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West Asia Conflict Hits Supply; Petrol-Diesel Demand Jumps 8%

West Asia Conflict Hits Supply; Petrol-Diesel Demand Jumps 8%
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नई दिल्ली25 मिनट पहले

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अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की वजह से मार्च में देश की रसोई गैस (LPG) सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, पिछले महीने यानी मार्च में घरेलू LPG की खपत में 13% की भारी गिरावट दर्ज की गई।

सप्लाई में आई इस कमी की मुख्य वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग का बंद होना और खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित होना है।

मार्च में 2.379 मिलियन टन रही खपत

पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में LPG की खपत 2.379 मिलियन टन रही। यह पिछले साल इसी अवधि में हुई 2.729 मिलियन टन खपत के मुकाबले करीब 13% कम है।

भले ही मार्च में खपत कम रही हो, लेकिन पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में LPG की कुल खपत 6% बढ़कर 33.212 मिलियन टन रही है। इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा लकड़ी और अन्य प्रदूषित ईंधनों की जगह स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है।

जंग के कारण आयात में आई रुकावट

भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60% हिस्सा आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह मार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया है।

सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से होने वाली सप्लाई बाधित होने के बाद सरकार ने घरेलू रसोई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए होटलों और उद्योगों जैसी कॉमर्शियल संस्थाओं की सप्लाई में कटौती की है।

कॉमर्शियल और घरेलू गैस बिक्री के आंकड़े

PPAC डेटा के मुताबिक, मार्च में घरों को बेचे गए घरेलू LPG सिलेंडर की बिक्री में 8.1% की गिरावट आई और यह 2.219 मिलियन टन रही। वहीं नॉन-डोमेस्टिक या कॉमर्शियल यूजर्स की बिक्री में लगभग 48% की कमी आई है।

थोक LPG की बिक्री में तो 75.5% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, सरकार का दावा है कि LPG की सप्लाई सामान्य है और घरेलू मांग पूरी की जा रही है, लेकिन डेटा इसके उलट स्थिति दिखा रहा है।

उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों को निर्देश

सप्लाई की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश दिए हैं कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन के बजाय LPG आउटपुट बढ़ाने पर ध्यान दें। इसके चलते मार्च में घरेलू LPG उत्पादन बढ़कर 1.4 मिलियन टन हो गया, जो पिछले साल 1.1 मिलियन टन था।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के दौरान कुल LPG उत्पादन 13.1 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले दो सालों में यह 12.8 मिलियन टन था।

पेट्रोल-डीजल की डिमांड बढ़ी

जंग के कारण जहां LPG और विमान ईंधन (ATF) प्रभावित हुए हैं, वहीं पेट्रोल और डीजल की बिक्री में अच्छी तेजी देखी गई है।

पेट्रोल: इसकी बिक्री 7.6% बढ़कर 3.78 मिलियन टन रही।

डीजल: इसकी खपत 8.1% बढ़कर 8.727 मिलियन टन तक पहुंच गई।

ATF: खाड़ी देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों के रद्द होने से जेट फ्यूल (ATF) की खपत लगभग स्थिर रही।

क्या है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ और यह क्यों जरूरी है?

यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच का एक संकरा जलमार्ग है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे बड़े निर्यातक इसी पर निर्भर हैं।

भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है। यहां तनाव होने से भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर सीधा असर पड़ता है।

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सप्लाई में आई इस कमी की मुख्य वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग का बंद होना और खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित होना है।

मार्च में 2.379 मिलियन टन रही खपत

पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में LPG की खपत 2.379 मिलियन टन रही। यह पिछले साल इसी अवधि में हुई 2.729 मिलियन टन खपत के मुकाबले करीब 13% कम है।

भले ही मार्च में खपत कम रही हो, लेकिन पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में LPG की कुल खपत 6% बढ़कर 33.212 मिलियन टन रही है। इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा लकड़ी और अन्य प्रदूषित ईंधनों की जगह स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है।

जंग के कारण आयात में आई रुकावट

भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60% हिस्सा आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह मार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया है।

सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से होने वाली सप्लाई बाधित होने के बाद सरकार ने घरेलू रसोई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए होटलों और उद्योगों जैसी कॉमर्शियल संस्थाओं की सप्लाई में कटौती की है।

कॉमर्शियल और घरेलू गैस बिक्री के आंकड़े

PPAC डेटा के मुताबिक, मार्च में घरों को बेचे गए घरेलू LPG सिलेंडर की बिक्री में 8.1% की गिरावट आई और यह 2.219 मिलियन टन रही। वहीं नॉन-डोमेस्टिक या कॉमर्शियल यूजर्स की बिक्री में लगभग 48% की कमी आई है।

थोक LPG की बिक्री में तो 75.5% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, सरकार का दावा है कि LPG की सप्लाई सामान्य है और घरेलू मांग पूरी की जा रही है, लेकिन डेटा इसके उलट स्थिति दिखा रहा है।

उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों को निर्देश

सप्लाई की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश दिए हैं कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन के बजाय LPG आउटपुट बढ़ाने पर ध्यान दें। इसके चलते मार्च में घरेलू LPG उत्पादन बढ़कर 1.4 मिलियन टन हो गया, जो पिछले साल 1.1 मिलियन टन था।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के दौरान कुल LPG उत्पादन 13.1 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले दो सालों में यह 12.8 मिलियन टन था।

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यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच का एक संकरा जलमार्ग है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे बड़े निर्यातक इसी पर निर्भर हैं।

भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है। यहां तनाव होने से भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर सीधा असर पड़ता है।

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