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Odisha Mid-Day Meal Death Case; Fermented Rice Health Risk

Odisha Mid-Day Meal Death Case; Fermented Rice Health Risk
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  • Odisha Mid Day Meal Death Case; Fermented Rice Health Risk | Summer Bacteria Growth

2 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

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ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी स्कूल में फर्मेंटेड चावल खाने के बाद एक 12 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं 150 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों ने पखाला भात (फर्मेंटेड चावल), आलू भरता और आम की चटनी खाई थी।

इसे खाने के तुरंत बाद उल्टी, दस्त और बेचैनी जैसे लक्षण सामने आए। दरअसल, गर्मियों में ज्यादा टेम्परेचर और ह्यूमिडिटी के कारण फर्मेंटेशन प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे खाना जल्दी खराब होता है।

इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि-

  • ओवर-फर्मेंटेशन क्या है और ये क्यों खतरनाक है?
  • गर्मियों में फर्मेंटेशन तेजी से क्यों होता है?
  • फूड फर्मेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

एक्सपर्ट:

डॉ. गौरव जैन, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली

डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइडटुडे’

सवाल- फर्मेंटेड फूड क्या होता है?

जवाब- फर्मेंटेड फूड वो है, जिसे खमीरीकरण की प्रक्रिया (फर्मेंटेशन) से तैयार किया जाता है। पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • इस प्रोसेस में बैक्टीरिया, यीस्ट या अन्य माइक्रोऑर्गेनिज्म स्टार्च और शुगर को एसिड या अल्कोहल में बदल देते हैं।
  • इससे खाने का स्वाद, टेक्सचर और न्यूट्रिशन बदल जाता है।
  • इन फूड आइटम्स में प्रोबायोटिक्स जैसे गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं।
  • दही, इडली-डोसा का बैटर, अचार इसके कॉमन उदाहरण हैं।

सवाल- फर्मेंटेशन की प्रक्रिया कैसे काम करती है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझते हैं-

1. कच्चा फूड बेस

  • दूध, आटा, सब्जियां या चावल।
  • इनमें नेचुरल शुगर (कार्ब) होती है।

2. माइक्रोऑर्गेनिज्म (बैक्टीरिया/यीस्ट)

  • बैक्टीरिया/यीस्ट प्राकृतिक रूप से फूड में मौजूद होते हैं। कई बार उन्हें बाहर से मिलाया जाता है।
  • जैसे हम जामन से दही जमाते हैं या ब्रेड के आटे में यीस्ट मिलाते हैं।

3. शुगर का टूटना

  • बैक्टीरिया/यीस्ट शुगर को ‘खाकर’ उसे तोड़ते हैं।
  • इस प्रक्रिया को केमिकल ब्रेकडाउन कहते हैं।

4. नए पदार्थ बनना

  • शुगर टूटकर लैक्टिक एसिड, गैस या अल्कोहल में बदलती है। जैसे- दही से लैक्टिक एसिड या ब्रेड/डोसा बैटर से गैस (CO₂)।

5. स्वाद और टेक्सचर

  • खाना थोड़ा खट्टा, फूला हुआ और सॉफ्ट हो जाता है।
  • यही फर्मेंटेशन का असर है।

6. प्रिजर्वेशन

  • बना हुआ एसिड खराब बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।
  • इसलिए कुछ समय तक खाना सुरक्षित रहता है।

सवाल- गर्मियों में फर्मेंटेशन तेजी से क्यों होता है?

जवाब- इसकी वजह हाई टेम्परेचर और माइक्रोऑर्गेनिज्म की एक्टिवनेस है। गर्मी में बैक्टीरिया और यीस्ट तेजी से बढ़ते हैं। जैसेकि-

  • फर्मेंटेशन में शामिल एंजाइम हाई टेम्परेचर में ज्यादा तेजी से रिएक्शन करते हैं।
  • खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट जल्दी एसिड या गैस में बदल जाते हैं।
  • गर्मियों में ह्यूमिडिटी भी ज्यादा होती है। यह माइक्रोऑर्गेनिज्म की ग्रोथ को और बढ़ाते है।

सवाल- ओवर-फर्मेंटेशन क्या है और ये क्यों खतरनाक है?

