Sunday, 26 Apr 2026 | 09:36 PM

Trending :

50 फीट ऊंचे पुल से कूदा युवक, मौत:मृतक दमोह में घाट पिपरिया का रहने वाला, मजदूरी करता था महापौर बोले- हॉस्टल क्षेत्र सबसे बड़ी चुनौती:स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर स्टूडेंट्स और हॉस्टल संचालकों की भूमिका पर फोकस माली के रक्षामंत्री सादियो की बम धमाके में मौत:कल घर पर सुसाइड कार से हमला हुआ; जिहादी और विद्रोही संगठन ने मिलकर अंजाम दिया माली के रक्षामंत्री सादियो की बम धमाके में मौत:कल घर पर सुसाइड कार से हमला हुआ; जिहादी और विद्रोही संगठन ने मिलकर अंजाम दिया खंडवा में दर्दनाक हादसा, 3 युवकों की मौत:बारात में जा रही कार पलटी, 2 गंभीर घायल अंडर-18 में शौर्य और अर्जुन पहुंचे फाइनल में:सेंट जोसेफ टेनिस एकेडमी में हुआ छठा ब्रदर एसई कॉफी मेमोरियल टूर्नामेंट, जूनियर खिलाड़ियों का प्रदर्शन जारी
EXCLUSIVE

जिंदगी की कीमत 18 करोड़! बेगूसराय की रूही के पास बचे हैं सिर्फ 6 महीने, सिस्टम सुनेगा मां की पुकार?

authorimg

Last Updated:

Spinal Muscular Atrophy Treatment: बेगूसराय की 16 माह की मासूम रूही एक दुर्लभ बीमारी SMA से जंग लड़ रही है. जिसके इलाज के लिए 18 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत है. बेबस मां और डॉक्टर ने सरकार व समाज से मदद की गुहार लगाई है. क्या वक्त रहते रूही को नई जिंदगी मिल पाएगी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट.

ख़बरें फटाफट

बेगूसराय: राजनेताओं और सरकार के दावों के बीच बेगूसराय की एक मां अपनी मासूम बच्ची की जिंदगी के लिए झोली फैलाकर खड़ी है. यह कहानी है 16 महीने की रूही की. जिसकी मुस्कान अब धीरे-धीरे धुंधली पड़ रही है. रूही एक ऐसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है. जिसका इलाज तो मुमकिन है, लेकिन उसकी कीमत इतनी अधिक है कि एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए वह महज एक सपना बनकर रह गई है.

मदद की आस में भटकती मां
बेगूसराय जिले के सदर प्रखंड के पचम्बा की रहने वाली अंजली कुमारी अपनी बेटी रूही की जान बचाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं. अंजली ने लोकल 18 को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने बेगूसराय से लेकर पटना तक के अनगिनत चक्कर काटे. शुरुआत में स्थानीय डॉक्टरों ने भारी-भरकम बिल तो बनाए, लेकिन मर्ज समझ नहीं पाए. पटना में तो यहां तक कह दिया गया कि यह बच्ची कभी ठीक नहीं होगी. हताशा और कर्ज के बोझ तले दबी अंजली जब अंत में बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचीं. तब जाकर इस बीमारी का असली नाम सामने आया.

क्या है स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी?
सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.कृष्ण कुमार ने रूही की जांच के बाद बताया कि वह स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी यानी SMA नामक दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त है. यह बीमारी जींस की खराबी के कारण होती है. जो न्यूरोमस्कुलर जंक्शन को प्रभावित करती है. इसमें बच्चे की मांसपेशियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं. बच्चा न तो ठीक से बैठ पाता है और न खड़ा हो पाता है. साथ ही चल भी नहीं पाता है. डॉ.कुमार के अनुसार यह एक ऑटोसोमल रिसेसिव बीमारी है. जो लगभग 10000 बच्चों में से किसी एक को होती है.

