Tuesday, 26 May 2026 | 01:55 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Constable Revathis Testimony Leads to 9 Policemens Death Sentence

Constable Revathis Testimony Leads to 9 Policemens Death Sentence
  • Hindi News
  • National
  • Tamil Nadu Custodial Death: Constable Revathis Testimony Leads To 9 Policemens Death Sentence

चेन्नई3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

कांस्टेबल रेवती और कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपियों की फाइल फोटो।

तमिलनाडु के सथानकुलम में पिता-बेटे की कस्टोडियल मौत मामले में 6 साल बाद 6 अप्रैल को मदुरै कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई। इस पूरे मामले में हेड कांस्टेबल रेवती (43) का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।

पुलिस हिरासत में पिता-बेटे की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले को दबाने की कोशिशें भी हुईं, कांस्टेबल लेकिन रेवती की गवाही ने सच सामने ला दिया। रेवती दो बेटियों की मां है। उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट से कहा कि वह पूरा सच बताएंगी, लेकिन अपने बच्चों और नौकरी की सुरक्षा की गारंटी चाहती हैं।

रेवती की बहादुरी और सच्चाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने इस केस को मुकाम तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने कोर्ट में मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम बताया, जिससे यह साबित हुआ कि थाने में क्या हुआ और कौन जिम्मेदार था।

साल 2020 में मोबाइल कारोबारी पिता-पुत्र की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।

साल 2020 में मोबाइल कारोबारी पिता-पुत्र की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।

पढ़िए पूरा मामला…

घटना जून 2020 की है। जब पूरी दुनिया कोविड की बंदिशों से जूझ रही थी। थूथुकुडी जिले के सथानकुलम पुलिस स्टेशन में ऐसा कुछ हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स को इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उन्होंने मोबाइल शॉप तय समय से कुछ देर ज्यादा खुली रखी थी।

कांस्टेबल रेवती ने कोर्ट को बताया, ‘मैं रात करीब 8:50 बजे स्टेशन पहुंची। उसी समय अंदर से चीखने और रोने की आवाज आई, कोई चिल्ला रहा था ‘अम्मा, दर्द हो रहा है! जाने दो! प्लीज मुझे जाने दो! मैंने कुछ गलत नहीं किया!’

लहूलुहान होने तक पीटा, निजी अंगों पर जूतों से वार किया

रेवती ने बताया कि बीच-बीच में सब-इंस्पेक्टर बालाकृष्णन की आवाज सुनाई दे रही थी, वो कह रहे थे- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई स्टेशन के अंदर हंगामा करने की? तुम कोई बड़े आदमी हो? पुलिसकर्मियों ने जयराज और बेनिक्स को लहूलुहान होने तक पीटा।

उन्होंने दोनों पिता-पुत्र के निजी अंगों पर जूतों से वार किया। इस दौरान पुलिसवाले बीच-बीच में शराब पीने के लिए रुकते और फिर दोबारा मारपीट शुरू कर देते। जब दोनों अधमरे हो गए, तो रेवती ने सहानुभूति दिखाते हुए जयराज (पिता) को कॉफी देने की कोशिश की, जिसे अन्य पुलिसकर्मियों ने छीनकर फेंक दिया।

6 अप्रैल को कोर्ट के फैसले के बाद दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल ले जाया गया।

6 अप्रैल को कोर्ट के फैसले के बाद दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल ले जाया गया।

पुलिसकर्मियों ने निर्वस्त्र कर पिता-बेटे के हाथ बांध दिए थे

रेवती के मुताबिक दोनों को निर्वस्त्र कर उनके हाथ बांध दिए गए। इतनी क्रूरता न देख पाने के कारण रेवती बाहर चली गईं। हिरासत में लेने के 2 दिन बाद पहले बेटे बेनिक्स और अगले दिन पिता जयराज की मौत हो गई। पूरे देश में गुस्सा था, लेकिन पुलिस विभाग में मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। 9 प्रभावशाली पुलिसकर्मी आरोपी थे।

जब न्यायिक मजिस्ट्रेट एमएस भरथिदासन जांच के लिए पहुंचे, तो रेवती ने उनसे कहा- सर, मैं आपको सब कुछ बताऊंगी, हर एक बात, वह सच जिसे छिपाया जा रहा है। मैं दो बच्चियों की मां हूं। क्या आप मेरे बच्चों और मेरी नौकरी की सुरक्षा की गारंटी दे सकते हैं

तनाव इता बढ़ा कि मजिस्ट्रेट को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी

