Friday, 01 May 2026 | 01:11 PM

Trending :

स्वाद के साथ सेहत का खजाना है यह चमत्कारी तेल, शरीर में अकड़न हो या जकड़न होगा तुरंत छूमंतर! – News18 हिंदी बुद्ध पूर्णिमा पर तुलाई बंद, किसानों ने किया चक्काजाम:आगर मालवा में बिना सूचना केंद्र बंद होने से भड़के किसान, आश्वासन के बाद खुला मार्ग खंडवा में जनगणना कार्य को लेकर सख्ती:अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक, पहले से ली गई छुट्टियां भी रद्द Govt Citizenship Rules 2026 | Online OCI Application कश्मीरी मटन यखनी रेसिपी: घर पर असली मटन यखनी, उगलियाँ चाटते रह जायेंगे लोग; नोट करें स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी बिजली तार से गला घोंटा, सुसाइड दिखाने पेड़ पर लटकाया:कटनी में आम के पेड़ पर लटकी मिली थी लाश, प्रेमिका सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
EXCLUSIVE
authorimg

Health tips : बिना जिम जाए रहना चाहते हैं फिट? घर ले आएं ये हरी चीज, मोहल्ले वाले पूछेंगे सीक्रेट

Last Updated:April 29, 2026, 17:38 IST Bottle gourd juice benefits : लौकी का जूस सस्ता भी है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद भी. लोकल 18 से रामपुर के आयुष चिकित्सक डॉ. मोहम्मद इकबाल कहते हैं कि इसका सबसे बड़ा काम पेट को साफ रखने में मदद करना है. जिनको कब्ज, गैस या पेट भारी रहने की समस्या रहती है, उनके लिए यह जूस रामबाण है. वजन कम करने वालों के लिए भी लौकी का जूस वरदान है. इसमें कैलोरी बहुत कम होती है. डॉ. इकबाल के मुताबिक, गर्मी के मौसम में तो इसका फायदा और भी बढ़ जाता है. रामपुर. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फिट रहने के लिए तरह-तरह के महंगे प्रोडक्ट्स और डाइट प्लान अपना रहे हैं, लेकिन हमारे घर की रसोई में ही एक ऐसा आसान नुस्खा मौजूद है जिसे दादी-नानी सालों से अपनाती आई हैं. हम बात कर रहे हैं लौकी के जूस की, जो सस्ता भी है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद भी. रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल लोकल 18 से कहते हैं कि अगर लौकी का जूस सही तरीके से और सही मात्रा में पिया जाए तो यह शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है. सबसे बड़ा फायदा पेट को साफ रखने में मदद करना है. जिन लोगों को कब्ज, गैस या पेट भारी रहने की समस्या रहती है, उनके लिए यह जूस किसी घरेलू इलाज से कम नहीं है. बार-बार नहीं लगती भूख डॉ. इकबाल कहते हैं कि सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीने से पाचन तंत्र बेहतर काम करता है. इससे खाना जल्दी और अच्छे से पचता है, जिससे शरीर हल्का महसूस होता है. यही वजह है कि कई लोग इसे अपनी रोज की दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं. वजन कम करने वालों के लिए भी लौकी का जूस काफी काम का साबित हो रहा है. इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है. इससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है. धीरे-धीरे वजन कंट्रोल में आने लगता है. डॉ. इकबाल के मुताबिक, गर्मी के मौसम में तो इसका फायदा और भी बढ़ जाता है. लौकी में पानी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है और लू या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाव होता है. यह शरीर को अंदर से ठंडक देता है, जिससे थकान भी कम महसूस होती है. सिर्फ पेट और वजन ही नहीं, लौकी का जूस दिल की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. इसमें फैट बहुत कम होता है और यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है. नियमित सेवन से शरीर धीरे-धीरे स्वस्थ महसूस करता है. चमक उठेगी त्वचा त्वचा के लिए भी यह जूस किसी नेचुरल टॉनिक जैसा काम करता है. यह शरीर से गंदगी और टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे स्किन साफ और चमकदार नजर आती है. कई लोग इसे नेचुरल ग्लो पाने के लिए भी पीते हैं. हालांकि इसे पीते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. सबसे पहले लौकी का जूस हमेशा ताजा बनाकर ही पिएं. पुराना या रखा हुआ जूस नुकसान कर सकता है. दूसरी सबसे अहम बात है कि अगर लौकी कड़वी लगे तो उसका जूस बिल्कुल न पिएं क्योंकि यह शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है. अगर आप आसान और घरेलू तरीके से फिट रहना चाहते हैं तो लौकी का जूस अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाएं. यह ऐसा नुस्खा है जो जेब पर भी भारी नहीं पड़ता. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rampur,Uttar Pradesh First Published : April 29, 2026, 17:38 IST

