Friday, 09 Oct 2026 | 06:19 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Foreign investors pull Rs 27,000 crore in May from Indian Market; 2026 outflows cross Rs 2.2 lakh crore mark

Foreign investors pull Rs 27,000 crore in May from Indian Market; 2026 outflows cross Rs 2.2 lakh crore mark
  • Hindi News
  • Business
  • Foreign Investors Pull Rs 27,000 Crore In May From Indian Market; 2026 Outflows Cross Rs 2.2 Lakh Crore Mark

मुंबई42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

विदेशी निवेशकों (FPIs) ने इस महीने (मई) भारतीय शेयर बाजार से अब तक ₹27,048 करोड़ की नकदी निकाल ली है। ग्लोबल इकोनॉमिक एनवायरमेंट और जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक लगातार भारतीय इक्विटी बाजार में अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं।

इस ताजा बिकवाली के साथ साल 2026 में अब तक कुल आउटफ्लो ₹2.2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है, जो साल 2025 की कुल बिकवाली से भी ज्यादा है।

FPI ने फरवरी छोड़कर हर महीने बिकवाली की

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के डेटा के मुताबिक, साल 2026 में फरवरी महीने को छोड़कर विदेशी निवेशक हर महीने नेट सेलर्स (बिकवाल) रहे हैं।

जनवरी में निवेशकों ने ₹35,962 करोड़ बाजार से निकाले थे। इसके बाद फरवरी में ट्रेंड बदला और उन्होंने ₹22,615 करोड़ का निवेश किया, जो पिछले 17 महीनों में किसी एक महीने का सबसे बड़ा इनफ्लो था।

मार्च में बना था ₹1.17 लाख करोड़ का रिकॉर्ड

फरवरी की राहत के बाद मार्च में विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ के शेयर बेचे। बिकवाली का यह सिलसिला अप्रैल में भी जारी रहा, जब बाजार से ₹60,847 करोड़ का नेट आउटफ्लो हुआ। मई में भी यह कमजोरी बनी रही और अब तक ₹27,048 करोड़ से ज्यादा की रकम निकाली जा चुकी है।

साल 2026 में अब तक हुई ₹2.2 लाख करोड़ की कुल बिकवाली पिछले पूरे साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। साल 2025 में पूरे साल के दौरान विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से कुल ₹1.66 लाख करोड़ रुपए निकाले थे। इस साल पांच महीनों में ही यह आंकड़ा पार हो गया है।

डॉलर-अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होने से दबाव बढ़ा

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल – मैनेजर रिसर्च, हिमांशु श्रीवास्तव ने इस ट्रेंड पर कहा कि वैश्विक विकास (ग्लोबल ग्रोथ) को लेकर बनी अनिश्चितता, मुख्य क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की अस्थिर कीमतों की वजह से उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट्स) के प्रति निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ी हुई यूएस बॉन्ड यील्ड इस बिकवाली के मुख्य कारण हैं। विकसित बाजारों में बेहतर रिटर्न मिलने से सुरक्षित संपत्तियों का आकर्षण बढ़ा है और निवेशक डिफेंसिव रुख अपना रहे हैं। इसके अलावा ग्लोबल इन्फ्लेशन (महंगाई) और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती के समय को लेकर बनी अनिश्चितता भी फंड एलोकेशन के फैसलों को प्रभावित कर रही है।

रुपए पर दबाव बढ़ा, ₹96.14 के स्तर पर पहुंचा

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और बढ़ते करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) के कारण रुपए पर भारी दबाव देखा जा रहा है।

साल की शुरुआत में डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के स्तर पर था, जो 15 मई को 96 के स्तर को पार करते हुए 96.14 पर पहुंच गया है।

AI कंपनियों की तरफ डायवर्ट हो रहा है फंड

वी के विजयकुमार ने बताया कि अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही और कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे, तो रुपया आगे और कमजोर हो सकता है।

इसके साथ ही दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस करने वाली कंपनियों में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।

इस वजह से भारत जैसे देशों से फंड डायवर्ट हो रहा है, जिन्हें AI के क्षेत्र में थोड़ा पीछे माना जा रहा है। हालांकि, जब AI ट्रेड का मौजूदा बबल शांत होगा, तब यह ट्रेंड वापस बदल सकता है।

FPI और बॉन्ड यील्ड क्या होते हैं?

  • फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI): जब किसी देश के नागरिक या कंपनियां दूसरे देश के शेयर बाजार, बॉन्ड या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो उसे फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट कहा जाता है। इन्हें शॉर्ट-टर्म इन्वेस्टर भी माना जाता है जो बाजार के हालातों को देखकर तेजी से पैसा निकालते या निवेश करते हैं।
  • बॉन्ड यील्ड: बॉन्ड यील्ड वह रिटर्न या ब्याज होता है जो एक निवेशक को बॉन्ड में निवेश करने पर मिलता है। जब अमेरिका जैसे विकसित देशों में सरकारी बॉन्ड की यील्ड (रिटर्न) बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजार जैसे जोखिम वाले शेयर बाजारों से पैसा निकालकर वहां सुरक्षित सरकारी बॉन्ड में निवेश करने लगते हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ट्रम्प ने लेबनान-इजराइल में 3 हफ्ते का सीजफायर कराया:कहा- ईरान के साथ कोई जल्दबाजी नहीं है, परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से इनकार

April 24, 2026/
7:07 am

डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में इजराइल और लेबनान के राजदूत स्तर की दूसरी बातचीत के बाद दोनों देशों के...

गुना में 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट:पुजारी बोले - मंदिर की जमीन हड़पना चाहता है आरोपी; लाठी डंडों से की मारपीट

April 10, 2026/
5:43 pm

जिले के रूठियाई इलाके में एक 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट का मामला सामने आया है। मंदिर की जमीन हड़पने...

Praggnanandhaa Wins Norway Chess 2026

June 6, 2026/
5:31 am

ओस्लो1 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रज्ञानानंदा ने जीत के बाद विन्सेंट कीमर से हाथ मिलाया। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर....

शाहरुख की फिल्मों में सबसे ज्यादा मेहनत करते थे:ललित पंडित बोले- आज के संगीत में अच्छे गीतकारों की सबसे ज्यादा कमी खलती है

August 1, 2026/
12:37 pm

‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘फना’ और ‘हम तुम’ जैसी फिल्मों का संगीत...

‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने गाया भजन:पीएम मोदी ने खंजरी बजाई, डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने पढ़ी हनुमान चालीसा

September 26, 2026/
11:11 am

नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...

Israel US Iran war live updates ninth day Trump Netanyahu

March 8, 2026/
6:42 am

तेल अवीव/तेहरान1 दिन पहले कॉपी लिंक ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Foreign investors pull Rs 27,000 crore in May from Indian Market; 2026 outflows cross Rs 2.2 lakh crore mark

Foreign investors pull Rs 27,000 crore in May from Indian Market; 2026 outflows cross Rs 2.2 lakh crore mark
  • Hindi News
  • Business
  • Foreign Investors Pull Rs 27,000 Crore In May From Indian Market; 2026 Outflows Cross Rs 2.2 Lakh Crore Mark

मुंबई42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

विदेशी निवेशकों (FPIs) ने इस महीने (मई) भारतीय शेयर बाजार से अब तक ₹27,048 करोड़ की नकदी निकाल ली है। ग्लोबल इकोनॉमिक एनवायरमेंट और जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक लगातार भारतीय इक्विटी बाजार में अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं।

इस ताजा बिकवाली के साथ साल 2026 में अब तक कुल आउटफ्लो ₹2.2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है, जो साल 2025 की कुल बिकवाली से भी ज्यादा है।

FPI ने फरवरी छोड़कर हर महीने बिकवाली की

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के डेटा के मुताबिक, साल 2026 में फरवरी महीने को छोड़कर विदेशी निवेशक हर महीने नेट सेलर्स (बिकवाल) रहे हैं।

