की शुरुआत हो गई है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि, शुभ पुरोहित को ध्यान में रखते हुए ही शपथ ग्रहण का समय बदल दिया गया। हालाँकि सरकार या कैथोलिक की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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