Read More »
authorimg

चिकन बनाने से पहले धोना चाहिए या नहीं? अगर आप करते हैं ये गलती तो कोई फायदा नहीं, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Last Updated:April 29, 2026, 16:11 IST फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के मुताबिक कच्चे चिकन को धोना जरूरी नहीं, इससे बैक्टीरिया किचन में फैल सकते हैं. चिकन को लगभग 75 डिग्री पर अच्छी तरह पकाना ज्यादा सुरक्षित है. ख़बरें फटाफट घर में चिकन बनाते समय ज्यादातर लोग सबसे पहले उसे पानी से अच्छी तरह धोते हैं. कई लोगों को लगता है कि ऐसा करने से चिकन साफ हो जाता है, बदबू निकल जाती है और बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं. यह आदत सालों से रसोई में चली आ रही है, इसलिए लोग इसे सही मानते हैं. लेकिन फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि कच्चे चिकन को पकाने से पहले धोना जरूरी नहीं है, बल्कि कई मामलों में यह नुकसानदायक भी साबित हो सकता है. यह सुनकर हैरानी जरूर होती है, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक वजह भी है. TOI में छपी रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे चिकन में कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जैसे साल्मोनेला और कैंपिलोबैक्टर. ये बैक्टीरिया पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. लोग सोचते हैं कि पानी से धोने पर ये बैक्टीरिया हट जाएंगे, लेकिन असल में सिर्फ पानी डालने से ये खत्म नहीं होते. उल्टा, जब चिकन को नल के नीचे धोया जाता है, तो पानी के छींटों के साथ बैक्टीरिया सिंक, किचन स्लैब, बर्तनों, कपड़ों और हाथों तक फैल सकते हैं. यही वजह है कि एक्सपर्ट्स चिकन धोने से मना करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, चिकन को धोने से ज्यादा जरूरी है उसे सही तरीके से पकाना. जब चिकन को अच्छी तरह हाई तापमान पर पकाया जाता है, तब उसमें मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं. इसलिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि चिकन को पूरी तरह पकाएं. अगर चिकन अंदर से कच्चा रह जाए या हल्का गुलाबी दिखे, तो बैक्टीरिया बच सकते हैं. इसलिए चिकन पकाते समय ध्यान रखें कि वह अच्छी तरह से तैयार हो जाए. अगर फूड थर्मामीटर हो तो उसका तापमान लगभग 75 डिग्री सेल्सियस या 165 फारेनहाइट तक पहुंचना बेहतर माना जाता है. कई लोगों को चिकन की सतह पर चिपचिपापन महसूस होता है, इसलिए वे उसे धोना पसंद करते हैं. अगर यही वजह है, तो पानी से धोने के बजाय पेपर टॉवल या साफ टिश्यू से हल्के हाथ से पोंछा जा सकता है. इससे अतिरिक्त नमी और सतह की चिपचिपाहट कम हो सकती है. इसके बाद चिकन को सीधे मसालों में मेरिनेट करके पकाना बेहतर विकल्प है. इस तरीके से स्वाद भी अच्छा आता है और बैक्टीरिया फैलने का खतरा भी कम रहता है. अगर कोई व्यक्ति फिर भी चिकन धोना चाहता है, तो बहुत सावधानी बरतनी चाहिए. चिकन धोने के बाद सिंक, नल, प्लेटफॉर्म और आसपास की जगह को अच्छे से साफ करें. जिस चाकू, कटिंग बोर्ड या बर्तन का इस्तेमाल किया गया हो, उन्हें गर्म पानी और साबुन से धोना चाहिए. साथ ही हाथों को भी कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से धोना जरूरी है. इससे बैक्टीरिया फैलने का खतरा कम किया जा सकता है. कच्चे चिकन को स्टोर करने का तरीका भी बहुत अहम है. इसे हमेशा ढककर फ्रिज में रखें और दूसरे खाने की चीजों से अलग रखें, ताकि उसका रस किसी और खाद्य पदार्थ पर न लगे. फ्रीजर या फ्रिज में नीचे की शेल्फ पर रखना बेहतर माना जाता है. इससे क्रॉस कंटैमिनेशन का खतरा कम होता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 29, 2026, 16:10 IST

Read More »
authorimg

वैज्ञानिकों को मिला डेंजरस लिंक, मोटापा से 13 तरह के कैंसर का खतरा, कम करने के क्या है उपाय

