Sunday, 31 May 2026 | 02:48 AM

Trending :

‘मौत को देखा जा सकता था’: अभिषेक पर सोनारपुर हमले की क्रूरता से हैरान ममता बनर्जी | भारत समाचार शिवकुमार को सीएलपी नेता चुने जाने के बाद कर्नाटक में ‘डीकेएस सरकार’ हकीकत के करीब पहुंची | शीर्ष बिंदु | भारत समाचार सुरक्षा उल्लंघन का एनाटॉमी: बंगाल के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी का विवरण कैसे छीन लिया गया | भारत समाचार आशुतोष राणा के 'हमारे राम' शो के दौरान लगी आग:शॉर्ट सर्किट से कंट्रोल पैनल में भड़की लपटें, ऑडिटोरियम में अंधेरा; एक्टर और लोगों का रेस्क्यू सात्विक-चिराग सिंगापुर ओपन बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे:दुनिया की नंबर-1 जोड़ी को हराया; कोरिया के वर्ल्ड चैंपियंस को 21-19, 21-18 से हराया IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल
EXCLUSIVE

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

मध्य प्रदेश के सवा करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली का एक और बड़ा झटका लग सकता है। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों में 10.19% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) को सौंपा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली नई दरें आम आदमी के घरेलू बजट पर असर डालेगी। अनुमान है कि इस वृद्धि से प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता पर सालाना 3600 रुपए से ज्यादा का बोझ पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोयले पर जीएसटी सेस हटने के बाद उत्पादन का खर्च कम हो चुका है। इसके बाद भी कंपनियों ने बिजली के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। मंडे स्टोरी में पढ़िए बिजली कंपनियों ने दाम बढ़ाने के लिए कौन से तर्क दिए हैं और आम आदमी पर किस तरह से असर पड़ेगा…। 300 रुपए महीना बढ़ सकता है बिजली का खर्च
बिजली कंपनियों ने अपने प्रस्ताव में लगातार बढ़ते घाटे, परिचालन लागत में वृद्धि और अन्य वित्तीय चुनौतियों का हवाला दिया है। इस बार पावर मैनेजमेंट कंपनी ने कुल 6,044 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई के लिए यह मांग रखी है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई परिवार हर महीने 400 यूनिट बिजली की खपत करता है, तो उसका वर्तमान बिल जो लगभग 3250 रुपये आता है, वह बढ़कर 3550 रुपये से अधिक हो जाएगा। यह सीधे तौर पर 300 रुपये की मासिक वृद्धि है। यानी सालाना हिसाब देखे तो 3600 रु. सालाना बिजली का खर्च बढ़ जाएगा। क्यों बढ़ाई जा रही हैं दरें? कंपनियों ने गिनाए ये कारण
बिजली कंपनियों का तर्क है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भारी घाटे में चल रही हैं।
प्रस्ताव पर उठे सवाल
इस प्रस्ताव पर कई गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं, जो बिजली कंपनियों और सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करते हैं। 4,800 करोड़ की रुकी वसूली का अनसुलझा पेंच
मामले में एक और बड़ा वित्तीय पेंच फंसा हुआ है। विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले, तत्कालीन सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए 31 अगस्त 2023 तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिलों की वसूली स्थगित कर दी थी। यह राशि लगभग 4,800 करोड़ रुपये है। विद्युत वितरण कंपनियों को इस राशि की भरपाई सरकार करने वाली थी, लेकिन अब तक नहीं हुई है। अब यह राशि उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी या कोई और विकल्प खोजा जाएगा, इसका फैसला करने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इसके अलावा, कंपनियां घरेलू उपभोक्ताओं से 1,373 करोड़ रुपये और कृषि उपभोक्ताओं से 2,790 करोड़ रुपये की पुरानी बकाया राशि वसूलने का भी प्रस्ताव रख रही हैं। सरकार का विरोधाभासी रुख और मंत्री का बयान
दिलचस्प बात यह है कि यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार के हालिया दावों के ठीक विपरीत है। कुछ समय पहले ही अपने दो वर्ष के कार्यकाल पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा था कि सरकार का प्रयास है कि उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े और बिजली टैरिफ में कोई वृद्धि न हो। उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2028 तक प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियां घाटे से उबर जाएंगी। जब उनसे बिजली सस्ती करने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “प्रदेश में 1 करोड़ 35 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिसमें से करीब एक करोड़ तो सिर्फ 100 रुपए में बिजली वाली सब्सिडी स्कीम (अटल गृह ज्योति योजना) से जुड़े हैं। ऐसे में सस्ती बिजली कैसे देंगे?” 24 फरवरी से 26 फरवरी तक प्रस्ताव पर सुनवाई
राज्य विद्युत नियामक आयोग इस प्रस्ताव पर 24 से 26 फरवरी तक जनसुनवाई करेगा, जिसमें विभिन्न उपभोक्ता संगठन, उद्योगपति और आम नागरिक अपना पक्ष रखेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग अंतिम फैसला लेगा। यदि आयोग इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी देता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से नई महंगी दरें पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी।आम जनता को अब आयोग के फैसले का इंतजार है, जिस पर उनके घर का बजट टिका हुआ है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल चुनाव के बीच बाबरी मस्जिद का ऐलान करने वाले हुमायूं कबीर को लगा बड़ा झटका

April 23, 2026/
11:16 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित अभिषेक बनर्जी ने बाबरी मस्जिद के समर्थकों को...

मेहमान चाटते रह जाएंगे उंगलियां... घर पर ऐसे रेस्तरां जैसे क्रीमी मशरूम, सीक्रेट रेसिपी से आएं होटल वाला स्वाद

March 28, 2026/
2:19 pm

मशरूम रेसिपी: शाकाहारी भोजन के शौकीनों के बीच सबसे पसंदीदा शख्सियत उभरकर सामने आ रही है। अक्सर लोग शिकायत करते...

शिवपुरी में ट्रक ने ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी:एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल, काम खत्म कर घर लौट रहे थे

May 1, 2026/
9:00 am

शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर एक ट्रक ने मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे...

बंगाल में चुनाव ख़त्म होने के बाद भी सीएपीएफ़ के 500 ब्लास्टर्स, सीआरपीएफ़ के डीजी ने दी जानकारी

April 29, 2026/
11:07 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के प्रमुख...

authorimg

April 21, 2026/
11:26 am

Last Updated:April 21, 2026, 11:26 IST Should Diabetics Drink Alcohol: डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब खतरनाक हो सकती है,...

सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर डामर पिघला:जिले में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस पहुंचा; अस्पतालों में बनी हीट स्ट्रोक यूनिट

April 28, 2026/
12:29 pm

सीहोर जिले में भीषण गर्मी और राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक...

authorimg

April 14, 2026/
6:43 am

अंबाला: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी ओर तेजी से बदलती लाइफस्टाइल ने युवाओं की सेहत पर दोहरा असर डालना शुरू...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

मध्य प्रदेश के सवा करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली का एक और बड़ा झटका लग सकता है। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों में 10.19% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) को सौंपा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली नई दरें आम आदमी के घरेलू बजट पर असर डालेगी। अनुमान है कि इस वृद्धि से प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता पर सालाना 3600 रुपए से ज्यादा का बोझ पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोयले पर जीएसटी सेस हटने के बाद उत्पादन का खर्च कम हो चुका है। इसके बाद भी कंपनियों ने बिजली के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। मंडे स्टोरी में पढ़िए बिजली कंपनियों ने दाम बढ़ाने के लिए कौन से तर्क दिए हैं और आम आदमी पर किस तरह से असर पड़ेगा…। 300 रुपए महीना बढ़ सकता है बिजली का खर्च
बिजली कंपनियों ने अपने प्रस्ताव में लगातार बढ़ते घाटे, परिचालन लागत में वृद्धि और अन्य वित्तीय चुनौतियों का हवाला दिया है। इस बार पावर मैनेजमेंट कंपनी ने कुल 6,044 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई के लिए यह मांग रखी है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई परिवार हर महीने 400 यूनिट बिजली की खपत करता है, तो उसका वर्तमान बिल जो लगभग 3250 रुपये आता है, वह बढ़कर 3550 रुपये से अधिक हो जाएगा। यह सीधे तौर पर 300 रुपये की मासिक वृद्धि है। यानी सालाना हिसाब देखे तो 3600 रु. सालाना बिजली का खर्च बढ़ जाएगा। क्यों बढ़ाई जा रही हैं दरें? कंपनियों ने गिनाए ये कारण
बिजली कंपनियों का तर्क है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भारी घाटे में चल रही हैं।
प्रस्ताव पर उठे सवाल
इस प्रस्ताव पर कई गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं, जो बिजली कंपनियों और सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करते हैं। 4,800 करोड़ की रुकी वसूली का अनसुलझा पेंच
मामले में एक और बड़ा वित्तीय पेंच फंसा हुआ है। विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले, तत्कालीन सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए 31 अगस्त 2023 तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिलों की वसूली स्थगित कर दी थी। यह राशि लगभग 4,800 करोड़ रुपये है। विद्युत वितरण कंपनियों को इस राशि की भरपाई सरकार करने वाली थी, लेकिन अब तक नहीं हुई है। अब यह राशि उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी या कोई और विकल्प खोजा जाएगा, इसका फैसला करने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इसके अलावा, कंपनियां घरेलू उपभोक्ताओं से 1,373 करोड़ रुपये और कृषि उपभोक्ताओं से 2,790 करोड़ रुपये की पुरानी बकाया राशि वसूलने का भी प्रस्ताव रख रही हैं। सरकार का विरोधाभासी रुख और मंत्री का बयान
दिलचस्प बात यह है कि यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार के हालिया दावों के ठीक विपरीत है। कुछ समय पहले ही अपने दो वर्ष के कार्यकाल पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा था कि सरकार का प्रयास है कि उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े और बिजली टैरिफ में कोई वृद्धि न हो। उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2028 तक प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियां घाटे से उबर जाएंगी। जब उनसे बिजली सस्ती करने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “प्रदेश में 1 करोड़ 35 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिसमें से करीब एक करोड़ तो सिर्फ 100 रुपए में बिजली वाली सब्सिडी स्कीम (अटल गृह ज्योति योजना) से जुड़े हैं। ऐसे में सस्ती बिजली कैसे देंगे?” 24 फरवरी से 26 फरवरी तक प्रस्ताव पर सुनवाई
राज्य विद्युत नियामक आयोग इस प्रस्ताव पर 24 से 26 फरवरी तक जनसुनवाई करेगा, जिसमें विभिन्न उपभोक्ता संगठन, उद्योगपति और आम नागरिक अपना पक्ष रखेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग अंतिम फैसला लेगा। यदि आयोग इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी देता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से नई महंगी दरें पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी।आम जनता को अब आयोग के फैसले का इंतजार है, जिस पर उनके घर का बजट टिका हुआ है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.