जवाब- जब किसी फूड को जरूरत से ज्यादा समय तक फर्मेंट होने दिया जाता है, तो उसे ओवर-फर्मेंटेशन कहते हैं। ये कई तरह से खतरनाक होता है। जैसे-

  • खाना जरूरत से ज्यादा खट्टा हो जाता है।
  • ज्यादा समय तक रखने पर बैड बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
  • ओवर-फर्मेंटेड फूड में हिस्टामिन ज्यादा बन सकता है।
  • इससे सिरदर्द, स्किन रैश, एलर्जी जैसे रिएक्शन हो सकते हैं।
  • इसके कारण पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

सवाल- गर्मियों में फर्मेंटेड फूड के खराब होने का रिस्क ज्यादा क्यों होता है?

जवाब- गर्मियों में तापमान, नमी और माइक्रोऑर्गेनिज्म की तेज एक्टिविटी मिलकर फर्मेंटेड फूड को जल्दी खराब कर देते हैं। इससे-

  • फर्मेंटेशन जरूरत से ज्यादा तेज होकर ओवर-फर्मेंटेशन में बदल जाता है।
  • गर्म माहौल ‘गुड’ के साथ ‘बैड’ बैक्टीरिया के लिए भी आदर्श होता है।
  • ज्यादा फर्मेंटेशन से एसिडिटी और गैस प्रोडक्शन बढ़ जाता है।
  • इससे स्वाद बहुत खट्टा, बदबूदार हो जाता है। टेक्सचर भी खराब हो जाता है।

सवाल- गर्मियों में ओवर फर्मेंटेड फूड खाने से क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?

जवाब- गर्मियों में फर्मेंटेशन तेज हो जाता है, जिससे फूड जल्दी ओवर-फर्मेंट हो सकता है। यह कंडीशन फर्मेंटेशन के फायदे को नुकसान में बदल देती है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह बन सकती है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- किन लोगों को फर्मेंटेड फूड खाते समय सावधान रहना चाहिए?

जवाब- फर्मेंटेड फूड हर किसी के लिए सेफ नहीं होता। कुछ लोगों में इसका रिएक्शन जल्दी होता है। इसलिए उन्हें इसे खाते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या गर्मियों में फर्मेंटेड फूड बिल्कुल नहीं खाना चाहिए?

जवाब- नहीं, पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है। अगर फर्मेंटेड फूड सही तरीके से तैयार व स्टोर किए जाएं तो गर्मियों में भी खाए जा सकते हैं।

सवाल- कैसे जानें कि फर्मेंटेड फूड खराब हो गया है?

जवाब- फर्मेंटेड फूड में हल्का खट्टापन और खास स्मेल सामान्य है। यह फर्मेंटेशन का हिस्सा है। लेकिन जब यही बदलाव ‘असामान्य’ हो जाए, तो समझिए फूड खराब हो चुका है। जैसे-

  • सामान्य खट्टेपन की जगह तीखी, सड़ी या केमिकल जैसी स्मेल आए।
  • ऊपर सफेद, हरे या काले धब्बे नजर आएं।
  • बहुत ज्यादा चिपचिपा, स्लाइमी या पतला हो जाए।
  • दही/बैटर में पानी अलग हो जाए।
  • प्लास्टिक कंटेनर फूल जाए या खोलते समय बहुत तेज गैस निकले।

यह ओवर-फर्मेंटेशन या खराब होने का संकेत हो सकता है। ऐसे फूड को टेस्ट करने की कोशिश भी न करें।

सवाल- फर्मेंटेड फूड को सही तरीके से कैसे स्टोर करें?

जवाब- गर्मियों में फर्मेंटेड फूड को सही तरीके से स्टोर करना सबसे अहम होता है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- घर में फूड फर्मेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

जवाब- घर पर फर्मेंटेड फूड बनाते समय कुछ बेसिक नियम फॉलो करना जरूरी है। जैसे-

सवाल- गर्मियों में कौन से फर्मेंटेड फूड खाना सेफ है?

जवाब- गर्मियों में कुछ फर्मेंटेड फूड सेफ होते हैं। जैसे-

  • दही
  • छाछ
  • इडली-डोसा बैटर (ताजा)
  • अचार, जो कम समय में बने और जल्दी खत्म कर लिए जाएं।

सवाल- गर्मियों में कौन से फर्मेंटेड फूड नहीं खाना चाहिए?