Last Updated:April 29, 2026, 15:55 IST Obesity link to 13 Type of Cancer: मोटापा ऐसी बीमारी है जो लिवर, हार्ट और किडनी की बीमारियों को बढ़ा देता है. अब तक हमें यही पता था लेकिन अब एक नई स्टडी में यह दावा किया जा रहा है कि मोटापा 13 तरह के कैंसर के जोखिम को बढ़ा देता है. इसलिए शरीर का अधिक वजन बेहद जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे में हर हाल में मोटापा को कम करने की जरूरत है. मोटापे से कैंसर का खतरा. Obesity link to 13 Type of Cancer: मोटापा आपकी सोच से कहीं ज्यादा खतरनाक बीमारी है. मोटापा इतना खतरनाक बनता जा रहा है कि इसकी वजह से 13 तरह के कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है. ऐसे में इसे महज खबर न समझें बल्कि यह समय रहते सचेत होने का अलर्ट है. ब्रिटेन में जितने लोगों को कैंसर होते है उनमे से आधे लोगों को किसी न किसी तरह से मोटापा ही वजह है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया है कि कैंसर होने के बाद महज कभी-कभार वजन करना जीवन को जोखिम में डालने जैसा है क्योंकि मोटापा कैंसर मरीजों के जीवन को बहुत प्रभावित करता है. यह तो कैंसर होने के बाद की स्थिति है लेकिन खतरनाक स्थिति यह है कि अधिकांश कैंसर का संबंध मोटापा से जुड़ा हुआ है. सिर्फ एक बार वजन करना काफी नहीं अध्ययन के मुताबिक मोटापा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ पाया गया है. इसलिए एक्सपर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वजन को कम करना बेहद आवश्यक है. वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड के डॉ. हेलेन क्रोकर ने बताया कि इस शोध के बाद एक बात तो तय है कि जब डॉक्टर किसी व्यक्ति का किसी भी बीमारी का इलाज कर रहा है कि तो उसके वजन से संबंधित इतिहास को जरूर ध्यान में रखना चाहिए. इसी आधार पर आगे का इलाज करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हालांकि मोटापा और कैंसर के जोखिम के बीच संबंध अच्छी तरह स्थापित है, लेकिन कैंसर के परिणामों पर इसका प्रभाव अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. ऐसे में केवल इलाज शुरू होने के समय के बीएमआई पर निर्भर रहना उचित नहीं है. इससे कैंसर का पूर्वानुमान लगाने में भूल हो सकती है. शोधकर्ताओं ने एक दशक तक इस अध्ययन में शामिल लोगों के हेल्थ डेटा का खंगाला इसके बाद पाया कि सभी 13 प्रकार के कैंसर में इसकी दर 50 प्रतिशत से अधिक थी.यानी जितने लोगों को कैंसर हुआ उनमें 50 प्रतिशत लोगों में किसी न किसी तरह का मोटापा था. इन 13 अंगों पर मंडरा रहा है खतरा शोधकर्ताओं के अनुसार मोटापे के कारण जिन अंगों में कैंसर का जोखिम सबसे ज्यादा होता है, वे हैं ब्रेस्ट कैंसर (मेनोपॉज के बाद), कोलोरेक्टल कैंसर, गर्भाशय (एंडोमेट्रियल) कैंसर, इसोफेगस कैंसर, गॉल ब्लैडर कैंसर, किडनी कैंसर, लिवर कैंसर, पैंक्रिएटिक कैंसर, ओवरी कैंसर, थायरॉयड कैंसर, मल्टीपल मायलोमा, पेट का ऊपरी हिस्से में कैंसर, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में कैंसर. कैंसर का खतरा कम करने के उपायकैंसर को कम करने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि कुदरती तरीके से रहिए. जैसे सौ साल पहले हमारे पूर्वज रहते थे, वैसा ही रहिए. मसलन घर का कुदरती भोजन कीजिए, ताजा भोजन कीजिए, साग-सब्जी का सेवन कीजिए, फल, सीड्स, साबुत अनाज आदि खाइए. बाहर की पैकेटबंद चीजें, आधुनिक खान -पान जैसे कि पिज्जा, बर्गर, दारु, शराब, सिगरेट, गुटखा, खैनी जैसी चीजों को कभी भी हाथ न लगाएं. प्रोसेस्ड शुगर और मैदा कम करें. शरीर में हाई इंसुलिन लेवल कैंसर सेल्स के लिए ईंधन का काम करता है. खराब तरह के कार्बोहाइड्रैट इस इंसुलिन को बढ़ा देता है. इसके बाद पहले के लोगों की तरह एक्टिव लाइफस्टाइल रखिए. हमेशा शरीर को थकाते रहिए. हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज कीजिए. इसमें ब्रिस्क वॉकिंग, रनिंग, घर का भारी काम, वजन उठाना, सीढ़िया चढ़ना आदि गतिविधियां करते रहिए. वजन को बढ़ने न दीजिए. डाइट में एंटी-ऑक्सीडेंट चीजों को शामिल कीजिए. अपनी थाली में रंग-बिरंगी सब्जियां और फल बढ़ाएं. ये शरीर के भीतर होने वाले ऑक्सीडेटिव डैमेज को रोकते हैं. अगर आपका BMI 30 से ऊपर है, तो डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट कराते रहें. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 29, 2026, 15:55 IST

Read More »
ask search icon

पशुपालकों के लिए अलर्ट! अप्रैल-मई की गर्मी में ऐसे रखें पशुओं का ख्याल, नहीं तो होगा नुकसान

Last Updated:April 29, 2026, 15:28 IST गर्मियों का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, पशुओं के लिए भी बड़ी चुनौती बनकर आता है. अप्रैल और मई की तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान का सीधा असर पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर पड़ता है. कई बार सही देखभाल न होने पर पशु बीमार पड़ जाते हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में पशुपालन करने वाले किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि गर्मियों में पशुओं को कैसे सुरक्षित रखा जाए. एक्सपर्ट्स ने कुछ आसान उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और दूध उत्पादन भी बेहतर बनाए रखा जा सकता है. लखीमपुर खीरी. जिले में किसान अब पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं जिस कारण किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. वही पशुपालन विभाग की ओर से लगातार किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है. परंतु गर्मियों के मौसम में पशुओं की देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. थोड़ी सी लापरवाही होने के कारण पशुओं की मौत भी हो जाती है. पशुपालन तो हर किसान करना चाहता है तो वही पशुपालन विभाग की ओर से किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है. परंतु जानकारी के अभाव के कारण सही तरीके से पशुओं की देखभाल नहीं कर पाते हैं ऐसे में अप्रैल और मई के महीने में पशुओं की देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है. इन दो महीने में सबसे अधिक हीट वेव भीषण गर्मी और लू के कारण पशुओं के दूध में कमी आती है. जिससे किसान बेहद परेशान हो जाते हैं. हीट स्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और ब्लोट (पेट फूलना) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google हीट स्ट्रोक की स्थिति में पशु को तेज बुखार आ सकता है, वह हांफने लगता है, आंखें लाल हो जाती हैं. शरीर बहुत गर्म महसूस होता है. वहीं पानी की कमी होने पर पशु कमजोर पड़ जाता है. लोकल 18 से बातचीत करते हुए डॉक्टर हेमंत सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी आजीविका को चलाने के लिए पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं. लेकिन गर्मियों के मौसम में पशुओं को धूप से बचाना बेहद जरूरी होता है, थोड़ी सी लापरवाही होने के कारण पशुओं की मृत्यु भी हो सकती है. पशुओं को सीधे धूप और लू से बचने के लिए छायादार और हवादार स्थानों पर 11:00 से लेकर 4:00 तक सुरक्षित स्थान पर बांध कर रखें. गर्मियों के मौसम में पशुओं को दिन में तीन बार पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी दें. पशुओं को संतुलित आहार देते समय नमक और मिलर मिक्सर मिले. ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी ना हो. गर्मियों के मौसम में पशुओं को दिन में दो से तीन बार स्नान का ध्यान रखें. सुरक्षित छायादार स्थान का चयन कर वहीं पर ही पशुओं को स्नान कराए, धूप में पशुओं को स्नान न कराएं. First Published : April 29, 2026, 15:28 IST

