Saturday, 08 Aug 2026 | 04:13 PM

Trending :

EXCLUSIVE

7 साल में तैयार होगा यह पेड़, फिर शुरू होगी तगड़ी कमाई! आयुर्वेद से फर्नीचर तक डिमांड

7 साल में तैयार होगा यह पेड़, फिर शुरू होगी तगड़ी कमाई! आयुर्वेद से फर्नीचर तक डिमांड

Last Updated:

किसान अब पारंपरिक खेती के साथ ऐसे पेड़ों की ओर भी रुख कर रहे हैं, जिनसे लंबे समय तक अच्छी कमाई की जा सके. गूलर का पेड़ भी उन्हीं में से एक है, जिसकी बाजार में काफी डिमांड है. इसकी पत्तियां, फल और छाल आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं, वहीं इसकी लकड़ी से महंगे फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. कम देखरेख में तैयार होने वाला यह पेड़ किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर जरिया बन सकता है.

इस पेड़ की छाल, पत्तियों और फल का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. इसके अलावा बाजार में भी इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाएं बनाने में किया जाता है. वहीं इसकी लकड़ी की डिमांड भी मार्केट में काफी अधिक रहती है. इस लकड़ी से महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. ऐसे में किसान खाली पड़ी जमीन का सही उपयोग करते हुए इस पेड़ की खेती कर अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं.

s

हम बात कर रहे हैं गूलर के पेड़ की. इस पेड़ को अच्छी तरह विकसित होने में करीब 7 से 8 साल का समय लगता है. अपने औषधीय गुणों की वजह से इसकी बाजार में काफी ज्यादा डिमांड रहती है. गूलर की छाल, पत्तियों और फल का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में किया जाता है. इसके अलावा गूलर की लकड़ी का उपयोग महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार करने में भी किया जाता है.

s

इसके पौधे को लगाने से पहले गमले में मौजूद मिट्टी को इसके अनुकूल तैयार करना जरूरी होता है. इसके लिए सबसे पहले मिट्टी में गोबर की खाद अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद तैयार मिट्टी को गमले में भर दें और फिर कलम किए हुए पौधे को लगा दें. ध्यान रहे कि गमले को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना करीब 5 से 6 घंटे तक अच्छी धूप आती हो.

Add News18 as
Preferred Source on Google

s

गमले में लगी कलम जब पौधे का रूप ले ले, तो उसे खेत या बगीचे में लगा सकते हैं. इसके अलावा चाहें तो इसे किसी नर्सरी से खरीदकर भी खेत की खाली जगह पर लगाया जा सकता है. मामूली देखरेख और सही रखरखाव के बाद यह पौधा करीब 7 से 8 साल में अच्छी तरह विकसित हो जाता है.

s

यही कारण है कि किसान अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर गूलर के पेड़ की खेती करने लगे हैं. गूलर की पत्तियां, जड़ और फल औषधीय रूप से बेहद उपयोगी माने जाते हैं. यह सूजन और दर्द जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं में कारगर साबित होते हैं. वहीं गूलर की पत्तियों का लेप पुराने घावों को भरने में भी मददगार माना जाता है. ऐसे में गूलर की खेती किसानों के लिए जबरदस्त मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है.

s

किसान खाली पड़ी जमीन में कुछ खास पौधे लगाकर अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं. कई ऐसे पेड़ होते हैं, जिनकी बाजार में काफी ज्यादा डिमांड रहती है. इनके फल, पत्तियां और लकड़ी तक अच्छी कीमत पर बिकती हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके फल और पत्तियां औषधि के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं, जबकि इसकी लकड़ी से महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार किए जाते हैं.

s

कृषि एक्सपर्ट राकेश पांडेय बताते हैं कि गूलर एक ऐसा पेड़ है, जिसे लगाना और इसका रखरखाव करना काफी आसान होता है. इस पेड़ के सही विकास के लिए अच्छी धूप जरूरी होती है. ऐसे में इसे खेत की ऐसी जगह पर लगाना चाहिए, जहां दिन में करीब 5 से 6 घंटे तक सीधी धूप मिलती हो.