जवाब- गर्मियों में ऐसे फर्मेंटेड फूड से बचना चाहिए, जो ज्यादा समय तक रखे गए हों, बहुत ज्यादा खट्टे हो गए हों या जिनमें कंटैमिनेशन का रिस्क ज्यादा हो। जैसे-

  • बहुत पुराने अचार
  • ओवर-फर्मेंटेड इडली/डोसा बैटर
  • लंबे समय तक बाहर रखा दही या छाछ
  • फंगस/मोल्ड लगे फूड

…………………

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2 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

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ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी स्कूल में फर्मेंटेड चावल खाने के बाद एक 12 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं 150 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों ने पखाला भात (फर्मेंटेड चावल), आलू भरता और आम की चटनी खाई थी।

इसे खाने के तुरंत बाद उल्टी, दस्त और बेचैनी जैसे लक्षण सामने आए। दरअसल, गर्मियों में ज्यादा टेम्परेचर और ह्यूमिडिटी के कारण फर्मेंटेशन प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे खाना जल्दी खराब होता है।

इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि-

  • ओवर-फर्मेंटेशन क्या है और ये क्यों खतरनाक है?
  • गर्मियों में फर्मेंटेशन तेजी से क्यों होता है?
  • फूड फर्मेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

एक्सपर्ट:

डॉ. गौरव जैन, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली

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सवाल- फर्मेंटेड फूड क्या होता है?

जवाब- फर्मेंटेड फूड वो है, जिसे खमीरीकरण की प्रक्रिया (फर्मेंटेशन) से तैयार किया जाता है। पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • इस प्रोसेस में बैक्टीरिया, यीस्ट या अन्य माइक्रोऑर्गेनिज्म स्टार्च और शुगर को एसिड या अल्कोहल में बदल देते हैं।
  • इससे खाने का स्वाद, टेक्सचर और न्यूट्रिशन बदल जाता है।
  • इन फूड आइटम्स में प्रोबायोटिक्स जैसे गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं।
  • दही, इडली-डोसा का बैटर, अचार इसके कॉमन उदाहरण हैं।

सवाल- फर्मेंटेशन की प्रक्रिया कैसे काम करती है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझते हैं-

1. कच्चा फूड बेस

  • दूध, आटा, सब्जियां या चावल।
  • इनमें नेचुरल शुगर (कार्ब) होती है।

2. माइक्रोऑर्गेनिज्म (बैक्टीरिया/यीस्ट)

  • बैक्टीरिया/यीस्ट प्राकृतिक रूप से फूड में मौजूद होते हैं। कई बार उन्हें बाहर से मिलाया जाता है।
  • जैसे हम जामन से दही जमाते हैं या ब्रेड के आटे में यीस्ट मिलाते हैं।

3. शुगर का टूटना

  • बैक्टीरिया/यीस्ट शुगर को ‘खाकर’ उसे तोड़ते हैं।
  • इस प्रक्रिया को केमिकल ब्रेकडाउन कहते हैं।

4. नए पदार्थ बनना

  • शुगर टूटकर लैक्टिक एसिड, गैस या अल्कोहल में बदलती है। जैसे- दही से लैक्टिक एसिड या ब्रेड/डोसा बैटर से गैस (CO₂)।

5. स्वाद और टेक्सचर

  • खाना थोड़ा खट्टा, फूला हुआ और सॉफ्ट हो जाता है।
  • यही फर्मेंटेशन का असर है।

6. प्रिजर्वेशन

  • बना हुआ एसिड खराब बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।
  • इसलिए कुछ समय तक खाना सुरक्षित रहता है।

सवाल- गर्मियों में फर्मेंटेशन तेजी से क्यों होता है?

जवाब- इसकी वजह हाई टेम्परेचर और माइक्रोऑर्गेनिज्म की एक्टिवनेस है। गर्मी में बैक्टीरिया और यीस्ट तेजी से बढ़ते हैं। जैसेकि-

  • फर्मेंटेशन में शामिल एंजाइम हाई टेम्परेचर में ज्यादा तेजी से रिएक्शन करते हैं।
  • खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट जल्दी एसिड या गैस में बदल जाते हैं।
  • गर्मियों में ह्यूमिडिटी भी ज्यादा होती है। यह माइक्रोऑर्गेनिज्म की ग्रोथ को और बढ़ाते है।

सवाल- ओवर-फर्मेंटेशन क्या है और ये क्यों खतरनाक है?

जवाब- जब किसी फूड को जरूरत से ज्यादा समय तक फर्मेंट होने दिया जाता है, तो उसे ओवर-फर्मेंटेशन कहते हैं। ये कई तरह से खतरनाक होता है। जैसे-

  • खाना जरूरत से ज्यादा खट्टा हो जाता है।
  • ज्यादा समय तक रखने पर बैड बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
  • ओवर-फर्मेंटेड फूड में हिस्टामिन ज्यादा बन सकता है।
  • इससे सिरदर्द, स्किन रैश, एलर्जी जैसे रिएक्शन हो सकते हैं।
  • इसके कारण पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

सवाल- गर्मियों में फर्मेंटेड फूड के खराब होने का रिस्क ज्यादा क्यों होता है?

