ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने चिकित्सकीय लापरवाही के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने नाक के इलाज में प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर डॉक्टर और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को मरीज को मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने पाया कि उपचार के दौरान तय मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण 54 वर्षीय मरीज रवि खंडेलवाल को गंभीर शारीरिक और मानसिक नुकसान हुआ। लापरवाही के चलते उनकी नाक विकृत हो गई। 45 दिन में देना होगा मुआवजा आयोग ने आदेश दिया कि शारीरिक पीड़ा व आर्थिक नुकसान के लिए ₹1 लाख और मानसिक कष्ट के लिए ₹10 हजार रुपए दिए जाएं। इतना ही नहीं कुल राशि 45 दिन के भीतर अदा करनी होगी। तय समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा। नाक से खून आने पर कराया था इलाज पीड़ित ने नाक से खून आने की समस्या के चलते डॉक्टर से इलाज कराया था। जांच में सामने आया कि संक्रमण का उचित इलाज नहीं किया गया, जो सीधे तौर पर चिकित्सकीय लापरवाही है। इसी आधार पर आयोग ने मरीज के पक्ष में फैसला सुनाया। डॉक्टर ने अपने बचाव में कहा कि इलाज मानकों के अनुसार किया गया, लेकिन जांच में यह साबित नहीं हो पाया।














































