Friday, 16 Oct 2026 | 08:34 PM

Trending :

EXCLUSIVE

चंडीगढ़ BJP दफ्तर ब्लास्ट, 9 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाए:क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, ₹2 लाख में टास्क, सोशल मीडिया के जरिए हुई मुलाकात

चंडीगढ़ BJP दफ्तर ब्लास्ट, 9 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाए:क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, ₹2 लाख में टास्क, सोशल मीडिया के जरिए हुई मुलाकात

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के मामले में चंडीगढ़ पुलिस 9 आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई, जिन्हें कोर्ट में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। इस दौरान क्राइम सीन रिक्रिएशन करवाया गया और पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की गई। इस दौरान डीएसपी धीरज कुमार और थाना 39 प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार मौजूद रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी गुरतेज और अमनप्रीत बीजेपी ऑफिस के सामने सेक्टर-24 वाली साइड, जहां से उन्होंने बस स्टॉपेज से बस पकड़ी थी, वहां पूरे घटनाक्रम का फिर से क्राइम सीन रिक्रिएशन किया गया। पहले कैसे रेकी की, कहां-कहां गए, कितने दिन रेकी की इन सभी पहलुओं को लेकर आरोपियों से पूछताछ की गई। गौरतलब है कि बुधवार (1 अप्रैल) की शाम को ब्लास्ट किया गया था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा, जबकि दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई थी, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। चंडीगढ़ पुलिस से पहले SSOC ने पकड़े चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की सभी जांच एजेंसियां, पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और AGTF समेत अन्य एजेंसियां छापेमारी कर रही थीं। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस से पहले मोहाली की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल यानी SSOC ने मुख्य दो आरोपियों को हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार किया। इनमें रतनगढ़ मोरिंडा के रहने वाले अमनप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह शामिल हैं। इन पर आरोप है कि अमनप्रीत सिंह ने बम फेंका था, जबकि गुरतेज सिंह ने इसका वीडियो बनाया था। उनके पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई है। हालांकि इससे पहले SSOC पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिनमें बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा शामिल हैं। इसके बाद पंजाब DGP गौरव यादव ने कहा था कि इनकी 6 महीने पहले मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसमें अटैक का 28 मार्च को गुरतेज को टास्क मिला था, जिसके लिए इन्हें 2 लाख रुपए देने की बात कही गई थी। इस पूरी साजिश के तार पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की पंजाब में अफरातफरी फैलाने की कोशिश थी। उसके बाद पुलिस ने दो और आरोपी नवदीप और हरजन सिंह को गिरफ्तार किया। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान से ग्रेनेड और हथियार मंगवाने में मदद की थी। डीजीपी ने ये बड़ी बातें कहीं थी… सोशल मीडिया पर दोनों की मुलाकात हुई: डीजीपी ने बताया कि आरोपियों को हरियाणा एसटीएफ की मदद से गिरफ्तार किया है। यह ऑपरेशन चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त रूप से चलाया गया। दोनों आरोपियों को रेवाड़ी से काबू किया गया। करीब 6 महीने पहले इनकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। 28 मार्च को गुरतेज को टास्क मिला था: उन्होंने कहा कि 28 मार्च को गुरतेज को टास्क दिया गया था कि वह बलाचौर से ग्रेनेड और हथियार लेकर आए। इसके बाद वह रूबल और मंदीप शर्मा को साथ लेकर जसबीर जस्सी से मिला, जहां उन्हें दो ग्रेनेड, एक पिस्टल और 10 कारतूस दिए गए। बलजोत सिंह ने गुरतेज को रेकी करने और टारगेट की पहचान की जिम्मेदारी दी थी। वहीं, अमनप्रीत की भर्ती भी गुरतेज ने ही की थी। पूरे ऑपरेशन में विदेश में बैठे हैंडलर का अहम रोल: डीजीपी के मुताबिक, दोनों मुख्य आरोपी रैपिडो में काम करते थे। घटना वाले दिन जब अमनप्रीत ने ग्रेनेड फेंका, तो गुरतेज ने उसकी वीडियो बनाई थी। पूरे ऑपरेशन में विदेश में बैठे हैंडलर का अहम रोल था, जो इनसे वीडियो बनवाकर एक तरह का माहौल (परसेप्शन) तैयार करना चाहता था। उसने इन्हें ऑनलाइन ही निर्देश दिए और यह भी बताया कि ग्रेनेड को कैसे एक्टिव करना है। आरोपियों को 2 लाख रुपए देने की बात हुई: इस काम के लिए आरोपियों को 2 लाख रुपए देने की बात हुई थी, लेकिन यह रकम पूरी नहीं दी गई थी। पूरा ऑपरेशन तकनीकी माध्यमों और दूर बैठे हैंडलर के निर्देशों के आधार पर चलाया गया। पाकिस्तान-ISI से जुड़े मॉड्यूल का खुलासा DGP के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ था। इस नेटवर्क को विदेश में बैठे हैंडलर्स चला रहे थे, जिनकी लोकेशन पुर्तगाल और जर्मनी में बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसमें अलग-अलग स्तर पर कई लोग जुड़े हुए थे और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों के पास हैंड ग्रेनेड, हथियार और कारतूसों की खेप पहुंचाई गई थी। यह खेप कई लोगों के जरिए आगे बढ़ाई गई और आखिर में हमले को अंजाम देने वालों तक पहुंचाई गई। बताया जा रहा है कि पुर्तगाल में बैठे हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देश पर पूरे हमले की साजिश रची गई और उसे अंजाम दिया गया। पाकिस्तानी ग्रेनेड के यूज होने का दावा इससे पहले इस मामले में सूत्रों से पता चला था कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं, इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। हमले के बाद 2 नए वीडियो भी सामने आए थे। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दिए। वहीं, दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

