Monday, 24 Aug 2026 | 11:18 AM

Trending :

Riteish Deshmukh Seeks Paparazzi Who Helped Kids in Mumbai Iran To Collect Toll From Ships In Hormuz Strait ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी:रियाल और पसंद की करेंसी में पेमेंट लेगा; बदले में सुरक्षा और इंश्योरेंस देगा आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं आसिम रियाज बोले- मैंने किसी का धर्म नहीं बदलवाया:हिमांशी खुराना के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी; बोले- वे पब्लिसिटी के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहीं केरल की केजिया लीज मेजो बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया:इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, सुष्मिता सेन और उर्वशी रौतेला बनी जज
EXCLUSIVE

Despite GST cuts and festivals, white goods profits fell 35%; companies are now relying on summer to boost profits.

Despite GST cuts and festivals, white goods profits fell 35%; companies are now relying on summer to boost profits.
  • Hindi News
  • Business
  • Despite GST Cuts And Festivals, White Goods Profits Fell 35%; Companies Are Now Relying On Summer To Boost Profits.

मुंबई42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे वाइट गुड्स की मांग ठंडी, वायर-केबल में उछाल।

भारतीय कंपनियों के दिसंबर तिमाही के नतीजों में त्योहारी सीजन की मजबूती दिखी, लेकिन यह कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रही। नतीजों ने यह भी संकेत दिया है कि मार्जिन के दम पर मुनाफे की ग्रोथ का दौर जल्द खत्म हो सकता है। 3,905 कंपनियों के विश्लेषण से पता चला कि तीसरी तिमाही में कुल आय सालाना आधार पर 10% बढ़ी, जो पिछली सात तिमाहियों में सबसे तेज गति है।

हालांकि, मुनाफे की वृद्धि दर पांच तिमाहियों में सबसे धीमी (11%) रही। यह अंतर तब आया जब बि​क्री छह तिमाहियों में सबसे तेज बढ़ी। जीएसटी दरों में कटौती, त्योहारी मांग और आयकर में पिछली रियायतों के कारण उपभोक्ताओं ने खास तौर पर गाड़ियों और टीवी-वॉशिंग मशीन जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर खर्च किया। लेकिन गहराई में उतरने पर नतीजे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के लिए अलग-अलग कहानियां बयां कर रहे हैं। कोटक सिक्युरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, जहां वायर और केबल कंपनियों ने कमोडिटी की तेजी का फायदा उठाकर जबरदस्त ग्रोथ दिखाई।

वहीं एसी, वॉशिंग मशीन जैसे व्हाइट गुड्स और इलेक्ट्रिकल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट में मांग सुस्ती बनी हुई है। यह सेगमेंट कच्चे माल की महंगाई से भी जूझ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों और विश्लेषकों के लिए अब सबसे बड़ा ‘ट्रिगर’ गर्मी का आगामी सीजन है। यदि पारा चढ़ता है और कीमतें स्थिर रहती हैं, तो वाइट गुड्स में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

वायर-केबल- आय 37%, मुनाफा 39% बढ़ा,अब मांग पर संदेह

तीसरी तिमाही में वायर एंड केबल सेगमेंट ‘शो-स्टॉपर’ रहा। इस सेगमेंट की आय में 37% और एबिटा (कामकाजी मुनाफा) में सालाना 39% बढ़ोतरी हुई। अब असली परीक्षा ये होगी कि क्या बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद मांग बनी रहती है।

ग्रोथ की वजह

कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उछाल के साथ-साथ रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। कीमतें बढ़ने की आशंका के चलते डीलरों द्वारा की गई भारी ‘चैनल स्टॉकिंग’ (स्टोरेज) ने भी बिक्री को सहारा दिया।

टॉप परफॉर्मर्स

पॉलीकैब (46% वृद्धि) और आरआर केबल (42% वृद्धि) आय के मामले में सबसे आगे रहे। खास तौर पर आरआर केबल के मुनाफे में 90% से अधिक का उछाल ऑपरेटिंग लीवरेज का बेहतरीन उदाहरण है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट- कमाई 2.5% बढ़ी, पर मुनाफा 8.2% घटा