18 करोड़ का एक इंजेक्शन, असंभव सी चुनौती
इस बीमारी का दुनिया में एकमात्र प्रभावी इलाज जीन थेरेपी है. इसके लिए ज़ोल्जेंसमा नामक एक सिंगल डोज इंजेक्शन दिया जाता है. इस इंजेक्शन की कीमत जानकर किसी के भी पैरों तले जमीन खिसक जाए. इसकी कीमत लगभग 17 से 18 करोड़ रुपये है. डॉक्टर बताते हैं कि इस इंजेक्शन का सक्सेस रेट 92% से 95% तक है. लेकिन इस तक पहुंचना एक गरीब या सामान्य परिवार के लिए असंभव है. रूही के पास अब केवल 6 महीने का समय शेष है. क्योंकि इस इंजेक्शन का असर एक निश्चित आयु सीमा तक ही सबसे प्रभावी होता है.

सिस्टम और समाज से उम्मीद
डॉ.कृष्ण कुमार ने बताया कि इससे पहले उन्होंने बदलपुर के एक बच्चे के लिए प्रयास किया था. जिसे मुंबई भेजकर यह इंजेक्शन दिलवाया गया. वह बच्चा अब ठीक है. रूही के मामले में भी वे कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अब तक न तो कोई बड़ी संस्था सामने आई है. न ही क्राउडफंडिंग की कोई बड़ी शुरुआत हुई है. अंजली कहती हैं कि अब कोई कर्ज देने को भी तैयार नहीं है. क्या मेरी बच्ची सिर्फ इसलिए दम तोड़ देगी क्योंकि हमारे पास 18 करोड़ रुपये नहीं हैं.

About the Author

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
CM Dhami Vision 2026 | Film Destination Brainstorm; Bollywood Stars

March 16, 2026/
11:04 am

देहरादून में दैनिक भास्कर का ‘उत्तराखंड-विकास-विश्वास-विजन कॉन्क्लेव’ जारी है। राजपुर रोड स्थित होटल हयात सेंट्रिक में आयोजित इस कार्यक्रम का...

नर्मदापुरम में 4.22 करोड़ की मूंग हेराफेरी में FIR:वेयरहाउस संचालिका, रिश्तेदार और चौकीदार बने आरोपी, ताला बदलकर गायब की 9899 बोरी मूंग

February 20, 2026/
9:26 pm

नर्मदापुरम जिले के माखननगर के एकलव्य वेयरहाउस से गायब 9899 बोरी सरकारी मूंग मामले में आखिरकार शुक्रवार को एफआईआर हो...

perfGogleBtn

March 10, 2026/
12:07 pm

Last Updated:March 10, 2026, 12:07 IST Health Tips : हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कई हेल्थ प्रॉब्लम का सामना...

भोपाल के गांधीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आग:8 मरीजों को संतनगर सिविल अस्पताल शिफ्ट किया, दवाएं जलीं

April 1, 2026/
6:48 pm

गांधीनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार दोपहर 3 बजे के करीब अचानक आग लग गई। जैसे ही धुआं ओपीडी...

जबलपुर में एक घर से मिले 50 चाइनीज चाकू:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया; अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने एसपी के निर्देश

April 17, 2026/
7:49 am

जबलपुर में अवैध चाकू सप्लाई के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार रात कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।...

कुरुक्षेत्र के तीन युवक उज्बेकिस्तान में किडनैप:बंधक बनाकर रखा, टॉर्चर किया; 45 लाख की फिरौती लेकर छोड़े, एजेंट ने भेजना था स्पेन

March 22, 2026/
9:28 am

कुरुक्षेत्र जिले में तीन युवक को स्पेन भेजने का झांसा देकर एजेंट ने उज्बेकिस्तान में किडनैप करवा दिया। यहां किडनैपर्स...

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

April 5, 2026/
2:06 pm

फिल्म धुरंधर 2 के क्लाइमेक्स सीन को शूट करने के लिए एक्टर रणवीर सिंह ने 47-48 डिग्री तापमान में लेदर...

दमोह में हवा-आंधी के साथ झमाझम बारिश:तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आधे घंटे बरसे बादल; गेहूं-चना की कटाई कर रहे किसान चिंतित

March 19, 2026/
10:03 pm

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तेज आंधी और आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई।...

