धार जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनके बैंक खातों में गेहूं बिक्री की राशि जमा हो चुकी है, लेकिन वे इसे नकद नहीं निकाल पा रहे हैं। कृषि उपज मंडी स्थित जिला सहकारी बैंक शाखा में पिछले दो दिनों से किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। किसान घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें हर बार ‘नकद नहीं आया, कल आ जाएगा’ का जवाब मिलता है। इस लगातार मिल रहे आश्वासन से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि खाते में पैसा होने के बावजूद वे अपनी दैनिक जरूरतों के लिए नकदी नहीं निकाल पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लेनदेन अभी भी नकद में होते हैं, जिससे डिजिटल या ऑनलाइन भुगतान हर जगह संभव नहीं है। कई किसानों ने बताया कि उनके घरों में शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रम हैं, जिनके लिए तत्काल नकदी की आवश्यकता है। कुछ किसानों को सोसायटी का ऋण भी जमा करना है, लेकिन नकदी न मिलने के कारण वे समय पर भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। एक किसान ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि खाते में पैसा होने के बावजूद जरूरत के समय नकदी न मिलना व्यर्थ है। वे दो दिनों से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। बैंक शाखा पर रोजाना भीड़ बढ़ती जा रही है और किसानों की उम्मीदें टूट रही हैं। यदि जल्द ही नकदी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो किसानों की आर्थिक परेशानी और बढ़ सकती है। किसानों ने बैंक प्रबंधन से तत्काल पर्याप्त नकद राशि उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके।













































