Thursday, 09 Jul 2026 | 08:06 AM

Trending :

5 साल के बच्चे का वजन सिर्फ 5.5 किलो:SAM रोग से जूझ रहा था; भोपाल एम्स में लाइफ-सेविंग ट्रीटमेंट से मिली नई जिंदगी

5 साल के बच्चे का वजन सिर्फ 5.5 किलो:SAM रोग से जूझ रहा था; भोपाल एम्स में लाइफ-सेविंग ट्रीटमेंट से मिली नई जिंदगी

भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने कुपोषण की गंभीरता को फिर उजागर कर दिया। 5 साल का बच्चा, जिसका वजन महज 5.5 किलो था, गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से जूझ रहा था। हालत इतनी खराब थी कि बच्चा खाना तक नहीं खा पा रहा था और शरीर में पानी की भी कमी हो गई थी। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कर 10 दिन तक लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट दिया गया। डॉक्टरों की टीम की निगरानी और विशेष पोषण आहार की मदद से बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे नई जिंदगी मिल सकी। भोपाल एम्स में 58 माह के इस बच्चे को अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, खाना न खाने और पेशाब कम होने की शिकायत के साथ लाया गया था। जांच में सामने आया कि बच्चा गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) का शिकार है। उसका वजन केवल 5.5 किलोग्राम था, जबकि इस उम्र में सामान्य वजन करीब 18 किलोग्राम होना चाहिए। इसके साथ ही बच्चे को एनीमिया, शरीर में पानी की कमी और विटामिन D की कमी जैसी समस्याएं भी थीं। PICU में शुरू हुआ लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट बच्चे की हालत को देखते हुए उसे तुरंत पीआईसीयू (बाल गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने लगातार निगरानी में इलाज शुरू किया। SAM प्रोटोकॉल के तहत उसे विशेष पोषण आहार F-75 और F-100 दिया गया, जिससे धीरे-धीरे उसकी स्थिति स्थिर हुई। इसके बाद ऐसा डाइट प्लान तैयार किया गया, जिसे घर पर भी जारी रखा जा सके। 10 दिन में दिखा असर, बढ़ा वजन करीब 10 दिनों के इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार दिखने लगा। उसका वजन बढ़कर 6.06 किलोग्राम हो गया और वह सामान्य रूप से खाना लेने लगा। डिस्चार्ज के समय डॉक्टरों ने परिजनों को नियमित फॉलो-अप, संतुलित आहार और बच्चे की ग्रोथ पर नजर रखने की सलाह दी। एक महीने में और सुधार इलाज के एक महीने बाद जब बच्चे की दोबारा जांच की गई, तो उसका वजन बढ़कर 7.8 किलोग्राम हो गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, यह सुधार इस बात का संकेत है कि सही समय पर इलाज और पोषण मिलने से गंभीर कुपोषण को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बच्चे के माता-पिता को भी प्रशिक्षित किया। उन्हें बताया गया कि घर पर किस तरह से उच्च कैलोरी और संतुलित आहार तैयार करें और बच्चे को सही तरीके से खिलाएं। इससे बच्चे के लंबे समय तक स्वस्थ रहने की संभावना बढ़ जाती है। कुपोषण को हल्के में न लें विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चे का वजन उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुपोषण केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास पर भी असर डालता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अभिभावक नियमित रूप से बच्चों का वजन जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सरपंच संघ अध्यक्ष, भाई समेत अन्य पर केस दर्ज:बालाघाट में मंदिर के निर्माणाधीन ढांचे में देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की थी

March 21, 2026/
10:29 pm

बालाघाट में गर्रा चौक पर शासकीय भूमि पर निर्माणाधीन मंदिर से दुर्गा प्रतिमा हटाने और ढांचा गिराने के मामले में...

Delhi Liquor Scam: Kejriwal, Sisodia Acquitted

February 27, 2026/
1:26 pm

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया...

authorimg

February 17, 2026/
10:46 pm

Last Updated:February 17, 2026, 22:46 IST जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 250 करोड़ रुपये के ऑनलाइन निवेश घोटाले का भंडाफोड़ किया है....

केरल विधानसभा चुनाव में उतरें एक नाम के तीन उम्मीदवार, विल्सन जंग से पहले कन फ़ुज़न ही कन फ़ुज़न

March 28, 2026/
7:15 am

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल, 2026 को होने वाला है। इस चुनाव के लिए जैसे-जैसे प्रचार-प्रसार...