Read More »
ask search icon

saanp| saanp dasne ke lakshan| snake bite symptoms| सांप ने डसा है ये कैसे पता चलेगा, कोबरा, करैत, वाइपर के जहर के लक्षण क्या होते हैं? ऐसे पहचानें

Last Updated:April 29, 2026, 15:06 IST Cobra-krait-viper snake bite symptoms: कई बार सांप काट लेता है लेक‍िन पीड़ि‍त को पता नहीं चलता क‍ि जहरीले सांप ने काटा है, क‍िसी अन्‍य कीड़े ने काटा है या गैर-जहरीले सांप ने काटा है. ऐसे में सांप के काटने के बाद शरीर में द‍िखाई देने वाले लक्षण बहुत महत्‍वपूर्ण होते हैं, ताक‍ि यह पता चल सके क‍ि कोबरा, करैत या अन्‍य क‍िस सांप ने डसा है. आइए जानते हैं यहां सांप के काटने पर शरीर द‍िखने वाले अलग-अलग लक्षणों के बारे में.. सांप के काटने की घटना इतनी जल्दी में होती है कि कई बार पीड़ित को पता ही नहीं चल पाता है कि उसे सांप ने काटा है. हालांकि अगर जहरीले सांप ने काटा है तो कुछ ही मिनटों के बाद उसका असर दिखाई देने लगता है और उसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. आज हम आपको बताते हैं कि जहरीले सांप कोबरा, करैत, वाइपर आदि के काटने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं और कैसे पहचानें… सांप के काटने पर सबसे पहले घाव को ध्यान से देखें. जहरीले सांप के काटने में अक्सर दो गहरे फंग मार्क्स (दांत के निशान) दिखते हैं. जबकि गैर-जहरीले सांप के काटने में छोटे-छोटे कई दांतों के निशान U आकार में होते हैं. लिहाजा दो गहरे गोल बिंदी जैसे निशानों पर गौर करें. साथ ही अगर घाव में तेज दर्द, सूजन या खून निकल रहा है तो समझ लें कि जहरीले सांप ने काटा है. जहरीले और गैर-जहरीले सांप को काटने के बाद दिखाई देने वाले लक्षणों से पहचाना जा सकता है. गैर-जहरीले सर्प के काटने में हल्का दर्द और बहुत कम सूजन होती है और मरीज को कोई खास फर्क नहीं पड़ता जबकि जहरीले सांप के काटने में उस विशेष जगह या पूरे शरीर पर गंभीर लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कोबरा सांप का काटना न्यूरोटॉक्सिक होता है. इसकी वजह से कुछ ही देर में काटने की जगह पर तेज दर्द, सूजन और फफोले (blisters) बन सकते हैं. कुछ घंटों में मकी रीज आंखों की पलकें झुकने लगती हैं. दोहरी दृष्टि हो जाती है और एक के दो लोग दिखाई देते हैं. बोलने में दिक्कत शुरू हो जाती है. सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर सांस की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं. वहीं अगर करैत (Common Krait) सांप काटता है तो अक्सर बिना दर्द और सूजन के होता है. इस सांप के काटने पर निशान भी हल्का होता है या कई बार दिखाई नहीं देता, लेकिन यह भी जहरीला सांप है. अक्सर इसके रात में सोते समय काटने की संभावना ज्यादा होती है. इसके काटने के 6 से 24 घंटे बाद नींद जैसी सुस्ती आती है, पलकें झुकने लगती हैं, मुंह से लार टपकती है और शरीर में कमजोरी आती है. वाइपर (Russell’s Viper या Saw-scaled Viper) का काटना मुख्य रूप से वैस्कुलोटॉक्सिक या हीमोटॉक्सिक होता है. ये सांप जहां काटता है वहां पर तेज दर्द, सूजन, खून बहना और नीले निशान (ecchymosis) बनते जाते हैं. शरीर से खून निकलना, अगर जहर शरीर में पहुंच रहा है तो मसूड़ों से खून आने लगता है. इसका जहर सबसे खराब होता है और जानलेवा होता है. इसके काटने के 20 मिनट तक ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट फेल होना आम लक्षण हैं. वाइपर के काटने में सूजन बहुत तेजी से बढ़ती है और घाव में ब्लिस्टरिंग या टिश्यू की मृत्यु (necrosis) हो सकती है. इस सांप के काटने के बाद कुछ मामलों में किडनी फेलियर और शॉक भी आ सकता है. करैत और कोबरा की तरह इसमें नींद या पलक झुकने जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण कम होते हैं, लेकिन खून संबंधी समस्या ज्यादा और गंभीर होती है. सभी जहरीले सांपों के काटने में सामान्य लक्षणों में पलकें झुकना (ptosis), बोलने-निगलने में दिक्कत, सांस फूलना और शरीर की कमजोरी शामिल हैं लेकिन वाइपर में सूजन और खून बहना प्रमुख है, जबकि कोबरा-करैत में न्यूरोपैरालिसिस (लकवा) ज्यादा दिखता है. आमतौर पर जहरीले सांपों के काटने के बाद 30 मिनट से 6 घंटे में लक्षण शुरू हो सकते हैं. First Published : April 29, 2026, 15:06 IST

