राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में सोमवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत अनोखे अंदाज में रैली निकाली गई। भोजपुर नाके से शुरू हुई रैली में सबसे आगे सजी-धजी गौ माता चल रही थी, जबकि पीछे संत, महिलाएं, व्यापारी और गौ-भक्त भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। रैली का मुख्य आकर्षण बैलगाड़ी रही, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन को सजाकर रखा गया था। रैली तोपखाना गेट, सुभाष चौक, सराफा बाजार, पिपली बाजार, पटवा बाजार और इमली स्टैंड होते हुए काका कॉलोनी पहुंची। यहां ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा गौ माता की पूजन की और संतों का स्वागत किया गया। इसके बाद रैली तहसील कार्यालय पहुंची, जहां एसडीएम अंकित जैन को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रैली में संत रोहित नागर, पंडित नारायण वैष्णव, विष्णुदास, नीलू दीदी, मधु दीदी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल रही। लोग हाथों में गौ-रक्षा के नारे लिखे पोस्टर और ध्वज लेकर चल रहे थे। तीन तस्वीरों में देखिए रैली घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया आयोजकों के अनुसार, पिछले एक महीने से खिलचीपुर और आसपास के गांवों में घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें 10 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग का समर्थन किया। कल्याणराय हवेली मंदिर के मुख्य पुजारी अनिल पारीक ने बताया कि संतों के सानिध्य में देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य गौ-हत्या पर पूर्ण रोक लगाना और गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत खिलचीपुर क्षेत्र से 10 हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया। संत रोहित नागर ने कहा कि पूरे देश में गौ माता के सम्मान में जगह-जगह ज्ञापन दिए जा रहे हैं। गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा मिलना चाहिए। मंदिर टूट जाए तो दोबारा बन सकता है, लेकिन गौ माता कट जाए तो वापस नहीं आ सकती, इसलिए सभी लोगों को इसके सम्मान में आगे आना चाहिए।















































