Thursday, 09 Jul 2026 | 03:38 AM

Trending :

EXCLUSIVE

शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील में प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान नरवाई जलाना बंद नहीं कर रहे हैं। खास बात ये है कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बाबजूद भी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। क्षेत्र के मोहना, भंवरासा, बरनावद, बड़ौदी, माल्याहेडी, कड़ूला, मांगलिया और निपानिया सहित कई गांवों में प्रतिदिन खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नरवाई जलाने से आसपास के पेड़-पौधों को नुकसान होता है और कई बार आग फैलकर वन क्षेत्रों तक पहुंच जाती है, जिससे बड़े नुकसान का खतरा बना रहता है। पोषक तत्व नष्ट हो रहे कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती है। इससे किसानों को लंबे समय में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं और खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में सहयोग करें। मोहन बड़ोदिया के कृषि विस्तार अधिकारी (एसएडीओ) अमित यादव ने बताया कि किसान खेतों में नरवाई न जलाएं। इससे भूमि में मौजूद सूक्ष्म जीव मर जाते हैं, जिससे उर्वरा शक्ति कम होती है। साथ ही, आगजनी की घटनाएं बढ़ती हैं और पेड़-पौधे भी आग का शिकार होते हैं। सेटेलाइट से रखी जा रही नजर सरकार के जागरूकता के बावजूद लगातार नरवाई जलाने के सवाल पर अधिकारी अमित यादव ने कहा कि प्रशासन सेटेलाइट के माध्यम से कार्रवाई कर रहा है। जिन लोगों ने भी नरवाई जलाई है, उनके खिलाफ सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी जुटाकर पटवारी को मौके पर भेजकर पंचनामा बनवाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Rs 6 & Rs 6.80 Cheaper

May 23, 2026/
3:34 pm

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक इस्लामाबाद के एक पंप पर पेट्रोल के लिए अपने नंबर का इंतजार करते लोग।...

US Israel vs Iran War Live Updates F-35 Jets Trump Netanyahu

April 4, 2026/
7:13 am

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी9 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी C-130 हरक्यूलिस विमान पायलट की तलाश के दौरान फ्लेयर्स छोड़ते हुए। अमेरिका...

लखनऊ में संजू बाबा बोले- ओए मामू, बात सुन:पौधा लगाने का, पानी बचाने का; विधायक राजेश्वर सिंह के साथ निकाला रोड शो

February 22, 2026/
11:53 am

फिल्म अभिनेता संजय दत्त रविवार को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने युवाओं से मुंबइया स्टाइल में कहा- ओए मामू, बात सुन। जित्ते...

श्योपुर के नौनार धाम पर 351 कन्याओं का विवाह:मुख्यमंत्री ने इसे समाज सेवा का कार्य बताया, तोमर बोले- अस्पताल बनाने में सरकार मदद करेगी

April 28, 2026/
9:14 pm

कराहल आदिवासी विकासखंड के नौनार सरकार धाम पर मंगलवार को 351 कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। इस मौके पर...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल के जिन 5 में सबसे ज्यादा वोट, वहां मुस्लिम, जो बना-बिगाड़ हो सकता है ममता का खेल?

April 24, 2026/
11:37 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के बंपर वोट ने इतिहास रच दिया है। पहले चरण की वोटिंग में...

राजनीति

शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील में प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान नरवाई जलाना बंद नहीं कर रहे हैं। खास बात ये है कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बाबजूद भी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। क्षेत्र के मोहना, भंवरासा, बरनावद, बड़ौदी, माल्याहेडी, कड़ूला, मांगलिया और निपानिया सहित कई गांवों में प्रतिदिन खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नरवाई जलाने से आसपास के पेड़-पौधों को नुकसान होता है और कई बार आग फैलकर वन क्षेत्रों तक पहुंच जाती है, जिससे बड़े नुकसान का खतरा बना रहता है। पोषक तत्व नष्ट हो रहे कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती है। इससे किसानों को लंबे समय में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं और खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में सहयोग करें। मोहन बड़ोदिया के कृषि विस्तार अधिकारी (एसएडीओ) अमित यादव ने बताया कि किसान खेतों में नरवाई न जलाएं। इससे भूमि में मौजूद सूक्ष्म जीव मर जाते हैं, जिससे उर्वरा शक्ति कम होती है। साथ ही, आगजनी की घटनाएं बढ़ती हैं और पेड़-पौधे भी आग का शिकार होते हैं। सेटेलाइट से रखी जा रही नजर सरकार के जागरूकता के बावजूद लगातार नरवाई जलाने के सवाल पर अधिकारी अमित यादव ने कहा कि प्रशासन सेटेलाइट के माध्यम से कार्रवाई कर रहा है। जिन लोगों ने भी नरवाई जलाई है, उनके खिलाफ सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी जुटाकर पटवारी को मौके पर भेजकर पंचनामा बनवाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.