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- The Fatigue Of 7,000 Extra Minutes Could Shatter Arsenal’s Title Dreams; PSG Stars Are Refreshed.
बुडापेस्ट9 मिनट पहले
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पीएसजी 14 साल में 12 बार फ्रांस का लीग खिताब जीत चुका है। दूसरी ओर, आर्सनल ने इस बार 22 साल बाद इंग्लैंड की लीग जीती है।- फाइल फोटो
बुडापेस्ट में शनिवार को जब आर्सनल और पीएसजी आमने-सामने होंगे, तब मुकाबला सिर्फ यूरोप के सबसे बड़े क्लब खिताब का नहीं होगा। यह लड़ाई दो अलग फुटबॉल संस्कृतियों और दो अलग रास्तों की भी होगी। एक तरफ इंग्लिश क्लब आर्सनल है, जिसने पूरे सीजन संघर्ष करते हुए यहां तक सफर तय किया। दूसरी तरफ डिफेंडिंग चैम्पियन पीएसजी है, जिसके पास इतना बड़ा और मजबूत स्क्वॉड है कि कोच लुइस एनरिक अपने स्टार खिलाड़ियों को आराम देने का जोखिम उठा सकते हैं।
दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा फर्क एक आंकड़ा दिखाता है। आर्सनल के खिलाड़ियों ने लीग मैचों में फ्रेंच क्लब पीएसजी के खिलाड़ियों से लगभग 7000 मिनट ज्यादा फुटबॉल खेला है। यानी आर्सनल के खिलाड़ी कहीं ज्यादा थके हुए शरीर के साथ फाइनल में उतरेंगे।
टीम ने कुल 63 मैच खेले और अप्रैल तक चार ट्रॉफियों की दौड़ में बनी रही। डेविड राया ने आखिरी लीग मैच तक पूरे सीजन का हर मिनट खेला। डेकलान राइस, विलियम सलीबा, गैब्रियल जैसे खिलाड़ी लगातार मैदान में उतरे। इसके उलट पीएसजी ने खिलाड़ियों को बेहद सोच-समझकर इस्तेमाल किया। कप्तान मार्किन्योस ने चैम्पियंस लीग के 14 मैच खेले, लेकिन घरेलू लीग में सिर्फ 14 बार मैदान पर उतरे। फरवरी से अप्रैल के बीच वे सात घरेलू लीग मैचों में बेंच पर बैठे रहे, ताकि यूरोप के मैचों के लिए फिट रहें। डेम्बेले ने 22 लीग मैच खेले, लेकिन सिर्फ एक बार पूरे 90 मिनट मैदान पर रहे। यही वजह है कि पीएसजी के खिलाड़ी ज्यादा तरोताजा हैं। फाइनल से पहले आराम का अंतर भी बड़ा है। पीएसजी को फाइनल से पहले 13 दिन का आराम मिला। इसके उलट आर्सनल को सिर्फ छह दिन मिले। लेकिन कहानी सिर्फ थकान और आराम की नहीं है। यह खिताबी भूख की भी है। पीएसजी 14 साल में 12 बार फ्रांस का लीग खिताब जीत चुका है। दूसरी ओर, आर्सनल ने इस बार 22 साल बाद इंग्लैंड की लीग जीती है।
पिछले साल पीएसजी ने चैम्पियंस लीग के सेमीफाइनल में आर्सनल को हराया था। अब आर्सनल के पास बदला लेने का मौका है। रात 9 बजे से फुटबॉल सिर्फ रणनीति का खेल नहीं होगी। यह सवाल भी होगा कि फाइनल में ज्यादा असर किसका पड़ता है- पीएसजी की ताजगी का या आर्सनल की थकान के बावजूद जीतने की जिद का।
















