Read More »
ask search icon

गैस से तुरंत राहत देगा नींबू का ये देसी नुस्खा, दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत, 2 घंटे में दिखेगा असर

Last Updated:April 29, 2026, 14:42 IST Home Remedies for Gas: झारखंड की राजधानी रांची में खासतौर पर लोकल लोगों को जब गैस हो जाता है तो बाजार जाकर दवाइयां नहीं खरीदते हैं. साथ ही न दौड़ते हुए डॉक्टर के पास जाते हैं. वह अपने घर में ही 1-2 टोटके को अपनाते हैं, जिससे उनको जबरदस्त राहत मिलती है. इनमें से एक विकल्प नींबू वाला पानी है. जिसको आजमाते ही आपको दो से तीन घंटे में काफी राहत मिलना शुरू हो जाएगी. आयुर्वेदिक डॉक्टर भी इसे लोहा मानते हैं. आइये जानते हैं और भी घरेलू इलाज के बारे में. रांची के आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे ( विनोबा भावे यूनिवर्सिटी से बीएएमएस, 20 सालों से अधिक का अनुभव) बताते हैं कि अगर पेट में गैस हो जाए तो सबसे पहले एक नींबू ले लें. उसको बीच से काट लें. वह जो आधा नींबू है, उसको चिमटे की मदद से सीधा गैस की बर्नर में रख दें और गर्म कर लें. मतलब अच्छा खासा गरम हो जाना चाहिए. जब ऐसा हो जाए तो उसको नीचे उतार लें और बस दो चीज और मिला लें. इसी नींबू में आपको ऊपर काला नमक और जीरा पाउडर थोड़ा सा डालकर इन दोनों को मिला लेना है. बस बहुत अधिक नहीं डालना है. एकदम एक-एक चुटकी और उसको मिलाना भी नहीं है और ना कहीं रगड़ना है. Add News18 as Preferred Source on Google अब आपको इसको सीधे अपने जीभ में इसका रस बढ़िया से गार लेना है और ऐसा करने के बाद ऐसा नहीं की तुरंत पी भी लेना है, अब इसे 2-3 मिनट तक जीभ में छोड़ दें. दो से तीन मिनट जब आप छोड़ेंगे तो यह आपके मुंह में अपने आप ही घुल जाएगा, थोड़ा सा अधिक खट्टा लगेगा, पर थोड़ा सब्र रखिये. इसके बाद आप देखेंगे आपके मुंह में पूरी तरह घुल चुका है और फिर थोड़ा गुनगुना पानी भी पी सकते हैं और आप देखेंगे दो-तीन घंटे में ही आपका पेट काफी हल्का लगने लगेगा व गैस प्राकृतिक रूप से खत्म हो जाएगी. आयुर्वैदिक डॉक्टर वीके पांडे बताते हैं कि जीरा पाउडर, नींबू और काला नमक जब भी तीनों मिलता है तो एक तो आपका मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और आपके डाइजेस्टिव सिस्टम और गट हेल्थ को एक्टिव करता है व अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है. इससे आपका पेट काफी हल्का और काफी रिलैक्स महसूस होगा. First Published : April 29, 2026, 14:42 IST

Read More »
ask search icon

Health Tips: सिर्फ 5 दाना भिगोकर खायें ये चीज, बॉडी को मिलेगी फौलादी एनर्जी, दौड़ने पर नहीं फूलेगी सांस