जनवरी में निवेशकों ने ₹35,962 करोड़ बाजार से निकाले थे। इसके बाद फरवरी में ट्रेंड बदला और उन्होंने ₹22,615 करोड़ का निवेश किया, जो पिछले 17 महीनों में किसी एक महीने का सबसे बड़ा इनफ्लो था।

मार्च में बना था ₹1.17 लाख करोड़ का रिकॉर्ड

फरवरी की राहत के बाद मार्च में विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ के शेयर बेचे। बिकवाली का यह सिलसिला अप्रैल में भी जारी रहा, जब बाजार से ₹60,847 करोड़ का नेट आउटफ्लो हुआ। मई में भी यह कमजोरी बनी रही और अब तक ₹27,048 करोड़ से ज्यादा की रकम निकाली जा चुकी है।

साल 2026 में अब तक हुई ₹2.2 लाख करोड़ की कुल बिकवाली पिछले पूरे साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। साल 2025 में पूरे साल के दौरान विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से कुल ₹1.66 लाख करोड़ रुपए निकाले थे। इस साल पांच महीनों में ही यह आंकड़ा पार हो गया है।

डॉलर-अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होने से दबाव बढ़ा

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल – मैनेजर रिसर्च, हिमांशु श्रीवास्तव ने इस ट्रेंड पर कहा कि वैश्विक विकास (ग्लोबल ग्रोथ) को लेकर बनी अनिश्चितता, मुख्य क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की अस्थिर कीमतों की वजह से उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट्स) के प्रति निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ी हुई यूएस बॉन्ड यील्ड इस बिकवाली के मुख्य कारण हैं। विकसित बाजारों में बेहतर रिटर्न मिलने से सुरक्षित संपत्तियों का आकर्षण बढ़ा है और निवेशक डिफेंसिव रुख अपना रहे हैं। इसके अलावा ग्लोबल इन्फ्लेशन (महंगाई) और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती के समय को लेकर बनी अनिश्चितता भी फंड एलोकेशन के फैसलों को प्रभावित कर रही है।

रुपए पर दबाव बढ़ा, ₹96.14 के स्तर पर पहुंचा

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और बढ़ते करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) के कारण रुपए पर भारी दबाव देखा जा रहा है।

साल की शुरुआत में डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के स्तर पर था, जो 15 मई को 96 के स्तर को पार करते हुए 96.14 पर पहुंच गया है।

AI कंपनियों की तरफ डायवर्ट हो रहा है फंड

वी के विजयकुमार ने बताया कि अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही और कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे, तो रुपया आगे और कमजोर हो सकता है।

इसके साथ ही दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस करने वाली कंपनियों में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।

इस वजह से भारत जैसे देशों से फंड डायवर्ट हो रहा है, जिन्हें AI के क्षेत्र में थोड़ा पीछे माना जा रहा है। हालांकि, जब AI ट्रेड का मौजूदा बबल शांत होगा, तब यह ट्रेंड वापस बदल सकता है।

FPI और बॉन्ड यील्ड क्या होते हैं?

  • फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI): जब किसी देश के नागरिक या कंपनियां दूसरे देश के शेयर बाजार, बॉन्ड या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो उसे फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट कहा जाता है। इन्हें शॉर्ट-टर्म इन्वेस्टर भी माना जाता है जो बाजार के हालातों को देखकर तेजी से पैसा निकालते या निवेश करते हैं।
  • बॉन्ड यील्ड: बॉन्ड यील्ड वह रिटर्न या ब्याज होता है जो एक निवेशक को बॉन्ड में निवेश करने पर मिलता है। जब अमेरिका जैसे विकसित देशों में सरकारी बॉन्ड की यील्ड (रिटर्न) बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजार जैसे जोखिम वाले शेयर बाजारों से पैसा निकालकर वहां सुरक्षित सरकारी बॉन्ड में निवेश करने लगते हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.