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कैटेगरी में आय 2.5% बढ़ी, लेकिन मुनाफे में 8.2% कमी आई वॉटर हीटर की बिक्री बढ़ी, पर कूलर और पंखों की बिक्री कम रही। इस सेगमेंट के लिए आगामी 3-4 महीने और मौसम का मिजाज सबसे निर्णायक होगा।

वाइट गुड्स – लाभ 35% तक घटा

एसी, फ्रिज जैसे वाइट गुड्स सेगमेंट में जीएसटी दरें घटने के बावजूद बिक्री उम्मीद से कम बढ़ी। इस सेगमेंट का मुनाफा 35% तक घट गया है। कच्चा माल महंगा होने से कंपनियों को दाम 10% तक बढ़ाने पड़े। यह मांग प्रभावित कर सकता है।

गर्मियों के सीजन पर दारोमदार

कंपनियों से डीलरों को प्राइमरी बिक्री ठीक है। लेकिन सेकंडरी बिक्री (दुकान से ग्राहक को) कमजोर है। इस बीच कीमतों में 10% की नई बढ़ोतरी ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ सकती है।

लीडर्स – आय 46% तक बढ़ी

ये वो कंपनियां हैं, जिन्होंने आय वृद्धि के मामले में सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।39% बढ़ा, अब मांग पर संदेह

कंपनी सालाना आय वृद्धि पॉलीकैब 46.1% आरआर केबल 42.3% फिनोलेक्स केबल्स 35.2% केईआई इंडस्ट्रीज 19.5% अपार इंडस्ट्रीज 16.2%

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
'एक चट्टान से भी अधिक': बीके हरिप्रसाद ने डीके शिवकुमार को कर्नाटक कांग्रेस का 'रेलवे इंजन' बताया | राजनीति समाचार

February 16, 2026/
4:38 pm

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 16:38 IST हरिप्रसाद ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के आसपास की ऊर्जा और कभी-कभार होने वाली...

बिहार- नालंदा के शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़, 8 की मौत:6 से ज्यादा घायल; चैत्र के आखिरी मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी

March 31, 2026/
10:53 am

बिहार में नालंदा के मघड़ा में मंगलवार सुबह माता शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़ से 8 महिलाओं की मौत हो गई...

अदा शर्मा के पास 1 महीने से नहीं कोई काम:वीडियो जारी कर सुनाई आपबीती, कहा- प्रोड्यूसर ने डेट्स बदलने के लिए मैनेजर को गाली दी

March 11, 2026/
2:48 pm

द केरला स्टोरी और 1920 जैसी बेहतरीन फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस अदा शर्मा को पिछले 1 महीने से...

जबलपुर में दो गुट आपस में भिड़े, पथराव:छोटी ओमती की घटना; सूचना के बाद पुलिस बल मौके पर तैनात

March 4, 2026/
11:32 pm

जबलपुर में होली के मौके पर बुधवार रात छोटी ओमती इलाके में दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों तरफ...

supreme court on NOTA in election voting leader quality

February 24, 2026/
10:08 pm

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NOTA (इनमें से कोई नहीं) विकल्प की उपयोगिता और...

रोडीज में अभिजीत दिपके को नहीं दी गई गाली:पूर्व जज रघु राम ने वायरल वीडियो को फेक बताया, बोले- मैं उनसे कभी नहीं मिला

June 15, 2026/
11:40 am

टीवी शो रोडीज के पूर्व जज रघु राम ने वायरल हो रहे एक पुराने ऑडिशन वीडियो पर रिएक्शन दिया है।...

राजनीति

Despite GST cuts and festivals, white goods profits fell 35%; companies are now relying on summer to boost profits.

Despite GST cuts and festivals, white goods profits fell 35%; companies are now relying on summer to boost profits.
  • Hindi News
  • Business
  • Despite GST Cuts And Festivals, White Goods Profits Fell 35%; Companies Are Now Relying On Summer To Boost Profits.