Last Updated:April 29, 2026, 13:37 IST Munakka Khane Ke Fayde: लोग अपनी सेहत को लेकर काफी चिंतित रहते हैं. इसके लिए लोग दौड़ लगाते हैं, टहलते हैं और एक्सरसाइज करते हैं. हालांकि, ये सब करने में कई लोगों की सांस फूलने लगती है. ये हर उम्र के लोगों के साथ होता है. सांस फूलने की दिक्कत कई युवाओं को भी होती है. जो अलग-अलग भर्तियों की तैयारी के लिए ग्राउंड पर पसीना बहाते हैं. यदि आपको भी चलते या दौड़ते हुए सांस फूलने की दिक्कत होती है तो आज हम आपको इसका हल बताने जा रहे हैं. इसकी मदद से आपकी सांसे तेजी से नहीं फूलेंगी. इसके साथ ही आपकी बॉडी में पावर भी आ जाएगी. अगर शरीर सेहतमंद है तो आप कई बीमारियों से बचे रहते हैं. आयुर्वेद के पास औषधियों का खजाना है, जिनके सेवन से चुस्त-दुरुस्त रहा जा सकता है. कई फायदों से भरपूर मुनक्का भी ऐसी ही शक्तिशाली औषधि है. इसे प्राकृतिक टॉनिक माना जाता है. मुनक्का शरीर को ताकत देता है, खून बढ़ाता है, स्टैमिना सुधारता है और सांस फूलने की समस्या में राहत प्रदान करता है. रोजाना इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. मुनक्का का रोजाना थोड़ी मात्रा में सेवन बेहद लाभदायी है. मुनक्का खाने से थकान, कमजोरी और एनीमिया जैसी समस्याएं दूर हो सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, यह फेफड़ों को मजबूत बनाने और खून बढ़ाने में विशेष रूप से फायदेमंद है. आयुर्वेद में मुनक्का को शीतल, मधुर और रसायन गुणों वाला माना गया है. यह वात-पित्त दोष को शांत करता है तथा शरीर के सूखेपन को कम करता है. आचार्य चरक ने इसे बलवर्धक और रक्तवर्धक द्रव्य बताया है, जो शरीर के सभी ऊतकों को पोषण प्रदान करता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रतिदिन 4 से 5 मुनक्का गुनगुने दूध या पानी में भिगोकर सुबह खाने से एनीमिया में अच्छा फायदा मिलता है. रात को मुनक्का को पानी में उबालकर पीने से नींद गहरी आती है और तनाव कम होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करते हैं, जो छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. Add News18 as Preferred Source on Google बता दें कि सूखी खांसी, मुंह सूखना, थकान और गर्मी से जुड़ी समस्याओं में मुनक्का उपयोगी सिद्ध होता है. यह फेफड़ों को नरम बनाता है और राहत प्रदान करता है. साथ ही मुनक्का आयरन, कॉपर और प्राकृतिक शुगर से भरपूर होता है, जो हीमोग्लोबिन बनाने की प्रक्रिया को तेज करता है और एनीमिया दूर करने में मदद करता है. यह ब्लड प्यूरीफिकेशन का काम करता है, जिससे थकान और चक्कर आने की समस्या धीरे-धीरे कम होती है. इसके अलावा यह प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर है जो तुरंत ग्लूकोज प्रदान कर ताकत बढ़ाता है. इसके अलावा मुनक्का शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और कई बीमारियों से बचाव में सहायक है. मुनक्का पाचन तंत्र पर भी प्रभावी है. यह कब्ज और एसिडिटी में राहत देने में मदद करता है. वहीं, आयुर्वेद में मुनक्का को उसके गुणों के कारण महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है. हालांकि, कुछ सावधानियां जरूरी हैं. डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. इसके अधिक सेवन से दस्त लग सकते हैं. ठंडी प्रकृति वाले लोगों को संयम से सेवन करना चाहिए. किसी भी उपयोग से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह अवश्य लें. First Published : April 29, 2026, 13:34 IST

Read More »
ask search icon

Health Tips: गर्मी में गुनगुना पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानिए किन लोगों को तुरंत बदलनी चाहिए यह आदत

Last Updated:April 29, 2026, 12:27 IST Summer Health Tips: सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीने की आदत सेहत के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन गर्मियों में यही आदत आपको नुकसान भी पहुंचा सकती है. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्मी में गुनगुना पानी एसिडिटी, पेट में जलन और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है. (दीपक पांडेय/खरगोन) लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह की आदतें अपनाते हैं. इनमें सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना भी शामिल है. आमतौर पर इसे शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मियों में यह आदत हर किसी के लिए सही नहीं होती. खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य के अनुसार, सुबह गुनगुना पानी पीना सर्दी या सामान्य मौसम में शरीर के लिए लाभकारी होता है. यह शरीर को अंदर से साफ रखने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है. लेकिन गर्मियों में शरीर की जरूरत बदल जाती है, इसलिए इस आदत में बदलाव जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से रातभर पेट में जमा कफ साफ हो जाता है. इससे शरीर हल्का महसूस करता है और दिन की शुरुआत अच्छी होती है. इसके अलावा गुनगुना पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है. इससे गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. हालांकि यह फायदे मौसम के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. मौर्य बताते है कि, गर्मी में शरीर पहले से ही गर्म रहता है. ऐसे में गुनगुना पानी पीने से शरीर की गर्मी और बढ़ सकती है. इससे कुछ लोगों को बेचैनी, थकान या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है. इस मौसम में सुबह खाली पेट घड़े का साधा पानी या तांबे, पीतल एवं कांसे के बर्तन का पानी पीना ज्यादा बेहतर रहता है. यह शरीर को ठंडक देता है और शरीर का तापमान संतुलित बनाए रखने में मदद करता है. डॉक्टरों के अनुसार जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें गर्मी के मौसम में गुनगुना पानी पीने से बचना चाहिए. इससे पेट में जलन बढ़ सकती है. इसके अलावा जिन्हें दस्त की शिकायत रहती है या पेट में बार-बार जलन होती है, उनके लिए भी गर्मी में गुनगुना पानी नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे लोगों को सामान्य तापमान का पानी पीना ज्यादा सुरक्षित रहता है. गर्मी के मौसम में गुनगुना पानी पीने से शरीर की गर्मी बढ़ सकती है. इससे थकान और बेचैनी महसूस हो सकती है. इसके अलावा शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ सकता है, क्योंकि गर्मी में शरीर को ठंडक देने वाले पानी की ज्यादा जरूरत होती है. कुछ लोगों में इससे एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या बढ़ सकती है. जिन लोगों को पहले से दस्त की शिकायत हो, उनकी स्थिति भी खराब हो सकती है. ज्यादा पसीना आने और कमजोरी महसूस होने की समस्या भी हो सकती है. First Published : April 29, 2026, 12:27 IST