April 20, 2026/
1:04 pm

अनूपपुर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत वेंकटनगर में तिपान नदी पर बना पुल अपनी मियाद पूरी कर चुका...

Dhar Bhojshala Case Verdict | Muslim Side Free to Approach SC

May 16, 2026/
9:31 am

सभी पदाधिकारियों ने यज्ञ कुंड के समीप पहुंचकर भी श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने...

Priyanka Chopras Humble Seva at Golden Temple, Amritsar

April 12, 2026/
1:21 pm

12 दिन के भीतर दूसरी बार गोल्डन टेंपल पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल पहुंचीं।...

AI से 80s के दौर में पहुंचे सेलेब्स:सिद्धार्थ-कियारा का दिखा रेट्रो अंदाज, परिणीति, रवि किशन और अमीषा पटेल ने भी तस्वीरें शेयर कीं

September 10, 2026/
10:44 am

सोशल मीडिया पर 80s का रेट्रो ट्रेंड वायरल हो रहा है। इसमें लोग AI की मदद से अपनी तस्वीरों को...

IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल

May 30, 2026/
8:55 pm

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच रविवार को IPL का फाइनल खेला...

राजनीति

चंडीगढ़ BJP दफ्तर ब्लास्ट, 9 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाए:क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, ₹2 लाख में टास्क, सोशल मीडिया के जरिए हुई मुलाकात

चंडीगढ़ BJP दफ्तर ब्लास्ट, 9 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाए:क्राइम सीन रिक्रिएशन किया, ₹2 लाख में टास्क, सोशल मीडिया के जरिए हुई मुलाकात