राजनीति

जिंदगी की कीमत 18 करोड़! बेगूसराय की रूही के पास बचे हैं सिर्फ 6 महीने, सिस्टम सुनेगा मां की पुकार?

authorimg

Last Updated:

Spinal Muscular Atrophy Treatment: बेगूसराय की 16 माह की मासूम रूही एक दुर्लभ बीमारी SMA से जंग लड़ रही है. जिसके इलाज के लिए 18 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत है. बेबस मां और डॉक्टर ने सरकार व समाज से मदद की गुहार लगाई है. क्या वक्त रहते रूही को नई जिंदगी मिल पाएगी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट.

ख़बरें फटाफट

बेगूसराय: राजनेताओं और सरकार के दावों के बीच बेगूसराय की एक मां अपनी मासूम बच्ची की जिंदगी के लिए झोली फैलाकर खड़ी है. यह कहानी है 16 महीने की रूही की. जिसकी मुस्कान अब धीरे-धीरे धुंधली पड़ रही है. रूही एक ऐसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है. जिसका इलाज तो मुमकिन है, लेकिन उसकी कीमत इतनी अधिक है कि एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए वह महज एक सपना बनकर रह गई है.

मदद की आस में भटकती मां
बेगूसराय जिले के सदर प्रखंड के पचम्बा की रहने वाली अंजली कुमारी अपनी बेटी रूही की जान बचाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं. अंजली ने लोकल 18 को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने बेगूसराय से लेकर पटना तक के अनगिनत चक्कर काटे. शुरुआत में स्थानीय डॉक्टरों ने भारी-भरकम बिल तो बनाए, लेकिन मर्ज समझ नहीं पाए. पटना में तो यहां तक कह दिया गया कि यह बच्ची कभी ठीक नहीं होगी. हताशा और कर्ज के बोझ तले दबी अंजली जब अंत में बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचीं. तब जाकर इस बीमारी का असली नाम सामने आया.

क्या है स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी?
सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.कृष्ण कुमार ने रूही की जांच के बाद बताया कि वह स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी यानी SMA नामक दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त है. यह बीमारी जींस की खराबी के कारण होती है. जो न्यूरोमस्कुलर जंक्शन को प्रभावित करती है. इसमें बच्चे की मांसपेशियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं. बच्चा न तो ठीक से बैठ पाता है और न खड़ा हो पाता है. साथ ही चल भी नहीं पाता है. डॉ.कुमार के अनुसार यह एक ऑटोसोमल रिसेसिव बीमारी है. जो लगभग 10000 बच्चों में से किसी एक को होती है.

18 करोड़ का एक इंजेक्शन, असंभव सी चुनौती
इस बीमारी का दुनिया में एकमात्र प्रभावी इलाज जीन थेरेपी है. इसके लिए ज़ोल्जेंसमा नामक एक सिंगल डोज इंजेक्शन दिया जाता है. इस इंजेक्शन की कीमत जानकर किसी के भी पैरों तले जमीन खिसक जाए. इसकी कीमत लगभग 17 से 18 करोड़ रुपये है. डॉक्टर बताते हैं कि इस इंजेक्शन का सक्सेस रेट 92% से 95% तक है. लेकिन इस तक पहुंचना एक गरीब या सामान्य परिवार के लिए असंभव है. रूही के पास अब केवल 6 महीने का समय शेष है. क्योंकि इस इंजेक्शन का असर एक निश्चित आयु सीमा तक ही सबसे प्रभावी होता है.

सिस्टम और समाज से उम्मीद
डॉ.कृष्ण कुमार ने बताया कि इससे पहले उन्होंने बदलपुर के एक बच्चे के लिए प्रयास किया था. जिसे मुंबई भेजकर यह इंजेक्शन दिलवाया गया. वह बच्चा अब ठीक है. रूही के मामले में भी वे कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अब तक न तो कोई बड़ी संस्था सामने आई है. न ही क्राउडफंडिंग की कोई बड़ी शुरुआत हुई है. अंजली कहती हैं कि अब कोई कर्ज देने को भी तैयार नहीं है. क्या मेरी बच्ची सिर्फ इसलिए दम तोड़ देगी क्योंकि हमारे पास 18 करोड़ रुपये नहीं हैं.

About the Author

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.