Wednesday, 10 Jun 2026 | 01:26 PM

Trending :

जापानी सुशी खाने के लिए 14 घंटे की कतारें:700 के आर्डर पर डिजिटल लॉटरी गेम, खिलौने देकर सुशिरो चेन ने बढ़ाई बिक्री ‘दो नावों में नहीं रहना चाहती’: टीएमसी राज्यसभा सांसद का पद छोड़ने के बाद सुष्मिता देव की पहली प्रतिक्रिया | भारत समाचार 12 जून से इंग्लैंड में महिला टी20 वर्ल्ड कप:पहली बार मैदान में होंगी 5 गेमचेंजर खिलाड़ी; 12 टीमों में से मिलेगी भविष्य की सुपरस्टार 12 जून से इंग्लैंड में महिला टी20 वर्ल्ड कप:पहली बार मैदान में होंगी 5 गेमचेंजर खिलाड़ी; 12 टीमों में से मिलेगी भविष्य की सुपरस्टार Gold Silver Price Dip | Today Rs 4,090 Down; 10 Grams Rs 1.48 Lakh टीएमसी संकट लाइव अपडेट: टीएमसी की सुष्मिता देव ने राज्यसभा छोड़ी, सायोनी घोष आगे?
EXCLUSIVE

फीफा कप 2026; ‘परफेक्ट’ घास तैयार:47 करोड़ खर्च कर वैज्ञानिकों की टीम लगाई गई, 8 साल में 170 से ज्यादा प्रयोग

फीफा कप 2026; ‘परफेक्ट’ घास तैयार:47 करोड़ खर्च कर वैज्ञानिकों की टीम लगाई गई, 8 साल में 170 से ज्यादा प्रयोग

फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं। टूर्नामेंट के 104 मैचों के लिए इस बार ऐसी प्राकृतिक घास तैयार की जा रही है, जो अलग-अलग मौसम और स्टेडियम की परिस्थितियों में भी एक जैसी खेले। इसके लिए फीफा ने करीब 47 करोड़ रुपए खर्च कर वैज्ञानिकों की टीम लगाई है। टीम ने पिछले 8 साल में 170 से ज्यादा प्रयोग किए हैं, ताकि खिलाड़ियों की चोट का खतरा घटे और ट्रैक्शन व बॉल बाउंस बेहतर रहे। 2024 के कोपा अमेरिका टूर्नामेंट में अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने अटलांटा स्टेडियम की अस्थाई प्राकृतिक घास की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि पिच ‘डिजास्टर’ (बेहद खराब) है और गेंद ‘स्प्रिंगबोर्ड’ की तरह अजीब ढंग से उछल रही है। साल 2026 के वर्ल्ड कप में मेजबान अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको ऐसी बदनामी से बचना चाहते हैं। 5 मिलीमीटर का अंतर भी बदल सकता है खेल का मिजाज टेनेसी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन सोरोचन और मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ट्रे रोजर्स की देखरेख में वर्ल्ड कप के 16 स्टेडियमों के लिए पिच तैयार हो रही हैं। सोरोचन के मुताबिक घास की ऊंचाई में सिर्फ 5 मिलीमीटर का फर्क भी खेल का मिजाज बदल देता है। इसे परखने के लिए लैब के छोटे मैदानों पर चमकदार लाल रंग की मशीनों से फुटबॉल को शूट किया गया। इससे बॉल की स्पीड तक मापा गया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
जीवन में लिया संकल्प, मृत्यु के बाद परिवार ने निभाया:इंदौर में 83 वर्षीय महिला की देह दान; नेत्र, त्वचा भी दान कर दी मानवता की सीख

March 4, 2026/
12:48 am

इंदौर में 83 वर्षीय वृद्धा के निधन के बाद उनके लिए गए संकल्प को पूरा करते हुए परिजन ने उनकी...

रणवीर सिंह की एक्टिंग के मुरीद हुए अनुपम खेर:धुरंधर 2 को बताया शानदार, फिल्म को प्रोपेगेंडा बताने वालों पर साधा निशाना

March 22, 2026/
1:20 pm

फिल्म धुरंधर 2 को प्रोपेगेंडा बताने वाले लोगों की एक्टर अनुपम खेर ने आलोचना की और कहा कि ऐसे लोगों...

तस्वीर का विवरण

May 12, 2026/
4:11 pm

कॉफ़ी के लिए: 3 कच्चे केले, 2 छोटे आलू, 2 हरी मिर्च, छोटी साबुत गाजर, 2 बड़े बेसन, 1/2 छोटा...

किसी ने पिता तो किसी ने पति खोया:अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे 31 परिवार, अफसरों का तर्क- 'वैकेंसी नहीं है, 5 लाख ले लो

April 21, 2026/
5:06 am

मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) में अनुकंपा नियुक्ति की आस लगाए 31 परिवारों का भविष्य पिछले 5 से 10...

Ranveer Singh returns as Hamza in Dhurandhar 2: The Revenge, one of the biggest Bollywood releases of 2026.

March 18, 2026/
3:51 pm

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 15:51 IST राज्यसभा चुनावों ने कांग्रेस की खामियां उजागर कर दी हैं, वरिष्ठों ने राहुल गांधी...

राजनीति

फीफा कप 2026; ‘परफेक्ट’ घास तैयार:47 करोड़ खर्च कर वैज्ञानिकों की टीम लगाई गई, 8 साल में 170 से ज्यादा प्रयोग

फीफा कप 2026; ‘परफेक्ट’ घास तैयार:47 करोड़ खर्च कर वैज्ञानिकों की टीम लगाई गई, 8 साल में 170 से ज्यादा प्रयोग

फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं। टूर्नामेंट के 104 मैचों के लिए इस बार ऐसी प्राकृतिक घास तैयार की जा रही है, जो अलग-अलग मौसम और स्टेडियम की परिस्थितियों में भी एक जैसी खेले। इसके लिए फीफा ने करीब 47 करोड़ रुपए खर्च कर वैज्ञानिकों की टीम लगाई है। टीम ने पिछले 8 साल में 170 से ज्यादा प्रयोग किए हैं, ताकि खिलाड़ियों की चोट का खतरा घटे और ट्रैक्शन व बॉल बाउंस बेहतर रहे। 2024 के कोपा अमेरिका टूर्नामेंट में अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने अटलांटा स्टेडियम की अस्थाई प्राकृतिक घास की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि पिच ‘डिजास्टर’ (बेहद खराब) है और गेंद ‘स्प्रिंगबोर्ड’ की तरह अजीब ढंग से उछल रही है। साल 2026 के वर्ल्ड कप में मेजबान अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको ऐसी बदनामी से बचना चाहते हैं। 5 मिलीमीटर का अंतर भी बदल सकता है खेल का मिजाज टेनेसी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन सोरोचन और मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ट्रे रोजर्स की देखरेख में वर्ल्ड कप के 16 स्टेडियमों के लिए पिच तैयार हो रही हैं। सोरोचन के मुताबिक घास की ऊंचाई में सिर्फ 5 मिलीमीटर का फर्क भी खेल का मिजाज बदल देता है। इसे परखने के लिए लैब के छोटे मैदानों पर चमकदार लाल रंग की मशीनों से फुटबॉल को शूट किया गया। इससे बॉल की स्पीड तक मापा गया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.