साथी अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद रेवती ने बोलने का फैसला किया। यह ऐसी फोर्स में असाधारण कदम था, जहां किसी कर्मी का साथियों के खिलाफ गवाही देना कम ही देखने को मिलता है। उन्होंने खौफ के बीच अपने साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ गवाही दी।

बयान दर्ज कराते वक्त बाहर जमा पुलिसकर्मी कोर्ट के स्टाफ को धमका रहे थे और रेवती पर फब्तियां कस रहे थे। तनाव इतना था कि मजिस्ट्रेट को सुरक्षा गार्ड तैनात करना पड़ा। सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद ही रेवती हस्ताक्षर के लिए तैयार हुईं।

सीसीटीवी फुटेज में हर आरोपी की पहचान की। उनकी मिनट-दर-मिनट की गवाही ने पुख्ता कर दिया कि उस रात थाने में कौन मौजूद था और दोनों की मौत के जिम्मेदार कौन थे। रेवती का यह साहस न्याय की नींव बना।

………………………..

यह खबर भी पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट बोला- हिरासत में मौतें बर्दाश्त नहीं:दैनिक भास्कर की खबर पर केंद्र-राज्य को नोटिस; थानों में CCTV पर 16 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पुलिस हिरासत में होने वाली मौतें सिस्टम पर धब्बा है और अब देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र की ओर से थानों में CCTV को लेकर मांगी गई रिपोर्ट न सौंपने पर नाराजगी जताई। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भारतीय पहलवानों को ‘ग्लैडिएटर’ बनाएंगे नए कोच शाको:कहा - सिर्फ उठक-बैठक और जिम से काम नहीं चलेगा, हार का डर मिटाना होगा

April 28, 2026/
1:42 pm

‘क्या आप ग्लैडिएटर को जानते हैं? वह योद्धा कभी हारने के बारे में नहीं सोचता, वह हमेशा जीतने के लिए...

डिंडौरी वार्ड-1 निवासियों ने मुख्य मार्ग किया जाम:स्थानीय समस्याओं पर कलेक्टर को बुलाने की मांग; पुलिस-प्रशासन मौके पर तैनात

April 21, 2026/
11:10 am

डिंडोरी में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे वार्ड क्रमांक एक सुबखार के निवासियों ने जबलपुर-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर जाम लगा...

authorimg

April 25, 2026/
9:50 am

तेज गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर बाहर से घर लौटते ही फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते...

केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

March 15, 2026/
11:04 am

चुनावों में विचारधारा और कोर वोट बैंक बिना किसी तनाव के कैसे काम करते हैं, इसे गहराई से समझने के...

शतरंज का नन्हा जादूगर; दुनिया का नंबर-1 खिलाड़ी:तमिज अमुधन 2000 ईलो रेटिंग पार करने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी, आठ साल की उम्र में जीती कार

March 11, 2026/
5:01 pm

तमिलनाडु के तमिज अमुधन इस समय विश्व शतरंज जगत में चर्चा का केंद्र है। मात्र 9 साल की उम्र में...

लेडीज संगीत पर डांस करने पर भाभी की हत्या:रोहतक में पड़ोसियों के घर देखकर भड़का जेठ, दरात से मुंह, छाती और हाथ काटे

April 20, 2026/
9:41 am

रोहतक में जेठ ने दरात से काटकर अपनी भाभी की हत्या कर दी। महिला पड़ोसियों के यहां लेडीज संगीत पर...

राजनीति

Constable Revathis Testimony Leads to 9 Policemens Death Sentence

Constable Revathis Testimony Leads to 9 Policemens Death Sentence
  • Hindi News
  • National
  • Tamil Nadu Custodial Death: Constable Revathis Testimony Leads To 9 Policemens Death Sentence

चेन्नई3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

कांस्टेबल रेवती और कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपियों की फाइल फोटो।

तमिलनाडु के सथानकुलम में पिता-बेटे की कस्टोडियल मौत मामले में 6 साल बाद 6 अप्रैल को मदुरै कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई। इस पूरे मामले में हेड कांस्टेबल रेवती (43) का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।

पुलिस हिरासत में पिता-बेटे की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले को दबाने की कोशिशें भी हुईं, कांस्टेबल लेकिन रेवती की गवाही ने सच सामने ला दिया। रेवती दो बेटियों की मां है। उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट से कहा कि वह पूरा सच बताएंगी, लेकिन अपने बच्चों और नौकरी की सुरक्षा की गारंटी चाहती हैं।

रेवती की बहादुरी और सच्चाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने इस केस को मुकाम तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने कोर्ट में मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम बताया, जिससे यह साबित हुआ कि थाने में क्या हुआ और कौन जिम्मेदार था।