Read More »
टोंक में विधायक का फूटा गुस्सा! कलेक्टर टीना डाबी के सामने खोली पोल

दूध और केला का साथ क्या सचमुच है बहुत ही फायदेमंद? जानिये इसके पीछे का सच

दूध और केला भारतीय घरों में बहुत आम खाद्य पदार्थ हैं. अक्सर बच्चों, खिलाड़ियों और कमजोर लोगों को केला‑दूध का शेक पीने की सलाह दी जाती है. वहीं कुछ लोग यह भी कहते हैं कि दूध और केला साथ खाने से पाचन खराब होता है. ऐसे में सवाल उठता है, क्या दूध और केला साथ खाना सचमुच फायदेमंद है या नुकसानदायक? आइए इसके पीछे का पूरा सच समझते हैं. दूध और केला: पोषण का मेलदूध में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन B12 और फॉस्फोरस होता है, जो हड्डियों और मांसपेशियों के लिए जरूरी है.केला पोटैशियम, फाइबर, विटामिन B6 और प्राकृतिक शुगर से भरपूर होता है, जो तुरंत ऊर्जा देता है.जब दोनों साथ लिए जाते हैं, तो यह ऊर्जा + ताकत का अच्छा संयोजन बन जाता है. दूध और केला साथ खाने के फायदे 1. वजन बढ़ाने में मददगारकेला‑दूध का सेवन उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें वजन बढ़ाना है. इसमें कैलोरी और प्रोटीन दोनों होते हैं. 2. एनर्जी बूस्टरवर्कआउट से पहले या बाद में केला‑दूध पीने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और थकान कम होती है. 3. मांसपेशियों के लिए अच्छाप्रोटीन और पोटैशियम का मेल मसल्स की रिकवरी में मदद करता है, इसलिए यह खिलाड़ियों के लिए उपयोगी है. 4. नींद में मददरात को हल्का केला‑दूध लेने से नींद बेहतर हो सकती है, क्योंकि इसमें ट्रिप्टोफैन और मैग्नीशियम होते हैं. फिर नुकसान की बात क्यों की जाती है?आयुर्वेद और अनुभव के अनुसार कुछ लोगों को दूध और केला साथ खाने से समस्या हो सकती है. संभावित नुकसानजिनकी पाचन शक्ति कमजोर है, उन्हें गैस, भारीपन या बलगम की शिकायत हो सकती है.सर्दी‑खांसी, एलर्जी या अस्थमा वालों में कफ बढ़ सकता है.ज्यादा मात्रा में लेने से वजन जरूरत से ज्यादा बढ़ सकता है. किसे साथ खाना चाहिए, किसे नहीं?साथ खाना फायदेमंद है अगर: आप एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाते हैं.वजन बढ़ाना चाहते हैं.अच्छी पाचन शक्ति है. परहेज करें अगर:बार‑बार सर्दी‑खांसी रहती है.पेट जल्दी खराब हो जाता है.बहुत सुस्त जीवनशैली है. सही तरीका क्या है?केला‑दूध दिन में या वर्कआउट के बाद लें, रात में नहीं.बहुत ठंडा शेक न पिएं.चाहें तो थोड़ा दालचीनी या सूखा अदरक पाउडर मिलाएं, इससे पाचन बेहतर होता है. दूध और केला का साथ सबके लिए न अच्छा है, न बुरा. यह पूरी तरह आपकी सेहत, पाचन और जरूरत पर निर्भर करता है. सही समय और सही मात्रा में लेने पर यह संयोजन फायदेमंद साबित हो सकता है.

Read More »
authorimg

6 घंटे से कम सो रहे हैं? जानिए कैसे आपका दिमाग और दिल चुका रहे हैं इसकी कीमत, विशेषज्ञों की क्‍या है सलाह