कॉमेडी फिल्मों में अक्षय ने बनाए हैं रिकॉर्ड:सबसे ज्यादा ₹100 करोड़ क्लब में फिल्में, जल्द वेलकम टू द जंगल में दिखेंगे

June 21, 2026/
3:37 pm

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार जल्द फिल्म वेलकम टू द जंगल में नजर आएंगे। फिल्म 26 जून को रिलीज होगी। गौरतलब...

भिंड में फूड सेफ्टी विभाग का अवैध डेयरी पर छापा:रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज मिलाकर तैयार हो रहा था मावा, सैंपल जांच के लिए भेजे

February 23, 2026/
3:08 pm

भिंड के मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध डेयरी में मिलावटी मावा बनाने...

जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत;  आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

July 2, 2026/
10:42 am

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान...

राजनीति

5 साल के बच्चे का वजन सिर्फ 5.5 किलो:SAM रोग से जूझ रहा था; भोपाल एम्स में लाइफ-सेविंग ट्रीटमेंट से मिली नई जिंदगी

5 साल के बच्चे का वजन सिर्फ 5.5 किलो:SAM रोग से जूझ रहा था; भोपाल एम्स में लाइफ-सेविंग ट्रीटमेंट से मिली नई जिंदगी

भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने कुपोषण की गंभीरता को फिर उजागर कर दिया। 5 साल का बच्चा, जिसका वजन महज 5.5 किलो था, गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से जूझ रहा था। हालत इतनी खराब थी कि बच्चा खाना तक नहीं खा पा रहा था और शरीर में पानी की भी कमी हो गई थी। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कर 10 दिन तक लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट दिया गया। डॉक्टरों की टीम की निगरानी और विशेष पोषण आहार की मदद से बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे नई जिंदगी मिल सकी। भोपाल एम्स में 58 माह के इस बच्चे को अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, खाना न खाने और पेशाब कम होने की शिकायत के साथ लाया गया था। जांच में सामने आया कि बच्चा गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) का शिकार है। उसका वजन केवल 5.5 किलोग्राम था, जबकि इस उम्र में सामान्य वजन करीब 18 किलोग्राम होना चाहिए। इसके साथ ही बच्चे को एनीमिया, शरीर में पानी की कमी और विटामिन D की कमी जैसी समस्याएं भी थीं। PICU में शुरू हुआ लाइफ सेविंग ट्रीटमेंट बच्चे की हालत को देखते हुए उसे तुरंत पीआईसीयू (बाल गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने लगातार निगरानी में इलाज शुरू किया। SAM प्रोटोकॉल के तहत उसे विशेष पोषण आहार F-75 और F-100 दिया गया, जिससे धीरे-धीरे उसकी स्थिति स्थिर हुई। इसके बाद ऐसा डाइट प्लान तैयार किया गया, जिसे घर पर भी जारी रखा जा सके। 10 दिन में दिखा असर, बढ़ा वजन करीब 10 दिनों के इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार दिखने लगा। उसका वजन बढ़कर 6.06 किलोग्राम हो गया और वह सामान्य रूप से खाना लेने लगा। डिस्चार्ज के समय डॉक्टरों ने परिजनों को नियमित फॉलो-अप, संतुलित आहार और बच्चे की ग्रोथ पर नजर रखने की सलाह दी। एक महीने में और सुधार इलाज के एक महीने बाद जब बच्चे की दोबारा जांच की गई, तो उसका वजन बढ़कर 7.8 किलोग्राम हो गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, यह सुधार इस बात का संकेत है कि सही समय पर इलाज और पोषण मिलने से गंभीर कुपोषण को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बच्चे के माता-पिता को भी प्रशिक्षित किया। उन्हें बताया गया कि घर पर किस तरह से उच्च कैलोरी और संतुलित आहार तैयार करें और बच्चे को सही तरीके से खिलाएं। इससे बच्चे के लंबे समय तक स्वस्थ रहने की संभावना बढ़ जाती है। कुपोषण को हल्के में न लें विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चे का वजन उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुपोषण केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास पर भी असर डालता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अभिभावक नियमित रूप से बच्चों का वजन जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.