Saturday, 11 Apr 2026 | 07:13 PM

Trending :

राम गोपाल वर्मा बोले- दाऊद को क्रेडिट क्यों न दें:अंडरवर्ल्ड डॉन की वजह से ‘सत्या’ और ‘कंपनी’ बनाई, आज भी कमा रहा हूं राम गोपाल वर्मा बोले- दाऊद को क्रेडिट क्यों न दें:अंडरवर्ल्ड डॉन की वजह से ‘सत्या’ और ‘कंपनी’ बनाई, आज भी कमा रहा हूं पिंक लिप्स का सच Dr आंचल पंथ ने बताया, हर किसी के लिए नहीं नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बालाघाट में चर्चा:महिलाएं बोलीं- संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण से बढ़ेगी राजनीतिक भागीदारी, 16 अप्रैल से विशेष सत्र मासूम शर्मा ने फिर स्टेज से गालियां दीं,VIDEO:देहरादून शो में बोले- गुंडा मारने आया, मैंने उसे कहा, हरियाणा छोड़कर यहां आ नरसिंहपुर की प्रीति को 800 मीटर में रजत पदक:इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-3 में दिल्ली की धाविका से हुआ कड़ा मुकाबला
EXCLUSIVE

यूएन प्रमुख की रेस में 4 नाम, 2 महिलाएं:जेल में पिटाई, बिजली के झटके सहे, नहीं झुकीं मिशेल; रेबेका ने अनाज संकट से बचाया

यूएन प्रमुख की रेस में 4 नाम, 2 महिलाएं:जेल में पिटाई, बिजली के झटके सहे, नहीं झुकीं मिशेल; रेबेका ने अनाज संकट से बचाया

संयुक्त राष्ट्र के 80 साल के इतिहास में पहली बार शीर्ष पद पर महिला नेतृत्व की उम्मीद बनी है। मौजूदा प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल दिसंबर में खत्म होगा। इस बार चार उम्मीदवार शार्ट लिस्ट हुए हैं। इनमें दो महिलाएं मिशेल बैचलेट (74) व रेबेका ग्रिनस्पैन (70) हैं। न्यूयॉर्क में 21-22 अप्रैल को दोनों की डिबेट होगी। मिशेल चिली की पहली महिला राष्ट्रपति रहीं जबकि रेबेका कोस्टा रिका की उप राष्ट्रपति रह चुकी हैं। मिशेल – संसाधनों की कमी से मरीज को तड़पते देख डॉक्टरी की पढ़ाई की 1973 में चिली में जनरल ऑगस्टो पिनोशे ने सैन्य तख्तापलट किया, तब मिशेल पैडिएट्रिक्स की पढ़ाई कर रही थीं। उस दौरान राष्ट्रपति सल्वाडोर से करीबी संबंध के चलते मिशेल के परिवार को बंधक बनाकर यातनाएं दी गईं। जेल में हाथ बांध लात-घूसे मारे गए। तब बंदियों को लोहे की ग्रिल से बिजली के झटके तक दिए जाते। यातनाओं से पिता की मौत के बाद भी मिशेल नहीं झुकीं। स्वास्थ्य मंत्री व रक्षा मंत्री के बाद 2006 में पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। तब शॉपिंग के लिए मॉल जाती तो प्रशंसक घेर लेते। उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई का फैसला क्लीनिक में संसाधनों की कमी से तड़पते मरीज को देखकर ली। रेबेका – एक कॉल से कोस्टा रिका के उपराष्ट्रपति पद तक पहुंची थीं 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होते ही वैश्विक खाद्य संकट गहराने लगा। यूक्रेन से गेहूं, मक्का, जौ का निर्यात ठप हुआ, दाम बढ़े व भुखमरी का खतरा पैदा हुआ। तब रेबेका यूएन व्यापार-विकास सम्मेलन की महासचिव थीं। उन्होंने मुख्य वार्ताकार बन रूस, तुर्किए व यूक्रेन में बातचीत कराई। नतीजा काला सागर से निर्यात का समझौता हुआ, जिससे 3.3 करोड़ टन अनाज बाजार पहुंचा। कीमतें 23% तक घटीं। उनकी राजनीति 80 के दशक में राष्ट्रपति ऑफिस से एक फोन कॉल से शुरू हुई, जिसने उन्हें आर्थिक सलाहकार बनाया फिर वित्त उप मंत्री होते हुए 1994 में मध्य अमेरिकी देश कोस्टा रिका की उपराष्ट्रपति बनीं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी का IPO 23 फरवरी से ओपन होगा:25 फरवरी तक बोली लगा सकेंगे, मिनिमम ₹14,742 निवेश करने होंगे

February 18, 2026/
2:13 pm

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) 23 फरवरी को खुलेगा। निवेशक 25 फरवरी...

authorimg

March 15, 2026/
3:43 pm

Tips to Prevent Kidney Diseases: डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की तादाद करोड़ों में पहुंच गई हैं. ये...