साल 2020 में मोबाइल कारोबारी पिता-पुत्र की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।

साल 2020 में मोबाइल कारोबारी पिता-पुत्र की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।

पढ़िए पूरा मामला…

घटना जून 2020 की है। जब पूरी दुनिया कोविड की बंदिशों से जूझ रही थी। थूथुकुडी जिले के सथानकुलम पुलिस स्टेशन में ऐसा कुछ हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स को इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उन्होंने मोबाइल शॉप तय समय से कुछ देर ज्यादा खुली रखी थी।

कांस्टेबल रेवती ने कोर्ट को बताया, ‘मैं रात करीब 8:50 बजे स्टेशन पहुंची। उसी समय अंदर से चीखने और रोने की आवाज आई, कोई चिल्ला रहा था ‘अम्मा, दर्द हो रहा है! जाने दो! प्लीज मुझे जाने दो! मैंने कुछ गलत नहीं किया!’

लहूलुहान होने तक पीटा, निजी अंगों पर जूतों से वार किया

रेवती ने बताया कि बीच-बीच में सब-इंस्पेक्टर बालाकृष्णन की आवाज सुनाई दे रही थी, वो कह रहे थे- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई स्टेशन के अंदर हंगामा करने की? तुम कोई बड़े आदमी हो? पुलिसकर्मियों ने जयराज और बेनिक्स को लहूलुहान होने तक पीटा।

उन्होंने दोनों पिता-पुत्र के निजी अंगों पर जूतों से वार किया। इस दौरान पुलिसवाले बीच-बीच में शराब पीने के लिए रुकते और फिर दोबारा मारपीट शुरू कर देते। जब दोनों अधमरे हो गए, तो रेवती ने सहानुभूति दिखाते हुए जयराज (पिता) को कॉफी देने की कोशिश की, जिसे अन्य पुलिसकर्मियों ने छीनकर फेंक दिया।

6 अप्रैल को कोर्ट के फैसले के बाद दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल ले जाया गया।

6 अप्रैल को कोर्ट के फैसले के बाद दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल ले जाया गया।

पुलिसकर्मियों ने निर्वस्त्र कर पिता-बेटे के हाथ बांध दिए थे

रेवती के मुताबिक दोनों को निर्वस्त्र कर उनके हाथ बांध दिए गए। इतनी क्रूरता न देख पाने के कारण रेवती बाहर चली गईं। हिरासत में लेने के 2 दिन बाद पहले बेटे बेनिक्स और अगले दिन पिता जयराज की मौत हो गई। पूरे देश में गुस्सा था, लेकिन पुलिस विभाग में मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। 9 प्रभावशाली पुलिसकर्मी आरोपी थे।

जब न्यायिक मजिस्ट्रेट एमएस भरथिदासन जांच के लिए पहुंचे, तो रेवती ने उनसे कहा- सर, मैं आपको सब कुछ बताऊंगी, हर एक बात, वह सच जिसे छिपाया जा रहा है। मैं दो बच्चियों की मां हूं। क्या आप मेरे बच्चों और मेरी नौकरी की सुरक्षा की गारंटी दे सकते हैं

तनाव इता बढ़ा कि मजिस्ट्रेट को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी

साथी अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद रेवती ने बोलने का फैसला किया। यह ऐसी फोर्स में असाधारण कदम था, जहां किसी कर्मी का साथियों के खिलाफ गवाही देना कम ही देखने को मिलता है। उन्होंने खौफ के बीच अपने साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ गवाही दी।

बयान दर्ज कराते वक्त बाहर जमा पुलिसकर्मी कोर्ट के स्टाफ को धमका रहे थे और रेवती पर फब्तियां कस रहे थे। तनाव इतना था कि मजिस्ट्रेट को सुरक्षा गार्ड तैनात करना पड़ा। सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद ही रेवती हस्ताक्षर के लिए तैयार हुईं।

सीसीटीवी फुटेज में हर आरोपी की पहचान की। उनकी मिनट-दर-मिनट की गवाही ने पुख्ता कर दिया कि उस रात थाने में कौन मौजूद था और दोनों की मौत के जिम्मेदार कौन थे। रेवती का यह साहस न्याय की नींव बना।

………………………..

यह खबर भी पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट बोला- हिरासत में मौतें बर्दाश्त नहीं:दैनिक भास्कर की खबर पर केंद्र-राज्य को नोटिस; थानों में CCTV पर 16 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पुलिस हिरासत में होने वाली मौतें सिस्टम पर धब्बा है और अब देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र की ओर से थानों में CCTV को लेकर मांगी गई रिपोर्ट न सौंपने पर नाराजगी जताई। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.