भास्कर संवाददाता | बैतूल बैतूल ब्लॉक में आने वाली ग्राम पंचायत बरसाली के किसान उन्नत हैं। यहां किसान खेती के साथ- साथ दूध का व्यवसाय भी करते हैं। प्रतिदिन 1500 लीटर से अधिक दूध उत्पादन होने से यहां का मावा भी बैतूल सहित आसपास के जिलों में जाता है। इस पंचायत की खासियत यह है कि यहां अखंड भारत का केंद्र बिंदु होने का दावा किया जाता है। केंद्र बिंदु के नाम पर यहां सेंट्रल पाइंट (सीपी) लिखा पत्थर गड़ा हुआ है। रेलवे पटरी के दूसरी ओर होने के कारण यहां लोग पहुंचते हैं। हालांकि लोगों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सांसद ने यहां भारत- माता की प्रतिमा लगाने की घोषणा की थी, लेकिन वह आज तक नहीं लगी। पंचायत में बरसाली, काजी जामठी, बागदा गांव आते हैं। ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेती और पशुपालन है। यादव समाज के अधिकांश लोग पशुपालन करते हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच राजेंद्र यादव ने बताया कि यहां किसान गन्ना, सोयाबीन, मक्का, गेहूं के साथ सब्जियों की फसलें भी लगाते हैं। इसके अलावा पशुपालन भी किया जाता है। लगभग हर घर में गाय- भैंस पाली जाती हैं। इससे प्रतिदिन 1500 लीटर के करीब दूध होता है, जिसे किसान डेयरी में बेचते हैं। ग्रामीण दूध के साथ मावा बनाकर जिले में बेचते हैं। केद्र बिंदू के नाम पर केवल सीपी लिखा पत्थर गड़ा है। केंद्र बिंदु पर बरसाली पंचायत में रेलवे स्टेशन भी है। यह स्टेशन वर्षों पुराना है। इस गांव के एक ओर सड़क है। पीछे की ओर रेलवे स्टेशन है। इसके कारण परिवहन की बेहतर सुविधा है। पंचायत के सरपंच राजेंद्र यादव ने बताया कि बरसाली स्टेशन बेहद पुराना है। बरसाली गांव के पीछे पटरी पार कर अखंड भारत के केंद्र बिंदु पर जाना होता है। ग्राम पंचायत के सरपंच राजेंद्र बताते हैं कि अखंड भारत के केंद्र बिंदु के रूप में यहां सेंट्रल पाइंट (सीपी) लिखा पत्थर है। यहां लोगों के बैठने के लिए चेयर लगाई गई हैं। सरपंच ने बताया कि लोगों का दावा है कि यहां सेंट्रल पाइंट है, लेकिन सरकारी अभिलेखों में दर्ज नहीं है। इसके कारण पंचायत यहां विकास कार्य नहीं करवा पा रही है। यहां भारत माता की प्रतिमा लगवाकर इसे विकसित करने का प्लान था, लेकिन लगी नहीं।
















