s

गूलर एक ऐसा पेड़ है, जिसे बीज के साथ-साथ कलम के जरिए भी तैयार किया जा सकता है. अगर आप चाहें तो किसी पुराने पेड़ से कलम लेकर नया पौधा तैयार कर सकते हैं. इसे लगाने के लिए सबसे पहले गूलर के पेड़ से कलम काट लें और उसकी सभी पत्तियों को हटा दें. इसके बाद कलम के निचले हिस्से को हल्का तिरछा और शार्प कट दें, फिर इसे तैयार गमले में लगा दें.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बुद्ध पूर्णिमा पर तुलाई बंद, किसानों ने किया चक्काजाम:आगर मालवा में बिना सूचना केंद्र बंद होने से भड़के किसान, आश्वासन के बाद खुला मार्ग

May 1, 2026/
12:49 pm

आगर मालवा जिले के बड़ौद क्षेत्र में गेहूं खरीदी केंद्र पर बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश के कारण तुलाई बंद होने...

सोयाबीन पराठा रेसिपी: है फिट और स्वाद भी चाहिए हिट? तो स्थापित में सबसे अधिक बिकने वाला हाई प्रोटीन सोयाबीन वाला पराठा; बनाना भी है आसान

March 16, 2026/
12:01 pm

स्वस्थ पराठा रेसिपी: अगर आप चाहते हैं कि आपका नाश्ता स्वादिष्ट भी हो और स्वास्थ्य के लिए स्वादिष्ट भी हो,...

हरियाणा में अश्लील कंटेंट पर विवाद:इन्फ्लुएंसर्स ने कहा- डांसरों पर पैसे उड़ाने वाले बुजुर्गों को रोको, सपना चौधरी पर सॉफ्ट पोर्न देने का आरोप

July 15, 2026/
6:11 am

जाट आरक्षण आंदोलन के दंगों से सुर्खियों में आए और फिलहाल अमेरिका में रह रहे भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा की ओर...

ask search icon

April 18, 2026/
8:51 am

Last Updated:April 18, 2026, 08:51 IST आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिटनेस के लिए वक्त निकालना किसी चुनौती से...

ब्यूटी+पर्सनल केयर का खर्च 10 साल में 5 गुना बढ़ा:ड्रेसिंग टेबल में काजल, पाउडर, लिपस्टिक ही नहीं; एसपीएफ फाउंडेशन, मॉइश्चराइजर-प्राइमर कॉम्बो जैसे प्रोडक्ट भी

May 18, 2026/
3:31 pm

भारत में महिलाएं प्राचीन काल से ही सजने-संवरने और सौंदर्य देखभाल के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करती रही हैं।...

India Passport Fees Hike From July 1, 2026

June 25, 2026/
7:23 pm

1 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में पासपोर्ट बनवाना 1 जुलाई से महंगा हो जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट...

प्लेऑफ की टीमों में क्या रहा कॉमन फैक्टर:टॉप बैटर्स ने औसतन 1550+ रन बनाए; कोई टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी

May 25, 2026/
4:30 am

IPL 2026 के लीग स्टेज के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में...

राजनीति

7 साल में तैयार होगा यह पेड़, फिर शुरू होगी तगड़ी कमाई! आयुर्वेद से फर्नीचर तक डिमांड

7 साल में तैयार होगा यह पेड़, फिर शुरू होगी तगड़ी कमाई! आयुर्वेद से फर्नीचर तक डिमांड

Last Updated:

किसान अब पारंपरिक खेती के साथ ऐसे पेड़ों की ओर भी रुख कर रहे हैं, जिनसे लंबे समय तक अच्छी कमाई की जा सके. गूलर का पेड़ भी उन्हीं में से एक है, जिसकी बाजार में काफी डिमांड है. इसकी पत्तियां, फल और छाल आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं, वहीं इसकी लकड़ी से महंगे फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. कम देखरेख में तैयार होने वाला यह पेड़ किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर जरिया बन सकता है.