जवाब- गर्मियों में तापमान, नमी और माइक्रोऑर्गेनिज्म की तेज एक्टिविटी मिलकर फर्मेंटेड फूड को जल्दी खराब कर देते हैं। इससे-

  • फर्मेंटेशन जरूरत से ज्यादा तेज होकर ओवर-फर्मेंटेशन में बदल जाता है।
  • गर्म माहौल ‘गुड’ के साथ ‘बैड’ बैक्टीरिया के लिए भी आदर्श होता है।
  • ज्यादा फर्मेंटेशन से एसिडिटी और गैस प्रोडक्शन बढ़ जाता है।
  • इससे स्वाद बहुत खट्टा, बदबूदार हो जाता है। टेक्सचर भी खराब हो जाता है।

सवाल- गर्मियों में ओवर फर्मेंटेड फूड खाने से क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?

जवाब- गर्मियों में फर्मेंटेशन तेज हो जाता है, जिससे फूड जल्दी ओवर-फर्मेंट हो सकता है। यह कंडीशन फर्मेंटेशन के फायदे को नुकसान में बदल देती है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह बन सकती है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- किन लोगों को फर्मेंटेड फूड खाते समय सावधान रहना चाहिए?

जवाब- फर्मेंटेड फूड हर किसी के लिए सेफ नहीं होता। कुछ लोगों में इसका रिएक्शन जल्दी होता है। इसलिए उन्हें इसे खाते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या गर्मियों में फर्मेंटेड फूड बिल्कुल नहीं खाना चाहिए?

जवाब- नहीं, पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है। अगर फर्मेंटेड फूड सही तरीके से तैयार व स्टोर किए जाएं तो गर्मियों में भी खाए जा सकते हैं।

सवाल- कैसे जानें कि फर्मेंटेड फूड खराब हो गया है?

जवाब- फर्मेंटेड फूड में हल्का खट्टापन और खास स्मेल सामान्य है। यह फर्मेंटेशन का हिस्सा है। लेकिन जब यही बदलाव ‘असामान्य’ हो जाए, तो समझिए फूड खराब हो चुका है। जैसे-

  • सामान्य खट्टेपन की जगह तीखी, सड़ी या केमिकल जैसी स्मेल आए।
  • ऊपर सफेद, हरे या काले धब्बे नजर आएं।
  • बहुत ज्यादा चिपचिपा, स्लाइमी या पतला हो जाए।
  • दही/बैटर में पानी अलग हो जाए।
  • प्लास्टिक कंटेनर फूल जाए या खोलते समय बहुत तेज गैस निकले।

यह ओवर-फर्मेंटेशन या खराब होने का संकेत हो सकता है। ऐसे फूड को टेस्ट करने की कोशिश भी न करें।

सवाल- फर्मेंटेड फूड को सही तरीके से कैसे स्टोर करें?

जवाब- गर्मियों में फर्मेंटेड फूड को सही तरीके से स्टोर करना सबसे अहम होता है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- घर में फूड फर्मेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

जवाब- घर पर फर्मेंटेड फूड बनाते समय कुछ बेसिक नियम फॉलो करना जरूरी है। जैसे-

सवाल- गर्मियों में कौन से फर्मेंटेड फूड खाना सेफ है?

जवाब- गर्मियों में कुछ फर्मेंटेड फूड सेफ होते हैं। जैसे-

  • दही
  • छाछ
  • इडली-डोसा बैटर (ताजा)
  • अचार, जो कम समय में बने और जल्दी खत्म कर लिए जाएं।

सवाल- गर्मियों में कौन से फर्मेंटेड फूड नहीं खाना चाहिए?

जवाब- गर्मियों में ऐसे फर्मेंटेड फूड से बचना चाहिए, जो ज्यादा समय तक रखे गए हों, बहुत ज्यादा खट्टे हो गए हों या जिनमें कंटैमिनेशन का रिस्क ज्यादा हो। जैसे-

  • बहुत पुराने अचार
  • ओवर-फर्मेंटेड इडली/डोसा बैटर
  • लंबे समय तक बाहर रखा दही या छाछ
  • फंगस/मोल्ड लगे फूड

…………………

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