पश्चिम बंगाल के आसनसोल में लाउडस्पीकर की आवाज कम करने के निर्देश के बाद शुक्रवार को तनाव फैल गया। रेलपार इलाके में भीड़ ने पुलिस चौकी में तोड़फोड़ और पथराव किया। हालात बिगड़े पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। लिस प्रशासन ने राज्य सरकार के निर्देश पर आसनसोल के कई हिस्सों में लाउडस्पीकर की आवाज कम रखने को कहा था। इसी सिलसिले में दिन में रेलपार इलाके में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत हुई थी। शाम को बड़ी संख्या में लोग पुलिस चौकी पहुंच गए। आरोप है कि भीड़ ने चौकी पर हमला किया। पुलिस और आम लोगों के वाहनों में तोड़फोड़ की। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को चोट आई है। इलाके में अर्द्धसैनिक बल तैनात किया गया है। सीएम सुवेंदु ने लाउडस्पीर पर रोक लगाई मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 13 मई से सभी घार्मिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए थे कि वे सभी इलाकों में लाउडस्पीकर की आवाज की निगरानी करें। भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा था कि लाउडस्पीकर पर रोक का आदेश ममता बनर्जी की सरकार के दौरान हाईकोर्ट ने दिया था, लेकिन ममता की सरकार में धार्मिक गतिविधियों के लिए माइक पर कोई रोक नहीं थी। सीएम बनने के बाद सुवेंदु के तीन बड़े फैसले चुनाव नतीजों के बाद से बंगाल में हिंसा पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त रथ स्कॉर्पियो गाड़ी से अपने घर जा रहे थे। गाड़ी ड्राइवर चला रहा था। एक और व्यक्ति गाड़ी में मौजूद था। रथ के सीने में दो गोलियां लगीं, जो दिल के आर-पार हो गईं, एक गोली पेट में लगी। हमले में रथ के ड्राइवर और एक अन्य को भी दाहिने हाथ, पेट और छाती में गोली लगी हैं। भाजपा ने टीएमसी पर रथ की हत्या का आरोप लगया है। टीएमसी ने आरोपों का खंडन करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इस घटना के करीब 1 घंटे बाद रात करीब 12.30 बजे के करीब बशीरहाट जिले में रोहित रॉय नाम के भाजपा कार्यकर्ता को भी गोली मारी गई। उसकी हालत गंभीर है। राज्य में बीते 2 दिन में पीए रथ के अलावा भाजपा के 2 और टीएमसी के कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।

















