धर्मेंद्र को याद कर इमोशनल हुईं हेमा मालिनी:कहा- हर पल उनकी याद आती है, यकीन नहीं होता वो वाकई चले गए हैं

February 24, 2026/
3:16 pm

हिंदी सिनेमा के हीमैन धर्मेंद्र के निधन को तीन महीने हो चुके हैं। अब हाल ही में एक इंटरव्यू में...

AP Inter Results 2026 Live Updates: Manabadi Intermediate 1st, 2nd year results link release date and time.(AI Image)

April 10, 2026/
3:35 pm

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 15:35 IST सीएम स्टालिन की आश्चर्यजनक चेन्नई मेट्रो यात्रा एक अभियान आउटरीच में बदल गई, क्योंकि...

भारतीय मूल के श्रेयस मोव्वा कनाडा टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज:जहां टर्फ विकेट तक नहीं, उस बर्फ की धरती पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रेयस ने जिंदा रखा सपना

February 18, 2026/
8:36 am

जहां ‘आइस हॉकी’ सबसे लोकप्रिय खेल है और साल के छह महीने बर्फ की चादर बिछी रहती है, वहां एक...

दिल्ली बॉर्डर से लश्कर का आतंकी गिरफ्तार:शब्बीर अहमद लोन ISI के इशार पर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाद रहा था

March 30, 2026/
10:51 am

दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को लश्कर-ए-तैयबा (Let) से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार...

मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कांप्लेक्स खाली कराया, 3 बजे तक एंट्री बंद; CM मान बोले- हल्के में नहीं ले रहे

April 6, 2026/
10:11 am

चंडीगढ़ और जालंधर के स्कूलों व सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी आज ईमेल...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

यूएन प्रमुख की रेस में 4 नाम, 2 महिलाएं:जेल में पिटाई, बिजली के झटके सहे, नहीं झुकीं मिशेल; रेबेका ने अनाज संकट से बचाया

यूएन प्रमुख की रेस में 4 नाम, 2 महिलाएं:जेल में पिटाई, बिजली के झटके सहे, नहीं झुकीं मिशेल; रेबेका ने अनाज संकट से बचाया

संयुक्त राष्ट्र के 80 साल के इतिहास में पहली बार शीर्ष पद पर महिला नेतृत्व की उम्मीद बनी है। मौजूदा प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल दिसंबर में खत्म होगा। इस बार चार उम्मीदवार शार्ट लिस्ट हुए हैं। इनमें दो महिलाएं मिशेल बैचलेट (74) व रेबेका ग्रिनस्पैन (70) हैं। न्यूयॉर्क में 21-22 अप्रैल को दोनों की डिबेट होगी। मिशेल चिली की पहली महिला राष्ट्रपति रहीं जबकि रेबेका कोस्टा रिका की उप राष्ट्रपति रह चुकी हैं। मिशेल – संसाधनों की कमी से मरीज को तड़पते देख डॉक्टरी की पढ़ाई की 1973 में चिली में जनरल ऑगस्टो पिनोशे ने सैन्य तख्तापलट किया, तब मिशेल पैडिएट्रिक्स की पढ़ाई कर रही थीं। उस दौरान राष्ट्रपति सल्वाडोर से करीबी संबंध के चलते मिशेल के परिवार को बंधक बनाकर यातनाएं दी गईं। जेल में हाथ बांध लात-घूसे मारे गए। तब बंदियों को लोहे की ग्रिल से बिजली के झटके तक दिए जाते। यातनाओं से पिता की मौत के बाद भी मिशेल नहीं झुकीं। स्वास्थ्य मंत्री व रक्षा मंत्री के बाद 2006 में पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। तब शॉपिंग के लिए मॉल जाती तो प्रशंसक घेर लेते। उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई का फैसला क्लीनिक में संसाधनों की कमी से तड़पते मरीज को देखकर ली। रेबेका – एक कॉल से कोस्टा रिका के उपराष्ट्रपति पद तक पहुंची थीं 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होते ही वैश्विक खाद्य संकट गहराने लगा। यूक्रेन से गेहूं, मक्का, जौ का निर्यात ठप हुआ, दाम बढ़े व भुखमरी का खतरा पैदा हुआ। तब रेबेका यूएन व्यापार-विकास सम्मेलन की महासचिव थीं। उन्होंने मुख्य वार्ताकार बन रूस, तुर्किए व यूक्रेन में बातचीत कराई। नतीजा काला सागर से निर्यात का समझौता हुआ, जिससे 3.3 करोड़ टन अनाज बाजार पहुंचा। कीमतें 23% तक घटीं। उनकी राजनीति 80 के दशक में राष्ट्रपति ऑफिस से एक फोन कॉल से शुरू हुई, जिसने उन्हें आर्थिक सलाहकार बनाया फिर वित्त उप मंत्री होते हुए 1994 में मध्य अमेरिकी देश कोस्टा रिका की उपराष्ट्रपति बनीं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.