Chronic sleep deprivation India : रात भर जागकर काम करना या वेब सीरीज देखना अब आम बात हो चुकी है. लेट नाइट जागना अब स्‍टेटस बनता जा रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत आपको मौत के करीब धकेल रही है? बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे कम सोने वाला देश बन चुका है. भारतीय शहरों में औसत नींद घटकर 8 से घटकर 6 घंटे या उससे भी कम रह गई है. हर 3 में से 1 कामकाजी वयस्क थकान (क्रॉनिक फटीग) की शिकायत करता है, फिर भी हम इसे नजरअंदाज करते हैं. लेकिन चिकित्सा विज्ञान की मानें तो नींद की कमी कोई ‘स्मार्ट हैक’ नहीं, बल्कि एक गंभीर हेल्थ क्राइसिस बन चुका है. इस विषय पर जब देश के दिग्गज डॉक्टरों से न्‍यूज 18 ने बातचीत की तो उन्‍होने यह बताया कि किस तरह नींद से समझौता आपके दिल और दिमाग के लिए कितना घातक होता जा रहा है. सही नींद एक ‘लक्जरी’ नहीं, बल्कि एक ‘जरूरत’ समझें. 1. दिमाग चुकाता है सबसे पहले कीमतडॉ. प्रतिमा मूर्ति (NIMHANS की पूर्व निदेशक) का कहना है कि नींद कोई निष्क्रिय (passive) अवस्था नहीं है. यह एक सक्रिय जैविक मरम्मत प्रक्रिया है. जब आप सोते हैं तो दिमाग दिन भर जमा हुए जहरीले कचरे को साफ करता है. अगर यह सफाई नहीं होती, तो केवल थकान ही नहीं होती, बल्कि सोचने-समझने की क्षमता कम होने लगती है और भावनात्मक संतुलन बिगड़ जाता है. सलाह देते  हुए डॉ. मूर्ति का कहना है कि नींद की स्वच्छता (Sleep Hygiene) को गंभीरता से लें. रात में हल्का भोजन करें, कैफीन से बचें, और सोने से पहले फोन को खुद से दूर रखें. उनका कहना है कि नींद एक बहुत ही कोमल प्रक्रिया है, लेकिन यह हमारे जीवन का सबसे शक्तिशाली हिस्सा है. 2. दिल रखता है हर पल का हिसाबडॉ. पुरुषोत्तम लाल (मेट्रो हॉस्पिटल्स के चेयरमैन और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट) ने नींद की कमी और दिल की बीमारियों के बीच के खतरनाक संबंध को समझाया. उनका कहना है कि नींद की कमी से धमनियों की दीवारें सख्त हो जाती हैं. इससे कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को खतरनाक स्तर पर ले जाते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉ. लाल ने चेतावनी दी कि आज के युवा प्रोफेशनल प्रेशर और देर रात तक स्क्रीन देखने की आदत के कारण अपने दिल की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. लगभग हर हृदय रोगी की मेडिकल हिस्ट्री में नींद की समस्या जरूर पाई जाती है. 3. पल्मोनोलॉजिस्ट की गंभीर चेतावनीडॉ. रणदीप गुलेरिया (AIIMS दिल्ली के पूर्व निदेशक) ने बताया कि एक पीढ़ी पहले तक इंसान 8-9 घंटे सोता था, जो आज सिमटकर 5-6 घंटे रह गया है. नींद की कमी होने से यह अपने साथ मोटापा, स्लीप एपनिया, डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियाँ लेकर आती है. उन्‍होंने कहा कि लोग अक्सर गर्व से कहते हैं कि वे सिर्फ 4 घंटे सोकर भी ठीक काम कर लेते हैं. जबकि यह एक भ्रम है. लंबे समय में यह आपकी सेहत को अंदर से खोखला कर देता है. ध्‍यान देने वाली बात यह है कि हम अक्सर डाइट और एक्सरसाइज पर तो खूब चर्चा करते हैं, लेकिन नींद को भूल जाते हैं. यदि आप भी अपनी नींद से समझौता कर रहे हैं, तो याद रखिए कि आप अपनी उम्र कम कर रहे हैं. डॉक्टरों की सलाह से ही बात समझ आती है कि अपनी नींद का सम्मान करें. इसे एक ‘लक्जरी’ नहीं, बल्कि एक ‘जरूरत’ समझें. आज रात, अपना फोन दूर रखें और अपने शरीर को वह मरम्मत करने का समय दें जिसका वह हकदार है.

Read More »

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
हिमाचल में चिट्टा तस्करों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक:प्रधान की जाएगी कुर्सी, सरकार ने कानून बदला; डिफाल्टर-ऑडिट रिकवरी वाले भी अयोग्य

April 2, 2026/
9:02 am

हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी में शामिल लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। विधानसभा में आज (गुरुवार को) हिमाचल प्रदेश...

गुजराती स्टाइल डबल टुकड़े टुकड़े ऐसे खास, 10 मिनट में टेस्टी ब्रेकफ़ास्ट तैयार; बच्चे-बच्चे सब चैट कर जायेंगे

February 23, 2026/
11:44 pm

गुजराती डबल चीज़ सैंडविच: कैसीनो हर किसी को पसंद होता है। ब्रेकफ़ास्ट हो, स्कूल-ऑफ़िस का टिफ़िन हो या शाम का...

ऑल्टोस लैब खोज रही है जवान रहने का फॉर्मूला:अब बीमारी नहीं, बुढ़ापे का भी होगा इलाज

April 7, 2026/
3:03 pm

कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली। इंसान ने सदियों से अमृत की तलाश की है और विज्ञान की दुनिया में अब यह...

DC Vs MI Live Score: Follow latest updates from IPL 2026 match today. (PTI Photo)

April 4, 2026/
2:41 pm

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 14:41 IST सुनेत्रा, जो वर्तमान में डीसीएम हैं, को डीसीएम के रूप में पद संभालने के...

तस्वीर का विवरण

April 27, 2026/
10:47 pm

घृणित कपड़ा या बोरी उत्पाद: फ़्लोरिडा के अपोजिट बोरी या इलेक्ट्रॉनिक्स से पानी ठंडा रखने में मदद मिलती है। यह...

विभाजन की पृष्ठभूमि पर है फिल्म ‘जय हिंद जय सिंध’:प्रोड्यूसर सैमी ननवानी ने पीएम मोदी को फिल्म दिखाने की जताई इच्छा

March 2, 2026/
11:40 am

सैमीज एंटरटेनमेंट की नई बॉलीवुड फिल्म जय हिंद जय सिंध – ए लव स्टोरी भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति