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गर्मियों में गर्भवती महिलाओं के लिए डिहाइड्रेशन गंभीर खतरा बन सकता है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी से चक्कर, कमजोरी और प्री-मैच्योर डिलीवरी का जोखिम बढ़ जाता है. डॉक्टरों का कहना है कि नियमित रूप से पानी, नारियल पानी, छाछ और पानी से भरपूर फलों का सेवन मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए जरूरी है.

कन्नौज. गर्मियों का मौसम गर्भवती महिलाओं के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है, जिनमें सबसे आम समस्या है शरीर में पानी की कमी, यानी डिहाइड्रेशन. तेज धूप, पसीना और बढ़ता तापमान शरीर से पानी तेजी से कम कर देता है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी संवेदनशील हो जाती है, क्योंकि इसका सीधा असर मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत पर पड़ सकता है. गर्भावस्था के दौरान शरीर को सामान्य से अधिक पानी की जरूरत होती है. पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, पोषक तत्वों का सही संचार होता है और शिशु के विकास में भी मदद मिलती है. अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए, तो चक्कर आना, थकान, सिरदर्द और यहां तक कि प्री-मैच्योर डिलीवरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

इन चीजों का करें नियमित सेवन
गर्मी के मौसम में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि कुछ प्राकृतिक पेय और फल भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ जरूरी मिनरल्स भी प्रदान करते हैं. इसके अलावा तरबूज, खीरा और मौसमी जैसे फल शरीर में पानी की कमी को दूर करने में बेहद मददगार साबित होते हैं. ये चीजें शरीर को तरोताजा बनाए रखने के साथ ऊर्जा भी देती हैं.

दिनभर पानी पीने की बनाएं आदत
डॉ. शक्ति बसु बताते हैं गर्भवती महिलाओं को दिनभर में थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहना चाहिए. एक साथ ज्यादा पानी पीने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी लेना ज्यादा फायदेमंद होता है. हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखें और बाहर जाते समय भी पानी पीना न भूलें. यह आदत शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में काफी मदद करती है.

क्या बोले डॉक्टर 
जिला अस्पताल सीएमएस डॉक्टर शक्ति बसु बताते हैं कि डिहाइड्रेशन के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसे मुंह सूखना, पेशाब का गहरा रंग, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होना, अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पानी या तरल पदार्थ का सेवन बढ़ा दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें. हर गर्भवती महिला की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी डाइट या हाइड्रेशन प्लान को अपनाने से पहले अपने नज़दीकी डॉक्टर की सलाह जरूर लें. सही मार्गदर्शन और संतुलित खानपान के जरिए गर्मियों में भी खुद को और अपने बच्चे को स्वस्थ रखा जा सकता है.

About the Author

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

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गर्मियों में गर्भवती महिलाओं के लिए डिहाइड्रेशन गंभीर खतरा बन सकता है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी से चक्कर, कमजोरी और प्री-मैच्योर डिलीवरी का जोखिम बढ़ जाता है. डॉक्टरों का कहना है कि नियमित रूप से पानी, नारियल पानी, छाछ और पानी से भरपूर फलों का सेवन मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए जरूरी है.

कन्नौज. गर्मियों का मौसम गर्भवती महिलाओं के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है, जिनमें सबसे आम समस्या है शरीर में पानी की कमी, यानी डिहाइड्रेशन. तेज धूप, पसीना और बढ़ता तापमान शरीर से पानी तेजी से कम कर देता है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी संवेदनशील हो जाती है, क्योंकि इसका सीधा असर मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत पर पड़ सकता है. गर्भावस्था के दौरान शरीर को सामान्य से अधिक पानी की जरूरत होती है. पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, पोषक तत्वों का सही संचार होता है और शिशु के विकास में भी मदद मिलती है. अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए, तो चक्कर आना, थकान, सिरदर्द और यहां तक कि प्री-मैच्योर डिलीवरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

इन चीजों का करें नियमित सेवन
गर्मी के मौसम में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि कुछ प्राकृतिक पेय और फल भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ जरूरी मिनरल्स भी प्रदान करते हैं. इसके अलावा तरबूज, खीरा और मौसमी जैसे फल शरीर में पानी की कमी को दूर करने में बेहद मददगार साबित होते हैं. ये चीजें शरीर को तरोताजा बनाए रखने के साथ ऊर्जा भी देती हैं.

दिनभर पानी पीने की बनाएं आदत
डॉ. शक्ति बसु बताते हैं गर्भवती महिलाओं को दिनभर में थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहना चाहिए. एक साथ ज्यादा पानी पीने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी लेना ज्यादा फायदेमंद होता है. हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखें और बाहर जाते समय भी पानी पीना न भूलें. यह आदत शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में काफी मदद करती है.

क्या बोले डॉक्टर 
जिला अस्पताल सीएमएस डॉक्टर शक्ति बसु बताते हैं कि डिहाइड्रेशन के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसे मुंह सूखना, पेशाब का गहरा रंग, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होना, अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पानी या तरल पदार्थ का सेवन बढ़ा दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें. हर गर्भवती महिला की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी डाइट या हाइड्रेशन प्लान को अपनाने से पहले अपने नज़दीकी डॉक्टर की सलाह जरूर लें. सही मार्गदर्शन और संतुलित खानपान के जरिए गर्मियों में भी खुद को और अपने बच्चे को स्वस्थ रखा जा सकता है.

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