मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जजों के खाली पदों को भरने के लिए कवायद तेज हो गई है। लंबे समय के इंतजार के बाद अब कॉलेजियम की बैठक को लेकर हलचल शुरू हुई है, जिसमें इंदौर से तीन प्रमुख वकीलों के नाम शॉर्टलिस्ट किए जाने की खबर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन नामों में दो महिला अधिवक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है, जो न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इंदौर से तीन नामों पर चर्चा हो रही है। इन नामों को लेकर इंटेलिजेंस ब्यूरो ने अपनी खुफिया रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। इन वकीलों का अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। हाई कोर्ट में वर्तमान स्थिति को देखें तो तीनों खंडपीठों को मिलाकर अभी केवल एक ही महिला जज कार्यरत हैं। ऐसे में इंदौर के साथ-साथ जबलपुर और ग्वालियर से भी महिला वकीलों के नाम कॉलेजियम के समक्ष भेजे गए हैं ताकि संतुलन को बेहतर किया जा सके। यदि हाई कोर्ट कॉलेजियम इन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगा देता है, तो इन्हें मंजूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट भेजा जाएगा और वहां से हरी झंडी मिलने के बाद केंद्र सरकार द्वारा नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। कम होती जा रही जजों की संख्या जुलाई 2025 के बाद से हाई कोर्ट को नए जज नहीं मिले हैं और करीब सवा साल से कॉलेजियम की कोई औपचारिक बैठक भी नहीं हुई है। वर्तमान में जजों की सेवानिवृत्ति के कारण पदों की संख्या कम होती जा रही है। अगले तीन महीनों में इंदौर खंडपीठ के ही दो जज रिटायर होने वाले हैं, जबकि जबलपुर और ग्वालियर में भी रिक्तियां बढ़ने वाली हैं। कुछ मौजूदा जजों को अन्य राज्यों में मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया जा सकता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक कार्यों की सुगमता के लिए नई नियुक्तियों की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।















































