दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती का कानूनी मामला अब दतिया विधानसभा के भविष्य पर भी असर डाल रहा है। मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई और अगली तारीख 29 जुलाई तय हुई। इसके बाद शहर में उपचुनाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। नियमों के हिसाब से अगर जुलाई में फैसला आता है, तो निर्वाचन आयोग के पास चुनाव कराने के लिए करीब 60 दिन ही बचेंगे, क्योंकि 6 महीने की संवैधानिक समय-सीमा लागू होती है। तीन माह बाद सुनवाई, दतिया में तेज हुई सियासी हलचल तीन माह बाद की नई तारीख सामने आते ही दतिया में उपचुनाव की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। दरअसल, 3 अप्रैल को दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो चुकी है और 3 अक्टूबर को 6 माह की समय सीमा पूरी होगी। नियम के अनुसार इस अवधि में चुनाव कराना अनिवार्य है। जानकारों का मानना है कि अभी सुनवाई की तारीख और आगे बढ़ सकती है, क्योंकि अदालत ने सजा पर कोई स्टे नहीं दिया है। कोर्ट ने कहा- मामला लंबित रहने तक जमानत जारी रहेगी एफडी में गड़बड़ी के मामले में 2 अप्रैल को एमपी एमएलए कोर्ट ने भारती को 3 साल की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की है। भारती के बेटे अनुज के अनुसार, भारती की ओर से मामले की सुनवाई सीनियर एडवोकेट माधव खुराना ने की। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि मामला लंबित रहने तक भारती की जमानत जारी रहेगी। वहीं, सजा पर स्टे की मांग पर अब 29 जुलाई को सुनवाई होगी।
















