मुंबई42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे वाइट गुड्स की मांग ठंडी, वायर-केबल में उछाल।

भारतीय कंपनियों के दिसंबर तिमाही के नतीजों में त्योहारी सीजन की मजबूती दिखी, लेकिन यह कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रही। नतीजों ने यह भी संकेत दिया है कि मार्जिन के दम पर मुनाफे की ग्रोथ का दौर जल्द खत्म हो सकता है। 3,905 कंपनियों के विश्लेषण से पता चला कि तीसरी तिमाही में कुल आय सालाना आधार पर 10% बढ़ी, जो पिछली सात तिमाहियों में सबसे तेज गति है।

हालांकि, मुनाफे की वृद्धि दर पांच तिमाहियों में सबसे धीमी (11%) रही। यह अंतर तब आया जब बि​क्री छह तिमाहियों में सबसे तेज बढ़ी। जीएसटी दरों में कटौती, त्योहारी मांग और आयकर में पिछली रियायतों के कारण उपभोक्ताओं ने खास तौर पर गाड़ियों और टीवी-वॉशिंग मशीन जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर खर्च किया। लेकिन गहराई में उतरने पर नतीजे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के लिए अलग-अलग कहानियां बयां कर रहे हैं। कोटक सिक्युरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, जहां वायर और केबल कंपनियों ने कमोडिटी की तेजी का फायदा उठाकर जबरदस्त ग्रोथ दिखाई।

वहीं एसी, वॉशिंग मशीन जैसे व्हाइट गुड्स और इलेक्ट्रिकल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट में मांग सुस्ती बनी हुई है। यह सेगमेंट कच्चे माल की महंगाई से भी जूझ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों और विश्लेषकों के लिए अब सबसे बड़ा ‘ट्रिगर’ गर्मी का आगामी सीजन है। यदि पारा चढ़ता है और कीमतें स्थिर रहती हैं, तो वाइट गुड्स में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

वायर-केबल- आय 37%, मुनाफा 39% बढ़ा,अब मांग पर संदेह

तीसरी तिमाही में वायर एंड केबल सेगमेंट ‘शो-स्टॉपर’ रहा। इस सेगमेंट की आय में 37% और एबिटा (कामकाजी मुनाफा) में सालाना 39% बढ़ोतरी हुई। अब असली परीक्षा ये होगी कि क्या बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद मांग बनी रहती है।

ग्रोथ की वजह

कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उछाल के साथ-साथ रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। कीमतें बढ़ने की आशंका के चलते डीलरों द्वारा की गई भारी ‘चैनल स्टॉकिंग’ (स्टोरेज) ने भी बिक्री को सहारा दिया।

टॉप परफॉर्मर्स

पॉलीकैब (46% वृद्धि) और आरआर केबल (42% वृद्धि) आय के मामले में सबसे आगे रहे। खास तौर पर आरआर केबल के मुनाफे में 90% से अधिक का उछाल ऑपरेटिंग लीवरेज का बेहतरीन उदाहरण है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट- कमाई 2.5% बढ़ी, पर मुनाफा 8.2% घटा

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कैटेगरी में आय 2.5% बढ़ी, लेकिन मुनाफे में 8.2% कमी आई वॉटर हीटर की बिक्री बढ़ी, पर कूलर और पंखों की बिक्री कम रही। इस सेगमेंट के लिए आगामी 3-4 महीने और मौसम का मिजाज सबसे निर्णायक होगा।

वाइट गुड्स – लाभ 35% तक घटा

एसी, फ्रिज जैसे वाइट गुड्स सेगमेंट में जीएसटी दरें घटने के बावजूद बिक्री उम्मीद से कम बढ़ी। इस सेगमेंट का मुनाफा 35% तक घट गया है। कच्चा माल महंगा होने से कंपनियों को दाम 10% तक बढ़ाने पड़े। यह मांग प्रभावित कर सकता है।

गर्मियों के सीजन पर दारोमदार

कंपनियों से डीलरों को प्राइमरी बिक्री ठीक है। लेकिन सेकंडरी बिक्री (दुकान से ग्राहक को) कमजोर है। इस बीच कीमतों में 10% की नई बढ़ोतरी ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ सकती है।

लीडर्स – आय 46% तक बढ़ी

ये वो कंपनियां हैं, जिन्होंने आय वृद्धि के मामले में सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।39% बढ़ा, अब मांग पर संदेह

कंपनी सालाना आय वृद्धि पॉलीकैब 46.1% आरआर केबल 42.3% फिनोलेक्स केबल्स 35.2% केईआई इंडस्ट्रीज 19.5% अपार इंडस्ट्रीज 16.2%

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.