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के मामले में चंडीगढ़ पुलिस 9 आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई, जिन्हें कोर्ट में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। इस दौरान क्राइम सीन रिक्रिएशन करवाया गया और पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की गई। इस दौरान डीएसपी धीरज कुमार और थाना 39 प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार मौजूद रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी गुरतेज और अमनप्रीत बीजेपी ऑफिस के सामने सेक्टर-24 वाली साइड, जहां से उन्होंने बस स्टॉपेज से बस पकड़ी थी, वहां पूरे घटनाक्रम का फिर से क्राइम सीन रिक्रिएशन किया गया। पहले कैसे रेकी की, कहां-कहां गए, कितने दिन रेकी की इन सभी पहलुओं को लेकर आरोपियों से पूछताछ की गई। गौरतलब है कि बुधवार (1 अप्रैल) की शाम को ब्लास्ट किया गया था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा, जबकि दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई थी, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। चंडीगढ़ पुलिस से पहले SSOC ने पकड़े चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की सभी जांच एजेंसियां, पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और AGTF समेत अन्य एजेंसियां छापेमारी कर रही थीं। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस से पहले मोहाली की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल यानी SSOC ने मुख्य दो आरोपियों को हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार किया। इनमें रतनगढ़ मोरिंडा के रहने वाले अमनप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह शामिल हैं। इन पर आरोप है कि अमनप्रीत सिंह ने बम फेंका था, जबकि गुरतेज सिंह ने इसका वीडियो बनाया था। उनके पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई है। हालांकि इससे पहले SSOC पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिनमें बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा शामिल हैं। इसके बाद पंजाब DGP गौरव यादव ने कहा था कि इनकी 6 महीने पहले मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसमें अटैक का 28 मार्च को गुरतेज को टास्क मिला था, जिसके लिए इन्हें 2 लाख रुपए देने की बात कही गई थी। इस पूरी साजिश के तार पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की पंजाब में अफरातफरी फैलाने की कोशिश थी। उसके बाद पुलिस ने दो और आरोपी नवदीप और हरजन सिंह को गिरफ्तार किया। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान से ग्रेनेड और हथियार मंगवाने में मदद की थी। डीजीपी ने ये बड़ी बातें कहीं थी… सोशल मीडिया पर दोनों की मुलाकात हुई: डीजीपी ने बताया कि आरोपियों को हरियाणा एसटीएफ की मदद से गिरफ्तार किया है। यह ऑपरेशन चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त रूप से चलाया गया। दोनों आरोपियों को रेवाड़ी से काबू किया गया। करीब 6 महीने पहले इनकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। 28 मार्च को गुरतेज को टास्क मिला था: उन्होंने कहा कि 28 मार्च को गुरतेज को टास्क दिया गया था कि वह बलाचौर से ग्रेनेड और हथियार लेकर आए। इसके बाद वह रूबल और मंदीप शर्मा को साथ लेकर जसबीर जस्सी से मिला, जहां उन्हें दो ग्रेनेड, एक पिस्टल और 10 कारतूस दिए गए। बलजोत सिंह ने गुरतेज को रेकी करने और टारगेट की पहचान की जिम्मेदारी दी थी। वहीं, अमनप्रीत की भर्ती भी गुरतेज ने ही की थी। पूरे ऑपरेशन में विदेश में बैठे हैंडलर का अहम रोल: डीजीपी के मुताबिक, दोनों मुख्य आरोपी रैपिडो में काम करते थे। घटना वाले दिन जब अमनप्रीत ने ग्रेनेड फेंका, तो गुरतेज ने उसकी वीडियो बनाई थी। पूरे ऑपरेशन में विदेश में बैठे हैंडलर का अहम रोल था, जो इनसे वीडियो बनवाकर एक तरह का माहौल (परसेप्शन) तैयार करना चाहता था। उसने इन्हें ऑनलाइन ही निर्देश दिए और यह भी बताया कि ग्रेनेड को कैसे एक्टिव करना है। आरोपियों को 2 लाख रुपए देने की बात हुई: इस काम के लिए आरोपियों को 2 लाख रुपए देने की बात हुई थी, लेकिन यह रकम पूरी नहीं दी गई थी। पूरा ऑपरेशन तकनीकी माध्यमों और दूर बैठे हैंडलर के निर्देशों के आधार पर चलाया गया। पाकिस्तान-ISI से जुड़े मॉड्यूल का खुलासा DGP के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ था। इस नेटवर्क को विदेश में बैठे हैंडलर्स चला रहे थे, जिनकी लोकेशन पुर्तगाल और जर्मनी में बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसमें अलग-अलग स्तर पर कई लोग जुड़े हुए थे और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों के पास हैंड ग्रेनेड, हथियार और कारतूसों की खेप पहुंचाई गई थी। यह खेप कई लोगों के जरिए आगे बढ़ाई गई और आखिर में हमले को अंजाम देने वालों तक पहुंचाई गई। बताया जा रहा है कि पुर्तगाल में बैठे हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देश पर पूरे हमले की साजिश रची गई और उसे अंजाम दिया गया। पाकिस्तानी ग्रेनेड के यूज होने का दावा इससे पहले इस मामले में सूत्रों से पता चला था कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं, इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। हमले के बाद 2 नए वीडियो भी सामने आए थे। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दिए। वहीं, दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.