इस पेड़ की छाल, पत्तियों और फल का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. इसके अलावा बाजार में भी इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाएं बनाने में किया जाता है. वहीं इसकी लकड़ी की डिमांड भी मार्केट में काफी अधिक रहती है. इस लकड़ी से महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. ऐसे में किसान खाली पड़ी जमीन का सही उपयोग करते हुए इस पेड़ की खेती कर अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं.

s

हम बात कर रहे हैं गूलर के पेड़ की. इस पेड़ को अच्छी तरह विकसित होने में करीब 7 से 8 साल का समय लगता है. अपने औषधीय गुणों की वजह से इसकी बाजार में काफी ज्यादा डिमांड रहती है. गूलर की छाल, पत्तियों और फल का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में किया जाता है. इसके अलावा गूलर की लकड़ी का उपयोग महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार करने में भी किया जाता है.

s

इसके पौधे को लगाने से पहले गमले में मौजूद मिट्टी को इसके अनुकूल तैयार करना जरूरी होता है. इसके लिए सबसे पहले मिट्टी में गोबर की खाद अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद तैयार मिट्टी को गमले में भर दें और फिर कलम किए हुए पौधे को लगा दें. ध्यान रहे कि गमले को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना करीब 5 से 6 घंटे तक अच्छी धूप आती हो.

Add News18 as
Preferred Source on Google

s

गमले में लगी कलम जब पौधे का रूप ले ले, तो उसे खेत या बगीचे में लगा सकते हैं. इसके अलावा चाहें तो इसे किसी नर्सरी से खरीदकर भी खेत की खाली जगह पर लगाया जा सकता है. मामूली देखरेख और सही रखरखाव के बाद यह पौधा करीब 7 से 8 साल में अच्छी तरह विकसित हो जाता है.

s

यही कारण है कि किसान अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर गूलर के पेड़ की खेती करने लगे हैं. गूलर की पत्तियां, जड़ और फल औषधीय रूप से बेहद उपयोगी माने जाते हैं. यह सूजन और दर्द जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं में कारगर साबित होते हैं. वहीं गूलर की पत्तियों का लेप पुराने घावों को भरने में भी मददगार माना जाता है. ऐसे में गूलर की खेती किसानों के लिए जबरदस्त मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है.

s

किसान खाली पड़ी जमीन में कुछ खास पौधे लगाकर अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं. कई ऐसे पेड़ होते हैं, जिनकी बाजार में काफी ज्यादा डिमांड रहती है. इनके फल, पत्तियां और लकड़ी तक अच्छी कीमत पर बिकती हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके फल और पत्तियां औषधि के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं, जबकि इसकी लकड़ी से महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार किए जाते हैं.

s

कृषि एक्सपर्ट राकेश पांडेय बताते हैं कि गूलर एक ऐसा पेड़ है, जिसे लगाना और इसका रखरखाव करना काफी आसान होता है. इस पेड़ के सही विकास के लिए अच्छी धूप जरूरी होती है. ऐसे में इसे खेत की ऐसी जगह पर लगाना चाहिए, जहां दिन में करीब 5 से 6 घंटे तक सीधी धूप मिलती हो.

s

गूलर एक ऐसा पेड़ है, जिसे बीज के साथ-साथ कलम के जरिए भी तैयार किया जा सकता है. अगर आप चाहें तो किसी पुराने पेड़ से कलम लेकर नया पौधा तैयार कर सकते हैं. इसे लगाने के लिए सबसे पहले गूलर के पेड़ से कलम काट लें और उसकी सभी पत्तियों को हटा दें. इसके बाद कलम के निचले हिस्से को हल्का तिरछा और शार्प कट दें, फिर इसे तैयार गमले में लगा दें.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.